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मीन में बनी गुरु-शुक्र की युति, क्या होगा आप पर प्रभाव

मीन राशि में गुरु-शुक्र की युति जल्द; 4 राशि वालों पर 'धन वर्षा' होने के प्रबल आसार

मीन में बनी गुरु-शुक्र की युति,  क्या होगा सभी राशियों पर प्रभाव

ग्रह लगातार चलते रहते हैं और राशि बदलते रहते हैं। 15 फरवरी को शुक्र ने राशि बदली और मीन राशि में प्रवेश किया। मीन राशि को शुक्र की उच्च राशि कहा जाता है। मीन राशि में पहले से ही गुरु गोचर कर रहे हैं। मीन गुरु की स्वराशि भी है। शुक्र को शास्त्रों में दैत्य गुरु कहा गया है। जो विलासिता, भोग और ऐश्वर्य प्रदान करते हैं। वहीं बृहस्पति को देवगुरु के रूप में संबोधित किया जाता है। गुरु ज्ञान और समृद्धता का प्रतीक है। दोनों शुभ ग्रहों की यह युति 12 मार्च तक रहेगी। मीन राशि में गुरु और शुक्र की युति कई राशियों के लिए विशेष फलदायक होगी। क्या होगा इसका आप पर प्रभाव, जानिए


मेष राशि में गुरु-शुक्र की युति बारहवें भाव में होगी। आपको अपने आहार का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह समय आपके स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक नहीं है। साथ ही अपने बजट का भी ध्यान रखें, क्योंकि खर्चे होने के आसार हैं, जो अपेक्षा से अधिक हो सकते हैं। जो लोग नौकरी कर रहे हैं या किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्हें विदेश या घरेलू काम की यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जिससे आपको लाभ मिलने की उम्मीद है। पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। 

उपाय-  भगवान गणेश की पूजा करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। 


वृषभ राशि के लोगों के लिए गुरु-शुक्र की युति 11वें भाव में हो रही है। यह वृषभ राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से अच्छा समय रहेगा।  आर्थिक रूप से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा नया इन्वेस्टमेंट आपके लिए फायदेमंद रहेगा।  नौकरी या व्यवसाय में कोई नया अवसर मिलने के प्रबल योग हैं। कार्य में सफलता मिलने के योग हैं।  शादीशुदा जोड़ों के लिए यह चरण अच्छा लग रहा है।

उपाय-  नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करना जातकों के लिए फलदायी साबित हो सकता है।


मिथुन राशि के लोगों के लिए गुरु-शुक्र की युति 10वें भाव में हो रही है। जातकों के स्वास्थ्य को लेकर यह अवधि औसत रहने की उम्मीद है। अपने खाने की आदतों से सावधान रहने और केवल संतुलित भोजन लेने की सलाह दी जाती है। लंबी अवधि के निवेश के लिए यह समय अनुकूल है, क्योंकि इससे भविष्य में अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद रहेगी। हालांकि, आपको बहुत सावधानी से कदम उठाने की सलाह दी जाती है। जो लोग किसी कंपनी में काम कर रहे हैं या किसी व्यवसाय में लगे हुए हैं उनके लिए भी  यह चरण सकारात्मक रहने की संभावना है।  शादीशुदा जोड़ों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और अपने द्वारा चुने गए शब्दों से सावधान रहें। वहीं एक पक्ष यह भी है कि इस युति के कारण आपके रिश्तों में तनाव की स्थिति निर्मित हो सकती है। कुल मिलाकर स्थिति सामान्य बनी रहेगी।

उपाय- गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

 


कर्क राशि के लिए गुरु-शुक्र की युति नवम भाव में होगी।  इस चरण के दौरान स्वास्थ्य या वित्त के बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं है। लाभ कमाने या कहीं से कुछ धन वापस मिलने की प्रबल संभावना है। निवेश करने के लिए समय अनुकूल प्रतीत हो रहा है। कार्यस्थल या व्यवसाय में कोई नया अवसर मिलने की प्रबल संभावना है। व्यवसाय में भी प्रगति की संभावना है। कोई नया प्रोजेक्ट आपको मिल सकता है, जो आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण बने रहेंगे। 

उपाय-  भगवान विष्णु की पूजा करने से आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

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सिंह राशि में गुरु-शुक्र की युति आठवें भाव में होगी।  यह युति जातकों के स्वास्थ्य के लिए कुछ चुनौतियां खड़ी करेगी। आपके पेट से संबंधित समस्याओं से पीड़ित होने की आशंका रहेगी। कोई भी नया निवेश करने से बचना होगा, क्योंकि वित्तीय मोर्चे पर समय इतना अनुकूल नहीं लग रहा है। जातकों को कार्यस्थल या व्यवसाय में भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें अपने सहयोगियों के साथ सहयोग करने की सलाह दी जाती है।  पति-पत्नी के संबंध सामान्य और औसत रहने की उम्मीद है।

उपाय- रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।


कन्या राशि में गुरु-शुक्र की युति सप्तम भाव में होगी।  आपको इस अवधि के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। योग और प्राणायाम करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति औसत रहेगी। हालांकि, शॉर्ट टर्म प्लान में निवेश करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भविष्य में नुकसान हो सकता है। जो लोग नौकरी कर रहे हैं या व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्हें कार्य कुशलता में सुधार का अनुभव होने की संभावना है। वर्तमान कार्यस्थल पर पदोन्नति मिलने के योग हैं। शादीशुदा जोड़ों के लिए यह चरण अच्छा लगता है।

उपाय- संकटनाशन श्री गणेश स्तोत्र का पाठ करें। 

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तुला राशि में गुरु-शुक्र की युति छठे भाव में आएगी। आपको अक्सर कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पेट से संबंधित बीमारियों से पीड़ित होने की आशंका बनी रहेगी। आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ सकता है। किसी से कर्ज लेने या पैसे उधार लेने के लिए आपको लुभाया जा सकता है, लेकिन आप ऐसा नहीं करें। इस तरह के कदम के लिए समय उपयुक्त नहीं है। जातकों को अपने सहयोगियों या व्यापार भागीदारों के साथ भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसका मतलब होगा काम करने के लिए अधिक समय और ऊर्जा आपको लगाना होगी, लेकिन जरूरी रिजल्ट मिलना आपके लिए मुश्किल रहेगा। शादीशुदा जोड़ों के लिए समय सामान्य से अच्छा रहेगा। 

उपाय- विष्णु सहस्रनाम का पाठ आपके लिए शुभ रहेगा। 

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वृश्चिक राशि में गुरु-शुक्र की युति पंचम भाव में होगी। इस दौरान जातक खुद को तरोताजा और स्वस्थ महसूस करेंगे। योग और प्राणायाम की ओर झुकाव होने की अच्छी संभावना रहेगी। धन और वित्त को लेकर आपको सलाह दी जाती है कि छोटी अवधि की योजनाओं में किसी भी तरह के निवेश में जल्दबाजी नहीं करें। मीन राशि में बृहस्पति-शुक्र युति के दौरान आपकी कार्यकुशलता प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए जातकों को अपने पेशेवर जीवन में सावधान रहने की सलाह दी जाती है। शादीशुदा लोगों के लिए समय सामंजस्यपूर्ण लगता है। अपने प्रेमी या प्रेमिका को प्रपोज करने के लिए यह चरण सही प्रतीत होता है।

उपाय- माता दुर्गा की पूजा करें, आपके लिए लाभदायक होगी।

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धनु राशि के लिए गुरु-शुक्र की युति चौथे भाव में होगी। इस दौरान जातकों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। योग और प्राणायाम तनाव से निपटने में आपकी मदद करेंगे। वित्तीय मामलों में चुनौतियों की संभावना बनी रहेगी। आपको संपत्ति संबंधी मामलों या लेन-देन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। कार्यस्थल पर भी आपसे सक्रिय और सतर्क रहने की अपेक्षा की जाती है, अन्यथा आपकी कार्यकुशलता प्रभावित हो सकती है। जीवनसाथी के साथ संबंध सामंज्स्यपूर्ण बनाए रखने और बहस में पड़ने से बचने के लिए विशेष ध्यान रखना होगा। यदि पति-पत्नी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज नहीं करते हैं, तो राई का पहाड़ बनने में देर नहीं लगेगी।

उपाय- प्रतिदिन हनुमानजी के दर्शन करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। 


मकर राशि के लिए तीसरे भाव में गुरु-शुक्र की युति होगी। मकर राशि के  जातक शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहेंगे। कोई भी अल्पकालिक निवेश करने के लिए अवधि अनुकूल नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेश की योजना सावधानी से बनाई जा सकती है। यदि आप अपनी नौकरी या व्यवसाय में कुछ नया शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है। किसी नए प्रस्ताव पर एकदम से आगे नहीं बढ़ें। शादीशुदा जोड़ों को एक-दूसरे का सहयोग और सहयोग मिलने की संभावना है। 

उपाय- प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

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कुंभ राशि में गुरु-शुक्र की युति दूसरे भाव में होगी। कुछ छोटी-मोटी शारीरिक समस्याओं का सामना करने की संभावना है। अचानक से कोई बड़ा धन लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। लंबी अवधि की योजनाओं में निवेश के लिए समय अनुकूल है।  व्यापार या किसी अन्य कार्य से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। कोई बड़ी सफलता भी हाथ लग सकती है।  दांपत्य जीवन को लेकर बात करें, तो आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप शांत रहें और  एक-दूसरे की जरूरतों और आकांक्षाओं को समझें। आपको सलाह दी जाती है कि बेवजह की बातों को नज़रअंदाज कर विवाद करने से बचें।

उपाय- श्री हनुमान जी की पूजा करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

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मीन राशि के जातकों के लिए गुरु-शुक्र की युति उनके पहले घर में होगी। इस दौरान वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे।  जातकों को आर्थिक रूप से निवेश करने का भी अवसर मिल सकता है, हालांकि उन्हें सलाह दी जाती है कि आगे बढ़ने और अंतिम रूप देने से पहले सावधान रहें।  जातकों के पेशेवर जीवन के लिए समय अनुकूल प्रतीत हो रहा है, क्योंकि उन्हें नए अवसर मिलने और सफलता भी प्राप्त होने की संभावना है। निजी मोर्चे पर घरेलू जीवन सुखद और खुशहाल रहेगा। 

उपाय-  प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें। 

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