नायडू वर्ष-2017 के मध्य तक सभी आफतों से बाहर निकलने में समर्थ होंगे

नायडू वर्ष-2017 के मध्य तक सभी आफतों से बाहर निकलने में समर्थ होंगे

एक अनुभवी राजनेता के रूप में चंद्रबाबू नायडू के नाम आंंध्र प्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का कीर्तिमान दर्ज है। नायडू ने अपने राजनैतिक सफर की शुरूआत महज28 वर्ष की उम्र में आंध्रप्रदेश विधानसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य के रूप में की। इन्होंने वर्ष1995 से 2004 तक आंध्रप्रदेश के सीएम की कुर्सी पर राज कर प्रदेश में सुधार के कड़े प्रयास किए। लेकिन नायडू के सितारे वर्ष2004 के चुनाव में इनका साथ छोड़ गए और इन्हें हार का सामाना करना पड़ा। हालांकि, इस सफल राजनीतिज्ञ के सितारे वर्ष2014 में फिर से चमके आैर इनकी सीएम पद पर एक बार फिर से ताजपोशी हुर्इ। इसके बाद इन्होंने आंध्रप्रदेश में कर्इ सराहनीय सुधार करते हुए सूचना और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया। चंद्रबाबू नायडू ने हैदराबाद को भारत के प्रमुख आर्इटी हब में वैश्विक प्रशंसा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभार्इ। नायडू ने बहुत सारे पुरस्कार भी जीते। इन पुरस्कारों में इंडिया टुडे द्वारा आर्इटी इंडियन आॅफ द मिलेनियम, द इकोनाॅमिक्स टाइम्स द्वारा बिजनस पर्सन आॅफ द र्इयर, टाइम एशिया से साउथ एशियन आॅफ द र्इयर आैर विश्व आर्थिक मंच की ड्रीम कैबिनेट की सदस्यता जैसे बड़े सम्मान शामिल हैं। नायडू ने हैदराबाद आैर सिंकदराबाद में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण आैर इन दोनों शहरों के सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभार्इ। विकास को एक नया आयाम देने वाले चंद्रबाबू इन विकास कार्यों के बावजूद अपने आपको विवादों से बचा नहीं पाए। एेसे में वर्तमान स्थिति को देखते हुए सभी के जहन में बार-बार यही सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या नायडू निकट भविष्य में बड़ी चुनाैतियों का सामना करने के लिए तैयार है भी कि नहीं? क्या वे इन सबसे बाहर निकलकर फिर से अपनी छवि को धूमिल होने से बचा पाएंगे? इन सबका जवाब आपकाे गणेशजी बताएंगे, जिन्होंने नायडू की कुंडली का गहन अध्ययन करने के बाद इनके भविष्य को लेकर अपनी भविष्यवाणी की है।

चंद्रबाबू नायडू 

20 अप्रैल 1950: जन्म तिथि

जन्म समय: अनुपलब्ध

जन्म स्थान: नारावारिपल्ली, आंध्रप्रदेश, भारत

चंद्रबाबू नायडू की सूर्य कुंडली

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घोटाले को दोबारा खोलने में शामिल ग्रह

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की कुंडली में इस समय गोचर का शनि अष्टम भाव में इनके जन्मकालीन सूर्य के ऊपर से भ्रमण कर रहा है। यह भ्रमण इनके लिए मुश्किलें खड़ा कर सकता है। न्याय का देवता कहा जाने वाला शनि बुरे भावों के ऊपर से गुजरते समय  जातक के लिए प्रतिकूल स्थितियां लाता है। इस कारण से वोटों की खरीदी के प्रकरण से जुड़ी उनकी भूमिका लेकर उन पर जांच आयोग बैठाया जा सकता है। गोचर का शनि यह इंगित कर रहा है कि इनको जटिल कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ेग।

जटिल राजनीतिक परिदृश्य में छवि प्रबंधन

इसके अलावा गोचर का राहु इनके जन्म के शनि के ऊपर से गति कर रहा है। यह दर्शा रहा है कि इन्हें अपने सार्वजनिक  छवि को बनाए रखने के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल बहुत ही जटिल होने की आशंका है। ग्रहण का प्रभाव भी अपना असर दिखाते हुए इनके समक्ष नई-नई चुनौतियां पेश करेगा। अपनी सरकार की नेक छवि बनाए रखन की पुरजोर कोशिशों के बावजूद कुछ मुद्दे इनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकते हैं।

प्रतिद्वंद्वियों का नित नई-नई चुनौतियां पेश करना

तेलगूदेश पार्टी(तेदेपा) के मुखिया एन. चंद्रबाबू नायडू की सूर्य कुण्डली के षष्ठ भाव में मंगल छायाग्रह केतु के साथ है। जब ये दोनों ग्रह युति में होते हैं तो इससे उत्पन्न होने वाली ऊर्जा एक नकारात्मक परिणाम लेकर आती है। इस के कारण इन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में काफी कठिनाइयों से भरे समय देखे हैं। यह संयोग एक कड़े प्रतिरोध और शक्तिशाली प्रतियोगियों से टक्कर होने की संभावना को व्यक्त करता है। चूंकि गोचर का राहु इनके जन्मकालीन शुक्र व गुरू के ऊपर से पारगमन कर रहा है, इस कारण से इनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इन्हें कानूनी कार्यवाहियों के माध्यम से नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं। जनवरी 2017 तक इन्हें जांच प्रक्रिया में से होकर गुजरते हुए कानूनी अधिकारियों द्वारा पूछताछ के रूप में प्रताड़ित होना पड़ सकता है। हालांकि, गोचर के गुरू का जन्मकालीन मंगल व बुध के ऊपर से गुजरना इन्हें कानूनी उपायों को खोजने में मदद कर इनकी रक्षा भी कर सकता है। विशेष रूप से मध्य फरवरी 2017 से गोचर के शनि के धनु राशि में प्रवेश करते इनकी स्थिति अच्छी हो जाएगी और ये राहत का अनुभव करेंगे।

गणेश के अऩुसार नायडू संकट से पार हो जाएंगे

हालांकि, गोचर का राहु अगस्त 2017 के मध्य तक इनके लिए कुछ-न-कुछ परेशानियां खड़ी करता रहेगा। तेदेपा नेता चंद्रबाबू नायडू की कुंडली में सूर्य उच्च का होने के कारण बहुत ही शक्तिशाली है। जातक के जीवन में सूर्य आत्मा, इच्छाशक्ति, प्रशासन, नेतृत्व, प्रभाव, शक्ति और राजनीतिक रसूख का प्रतिनिधित्व करता है। कुंडली के एकादश भाव में शुक्र व गुरू बृहस्पति की युति इन्हें एक बुद्धिमान राजनेता बनाती है। सितंबर 2017 के मध्य से गुरू बृहस्पति पारगमन के समय अपनी दृ्ष्टि इनके जन्मकालीन सूर्य, बृहस्पति और गुरू पर अपनी दृष्टि डालेगा। गुरू की इस कृपापूर्ण दृष्टि से इनकी चमक-दमक फिर से लौटेगी। चंद्रबाबू नायडू राजनीति रणभूमि में एक वीर योद्धा की भांति आगे बढ़ते हुए जनसाधारण में अपनी स्वच्छ सार्वजनिक छवि को फिर से प्राप्त कर सकेंगे।

गणेशजी के आर्शीवाद सहित

तन्मय के ठाकर

गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम टीम

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12 Sep 2016

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