होम » भविष्यवाणियों » त्योहार » नवरात्रि 2026 का 8वां दिन: मां महागौरी की पूजा विधि और मंत्र

नवरात्रि 2026 का 8वां दिन: मां महागौरी की पूजा विधि और मंत्र

Worship Goddess Mahagauri on Navratri Eighth Day

मां महागौरी देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं, जिनकी पूजा दुर्गा अष्टमी, सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को होती है। महा का अर्थ महान और गौरी का अर्थ उज्ज्वल है। सफेद वस्त्र धारण किए और सफेद बैल पर सवार मां पवित्रता, शांति और करुणा का प्रतीक हैं। इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। उनका मंत्र है “ॐ देवी महागौर्यै नमः”।

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहा जाता है। मां महागौरी देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं और उन्हें पवित्रता, शांति और करुणा का प्रतीक माना जाता है। भक्त जीवन की परेशानियों से मुक्ति, परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए उनकी आराधना करते हैं।

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी 18 अक्टूबर, रविवार को है। इस दिन मां महागौरी की पूजा के साथ कन्या पूजन का भी विशेष महत्व माना जाता है। मां का शांत और सुंदर स्वरूप हमें सिखाता है कि जीवन में धैर्य, सच्ची श्रद्धा और अच्छे विचार बनाए रखना कितना जरूरी है।

कौन हैं मां महागौरी?

मां महागौरी देवी दुर्गा के 9 स्वरूपों में आठवां स्वरूप हैं। उनका नाम 2 शब्दों से मिलकर बना है। महा का अर्थ महान और गौरी का अर्थ उज्ज्वल या गौर वर्ण वाली देवी है। मां का स्वरूप बहुत शांत, सुंदर और तेजस्वी बताया गया है।

मां महागौरी सफेद वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा भी कहा जाता है। उनका वाहन सफेद बैल है, जिसके कारण वे वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती हैं।

मां महागौरी की 4 भुजाएं हैं। उनके 2 हाथों में त्रिशूल और डमरू होते हैं, जबकि बाकी 2 हाथ अभय और वरद मुद्रा में रहते हैं। अभय मुद्रा भक्तों को सुरक्षा और डर से मुक्ति का संदेश देती है, जबकि वरद मुद्रा आशीर्वाद का प्रतीक है।

मां महागौरी का सफेद रंग मन की शांति, पवित्रता और अच्छे विचारों को दर्शाता है। वैदिक ज्योतिष की कुछ मान्यताओं में उनका संबंध राहु ग्रह से भी जोड़ा जाता है।

नवरात्रि 2026 का आठवां दिन – तारीख, समय और रंग

नवरात्रि आठवां दिनविवरण (2026)
दुर्गाष्टमी / महागौरी पूजा तारीख19 अक्टूबर 2026, सोमवार
देवीमां महागौरी
अष्टमी तिथि प्रारम्भअक्टूबर 18, 2026 को 08:29 ए एम बजे
अष्टमी तिथि समाप्तअक्टूबर 19, 2026 को 10:53 ए एम बजे
संधि पूजा मुहूर्त19 अक्टूबर 2026 को 10:29 ए एम से 11:17 ए एम
कन्या पूजन19 अक्टूबर की सुबह, 10:53 ए एम से पहले
सूर्योदय06:24 ए एम
सूर्यास्त05:48 पी एम
दिन का रंगबैंगनी

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का महत्व

नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी को समर्पित होता है। मान्यता है कि उनकी पूजा से भक्तों को मन की शांति मिलती है और जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। मां का स्वरूप हमें अपने विचारों और व्यवहार को अच्छा बनाने की प्रेरणा देता है।

मां महागौरी की पूजा से जुड़ी कुछ प्रमुख मान्यताएं इस प्रकार हैं।

  • मन की शांति: मां की आराधना से मन को शांत रखने और चिंता से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है।
  • सुख-समृद्धि: भक्त परिवार की खुशहाली और जीवन में अच्छे बदलाव के लिए मां से आशीर्वाद मांगते हैं।
  • परेशानियों से मुक्ति: कठिन परिस्थितियों में धैर्य और विश्वास बनाए रखने के लिए मां की पूजा की जाती है।
  • पवित्र विचार: मां का सफेद स्वरूप अच्छे विचारों और साफ मन से जीवन जीने का संदेश देता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: पूजा और ध्यान के माध्यम से भक्त अपने भीतर अच्छे गुण विकसित करने का प्रयास करते हैं।

दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन की भी विशेष परंपरा है। इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। कई भक्त अष्टमी का व्रत रखते हैं और मां की विशेष पूजा करते हैं।

मां महागौरी की पौराणिक कथा

मां महागौरी की कथा देवी पार्वती और भगवान शिव से जुड़ी हुई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक कठिन तपस्या की।

तपस्या के दौरान देवी पार्वती ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। धूप, धूल और मौसम के प्रभाव से उनके शरीर का रंग काला पड़ गया, लेकिन उन्होंने अपनी तपस्या नहीं छोड़ी।

देवी पार्वती की भक्ति और धैर्य से भगवान शिव प्रसन्न हुए। इसके बाद भगवान शिव ने उन्हें गंगा के पवित्र जल से स्नान कराया। मान्यता है कि गंगा जल से स्नान करने के बाद देवी पार्वती का स्वरूप अत्यंत उज्ज्वल और सुंदर हो गया।

इसी उज्ज्वल स्वरूप के कारण उन्हें महागौरी के नाम से जाना जाने लगा।

यह कथा हमें सिखाती है कि जीवन में अपने लक्ष्य को पाने के लिए धैर्य, मेहनत और विश्वास बनाए रखना जरूरी है। मां महागौरी का स्वरूप बताता है कि कठिन समय में भी सच्ची श्रद्धा और अच्छे विचार हमें सही रास्ते पर आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं।

मां महागौरी की पूजा विधि

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा घर पर भी आसानी से की जा सकती है। इस दिन कई परिवारों में विशेष पूजा, व्रत और कन्या पूजन किया जाता है। हालांकि, पूजा की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में थोड़ी अलग हो सकती हैं।

मां महागौरी की पूजा करने के लिए इन आसान तरीकों को अपना सकते हैं।

  1. सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर और पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ करें।
  2. एक साफ चौकी पर मां महागौरी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
  3. मां के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं।
  4. मां को सफेद फूल, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा की सामग्री अर्पित करें।
  5. हाथ जोड़कर मां महागौरी के मंत्र का जाप करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
  6. अंत में मां की आरती करें और प्रसाद बांटें।
  7. यदि आपके परिवार में कन्या पूजन की परंपरा है, तो छोटी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं और अपनी क्षमता के अनुसार उपहार दें।

कन्या पूजन में आमतौर पर पूरी, हलवा और चने का प्रसाद बनाया जाता है। भक्त कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका सम्मान करते हैं और उनसे आशीर्वाद लेते हैं।

कुछ परिवारों में कन्या पूजन अष्टमी को किया जाता है, जबकि कुछ परिवार नवमी के दिन यह परंपरा निभाते हैं।

मां महागौरी का मंत्र और उसका अर्थ

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त सुबह की पूजा के समय या ध्यान करते हुए इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

मां महागौरी मंत्र:

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

अर्थ: इस मंत्र के माध्यम से भक्त मां महागौरी को प्रणाम करते हैं और उनसे सुख-शांति, समृद्धि तथा जीवन में शुभ फल देने की प्रार्थना करते हैं।

मां महागौरी प्रार्थना मंत्र

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

अर्थ: इस मंत्र में मां महागौरी के पवित्र और शांत स्वरूप का वर्णन किया गया है। मां सफेद बैल पर सवार हैं और सफेद वस्त्र धारण करती हैं। वे भगवान महादेव को प्रसन्न करने वाली देवी हैं। भक्त उनसे जीवन में सुख, शांति और शुभ फल देने की प्रार्थना करते हैं।

मां महागौरी स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

अर्थ: इस स्तुति के माध्यम से सभी जीवों में मां महागौरी के रूप में विराजमान देवी को बार-बार प्रणाम किया जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और शांत मन से इन मंत्रों का जाप करने पर भक्तों को मां की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में अच्छे विचार बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।

क्या 2027 आपके लिए तरक्की और मजबूती का साल होगा या तनाव और चुनौतियों का? अपनी विस्तृत रिपोर्ट अभी पाएं!

नवरात्रि में मां महागौरी की पूजा क्यों की जाती है?

मां महागौरी को शांति, पवित्रता और ममता का प्रतीक माना जाता है। भक्त उनकी पूजा करके परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और जीवन की परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद मांगते हैं। मां का स्वरूप हमें सिखाता है कि मुश्किल समय में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए।

दुर्गा अष्टमी का नवरात्रि में विशेष महत्व है। इस दिन भक्त मां दुर्गा के 9 स्वरूपों का स्मरण करते हैं और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करते हैं। कई जगह सामूहिक पूजा और कन्या पूजन का आयोजन भी किया जाता है।

कुछ भक्त इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ और विशेष पूजा भी करवाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन पूजा-पाठ से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा मिलती है।

मां महागौरी की पूजा हमें यह भी याद दिलाती है कि दूसरों के प्रति दया रखना, परिवार में प्रेम बनाए रखना और जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी भक्ति का एक सुंदर तरीका है।

इस नवरात्रि आप भी मां महागौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा करें और अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

पिछला: सातवां दिन – मां कालरात्रि | अगला: नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री

FAQs

नवरात्रि के आठवें दिन कौनसी देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा होती है।

मां महागौरी का स्वरूप कैसा है?

मां महागौरी चार भुजाओं वाली हैं। उनका वाहन वृषभ है और वे श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। उनके एक हाथ में अभय मुद्रा, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे में डमरू और चौथे में वर मुद्रा है।

मां महागौरी की पूजा से क्या लाभ होता है?

मां महागौरी की पूजा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनके विचारों को सही दिशा मिलती है। यह पूजा भक्तों के अपवित्र विचारों को नष्ट कर देती है।

मां महागौरी की पूजा का मंत्र क्या है?

मां महागौरी की पूजा का मंत्र है: ‘श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः | महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददा ||’

महाष्टमी 2026 कब मनाई जाएगी?

महाष्टमी 2026 में 19 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी।

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Aditya

Acharya Aditya

Ganesha Verified Ganesha Verified
Vedic Astrologer & Prediction Expert
rating

4.9 rating

years

30 Years

consultations

52k+ consultations

Acharya Aditya is a renowned Vedic astrologer with over 30 years of consultation experience. He specializes in providing accurate date-wise predictions and offers in-depth guidance on career, marriage, relationships, and foreign settlement. In addition to personal consultations, he has strong expertise in planetary transits and current affairs, delivering practical, insightful predictions grounded in detailed horoscope analysis and Vedic astrological principles. His precise predictions and practical approach have earned the trust of clients seeking clarity and guidance in important life decisions.

  • Career Guidance
  • Relationships
  • Foreign Settlement
  • Vedic Astrology
More About Acharya Aditya Talk to