त्योहार कैलेंडर

प्रमुख त्योहार

हमारे देश में सभी धार्मिक आयोजनों के पीछे किसी ना किसी तरह की पौराणिक कथा होती है। कभी-कभी त्योहारों का संबंध ऋतुओं, वर्षगांठों या अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं से भी हो सकता है। हिंदू त्योहारों की अपनी तिथियां वैदिक कैलेंडर के अनुसार होती हैं। कभी-कभी कुछ त्योहार किसी ग्रहों की स्थिति पर आधारित भी होता है। हिंदू त्योहार हिंदू देवताओं के समान कई हैं। प्राचीन काल में, वर्ष के लगभग हर दिन में कोई न कोई छोटा या बड़ा त्योहार होता था, लेकिन बढ़ती गरीबी और व्यस्त आधुनिक समय के साथ, अब कुछ ही प्रमुख त्योहार ही विशेष रूप से मनाए जाते हैं। प्रमुख त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, या एक देवता के जन्म, या फसल के मौसम की शुरुआत आदि का जश्न मनाने के लिए मनाए जाते हैं। त्योहार के दिन,लोग संबंधित देवता की पूजा करते हैं, उपवास करते हैं या किसी खास दावत का आयोजन करते हैं। हवन करना, गरीबों या पवित्र लोगों को धन दान करना भी इसी रीति-रिवाज का हिस्सा है। उदाहरण के लिए रोशनी का त्योहार दिवाली, राक्षस राजा रावण पर भगवान राम की जीत के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजा का भी विशेष महत्व है। वहीं दूसरी ओर बुराई पर अच्छाई की जीत दशहरा, बसंत के आगमन और सर्दी का अंत पर बसंत पंचमी, क्षमा करने और दूसरों की बुराई भूलने का दिन होली, भाई-बहनों के रिश्तों का प्रतीक रक्षा बंधन देश के प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर त्योहार के पीछे किसी ना किसी तरह की पौराणिक कहानी शामिल है। हर आयोजन पर कुछ विशेष खान-पान की भी परंपरा देश में है।