होम » भविष्यवाणियों » ज्योतिष » अनंत चतुर्दशी 2025: ऐसे करें भगवान अनंत की पूजा और व्रत

अनंत चतुर्दशी 2025: ऐसे करें भगवान अनंत की पूजा और व्रत

अनंत चतुर्दशी 2023  :  ऐसे करें भगवान अनंत की पूजा और व्रत

हर साल भाद्रपद चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान अनंत यानी विष्णु के लिए व्रत रखने का विधान है। इस साल 6 सितंबर 2025 को देशभर में अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। कई जगह इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा भी होती है। अनंत चतुर्दशी पर देशभर में गणेशोत्सव का समापन भी हो जाता है। लोग अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा कर रक्षा कवच बांधते हैं। अनंत चतुर्दशी की पूजा का समय 6 सितंबर 2025 को दिनभर रहेगा।

(यदि आप किसी भी तरह की पारिवारिक परेशानी से ग्रस्त हैं, तो हमारे ज्योतिषी से सलाह जरूर लें।)

कैसे करें अनंत चतुर्दशी व्रत

इस व्रत में यमुना नदी, भगवान शेषनाग और भगवान श्री हरि की पूजा करने का विधान बताया जाता है। कलश को मां यमुना का स्वरूप मानते हुए उसकी स्थापना की जाती है। साथ ही शेषनाग के रूप में दुर्वा रखी जाती है, कुश से निर्मित अनंत की स्थापना भी की जाती है। सूत या रेशम के धागे को अनंत स्वरूप मानकर रक्षासूत्र के तौर पर उसे कलाई में बांधा जाता है। अनंत चतुर्दशी पर भगवान श्री गणेश का आह्वान कर उनकी पूजा भी अवश्य करनी चाहिए। रक्षासूत्र को भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है। रक्षासूत्र धारण करने से पहले भगवान की व्रत कथा जरूर पढ़ना चाहिए। इस दिन फलाहार करना चाहिए। अपनी शक्ति के अनुसार किसी गरीब को दान करना चाहिए।

अपने व्यक्तिगत समाधान प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें और गणेशस्पीक्स पर पहली निःशुल्क ऑनलाइन ज्योतिषी चैट प्राप्त करें!

अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा

अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा कुछ इस प्रकार है। पुराने समय में सुमंत नाम के एक ऋषि हुआ करते थे उनकी पत्नी का नाम दीक्षा था। दोनों की बेटी सुशीला थी। सुशीला थोड़ी बड़ी हुई तो मां दीक्षा का स्वर्गवास हो गया। अब ऋषि को बच्ची के लालन-पालन की चिंता होने लगी तो उन्होंने दूसरा विवाह करने का निर्णय लिया। उनकी दूसरी पत्नी और सुशीला की सौतेली मां का नाम कर्कशा था। वह अपने नाम की तरह ही स्वभाव से भी कर्कश थी। कर्कशा ने सुशीला को बड़े कष्ट दिए। जैसे तैसे सुशीला बड़ी हुई। तब ऋषि सुमंत को उसके विवाह की चिंता सताने लगी। काफी प्रयासों के बाद कौण्डिन्य ऋषि से सुशीला का विवाह संपन्न हुआ। लेकिन यहां भी सुशीला को दरिद्रता का ही सामना करना पड़ा। उन्हें जंगलों में भटकना पड़ रहा था। एक दिन उन्होंने देखा कि कुछ लोग अनंत भगवान की पूजा कर रहे हैं और हाथ में अनंत रक्षासूत्र भी बांध रहे हैं। सुशीला ने उनसे अनंत भगवान की उपासना के व्रत के महत्व को जानकर पूजा का विधि विधान पूछा और उसका पालन करते हुए अनंत रक्षासूत्र अपनी कलाई पर भी बांध लिया। देखते ही देखते उनके दिन फिरने लगे। कौण्डिन्य ऋषि में अंहकार आ गया कि यह सब उन्होंने अपनी मेहनत से निर्मित किया है। एक साल बाद फिर अनंत चतुर्दशी आई, सुशीला अनंत भगवान का शुक्रिया कर उनकी पूजा आराधना कर अनंत रक्षासूत्र को बांध कर घर लौटी तो कौण्डिन्य को उसके हाथ में बंधा वह अनंत धागा दिखाई दिया और उसके बारे में पूछा। सुशीला ने खुशी-खुशी बताया कि अनंत भगवान की आराधना कर यह रक्षासूत्र बंधवाया है, इसके बाद ही हमारे दिन अच्छे आए हैं। इस पर कौण्डिन्य खुद को अपमानित महसूस किया और सोचने लगे कि उनकी मेहनत का श्रेय सुशीला अपनी पूजा को दे रही है। उन्होंने उस धागे को उतरवा दिया। इससे अनंत भगवान रूष्ट हो गये और देखते ही देखते कौण्डिन्य फिर दरिद्रता आ पड़ी। तब एक विद्वान ऋषि ने उन्हें उनके किए का अहसास करवाया और कौण्डिन्य को अपने कृत्य का पश्चाताप करने की कही। लगातार चौदह वर्षों तक उन्होंने अनंत चतुर्दशी का उपवास रखा उसके पश्चात भगवान श्री हरि प्रसन्न हुए और कौण्डिन्य व सुशीला फिर से सुखपूर्वक रहने लगे। मान्यता है कि पांडवों ने भी अपने कष्ट के दिनों (वनवास) में अनंत चतुर्दशी के व्रत को किया था जिसके पश्चात उन्होंने कौरवों पर विजय हासिल की। यहीं नहीं सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के दिन भी इस व्रत के पश्चात फिरे थे।

(जिंदगी की किसी भी समस्या से परेशान ना हो, तुरंत हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें।)

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Dharmadhikari

Acharya Dharmadhikari

Ganesha Verified Ganesha Verified
Vedic Astrologer & Vastu Consultant
rating

4.9 rating

years

35 Years

consultations

52k+ consultations

A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

  • Vedic Astrology
  • Vastu Shastra
  • Tarot Reading
  • Numerology
More About Acharya Dharmadhikari Talk to