दिवाली 2026 कब है? दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर सुबह 11:29 बजे शुरू होकर 9 नवंबर दोपहर 12:33 बजे समाप्त होगी। लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय प्रदोष काल में स्थिर वृषभ लग्न के दौरान शाम 5:56 से 7:52 बजे तक (नई दिल्ली) है।
जब दीपक जागें, तब भाग्य सच में नया हो जाता है!
दीवाली 2026 इस बार केवल त्योहार नहीं, बल्कि एक *नई शुरुआत का ब्रह्मांडीय निमंत्रण* लेकर आ रही है। माँ लक्ष्मी का प्रकाश और गणपति बाप्पा का आशीर्वाद, दोनों मिलकर इस साल की रात को कुछ खास बना देंगे।
इस वर्ष **दीवाली रविवार, 08 नवंबर 2026** को मनाई जाएगी। **अमावस्या तिथि** अगले दिन **सोमवार, 9 नवंबर** तक चलेगी। अधिकतर पंचांगों के अनुसार, **लक्ष्मी-गणेश पूजन** के लिए सबसे शुभ समय **शाम 5:56 बजे से 7:52 बजे तक** तक रहेगा। यही वह समय है जब ब्रह्मांड की सकारात्मक तरंगें अपने चरम पर होती हैं – धन, शांति और नए अवसरों का द्वार खुलता है।
दीपावली 2026 का शुभ मुहूर्त
| अवसर | तिथि / समय |
|---|---|
| लक्ष्मी पूजा | रविवार, 08 नवंबर 2026 |
| लक्ष्मी पूजा मुहूर्त | शाम 5:56 बजे से 7:52 बजे तक |
| अवधि | 1 घंटा 56 मिनट |
| प्रदोष काल | शाम 5:33 बजे से 8:11 बजे तक |
| वृषभ काल | शाम 5:56 बजे से 7:52 बजे तक |
| अमावस्या तिथि प्रारंभ | 08 नवंबर 2026 को सुबह 11:29 बजे |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 09 नवंबर 2026 को दोपहर 12:33 बजे |
जैसे-जैसे सूरज ढलता है, वातावरण की ऊर्जा बदलने लगती है। घर की सफाई के बाद, दरवाजे पर रंगोली बनाइए, गेंदे के फूलों की मालाएँ लगाइए और हर कोने में दीपक जलाइए। यही वो क्षण होता है जब माँ लक्ष्मी आपके द्वार आती हैं।
वेदी पर **माँ लक्ष्मी** को लाल वस्त्र पर विराजमान करें और उनके साथ **भगवान गणेश** को स्थापित करें। पुष्प, मिठाई, चाँदी के सिक्के और घी के दीप अर्पित करें। फिर श्रद्धा से मंत्र बोलें –
*“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”*
*“ॐ गं गणपतये नमः”*
इन ध्वनियों में एक ऐसी कंपन होती है जो आपके घर की ऊर्जा को बदल देती है।
गणेशाजी की विशेष सलाह
पूजा शुरू करने से पहले तीन मिनट का छोटा-सा ध्यान करें। आँखें बंद करें और महसूस करें कि आपके हृदय में एक सुनहरा कमल खिल रहा है। हर साँस के साथ उसकी पंखुड़ियाँ खुलती जा रही हैं। धीरे-धीरे “श्रीं” का जाप करें और अपने भीतर की शांति को महसूस करें। यही वह क्षण है जब बाहरी पूजा, आंतरिक साधना में बदल जाती है।
दीपों की रोशनी में जब पूरा घर चमकता है, तो याद रखिए – **दीवाली 2026 केवल संपत्ति का नहीं, बल्कि आत्मा के पुनर्जन्म का पर्व है।**
यह समय है नए रिश्तों, नए कामों और नई सोच के साथ जीवन की दिशा बदलने का।
गणेशा का आशीर्वाद:
आपका मार्ग ज्ञान से प्रकाशित हो, आपका घर हँसी से भरा रहे, और आपके मन में शांति का दीप सदा जलता रहे।
दीप जलाइए, दिल खोलिए और इस नए युग का स्वागत कीजिए – *क्योंकि इस बार दीवाली सच में नई शुरुआत लेकर आई है।*
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FAQs
2026 में दिवाली कब मनाई जाएगी?
दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी।
लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय प्रदोष काल में स्थिर वृषभ लग्न के दौरान शाम 5:56 से 7:52 बजे तक है।
अमावस्या तिथि कब से कब तक है?
कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर सुबह 11:29 बजे शुरू होकर 9 नवंबर दोपहर 12:33 बजे समाप्त होगी।
दीवाली की रात को विशेष कैसे बनाया जा सकता है?
दीवाली की रात को विशेष बनाने के लिए माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें, घर की सफाई के बाद रंगोली बनाएं, दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें।
दीवाली 2026 का क्या विशेष महत्व है?
दीवाली 2026 केवल त्योहार नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का ब्रह्मांडीय निमंत्रण लेकर आ रही है, जो धन, शांति और नए अवसरों का द्वार खोलती है।
