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नक्षत्र – रोहिणी

रंग: सफेद
भाग्यशाली अक्षर: ओ, व

रोहिणी चौथा नक्षत्र है। इस स्टार में पैदा हुए लोग आम तौर देखने में सुंदर तथा आकर्षक व खुबसूरत आंखों वाले होते हैं। हालांकि, इस नक्षत्र के जातक आमतौर पर सर्वोत्कृष्ट गुढ़ व्यक्ति होते हैं जिनके साथ कोई मिलना नहीं चाहे। वे जिद्दी होते हैं, चिड़चिड़ा और दोष निकालने वाले होते हैं। वे शायद ही कभी अपने खुद के कार्यों का मूल्यांकन करते हैं लेकिन खुद को दूसरों का मूल्यांकन करने में व्यस्त रहते हैं। इस नक्षत्र के जातक किसी भी विचार या सुझाव के प्रति अशिष्ट होते हैं। उनके प्रेम व नफरत का रिश्ता काफी परेशानी भरा होता है, दोनों ही रुप में वे उन्हें चरम पर ले जाते हैं। जीवन के अधिकांश उतार चढ़ाव उनके स्वयं की देन होते हैं क्योंकि कोई भी योजना करना उनके लिए खराब सपने जैसा है। उनमें से ज्यादातर अतिव्ययी होते हैं। रोहिणी जातक आमतौर पर काफी निर्मम प्रकृति के होते हैं, लेकिन जिनके साथ वे आश्वासक महसूस करते हैं, उनपर आंख मूंद कर विश्वास करते हैं। वे किसी भी काम में विश्वसनीय होते हैं, उनमें से ज्यादातर ईमानदार होते हैं, लेकिन किसी भी संकट की स्थिति में दिमाग के बजाए अपने दिल की बात को सुनते हैं। यह उनको कई अन्य जटिलताओं की ओर लेकर जाता है। प्रारंभिक वर्षों में रोहणी जातक के लिए जीवन काफी मुश्किल होता है। जब वे 36 वर्ष के होते हैं तो वस्तुस्थिति उनके लिए एक सकारात्मक मोड़ लेकर आता है। यह देखा गया है कि 36 से 50 तथा 65 से 75 वर्ष की अवधि उनके जीवन का बेहतरीन समय होता है। रोहिणी जातक रक्त से संबंधित रोगों, सांस की समस्याएं और गले के संक्रमण से ग्रस्त होते हैं।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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