होम » भविष्यवाणियों » व्यापार » डॉलर के मुकाबले कब तक होता रहेगा रूपया कमजोर: ज्योतिषीय विश्लेषण

डॉलर के मुकाबले कब तक होता रहेगा रूपया कमजोर: ज्योतिषीय विश्लेषण

डॉलर के मुकाबले कब तक होता रहेगा रूपया कमजोर: ज्योतिषीय विश्लेषण

हमारा रुपया लगातार उतार-चढ़ाव करते-करते एक नए मुकाम तक पहुंच रहा है। कभी रुपए में गिरावट, तो कभी तेजी के कारण भी मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी बहुत बातें की गई है। अर्थशास्त्रियों ने नोटबंदी और जीएसटी को रुपए के गिरने की वजह बताया है। कुछ दिनों पहले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की जारी रिपोर्ट के अनुसार मोदी की ओर से उठाए गए कुछ अच्छे कदमों की वजह से भारत ने रैंकिंग में तेज छलांग लगाई है। रिपोर्ट में भारत को 137 देशों की सूची में 40 वीं रैंक मिली है। अब यदि भारत की कुंडली पर एक नजर डालें, तो गणेशजी रुपए के अभी के अप डाउन्स को महज शुरुआती मानते हैं। आने वाले दिनों में थोड़ी स्थिरता की उम्मीद है।

क्या आप इन दिनों मार्केट के अप डाउन से परेशान हैं। हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषियों की सलाह लें

भारत की कुंडली

रुपए का प्रतीक का लॉन्च – सूर्य कुंडली

भारत और रुपए के लॉन्च की कुण्डली का पृथक रूप से अध्ययन करने पर गणेश जी कहते हैं कि रूपए के नए प्रतीक यानी लोगो के लॉन्च की तारीख ठीक नहीं थी। यह तारीख 15 जुलाई 2010 थी। यह सूर्य कुंडली इसी तारीख के अनुसार लॉन्च की गई है। सूर्य कुंडली का लग्न मिथुन है। इसका स्वामी बुध दूसरे भाव में है। सूर्य और केतु साथ में है। दूसरे भाव का स्वामी चंद्रमा है, जो केतु द्वारा शासित है। सूर्य और चंद्र , केतु के प्रभाव में है। गणेशजी कहते हैं कि स्टॉक ट्रेडिंग और स्पेकुलेशन बेहतर रणनीति के बाद ही काम करें। किसी भी समस्या के लिए खुद परेशान ना हों, हमारे विशेषज्ञों से बात करके जीवन को सरल बनाएं।

आप भी अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाएं और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाएं।

आगे क्या होगा?

कुंडलियों का सूक्ष्मता से विवेचन करने पर गणेश जी इन मुख्य बातों पर प्रकाश डालते हैं-

चंद्र-गुरु-गुरु की अंतर्दशा यानी दिनांक10-08-2018 से लेकर14-10-2018 तक की अवधि में रुपए की स्थिति सपोर्टिव कहीं जाएगी और इसके पश्चात ही इसे स्ट्रेंथ मिलेगी। चंद्र-गुरु-शनि की दशा यानी दिनांक14-10-2018 से लेकर 30-12-2018 तक की अवधि में थोड़ा स्लो और बोरिंग फेस है जहां आपको लॉन्ग टर्म का विचार करके पोजीशन बनाना है। चंद्र-गुरु-बुध की दशा यानी दिनांक 30-12-2018 से लेकर 09-03-2019 तक की अवधि और इसके बाद के समय में बिल्कुल अस्थिर और अनप्रेडिक्टेबल समय है। कारण यह है कि इस दौरान ग्रहों का सपोर्ट नहीं मिलेगा। इसलिए, जितना हो सकें उतना मार्केट से दूर रहें।

गणेश जी का निष्कर्ष

गणेशजी की सलाह है कि 08-03-2019 से 25-01-2020 तक की अवधि के दौरान अधिक से अधिक नकद अपने पास रखने का परामर्श देते हैं। यह अवधि रुपए और देश दोनों के लिए बिल्कुल अस्थिर और अनप्रेडिक्टेबल कहीं जाएगी। ये भविष्यवाणी आपको हम 2018 के साल से ही दे रहे हैं। ग्रहों के उलटफेर से दिनांक05-02-2021 से 12-02-2021 में एक बार फिर से 2000 की नोट में चेंज आने की आशंका है। पर, इस समय को पार हो जाने दीजिए। इस वर्ष में अगर आप सावधानीपूर्वक खेलेंगे तो अच्छा खासा रुपया मिल सकता है।

जीवन को समस्याओं से मुक्त करिए, हमें कॉल करिए।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
आचार्य धर्माधिकारी
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Aditya

Acharya Aditya

Ganesha Verified Ganesha Verified
Vedic Astrologer & Prediction Expert
rating

4.9 rating

years

30 Years

consultations

52k+ consultations

Acharya Aditya is a renowned Vedic astrologer with over 30 years of consultation experience. He specializes in providing accurate date-wise predictions and offers in-depth guidance on career, marriage, relationships, and foreign settlement. In addition to personal consultations, he has strong expertise in planetary transits and current affairs, delivering practical, insightful predictions grounded in detailed horoscope analysis and Vedic astrological principles. His precise predictions and practical approach have earned the trust of clients seeking clarity and guidance in important life decisions.

  • Career Guidance
  • Relationships
  • Foreign Settlement
  • Vedic Astrology
More About Acharya Aditya Talk to