सूर्य करने जा रहा है धनु राशि में प्रवेश! आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

सूर्य करने जा रहा है धनु राशि में प्रवेश! आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

सभी ग्रहों के राजा और ब्रह्मांड की आत्मा, सूर्य हिंदू संस्कृति में सबसे अधिक पूजनीय हैं। यह वह स्रोत है जो पूरी दुनिया को रोशन करता है। सूर्य सम्मान, प्रतिष्ठा, राजसत्ता और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा कहा जाता है कि सुबह-सुबह सूर्य को जल अर्पित करने से इसका हानिकारक प्रभाव कम हो जाता है। यह किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है। हर सूर्य महीने प्रत्येक राशि में गोचर करता है और ऐसे ग्रह गोचर को संक्रांति कहा जाता है। इस बार, यह राशि चक्र के धनुर्धर यानि धनु राशि में गोचर करने जा रहा है।

ज्योतिष में, सूर्य एक बड़ी भूमिका निभाता है। यह पिता, पूर्वजों और सरकारी नौकरी का संकेतक है। सूर्य, सिंह राशि पर शासन करता है, मेष राशि में उच्च रहता है और तुला राशि में दुर्बल होता है। यह कृतिका, उत्तरा फाल्गुनी और उत्तरा आषाढ़ नक्षत्रों का स्वामी है।

जनमपत्री में सूर्य का प्रभाव

यदि आपकी जनमपत्री में सूर्य सकारात्मक स्थान पर है, तो यह आपको वांछित परिणाम देता है। आप अच्छे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं, और सूर्य के लाभकारी स्थान के कारण खुद पर पूरा नियंत्रण रखते हैं। यदि सूर्य उच्च राशि में स्थित होता है, तो आपके विचारों का प्रवाह सकारात्मक होता है और आप जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। लेकिन, आपकी कुंडली में सूर्य की दुर्बल स्थिति आपकी मानसिक अशांति का कारण बन सकता है, जो आपको प्रतिकूल परिणाम दे सकती है। इसलिए, आपको सूर्य के हानिकारक प्रभाव को बेअसर करने के लिए एक ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेकर दिए गए उपचारात्मक समाधानों का पालन करना चाहिए।

भले ही आपकी जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति अनुकूल घर में हो, लेकिन यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता है तो आपको सूर्य यंत्र स्थापित करना और इसकी नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। यह सूर्य के लाभकारी परिणाम में सहायक होगा। हालांकि, आपको पूर्ण संतुष्टि के लिए ज्योतिषियों से परामर्श लेना चाहिए कि आप कौन-कौन से उपाय कर सकते हैं?

कब करेगा सूर्य धनु राशि में प्रवेश?

16 दिसंबर, 2019 को लगभग 3:44 बजे सूर्य वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि में प्रवेश करेगा। एक महीने तक सूर्य इसी राशि में विचरण करेगा।

धुन राशि में सूर्य के पारगमन से क्या होता है?

किसी जातक की जन्म कुंडली में सूर्य की मजबूत स्थिति उन्हें ऊपर उठने और एक महान नेता बनने में सहायता करती है। प्रत्येक व्यक्ति पर इसका एक अलग प्रभाव पड़ेगा। आईये जानते हैं कि सूर्य का धनु राशि में पारगमन सभी राशियों के लिए वरदान साबित होगा या अभिशाप!

मेष राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • पारगमन दौरान ध्यान-पूर्वक अच्छा व्यवहार करें।
  • प्रगमन के दौरान आपके मौद्रिक मामलों में स्थिरता आने की संभावना है। जिससे आपको आर्थिक स्थिति को संभालने में आसानी होगी।
  • दीर्घायु लोग इस दौरान धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। लेकिन साथ ही अपने स्वास्थ्य की विशेष देखभाल करने की सलाह भी दी जाती है।
  • सूर्य आपकी राशि के नौवें भाव में गोचर करेगा और केतु व शनि के साथ स्थिति होगा। यह घर प्रसिद्धि, लंबी यात्रा, भाग्य, धार्मिक झुकाव और सद्गुणों के साथ संबंध का प्रतिनिधित्व करता है।
  • समाज में आपका महत्व बढ़ने की संभावना है। संपर्क में आने वाले लोगों पर आपका अच्छा प्रभाव पड़ेगा। आप लोगों के बीच ख्याति प्राप्त करेंगे। आपके स्थान परिवर्तन की संभावना है। नौकरी बदलने की संभावना भी इसी दौरान बन सकती है।
  • लोगों के साथ मतभेदों को दूर करने की संभावना है, लेकिन यदि आपने ध्यान नहीं दिया तो आप अवसर को खो भी सकते हैं। पारगमन के दौरान कोई भी निर्णय लेते समय परिवारजनों के सुझाव लेने में संकोच न करें। जिससे आपको मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
  • लंबे समय से अधूरे पड़े कार्यों को अच्छी शुरुआत मिल सकती है। आप उन निर्णयों को सफलतापूर्वक निष्पादित करने में सक्षम होंगे जो लंबे समय पहले किए थे। इसके अतिरिक्त, अपने इरादों या योजनाओं को दूसरों के साथ साझा न करें। जब तक आप उन्हें ठीक से निष्पादित करने में सक्षम नहीं होते हैं, तब तक उन्हें गुप्त रखें।

वृष राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • संभावना है कि इस दौरान आप प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं। आप उन चीजों के लिए अच्छा समर्थन प्राप्त नहीं कर पाएंगे जो आप करना चाहते हैं।
  • वृषभ राशि के जातकों के लिए, सूर्य जन्म कुंडली के आठवें भाव में प्रवेश करेगा। यह भाव अचानक लाभ, बाधाओं, चिंताओं, चोरी और गुप्त चीजों का प्रतीक है।
  • आपने मन को शांत रखने और परिवारजनों क्रोधित न होने की सलाह दी जाती है। कुछ समय एकांत में बिताऐं और शांति के साथ अपनी आक्रामकता को दूर करने की कोशिश करें।
  • जीवन में समस्याओं को दूर रखने के तमाम प्रयासों के बावजूद कुछ अप्रत्याशित मुद्दे आ सकते हैं। इसलिए सावधान रहने और उचित समझ से उन मुद्दों को हल करने की सलाह दी जाती है।
  • परागमन के दौरान पारिवारिक मामलों संबंधी व्यय होने की संभावना है। इसलिए उन्हें सुव्यवस्थित रखें और अपने वित्त पर नज़र बनाये रखें। जिससे अनावश्यक ख़र्चों पर अंकुश रख सकेंगे।
  • अपनी ऊर्जा और उत्साह को बनाये रखने के लिए पर्याप्त आराम करने की सलाह दी जाती है। तथा स्वस्थ जीवनशैली का पालन करने पर भी जोर देना होगा। योग और व्यायाम के माध्यम से फिट और तनाव मुक्त रह सकेंगे।
  • बच्चों को लेकर इस समय चिंता हो सकती है। अतः उन्हें अतिरिक्त गतिविधियों में व्यस्त रखें तो अच्छा होगा। घरेलू मुद्दे आपके ऊपर हावी हो सकते हैं। किसी भी यात्रा के दौरान अपने स्वास्थ्य और सामान की अतिरिक्त देखभाल करने की आवश्यकता है।

कुल मिलाकर, पारगमन काल आपके लिए थोड़ा व्यस्त हो सकता है। जीवन में आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श करें।

मिथुन राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • पारगमन के दौरान उच्च अध्ययन के लिए विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को अच्छा अवसर प्राप्त हो सकता है।
  • इस दौरान पेट संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए स्वस्थ आहार लें और किसी भी फास्ट फूड से बचें।
  • परागमन के दौरान आप सामाजिक समारोहों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। जो आपके मानसिक शांति देगा और आप अधिक आकर्षक और मजाकिया बनेंगे।
  • गौरवशाली सूर्य आपकी जन्म कुंडली के सातवें भाव में परागमन करेगा। यह शादी, जीवन-साथी के बीच संबंध, समस्याओं से उबरने और यात्रा करने का भाव है।
  • कुछ अज्ञात ख़र्चों की संभावना के बावजूद आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। लेकिन शारीरिक बीमारियों के कारण आपका पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए अपने बजट के अनुसार योजना बनाकर चलें।
  • इस अवधि में लोग आपका उपहास या आलोचना भी कर सकते हैं। लेकिन आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें और किसी भी उपहास या आलोचना को व्यक्तिगत रूप से न लें। अपने सहकर्मियों के साथ बात करते समय व्यवहार कुशलता का परिचय दें।
  • इस दौरान जीवन-साथी के साथ संबंधों में अचानक कुछ समस्याएँ आ सकती हैं। साथी के साथ बहस होने की संभावना है। इसलिए अपनी सीमाओं से बाहर न जाएँ। एक व्यावहारिक दृष्टिकोण से अपनी भावनाओं और सोच को विनियमित करके स्थितियों से निपटने में सक्षम होंगे।

जुड़वाँ बच्चों के लिए परागमन काल थोड़ा परेशानी भरा समय होगा। हमारे उपचारात्मक समाधानों का सहारा लें और जीवन में आने वाली परेशानियों से निजात पाएं।

कर्क राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • परागमन काल के दौरान विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
  • धनु राशि में सूर्य का यह परागमन आपके लिए थोड़ा प्रतिकूल हो सकता है। लेकिन सही समझ और शांत मन के साथ परिस्थितियों का सामना करेंगे तो समस्या कम हो सकती है।
  • कर्क राशि की जन्म कुंडली के अनुसार सूर्य छठे भाव में परागमन करेगा। यह घर शत्रुओं, चोटों, विरोधों, रोग, ऋण, उधार, बाधा, झगड़े, नेत्र रोग, और अधीनस्थों का प्रतीक है।
  • वित्तीय स्थितियों या अन्य मुद्दों के कारण परिवार में कुछ विवाद हो सकते हैं। इसलिए वित्तीय लेनदेन करते समय सावधान रहें और प्राथमिकताओं के अनुसार अपने बजट की योजना बनायें।
  • मौसम में बदलाव के कारण आम खांसी और सर्दी की समस्या हो सकती है। इसलिए अपना ख़याल रखें। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों, विशेषकर आँखों और उच्च रक्तचाप का भी विशेष रूप से ध्यान रखें।
  • कार्यस्थल पर, आपकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी आपको फलदायी परिणाम देगी। सहकर्मियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना है और आप कठिन परिश्रम के दम पर जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे। फलस्वरूप आपको अपने काम के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। जो अधीनस्थों और वरिष्ठों के बीच पहचान दिलाएगा। जो लोग नौकरी में बदलाव की तलाश में हैं उन्हें उसमें सफलता मिल सकती है।
  • ये समय वेतन वृद्धि की संभावना लेकर आएगा या कार्य स्थल पर किये गए प्रयासों के बदले अच्छा प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन फिर भी आपको आय के सीमित स्रोत के साथ परिवार के खर्च और आवश्यकताओं को पूरा करना पड़ सकता है।

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सिंह राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • अगर संक्षेप में कहें तो परागमन के दौरान आपको बैचनी का सामना करना पड़ सकता है।
  • अविवाहित लोगों को कोई शुभ समाचार मिल सकता है। लंबी प्रतीक्षा के बाद आपको उचित जीवन साथी मिल सकता है।
  • पीठ पीछे बुराई करने वाले और गुप्त विरोधियों से सावधान रहें। कार्यस्थल पर वे आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं।
  • परागमन के दौरान कुछ घटनाएं आपको थोड़ा असहज कर सकती हैं। लेकिन आप एक सैनिक की भांति समस्त कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम होंगे।
  • परिवार-जन या सहकर्मियों के साथ विवाद होने की संभावना है। इसलिए ऐसे कोई शब्द न बोलें जिनसे उनको ठेस पहुंचे। इस तरह आप विवाद से बच सकते हैं।
  • अपने और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। किसी शारीरिक बीमारी के कारण आप सुस्त महसूस कर सकते हैं। इसलिए, अपने स्वास्थ्य और फिटनेस लक्ष्यों को ध्यान में रखें।
  • आंखों से संबंधित परेशानी के कारण कुछ बड़े खर्च हो सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पर्याप्त और उचित सावधानी बरतें। मदद की जरुरत पड़ने पर किसी दोस्त का साथ मिल सकता है।
  • जैसा की सूर्य सिंह राशि का स्वामी है। सिंह राशि जातकों की जन्म कुंडली के अनुसार सूर्य परागमन के दौरान पांचवें भाव में गति करेगा। यह संतान, मानसिक क्षमता, प्रसिद्धि, स्थिति, ज्ञान, गर्भाधान और मन का घर है।

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कन्या राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • कम शब्दों में कहें तो सूर्य का परागमन व्यक्तिगत मामलों में औसत और पेशेवर मामलों में मजबूत रह सकता है।
  • वृद्ध लोग किसी संस्था या परोपकार के लिए दान और पवित्र स्थानों की यात्रा कर सकते हैं। इससे उन्हें मानसिक संतुष्टि मिलेगी।
  • परिवार के किसी क़रीबी सदस्य की तरफ से कोई शोकाकुल समाचार प्राप्त हो सकता है।  परिवार में बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं।
  • यह अच्छा समय होगा क्योंकि कड़े संघर्ष और वास्तविकता का सामना करने के बाद आपको सफलता का रास्ता मिलेगा। दूसरों के साथ एकता बनाये रखने में पीछे न हटें।
  • परिश्रम और ईमानदारी के बल पर आप कार्यों को तय समय पर पूरा कर पाएंगे। घर और कार्यस्थल पर तनाव को संभल पाएंगे। इस दौरान की गयी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी।
  • यह समय वित्तीय मामलों के लिए शुभ होगा। सभी समस्याएं हल होगी और आप आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करेंगे। निवेश आपको सकारात्मक परिणाम और मुनाफ़ा देना शुरू कर सकते हैं।
  • परागमन के दौरान सूर्य आपकी जन्म कुंडली के चौथे भाव में गति करेगा। यह भाव माता, रिश्तेदारों, साहचर्य, खज़ाने, घर, घरेलू वातावरण, भूमि, शिक्षा और वंशानुगत प्रवर्तियों का प्रतिनिधित्व करता है।

तुला राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • अगर कोई विदेश यात्रा पर है तो एहतियाती कदम उठाते हुए यात्रा के दौरान थोड़ा सावधान रहें।
  • छात्रों को पढ़ाई के प्रति अधिक चौकस रहना होगा क्योंकि उनके व्याकुल होने और आत्मज्ञान में देरी होने की संभावना है।
  • जहाँ तक कहा जाये तो ये परागमन आपके लिए थोड़ा मुश्किल समय हो सकता है। इसलिए हालातों से निपटने के लिए आपको तार्किक बनना पड़ेगा।
  • परागमन के दौरान सूर्य, तुला राशि के जातकों की कुंडली के तीसरे भाव में गोचर करेगा। यह घर छोटे भाई-बहनों, रिश्तेदारों, साहस, चचेरे भाइयों, दृढ़ता, छोटी यात्राओं और बुद्धि का संकेतक है।
  • वैवाहिक जीवन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कुछ समस्या आने की संभावना है। इसलिए जीवन-साथी के साथ शांति बनाए रखने के लिए उन्हें बिना बात न छेड़ें और न ही कोई मूर्खतापूर्ण व्यवहार करें।
  • यह भाई-बहनों के साथ संबंधों के लिए एक संक्रमणकालीन चरण है। कुछ गलत तर्कों को कारण संबंध खराब हो सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की ग़लतफ़हमी से बचें और अपने भाई-बहनों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाये रखें।
  • इस दौरान आप कुछ अनावश्यक ख़र्चों में फंस सकते हैं और बाद में अपने निर्णय पर पछतावा कर सकते हैं। इसलिए मौद्रिक मामलों में व्यावहारिक होने का प्रयास करने की सलाह दी जाती है। जिससे अपने वित्त को सामान्य रूप से संभाल पाएंगे।
  • काम के प्रति प्रतिबद्धता के चलते परिवर्तन की संभावना है। नौकरी के स्थानांतरण या व्यावसायिक यात्रा करने के कारण प्रवास हो सकता है। व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच संतुलन बनाने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए शांत रहें और पेशेवर जीवन को निजी जीवन में बाधा नहीं बनने दें।

वृश्चिक राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • वृश्चिक राशि जातकों के लिए सूर्य का धनु राशि में परागमन औसत परिणाम देगा।
  • परागमन के दौरान कोई बड़ा जोखिम लेने से पहले सभी पहलुओं का अच्छे से मूल्याङ्कन करने और स्थिति को बनाये रखने का सुझाव दिया जाता है।
  • आपकी जन्म कुंडली के दूसरे भाव में सूर्य का परागमन होगा। यह परिवार, धन, महत्वाकांक्षा, भाषण, कल्पना, अवलोकन शक्ति और हानि का घर है।
  • वित्तीय लाभ में वृद्धि की संभावना है। लेकिन ख़र्चों में वृद्धि पर भी नजर रखने की जरूरत होगी। कुछ अचानक खर्चों के कारण बचत खत्म होने की संभावना है।
  • कभी-कभी आप जीवन शक्ति और आत्मा की कमी महसूस कर सकते हैं। कान, नाक और गले की समस्याओं का ख्याल रखें। गंभीर समस्या से बचने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण भी करवा सकते हैं।
  • किसी संस्था के साथ काम करे वाले लोगों को अतिरिक्त ज़िम्मेदारी मिल सकती है। इसलिए कार्य को व्यवस्थित करने की आवश्यकता होगी। सकारात्मकता बनाये रखने के लिए अटकलों से दूर रहें।
  • छोटी-छोटी बातों पर दूसरों से झगड़ने के बजाय सोच समझ कर किसी से संवाद करें। पारिवारिक सदस्यों के साथ कोई आकस्मिक बहस हो सकती है। लेकिन सकारात्मक रवैये से पारिवारिक सौहार्द और शांति बनाए रखेंगे।

धनु राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • वैवाहिक समस्याएं आ सकती हैं। इसलिए जीवन-साथी से साथ संबंधों पर विशेष ध्यान दें।
  • धनु राशि जातकों को सूर्य के इस परागमन के दौरान उच्च एहतियाती उपाय करने की आवश्यकता होगी।
  • परागमन के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। एसिडिटी की समस्या से बचने के लिए मसालेदार और तैलीय भोजन से बच कर रहें। हवा का असंतुलन परेशानी खड़ी कर सकता है। साथ ही आँखों सम्बन्धी समस्या भी हो सकती है।
  • लंबे समय से एक ही कंपनी में कार्यरत लोग कंपनी में बदलाव के बारे में सोच सकते हैं। अनुसंधान क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग धीमी गति का अहसास करेंगे। यदि आप सतर्क रहते हैं तो कोई भी आपको आसानी से धोखा नहीं दे पायेगा।
  • चूँकि आत्मा का कारक ग्रह सूर्य धनु राशि में ही गोचर करने जा रहा है। इस दौरान सूर्य पहले भाव में स्थित होगा जिसको सूर्य प्रस्तुत करते हैं। यह स्वयं का भाव है जो उपस्थिति, शरीर, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, बुद्धि, भाग्य, सम्मान और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।
  • काल्पनिक व अनुचित चीजों से दूर रहें। जो आपको गबन का दोषी बनाने की संभावना से बचाएगा। किसी पर भी आँख मूंद कर भरोसा न करें। कुछ लोग चापलूसी करके आपको लुभाने की कोशिश कर सकते हैं। उनके बहानों को समझें और उनमें धंसने से बचें। मौसमी दोस्तों से दूर रहें।

पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • सूर्य का यह पारगमन आपके लिए थोड़ी परेशानियां ला सकता है।
  • शारीरिक चोट लगने की संभावना है। इसलिए वहां चलते समय सावधानी बरतें।
  • पारगमन के दौरान मकर रहस्य जातकों की जन्म कुंडली में सूर्य 12 भाव में गति करेगा। यह घर खर्च, हानि, जुर्माना भरने और विलासिता के लिए उत्तरदायी होता है।
  • बच्चों के साथ बातचीत कर दूरी को ख़त्म करने की कोशिश करें। जिससे आप उनके और क़रीब जा पाएंगे। पारिवारिक समस्याओं को समझें और उन्हें दूर करने की कोशिश करें।
  • आपको अनावश्यक मुकदमेबाजी संबंधी परेशानी घसीटा जा सकता है। जो लोग अधिक गुस्सैल और उच्च रक्तचाप से पीड़ित उन्हें उचित देखभाल की ज़रूरत होगी। साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह भी दी जाती है।
  • बेमतलब की योजनाओं और विचारों की और आकर्षित हो सकते हैं। ऐसे लोगों से भी मिल सकते हैं, जिनका आपके ऊपर सकारात्मक प्रभाव नहीं होगा। इसलिए छोटी-छोटी जानकारियों पर ध्यान दें और उनका तार्किक रूप से विश्लेषण करें।
  • इस दौरान आप आकस्मिक खर्चों आश्चर्यचकित हो जाएंगे। इसलिए बेहतर होगा, अपने बजट को नियोजित करें और आय को बचाएं। पारिश्रमिक में वृद्धि होगी भी तो अधिक खर्च के कारण इसका फायदा नहीं होगा। शेयर या स्टॉक बाजार में अल्पकालिक निवेश से बचें।

कुंभ राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • सूर्य के धनु राशि में परागमन के दौरान कोई भी बड़ा काम करते हुए भरपूर सावधानी बरतें।
  • कोई भी निर्णय लेने से पहले पारिवारिक सदस्यों के साथ विचार विमर्श करें। बड़ों की सलाह लेकर ही कदम बढ़ाएं। अपनी साहसी और स्वाभाविक प्रवर्ति पर अंकुश रखें।
  • इस दौरान वैवाहिक जीवन का पूरा आनंद लेने में असमर्थ होंगे। जीवन-साथी के साथ तनाव हो सकता है। रिश्ते में सामंजस्य बनाए रखने के लिए साथी के समय बिताने की कोशिश करें।
  • जिन लोगों ने पैसा उधर ले रखा है, उसे चुकाने में देरी हो सकती है। वित्तीय सुधार की संभावना न के बराबर होगी। किसी प्रकार का ऋण लेने से बचें क्योंकि इसे चुकाने में देरी हो सकती है।
  • कुंभ राशि जातकों की जन्म कुंडली के ग्यारहवें भाव में सूर्य परागमन के दौरान गतिशील होगा। यह घर समृद्धि, दोस्तों, लाभ, इच्छाओं की पूर्ति, बीमारी से उबरने और सफलता का प्रतिनिधित्व करता है।
  • छोटी-छोटी बातों को लेकर शिकायत न करें। अकारण किसी बहस में न पड़ें। सहकर्मियों के साथ तीव्र प्रतिस्पर्धा हो सकती है।  आलोचना और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए शांत रहें और परिस्थियों को आसानी से लें।

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मीन राशि पर सूर्य परागमन का प्रभाव

  • सूर्य पारगमन के दौरान आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में चीजों में देरी हो सकती है।
  • पैरों से संबंधित परेशानी सामने आने की संभावना है। इसलिए, अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
  • परिवार से जुड़े मामलों में भी गड़बड़ी की संभावना है। इस दौरान इधर-उधर की दौड़-धूप भी करनी पड़ सकती है।
  • प्रेम संबंधों में चल रहे लोग भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान दें ताकि तनाव-ग्रस्त न हों। साथी के साथ बहस से बचें और समझदारी से रिश्ता निभाएं।
  • किसी वरिष्ठ व्यक्ति से बात करते समय भावनाओं में न बहें। इसके अलावा, सहकर्मियों का अत्यधिक सहयोग आपको काम में किसी भी गड़बड़ी से बचने में मदद करेगा।
  • पराक्रमी सूर्य मीन राशि जातकों की कुंडली के दसवें भाव में होगा। यह वह घर पेशे, सम्मान और अधिकार, सरकारी सेवा, व्यवसाय, स्थिति, प्रसिद्धि, प्रगति और पिता को दर्शाता है।
  • सूर्य परागमन के दौरान करियर प्रगति धीमी हो सकती है।  यह आपको थका सकता है और कई बार मानसिक असंतोष की संभावना हो सकती है। फिर भी, अपने सभी निर्धारित कार्यों को ईमानदारी और समर्पण के साथ करने की सलाह दी जाती है।
  • वित्तीय लाभ में देरी की संभावना है। आवश्यकता अनुसार मौद्रिक लाभ नहीं मिल सकता है। व्यावसायिक व्यक्ति नुकसान से बचने के लिए किसी प्रोजेक्ट या टाई-अप में सावधानीपूर्वक निवेश करें। सभी महत्वपूर्ण कार्य निष्पादन में कमजोर हो सकते हैं।

यदि आपकी जन्म कुंडली में सूर्य अनुकूल भाव में स्थित है तो आपके लिए जीवन का आशीर्वाद साबित हो सकता है।जो लोग सूर्य पारगमन के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हैं, वे हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषीयों से उपचारात्मक समाधान प्राप्त कर उसे बेअसर कर सकते हैं।

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गणेशजी की कृपा के साथ

गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

12 Dec 2019

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