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मंगल केतु की युति से बन रहा है अंगारक योग: मंगल भवन अमंगल कारी

मंगल केतु की युति से बन रहा है अंगारक योग: मंगल भवन अमंगल कारी

पिछले न जाने कितने समय से उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच राजकीय तनाव चलते आ रहे हैं। दुनिया पर अपनी धाक जमाए रखने वाले अमेरिकी की भी उत्तर कोरिया कोई बात सुन नहीं रहा है। लगातार उसके द्वारा किए जाने वाले शस्त्र परीक्षण से अमेरिका नाराज है। उसकी इन हरकतों से तंग आकर अमेरिका ने वर्ष2018 के शुरू में ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग को साफ शब्दों में धमकी दे डाली कि परमाणु शस्त्र का बटन उसके टेबल पर है। वो उसे सबक सिखाने के लिए कभी भी हमला कर सकता है। किम जोंग ने भी इसी तरह के हमलों के संकेत दिए हैं। लेकिन, दोनों देशों के बीच उपजे हुए तनाव और आगामी समय को देखते हुए ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखें तो ज्योतिषीय दृष्टि से इस अवधि को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

मंगल ग्रह क्या है?

मंगल ग्रह ज्योतिष में अग्नि तत्व का ग्रह और क्रोध का कारक है। यह दक्षिण दिशा का स्वामी है। अग्नि के स्थानों में इसका निवास है। यह क्षत्रिय वर्ण वाला तमोगुणी ग्रह है। मंगल दक्षिण दिशा और कुंडली के 10वें स्थान पर बलवान बनता है। मंगल का स्वभाव क्रूर है। शरीर में मज्जा और मांसपेशियों पर मंगल का प्रभुत्व है। मंगल युद्ध और अस्त्र-शस्त्र विद्या का कारक ग्रह है।

दूसरी ओर, दानव केतु पर नजर डाले तो यह एक छायाग्रह ग्रह है। यह सभी दिशाओं में सक्रिय होता है। वायु प्रकृति का है। मनुष्य के मन में भ्रम और अनिश्चितता पैदा करने का काम केतु ग्रह करता है। जीवन में आकस्मिक और अप्रत्याशित परिवर्तन लाता है। इसे अप्रत्याशित और गंभीर बीमारी का भी कारण माना जाता है। हत्या, अभियोजन, कारावास, धोखाधड़ी और विश्वासघात का केतु कारक कहा जाता है।

मंगल केतु अंगारक योग

भारतीय पंचाग के अनुसार, मंगल और केतु मकर राशि में इकट्ठा हो रहे हैं। ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार, दिनांक 3-5-2018 से 6-11-2018 तक मंगल और केतु की मकर राशि में युति रहेगी। सामान्य तौर पर मंगल किसी भी राशि में 45 दिन तक रहता है। लेकिन, इस युति व प्रवासकाल के दौरान मंगल इस बीच बारंबार वक्री और मार्गी चाल में रहने से यह185 दिन तो यहीं रहने वाला है। ज्योतिषों के मुताबिक मकर राशि मूल रूप से पृथ्वी तत्व वाली राशि है।

मंगल व केतु की युति पर जरा हम नजर डालें तो, पृथ्वी तत्व की राशि में वायु तत्व का के केतु के साथ अग्नि तत्व वाला मंगल युति में आ रहा है। तो, स्वाभाविक सी बात है कि जब अग्नि को वायु का साथ मिलता है तो वो और भी भड़केगी ही भड़केगी। इन दोनों का सम्मिलित बल अत्यंत चरम स्थर तक पहुंच जाएगा। यूनिवर्सल रूप में इनका परिणाम नेगेटिव आएगा।

मंगल केतु अंगारक दोष के प्रभाव के तहत दो देशों के बीच युद्ध की संभावना, हथियारों द्वारा हमले, आग लगना, तूफानों के साथ भयंकर रूप से आग लग जाने जैसी घटनाएं प्रबल बन जाएंगी। मंगल टेक्नोलॉजी का भी कारक ग्रह है। इसलिए, केतु के इसके साथ आ जाने से टेक्नोलॉजी के दुरुप्रयोग की वजह से धोखाधड़ी, हमला और जनविरोधी विध्वंसक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। मंगल-केतु युति के फल की विस्तृत चर्चा यहां दी गई है।

राजनीतिक – वैश्विक – भारत

हमलों के जोखिम से बचने के लिए, दुश्मन देशों से घिरे देश अपने रक्षा बजट में वृद्धि करेंगे। नए हथियारों की खरीद और परीक्षण की संभावना में वृद्धि होगी। संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ) जैसे संगठनों में दक्षिण प्रांतों के प्रतिनिधि के रूप में भारत अधिक आक्रामक बन सकता है। प्रशासन के खिलाफ लोगों की शिकायतों में वृद्धि होगी। अधिकारियों द्वारा आक्रामक मूड में फैसले लिए जाएंगे। संसार के देश मैत्रीपूर्ण संबंधों के बजाय पारस्परिक कूटनीति बनाने के लिए अधिक कोशिशें करेंगे। मंगल दक्षिण दिशा का स्वामी है। मकर राशि दक्षिण दिशा में ही बलवान बताती है। मंगल के केतु साथ संयोजन के नकारात्मक फलों को देखते हुए यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और इलाहाबाद में राजकीय गरमा-गरमी को बढ़ाएगा। वैश्विक स्तर पर, अफगानिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बुल्गारिया, युगोस्लाविया, ग्रीस, मेक्सिको, जापान, मॉस्को, पोर्टलैंड इत्यादि जैसे देशों में राजनीतिक अस्थिरता रहने की संभावना अधिक संभावना होगी। क्या आप अपने कैरियर की प्रगति से असंतुष्ट हैं। तो अपने कैरियर में पॉजिटव चेंज के लिए हमारी सेवाएं प्राप्त करें।

आर्थिक – वैश्विक – भारत
लोग नासमझी भरे साहस करेंगे। कमाई के अपरंपरागत तरीकों जैसे कि सट्टा, जुआ, क्रिप्टो करेंसी, बिटक्वाइन , ईथरियम, रिपल आदि के जरिए अधिक कमाई के इच्छुक रहेंगे। इन मुद्राओं की कीमतों में बहुत तेज़ी से बढ़त या गिरावट आएगी। सरकार द्वारा अचानक रूप से लगाए गए प्रतिबंध लोगों के भीतर असंतोष को पैदा करेंगे।

किस उद्योगों पर इसका असर होगा
पृथ्वी तत्व की राशि में धरतीपुत्र मंगल के दुषित होने से इन्फ्रास्ट्रक्चर, जमीन में होने वाले नए निर्माण में मंदी का दौर आ सकता है। कृषि व संबंधित उद्योग, रसायनों और उद्योगों में संघर्ष की स्थिति में भी इजाफा होगा। सोना, तांबा, चिकित्सा, वाहन और रियल एस्टेट के लिए एक कठिन समय कहा जाएगा। नशीले पदार्थों का बाजार बढ़ेगा। कमोडिटी में विशेष रूप से तेल के बीज,गन्ना, लाल मिर्च, जबकि धातुओं में लोहे, सीसा, कोयला, रबर, अलौह धातुएं के व्यवसाय में खराब असर पड़ेगा। मंगल के बिजली और इलेक्ट्रॉनिक चीजों का कारक होने से इलेक्ट्रॉनिक चीजों, फर्नेस के उपरांत, कटाई और गढाई, रसायन, डिटर्जेंट्,टाइल्स और संगमरमर, चीनी मिट्टी, ग्रेनाइट, पेट्रो रसायन और कृषि-रसायन , कीटनाशक, कॉफी और चाय, सिगरेट, रिफाइनरी, डाई और पिगमेंट आदि से जुड़े कार्यों में संघर्ष की स्थिति रहेगी। शेयर बाजार, खासकर रेलवे से संबंधित शेयरों में अचानक से गिरावट आ सकती है। इन दिनों, औद्योगिक स्थानों में शॉर्ट सर्किट से आग का खतरा बढ़ जाएगा। क्या आप नौकरी बदलना चाहते हैं? जानना चाहते हैं कि क्या आपका यह फैसला सही है या गलत? तो नौकरी से जुड़ी सारी दुविधाओं के समाधान हेतु हमारे ज्योतिष शास्त्रियों की मदद लें।

संघर्ष, आतंकवादी घटनाएं, हमले, विरोध और लोगों के परस्पर संबंधों पर असर
आतंकवादी संगठन सक्रिय होकर क्रूरता से हमला कर सकते हैं। सरकारी फैसलों के विरोध में लोग सड़क पर उतर आएंगे। देखते ही देखते आंदोलन के एक हिंसक रूप ले लेने का भय रहेगा। बम विस्फोट, सार्वजनिक हत्याएं और भ्रष्टाचार की घटनाएं आम हो जाएंगी। अवसाद ग्रस्त लोग ब्लू व्हेल या एेसे ही अन्य खतरनाक खेलों की ओर रुख कर बैठ सकते हैं। क्या आप अपनी शादी के विषय में परेशान हैं। भावी जीवन साथी के बारे में और विवाह का समय जानने के लिए हमारे ज्योतिषीय मार्गदर्शन के जरिए सटीक जानकारी पाएं।

प्राकृतिक आपदाएं

दक्षिण दिशा में आने वाले देशों में जंगल की आग, तटीय तूफानों की संभावना बढ़ जाएगी। वर्षों से सोया ज्वालामुखी अचानक से सक्रिय होकर विस्फोट कर सकता है। कुल मिलाकर गर्मी बढ़ेगी। लेकिन, इसकी तुलना में वर्षा कम होने की आगाही है।

क्या असर पड़ेगा स्पोर्ट्स की दुनियां पर

मंगल खेलकूद का कारक ग्रह माना जाता है। लगभग छह महीनों तक इसके विपरीत स्थितियों में होने से इस क्षेत्र से संबंधित लोगों के लिए समस्याएं बढ़ जाएंगी। स्पोर्ट्स के बड़े खिलाड़ी घायल हो सकते हैं। विशेष रूप से मांसपेशियों में खिंचाव, निचला कमर दर्द ,कूल्हों की समस्या और घुटनों में चोट की संभावना बढ़ जाएगी। चोटी के खिलाड़ी अचानक से अपने क्षेत्र से रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं।

आरोग्य पर प्रभाव

पीलिया, गर्मी से संबंधित बीमारी, लोगों के टखनों में समस्या, रक्त परिसंचरण विकार और एसिडिटी में वृद्धि संभावित है। लोगों को गर्मी से संबंधित बीमारियां होने का डर अधिक रहेगा। लू लगना, गर्मी से थकावट, गर्मी से मूर्छा आना, गर्मी में ऐंठन, मांसपेशियों में दर्द, घमौरियां, त्वचा पर ददोरे पड़ना या खुजली होना, हाइपरवेंटिलेशन, साँस लेने से जुड़ी समस्याएं, अंगों का सुन्न पड़ जाना और झुनझुनी आदि की समस्या बढ़ने के आसार हैं। जन सामान्य समस्याओं को समझदारी से हल करने के बजाय अंधविश्वास की वजह से जादू-टोना जैसे चमत्कारों के फेर में पड़ जाएंगे। डॉक्टरों में व्यापक रूप से रोष और असंतोष दिखाई देगा।

संक्षेप में, गणेश जी मंगल केतु की युति से बन रहे अंगारक योग की अवधि में सभी क्षेत्र के लोगों को अधिक सतर्कता और धैर्यपूर्वक काम करने की सलाह देते हैं। अपने वाणी व व्यवहार में विनम्रता रखेंगे तो अनहोनी को टाला जा सकेंगा।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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Acharya Dharmadhikari

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A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

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