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श्रवण नक्षत्र 2027: यहाँ जानें ज्योतिष भविष्यवाणी, नक्षत्र तिथि और समय

श्रवण नक्षत्रों में बाईसवें स्थान पर आता है और मकर राशि के 10°00′ से 23°20′ तक फैला हुआ है। इसका स्वामी ग्रह चंद्रमा है और अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु।

इस नक्षत्र का नाम ही इसका पूरा अर्थ बता देता है। “श्रवण” का मतलब है सुनना — और इसका प्रतीक भी कान ही है।

पिछला नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा बोलने का नक्षत्र था; यह सुनने का है। और यहीं इसकी असली ताक़त छिपी है। बोलने वाले लोग ध्यान खींचते हैं, पर सीखते सुनने वाले हैं। श्रवण जातक कमरे में सबसे कम बोलने वाला व्यक्ति हो सकता है, और सबसे ज़्यादा जानने वाला भी।

इस नक्षत्र का दूसरा प्रतीक तीन पदचिह्न हैं — भगवान विष्णु के वे तीन कदम जिनसे उन्होंने त्रिलोक नाप लिया था। इसका अर्थ है दूर तक पहुँचना, और वह भी शांति से।

भारतीय परंपरा में ज्ञान का नाम ही “श्रुति” है — जो सुनकर मिला। वेद लिखकर नहीं, सुनकर आगे बढ़े। श्रवण नक्षत्र उसी परंपरा का नक्षत्र है।

श्रवण नक्षत्र: एक नज़र में

विवरणजानकारी
नक्षत्र क्रमबाईसवाँ नक्षत्र
संस्कृत नामश्रवण (श्रवणा)
अर्थसुनना, श्रवण करना
राशि और विस्तारमकर 10°00′ से 23°20′ तक
स्वामी ग्रहचंद्रमा
अधिष्ठाता देवभगवान विष्णु
प्रतीककान / तीन पदचिह्न
तत्ववायु
गणदेव गण
नाड़ीअन्त्य
योनिवानर
स्वभावचर (चल)
नाम अक्षरखी, खू, खे, खो

श्रावण मास और श्रवण नक्षत्र का संबंध

यह संबंध इस पूरी श्रृंखला में सबसे जाना-पहचाना है। श्रावण मास — जिसे हम सावन कहते हैं — का नाम इसी नक्षत्र से आया है। हिन्दू पंचांग में महीने का नाम उस नक्षत्र पर रखा जाता है जिसमें उस महीने की पूर्णिमा पड़ती है, और श्रावण पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र में पड़ती है।

श्रावण पूर्णिमा को हम रक्षाबंधन के नाम से जानते हैं। और यह महीना भारत का सबसे भक्तिपूर्ण महीना है — भगवान शिव का महीना।

सावन में आने वाले प्रमुख पर्व:

  • सावन सोमवार व्रत — हर सोमवार शिव आराधना
  • सावन शिवरात्रि
  • कांवड़ यात्रा
  • हरियाली तीज
  • नाग पंचमी
  • रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा)

ध्यान देने वाली बात यह है कि सावन वह महीना है जिसमें पूरा उत्तर भारत सुनने की मुद्रा में आ जाता है — कथा, भजन, जाप, पाठ। शिव के इस महीने में सबसे ज़्यादा जो किया जाता है, वह सुनना ही है। नक्षत्र का नाम और महीने का स्वभाव, दोनों एक ही बात कहते हैं।

एक और बात। श्रवण के देवता विष्णु हैं, पर महीना शिव का है। परंपरा में इसे विरोध नहीं, पूर्णता माना जाता है — और यही इस नक्षत्र के जातकों में दिखता है: ये किसी एक पक्ष के नहीं होते, सबकी सुनते हैं।

चर नक्षत्र — यात्रा और बदलाव के लिए शुभ

27 नक्षत्रों में पाँच नक्षत्र चर या चल कहे जाते हैं — पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा। “चर” का अर्थ है चलने वाला।

पिछला नक्षत्र उत्तराषाढ़ा स्थिर था — वहाँ गृह प्रवेश और नींव जैसे टिकने वाले काम शुभ माने जाते हैं। श्रवण उसका उल्टा है। यहाँ वे काम शुभ माने गए हैं जिनमें गति हो।

चर नक्षत्र में परंपरागत रूप से शुभ माने गए काम:

  • यात्रा आरंभ करना
  • वाहन ख़रीदना
  • नई जगह जाना या स्थान परिवर्तन
  • बाग़वानी और खेती से जुड़े काम
  • व्यापार में माल भेजना या मंगाना

नक्षत्र मुहूर्त का एक हिस्सा है, पूरा मुहूर्त नहीं। तिथि, वार, योग और अपनी कुंडली भी साथ देखनी चाहिए। कोई भी बड़ी यात्रा या ख़रीद केवल नक्षत्र देखकर तय न करें

श्रवण नक्षत्र 2027 की तिथि और समय

2027 में श्रवण नक्षत्र चौदह बार पड़ रहा है। नीचे आरंभ तथा समाप्ति की तिथि और समय दिया गया है। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं।

आरंभ तिथिदिनआरंभ समयसमाप्ति तिथिसमाप्ति समय
09 जनवरी 2027शनिवारदोपहर 12:1610 जनवरी 2027दोपहर 03:12
05 फरवरी 2027शुक्रवारशाम 06:3206 फरवरी 2027रात 09:20
05 मार्च 2027शुक्रवाररात 01:3606 मार्च 2027सुबह 04:21
01 अप्रैल 2027गुरुवारसुबह 09:2602 अप्रैल 2027दोपहर 12:17
28 अप्रैल 2027बुधवारशाम 05:3129 अप्रैल 2027रात 08:31
26 मई 2027बुधवाररात 01:1327 मई 2027सुबह 04:20
22 जून 2027मंगलवारसुबह 08:0923 जून 2027सुबह 11:18
19 जुलाई 2027सोमवारदोपहर 02:2420 जुलाई 2027शाम 05:32
15 अगस्त 2027रविवाररात 08:2816 अगस्त 2027रात 11:34
12 सितंबर 2027रविवाररात 02:5913 सितंबर 2027सुबह 06:05
09 अक्टूबर 2027शनिवारसुबह 10:1810 अक्टूबर 2027दोपहर 01:26
05 नवंबर 2027शुक्रवारशाम 06:2006 नवंबर 2027रात 09:27
03 दिसंबर 2027शुक्रवाररात 02:3004 दिसंबर 2027सुबह 05:33
30 दिसंबर 2027गुरुवारसुबह 10:0731 दिसंबर 2027दोपहर 01:06

श्रवण नक्षत्र के जातकों का स्वभाव

श्रवण जातक की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि वह सचमुच सुनता है। ज़्यादातर लोग सुनते हुए अपना जवाब तैयार करते रहते हैं; ये सामने वाले की बात पूरी सुनते हैं, और उसे याद भी रखते हैं।

इसका असर पूरे जीवन पर पड़ता है। ये लोग सीखने में बहुत तेज़ होते हैं — किताब से भी और लोगों से भी। किसी ने दस साल पहले क्या कहा था, यह इन्हें याद रहता है। इसीलिए इनकी सलाह में एक भार होता है, और लोग मुश्किल में इनके पास आते हैं।

चंद्रमा का प्रभाव इन्हें कोमलता और सहानुभूति देता है। दूसरे की तकलीफ़ ये जल्दी समझ जाते हैं। भगवान विष्णु का देवत्व इसमें एक शालीनता जोड़ता है — ये झगड़ालू नहीं होते, बीच का रास्ता खोजते हैं।

मकर राशि का हिस्सा होने से इसमें व्यावहारिकता भी आ जाती है। यानी ये सिर्फ़ भावुक नहीं, ज़मीन से जुड़े भी होते हैं।

चुनौती भी सुनने से ही आती है। जो कान सब सुनते हैं, वे बेकार की बातें भी सुनते हैं। श्रवण जातक दूसरों की राय को ज़रूरत से ज़्यादा महत्व दे देते हैं — “लोग क्या कहेंगे” यह सवाल इनके फ़ैसलों पर भारी पड़ता है। आलोचना इन्हें दूसरों से ज़्यादा चुभती है, और ये उसे लंबे समय तक याद रखते हैं।

दूसरी बात इधर-उधर की बातों में उलझ जाने की है। सुनने का स्वभाव कभी-कभी चुगली और अफ़वाह तक पहुँच जाता है, और इस नक्षत्र के जातकों को इससे सचेत रहना पड़ता है।

मज़बूत पक्ष

  • सचमुच सुनने और याद रखने की क्षमता
  • सीखने की तेज़ी — किताब से और लोगों से
  • सहानुभूति और दूसरों को समझने की समझ
  • शालीन स्वभाव, झगड़े से बचने की प्रवृत्ति
  • अच्छे सलाहकार और शिक्षक
  • परंपरा तथा ज्ञान से गहरा जुड़ाव

चुनौतियाँ

  • “लोग क्या कहेंगे” की चिंता
  • आलोचना बहुत गहरे लग जाना
  • इधर-उधर की बातों में उलझ जाना
  • फ़ैसला लेने में देरी
  • दूसरों की राय पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता
  • मन का जल्दी उतार-चढ़ाव

श्रवण नक्षत्र 2027 भविष्यवाणी: जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार

करियर और कामकाज

श्रवण जातक वहाँ सबसे अच्छा करते हैं जहाँ लोगों को समझना पड़े और ज्ञान आगे पहुँचाना पड़े। सिखाना, समझाना, सलाह देना, किसी की बात सुनकर समाधान निकालना — यह इनका स्वाभाविक काम है।

2027 में करियर के अच्छे संकेत हैं। साल की पहली छमाही में सीखने का कोई अवसर आएगा — नया कोर्स, नई ज़िम्मेदारी, या किसी अनुभवी व्यक्ति के साथ काम करने का मौक़ा। इसे छोटा न समझें; इस नक्षत्र के लिए सीखना ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

साल के मध्य के बाद आपकी सलाह की क़ीमत बढ़ेगी। लोग आपकी राय पूछने आएँगे और यही आपको आगे ले जाएगा। पर एक चेतावनी — इस साल दूसरों की राय सुनकर अपना फ़ैसला बदलने की आदत भारी पड़ सकती है। सबकी सुनिए, फ़ैसला अपना रखिए।

अनुकूल क्षेत्र: शिक्षण और प्रशिक्षण, परामर्श तथा मनोविज्ञान, भाषा, अनुवाद और लेखन, संगीत एवं ध्वनि से जुड़े काम, रेडियो, पॉडकास्ट और मीडिया, मानव संसाधन, ग्राहक सेवा, कानून, अध्यात्म और कथा-प्रवचन, यात्रा एवं पर्यटन, चिकित्सा में कान-नाक-गला तथा वाक् चिकित्सा।

प्रेम और रिश्ते

रिश्तों में श्रवण जातक सबसे अच्छे श्रोता होते हैं। साथी की बात सुनना, उसकी परेशानी समझना, बिना टोके सुन लेना — यह इनकी सबसे बड़ी देन है। बहुत कम लोगों को यह आता है।

2027 में मुद्दा यह रहेगा कि आप सुनते बहुत हैं, कहते कम हैं। साथी को कभी-कभी यह लगेगा कि आपके मन में क्या चल रहा है, पता ही नहीं चलता। इस साल अपनी बात कहना सीखिए — सुनना आप पहले से जानते हैं।

दूसरी बात — बाहरी लोगों की राय को रिश्ते में मत घुसने दीजिए। इस नक्षत्र के लिए यह सबसे बड़ा ख़तरा है। साल की पहली छमाही में किसी तीसरे व्यक्ति की बात से ग़लतफ़हमी बन सकती है; सीधे साथी से बात कर लें।

अविवाहित जातकों के लिए साल की दूसरी छमाही अनुकूल है, और रिश्ता परिवार या किसी परिचित के माध्यम से आने की संभावना अधिक है।

विवाह और अनुकूलता

वैवाहिक जीवन इस नक्षत्र में आमतौर पर सौम्य रहता है। ये समझौता करने वाले साथी होते हैं और घर में शांति बनाए रखते हैं। पर इसी में एक ख़तरा है — ये अपनी ज़रूरतें दबा देते हैं, और वर्षों बाद वही शिकायत बनकर निकलती है।

अनुकूलता केवल नक्षत्र से तय नहीं होती। दोनों की पूरी जन्मकुंडली और अष्टकूट गुण मिलान साथ देखने पर ही सही तस्वीर बनती है। श्रवण की नाड़ी अन्त्य है, इसलिए मिलान में नाड़ी दोष की जाँच विशेष रूप से करानी चाहिए।

धन और आर्थिक स्थिति

पैसों के मामले में यह नक्षत्र संभला हुआ है। मकर राशि का असर हिसाब रखना सिखाता है, और ये बचत करने वाले लोग होते हैं।

2027 में आय स्थिर रहेगी और मध्य के बाद बढ़ने के संकेत हैं। सीखने या पढ़ाई पर किया गया ख़र्च इस साल सबसे अच्छा निवेश साबित होगा।

एक सावधानी ज़रूरी है। श्रवण जातक निवेश के फ़ैसले सुनी-सुनाई बातों पर ले लेते हैं — किसी ने बताया, कहीं सुना, कोई कर रहा है। इस साल यह आदत महँगी पड़ सकती है। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले ख़ुद जाँच करें, और तेज़ मुनाफ़े के वादों से दूरी रखें।

स्वास्थ्य

इस नक्षत्र में सबसे ख़ास बात कानों की है। श्रवण का प्रतीक कान है और परंपरा में इसका सीधा संबंध सुनने से माना गया है। कान में संक्रमण, सुनने में कमी या लगातार तेज़ आवाज़ से जुड़ी शिकायतें इस नक्षत्र में सामान्य से अधिक देखी जाती हैं। तेज़ आवाज़ में हेडफ़ोन का इस्तेमाल कम करना इनके लिए व्यावहारिक सलाह है।

चंद्रमा का प्रभाव मन और शरीर के तरल संतुलन पर पड़ता है — इसलिए नींद, पाचन और सूजन पर ध्यान देना चाहिए। मकर राशि का हिस्सा होने से घुटनों, जोड़ों और त्वचा की शिकायतें भी संभव हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। यह नक्षत्र संवेदनशील है और दूसरों की बातें इन पर गहरा असर करती हैं। 2027 में अगर मन बहुत भारी लगे तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या पेशेवर से बात करना सबसे उपयोगी क़दम रहेगा।

श्रवण नक्षत्र के चार पद

प्रथम पद (मकर 10°00’–13°20′) — मेष नवांश, स्वामी मंगल यहाँ श्रवण की कोमलता के साथ पहल और साहस जुड़ जाता है। जातक सुनता है, पर फिर तेज़ी से काम भी करता है। प्रबंधन, खेल, रक्षा सेवाएँ, उद्यम और नेतृत्व की भूमिकाएँ इनके अनुकूल हैं।

द्वितीय पद (मकर 13°20’–16°40′) — वृषभ नवांश, स्वामी शुक्र इस पद में कला और स्थिरता आती है। संगीत, स्वर और सौंदर्य की समझ यहाँ सबसे प्रबल है। संगीत, गायन, कला, वित्त, आतिथ्य और भूमि-भवन से जुड़े काम इनके लिए उपयुक्त हैं।

तृतीय पद (मकर 16°40’–20°00′) — मिथुन नवांश, स्वामी बुध यहाँ सुनने के साथ बोलने और लिखने की क्षमता भी जुड़ जाती है — यह पद संवाद के लिए सबसे मज़बूत है। शिक्षण, लेखन, पत्रकारिता, अनुवाद, मीडिया और परामर्श इनके अनुकूल हैं।

चतुर्थ पद (मकर 20°00’–23°20′) — कर्क नवांश, स्वामी चंद्रमा यह पद सबसे संवेदनशील है, क्योंकि यहाँ चंद्रमा अपने ही नवांश में आते हैं। अंतर्ज्ञान और करुणा असाधारण होते हैं। चिकित्सा, मनोविज्ञान, समाज सेवा, अध्यात्म, देखभाल और शिक्षा से जुड़े काम इनके लिए सबसे उपयुक्त हैं।

2027 में क्या ध्यान रखें

यह साल श्रवण नक्षत्र जातकों के लिए सीखने और सलाह देने का है। आपकी बात की क़ीमत बढ़ेगी।

तीन बातें याद रखें: सबकी सुनिए, पर फ़ैसला अपना रखिए; अपने मन की बात कहना सीखिए, सुनना आप जानते हैं; और सुनी-सुनाई बात पर पैसा मत लगाइए।

श्रवण नक्षत्र के लिए सरल उपाय

  • सोमवार को भगवान शिव तथा गुरुवार को भगवान विष्णु की उपासना करें
  • “ॐ नमो नारायणाय” अथवा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
  • सोमवार को चावल, दूध, सफ़ेद वस्त्र या चाँदी का दान करें
  • कोई कथा, पाठ या प्रवचन नियमित रूप से सुनें — इस नक्षत्र के लिए सुनना ही साधना है
  • किसी की बात ध्यान से सुनकर उसकी मदद करें; श्रवण के लिए यह सबसे उपयुक्त उपाय है
  • चुगली और निंदा से दूर रहें
  • श्रावण मास में शिव आराधना तथा जल अर्पण करें
  • अपनी कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत उपाय के लिए अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लें

श्रवण नक्षत्र की असली ताक़त

कान इस नक्षत्र का सबसे सादा प्रतीक है। कान कुछ करता नहीं। बोलता नहीं, दिखता भी कम है। पर सारा ज्ञान शरीर में उसी रास्ते से आता है।

श्रवण की सीख यही है। इस नक्षत्र के जातकों की ताक़त कहने में नहीं, लेने में है — और लेना कमज़ोरी नहीं होती। जो सुनना जानता है, उसके पास समय के साथ वह सब जमा हो जाता है जो बोलने वालों के पास कभी नहीं आता।

विष्णु के तीन पदचिह्न इसी बात को पूरा करते हैं। तीन कदम में त्रिलोक नापा गया — शोर से नहीं, शांति से। श्रवण जातक भी ऐसे ही चलते हैं: धीरे, बिना आवाज़, पर दूर तक।

पर केवल जन्म नक्षत्र से पूरी तस्वीर नहीं बनती। चंद्रमा की स्थिति और बल, मकर में ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र का पद, भाव और चल रही दशा — इन सबको साथ देखने पर ही असली चित्र सामने आता है।

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FAQs

श्रवण नक्षत्र क्या है?

श्रवण नक्षत्र मकर राशि के 10°00′ से 23°20′ तक फैला हुआ है और इसका स्वामी ग्रह चंद्रमा है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं।

श्रवण नक्षत्र का प्रतीक क्या है?

श्रवण नक्षत्र का प्रतीक कान है, जो सुनने की क्षमता को दर्शाता है। इसका दूसरा प्रतीक भगवान विष्णु के तीन पदचिह्न हैं।

श्रवण नक्षत्र के जातकों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

श्रवण नक्षत्र के जातक सुनने की कला में निपुण होते हैं और ज्ञान प्राप्त करने में रुचि रखते हैं। ये जातक शांतिप्रिय होते हैं और सभी की बात सुनते हैं।

श्रवण नक्षत्र का श्रावण मास से क्या संबंध है?

श्रावण मास का नाम श्रवण नक्षत्र से लिया गया है। हिन्दू पंचांग में जिस नक्षत्र में पूर्णिमा पड़ती है, उस पर महीने का नाम रखा जाता है। श्रावण पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र में आती है।

श्रवण नक्षत्र के लिए कौन से कार्य शुभ माने जाते हैं?

श्रवण नक्षत्र में वे कार्य शुभ माने जाते हैं जिनमें गति हो, जैसे यात्रा, परिवर्तन और नई शुरुआत।