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मेष राशि में प्रवेश कर रहे शुक्र, आपको ऐसे कर सकते हैं प्रभावित

जल तत्व की मीन राशि में अपना भ्रमण पूरा कर शुक्र, मेष राशि में प्रवेश करने वाले हैं। ग्रहों के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने से बाहर निकलने तक की निरंतर जारी रहने वाली इस प्रक्रिया को ग्रह गोचर कहा जाता है। भारतीय दर्शन और वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार जिस तरह पृथ्वी में गुरूत्वाकषर्ण बल है, ठीक वैसे ही अन्य ग्रहों के भी अपने अपने प्रभाव हैं। वैदिक ज्योतिष में इन ग्रहों और राशियों के स्वभाव और प्रभावों का वर्णन किया गया है।

फिलहाल शुक्र मीन राशि में भ्रमण कर रहे हैं, आगामी 29 फरवरी 2020 को शुक्र, मेष राशि में गोचर करेंगे। मेष क्षत्रिय वर्ण की पुरूष संज्ञक चतुष्पाद, रात्रि बलि, हस्व, पृष्ठोदय अल्प प्रसव राशि है। मेष अग्नि तत्व की चर स्वभाव राशि है, और इसके स्वामी मंगल हैं। वहीं शुक्र जिनका मेष राशि में गोचर हो रहा, उनके स्वभाव, प्रतीक और प्रभावों का वैदिक ज्योतिष में विस्तृत वर्णन मिलता है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को काल पुरूष के सौंदर्य का प्रतीक माना गया है, शुक्र जल तत्व का ग्रह है, और जातक के प्रेम संबंध, रिश्ते, ओजस और प्रतिभा से संबंध रखता है। शुक्र का मेष गोचर 2020, फरवरी के अंतिम दिनों में हो रहा है। शुक्र के मेष में गोचर के साथ ही राशिचक्र पर पड़ रहे शुक्र के प्रभावों में भी परिवर्तन होगा। शुक्र का मेष गोचर कुछ राशियों के लिए बेहद लाभदायक, वहीं कुछ के लिए परेशानी और मुश्किल भरा हो सकता है। गणेश जी के आशीर्वाद से गणेशास्पीक्स के अनुभवी विद्वान ज्योतिषियों ने शुक्र के मेष गोचर 2020 के कारण राशिचक्र की समस्त राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों की पृथक और विस्तृत विवेचना की है।

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चंद्र राशि मेष कुंडली के दूसरे और सातवें भाव के स्वामी शुक्र का गोचर कुंडली के पहले भाव में हो रहा है। कुंडली का पहला भाव लग्न स्थान होकर शरीर, स्व संरचना, स्वरूप, चरित्र, इच्छा, मनोबल, मनोवृत्ति, संतोष, बल और कीर्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

शुक्र रिश्तों और संबंधों के कारक है, और शुक्र के मेष गोचर से राशि जातकों के प्रेम और संबंधों पर अनुकूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे। इस दौरान आप प्यार पाने और प्यार प्राप्त करने की तीव्र इच्छा व्यक्त कर सकते हैं। यह गोचर रिश्तों और संबंधों के लिहाज से अच्छा है, इस दौरान आपके रिश्ते में आपसी समझ बढ़ने की संभावना है। शुक्र का मेष में गोचर वैवाहिक जातकों के जीवन में भी आनंद और प्रेम के रिक्त स्थान को भरने का काम करेगा। इस दौरान जो लोग रिलेशनशिप में नहीं हैं, उनकी खोज पूरी होने की संभावना है। जो लोग शादी करने की योजना बना रहें हैं, उनके लिए भी समय अनुकूल है, और उन्हे अपने पसंद का जीवन साथी मिल सकता है। इस दौरान आपके खर्च बढ़ने की संभावना है। इस अवधि में आप कुछ लक्जरी वस्तुओं पर भी खर्च कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान आपको पैसों की बचत करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि कुंडली में शुक्र की स्थिति परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में गड़बड़ की ओर इशारा करती है। इस दौरान सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों का बेहतर ख्याल रखें।


चंद्र राशि वृषभ कुंडली के पहले और छठे भाव के स्वामी शुक्र का गोचर कुंडली के बारहवें भाव में हो रहा है। कुंडली का बारहवां भाव व्यय स्थान होकर खर्च, भोगविलास, राज्य भय, जेल, त्रास, चिंता, धन हानि, नुकसान और गुप्त दुश्मन से संबंध रखता है।

मेष में शुक्र गोचर 2020 के कारण वृषभ राशि जातकों के जीवन में कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे। इस दौरान कामकाजी पेशेवर लोगों को विदेश जाने का मौका मिल सकता है। विवाहित लोग अपने जीवनसाथी के साथ क्वालिटी टाइम बिता पाएंगे। पेशवर जीवन में भी शुक्र गोचर 2020 के अनुकूल प्रभाव दिखने को मिलेंगे, इस दौरान आप अपने उत्साह और जोश में वृद्धि देखने वाले हैं। हालांकि आपको इस दौरान इस बात को भी सुनिश्चित करना होगा कि, जल्दबाजी में कहीं कोई गलती न हो जाये अन्यथा, आपको इसके दुष्परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। इस दौरान प्रेमी युगल अपने साथी को खुश करने के लिए उन पर खर्च कर सकते हैं। सामान्य तौर पर भी इस दौरान आपके खर्च बढ़ने की संभावना है, क्योंकि इस दौरान आप महंगे और लक्जरी सामान पर खर्च करने से परहेज नहीं करेंगे।


चंद्र राशि मिथुन कुंडली के पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी शुक्र का ग्यारहवें भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का ग्यारहवां भाव लाभ स्थान होकर यश, कीर्ति, कृपा, आवक, आर्थिक लाभ और महत्वाकांक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

शुक्र का मेष में गोचर मिथुन राशि जातकों को घरेलू मोर्चे पर सकारात्मक परिवर्तनों की ओर इशारा करता है। इस दौरान आप अपने दोस्तों या भाई बहनों के साथ कहीं घूमने योजना बना सकते हैं, और इस अवधि में आप अपने भाई-बहनों और पारिवारिक मित्रों के साथ पूरा आनंद लेने वाले हैं। शुक्र गोचर 2020 संबंधों के मोर्चे पर अनुकूल रहने वाला है, और इस दौरान आपको अपने संबंधों में नए जोश और आत्मीयता का अनुभव होगा। शुक्र का यह गोचर शादीशुदा और माता-पिता के लिए भी अनुकूल और ख़ुशियाँ देने वाला हो सकता है। इस दौरान माता-पिता को अपने बच्चों के माध्यम से कुछ अच्छी ख़बरें सुनने को मिल सकती हैं। जिन दापत्तियों के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उनका प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना है। जिन लोगों के विदेशी कनेक्शन हैं, उन्हें इस अवधि के दौरान वित्तीय लाभ की संभावना दिखाई देती है।

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चंद्र राशि कर्क कुंडली के चौथे और दसवें भाव के स्वामी शुक्र का गोचर कुंडली के दसवें भाव में हो रहा है। कुंडली का दसवां भाव केंद्रीय भाव होकर कर्म स्थान कहलाता है, इसका संबंध जातक के कर्म, व्यापार, व्यवसाय, वैभव, समृद्धि, कार्य यश, सरकार और सार्वजनिक जीवन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होता है।

कर्क कुंडली के दसवें भाव में बैठे शुक्र कर्क जातकों के करियर और व्यापार पर अनुकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस दौरान आपके पेशेवर जीवन में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। विवाहित लोग अपने जीवनसाथी के नाम पर नए पेशे या व्यवसाय की शुरूआत कर सकते हैं। इस दौरान आप अपने व्यावसायिक हितों को पूरा करने के लिए अपने मित्रों के समक्ष आर्थिक मदद की इच्छा प्रकट कर सकते हैं। इस दौरान किसी संपत्ति में निवेश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि इस दौरान आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत और सजग रहते हुए अपने और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। शुक्र गोचर 2020 की अवधि के दौरान आपके किसी पारिवारिक सदस्य के स्वास्थ्य में गड़बड़ की संभावना है।


चंद्र राशि सिंह कुंडली के तीसरे और दसवें भाव के स्वामी शुक्र का कुंडली के नौवें भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का नौवां भाव धर्म या भाग्य स्थान होकर धर्म, तीर्थ और अंतर्ज्ञान से संबंध रखता है।

शुक्र के कुंभ गोचर के दौरान सिंह राशि जातकों के पेशेवर जीवन में अनुकूल प्रभाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान कामकाजी लोग काम के सिलसिले में विदेश या लंबी यात्रा कर सकते हैं। प्रेम संबंधों के लिए भी यह दौर अनुकूल नजर आता है, इस दौरान प्रेमी युगल किसी लंबी यात्रा पर जाने की योजना बना सकते हैं। सिंह कुंडली में शुक्र की स्थिति बताती है कि वैवाहिक लोग भी इस दौरान अपने जीवन साथी के साथ लंबे और खुशनुमा सफर का आनंद लेने वाले हैं। उम्रदराज और बुजुर्ग जातक किसी धार्मिक अनुष्ठान या तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। आर्थिक दृष्टि से यह दौर औसत नजर आता है, इस दौरान पुर्वानुमानित खर्च आपको खुशी और आनंद देगा। नौकरी और पेशेवर लोगों को इस दौरान संचार माध्यमों से लाभ मिलने की संभावना है। अपने सहकर्मी, वरिष्ठ या उच्च अधिकारियों से वार्तालाप के दौरान यह सुनिश्चित करें कि वे आपकी किसी बात का गलत अर्थ न निकाल लें।


चंद्र राशि कन्या कुंडली के नौवें और दूसरे भाव के स्वामी शुक्र, कुंडली के आठवें भाव में गोचर कर रहें हैं। कुंडली का आठवां भाव आयुष्य या मृत्यु स्थान होकर विरासत, दुर्घटना, भयंकर नुकसान, अप्रत्याशित मृत्यु और हिस्सेदार के धन से संबंध रखता है।

कन्या कुंडली के आठवें भाव में गोचर कर रहे शुक्र कन्या जातकों के जीवन में कुछ प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले हैं। शुक्र गोचर की अवधि में आपको अपने रिश्ते में कठिनाइयों के साथ तनाव व मन मुटाव की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। इस दौरान आपको खुद को शांत रखते हुए, किसी भी मुद्दे को हल करने के दृष्टिकोण के साथ सहजता से सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। अन्यथा किसी भी मुद्दे पर वाद विवाद आपकी समस्याओं को बढ़ाने का काम कर सकता है। इस दौरान पारिवारिक रिश्तों में तनाव की संभावना नजर आती है, या किसी परिजन के स्वास्थ्य के संबंध में कुछ अप्रत्याशित खर्च होने की भी संभावना है। इस दौरान आपका रूख नकारात्मक विचारों की ओर हो सकता है। आप सोच सकते हैं कि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा, और छोटी छोटी ख़ुशियाँ पाने के लिए भी आपको कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।

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चंद्र राशि तुला कुंडली के आठवें और पहले भाव के स्वामी शुक्र का कुंडली के सातवें भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का सातवां भाव कलत्र स्थान होकर साझेदारी और वैवाहिक जीवन से संबंध रखता है।

तुला कुंडली के सातवें भाव में गोचर कर रहे शुक्र तुला जाताकों के रिश्तों पर सकारात्मक प्रभाव डालते दिखते हैं। इस दौरान उन लोगों को भी लाभ मिलता दिखाई देता है, जो विवाह की योजना बना रहे हैं। इस दौरान नौकरीपेशा या पेशवर जीवन में आपकी सकारात्मक सोच आपको सफलता के शिखर पर पहुंचाने का काम कर सकती है। विवाहित जातकों को ससुराल पक्ष से किसी मांगलिक या धार्मिक समारोह का आमंत्रण मिलने की संभावना है। इसी के साथ ससुराल पक्ष में किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता या मानसिक तनाव की स्थिति बनते भी दिखाई देती है। इस दौरान आप अपने मित्रों के साथ किसी यात्रा का आनंद ले सकते हैं।


चंद्र राशि वृश्चिक कुंडली के सातवें और बारहवें भाव के स्वामी शुक्र का गोचर कुंडली के छठे भाव से हो रहा है। कुंडली का छठा भाव शत्रु स्थान होकर पीड़ा, भय, रोग की अवधि, शत्रु, दैनिक कार्य, बीमारी, कर्ज और नौकरी में परेशानी जैसे क्षेत्रों से संबंध रखता है।

शुक्र गोचर 2020 के दौरान पेशवर जीवन में उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं मिलने से मन में निराशा का भाव पैदा होने की संभावना है। हालांकि आपको इस दौरान नकारात्मक विचारों की ओर जाने की अपेक्षा अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही और बेहतर मौक़ों की तलाश करनी चाहिए। इस दौरान अपने कार्य क्षेत्र में चीजों और परिस्थितियों को दोष देने और शिकायत करने से बचें। इस दौरान परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाने का प्रयास करें, क्योंकि इस अवधि में आपके सही दिशा में किए गए प्रयास आपको अपने लक्ष्य के नज़दीक पहुंचाने का कार्य कर सकते हैं। विवाहित लोगों को इस दौरान अपने साथी के स्वास्थ्य से संबंधित किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य से संबंधित इन परिस्थितियों पर बड़े खर्च की भी संभावना है। प्रेम या घरेलू मोर्चे पर भ्रम की स्थिति आपके रिश्ते को खराब कर सकती है। इसलिए शुक्र गोचर की अवधि में अपने शब्दों का चयन बेहद सावधानी और धैर्य के साथ करें।


चंद्र राशि धनु कुंडली के छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी शुक्र का गोचर कुंडली के पांचवें भाव में हो रहा है। कुंडली का पांचवां भाव संतान या विद्या स्थान होकर, संतान के जन्म, शिक्षा, ज्ञान, गूढ़ ज्ञान, उपासना, लेखन, आत्म अभिव्यक्ति और परमानंद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

चंद्र राशि धनु कुंडली जातकों के रिश्तों के लिए शुक्र गोचर की अवधि बेहतरीन रहने वाली है। इस दौरान आपको अपने रिश्ते में पुनः ऊर्जा और उत्साह भरने के कई बेहतरीन मौके मिलने की संभावना है। रिश्तों को जीवंत करने के लिए मिलने वाले इन मौक़ों को सही समय पर पहचान कर, उनका उपयोग अपने रिश्तों की बेहतरी के लिए करना आपका काम है। इस दौरान किसी रिश्ते में बंधने की संभावना है, या आप अपने किसी खास साथी के साथ बेहतरीन समय बिता सकते हैं। शुक्र गोचर के दौरान आपको मित्रों की ओर से सहयोग मिलने की संभावना है। इस दौरान आपकी कलात्मक क्षमता के विस्तार की भी संभावना है, इस दौरान आप संगीत या नृत्य कला सहित अन्य किसी कलात्मक विधा को सीखने का प्रयास कर सकते हैं। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने वाली है, और आप स्वयं को आर्थिक रूप से संपन्न महसूस करेंगे।

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चंद्र राशि मकर कुंडली के पांचवें और दसवें भाव के स्वामी शुक्र का कुंडली के चौथे भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का चौथा भाव सुख स्थान होकर, माता, सुख, मकान, वाहन, ज़मीन, तृष्णा, लालसा, महत्वाकांक्षा, घनिष्ठ प्रेम और मित्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

मकर राशि जातकों के लिए शुक्र का कुंभ गोचर 2020 अवसरों और लाभकारी परिणामों से भरा नजर आता है। यह अवधि आपको खुशी की अनुभूति देने के साथ ही, सकारात्मक परिणाम भी देने वाली है। इस दौरान आप कोई मूल्यवान वस्तु जैसे ज़मीन, वाहन या मकान खरीदने के बारे में सोच सकते हैं। यह अवधि आपको पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने के अवसर देगी और आप पदोन्नत होकर अपने निर्धारित लक्ष्य के और अधिक करीब पहुंच सकते हैं। इस दौरान आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए निवेश आपके सुरक्षित भविष्य की ओर इशारा करता है। शुक्र का मेष गोचर आपके रिश्तों के लिए भी अनुकूल रहने वाला है, और छोटे मोटे मन मुटाव इस दौरान दूर हो सकते हैं। मित्रों, परिवार और वैवाहिक व प्रेम संबंधों में प्यार और स्नेह बना रहेगा।


चंद्र राशि कुंभ कुंडली के चौथे और नौवें भाव के स्वामी शुक्र का कुंडली में तीसरे स्थान पर गोचर हो रहा है। कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम स्थान होकर, पौरुष, पराक्रम, दोस्त, लघु प्रवास, भाई, कार्य सफलता और महत्वपूर्ण फेरबदल से संबंध रखता है।

शुक्र के कुंभ गोचर की यह अवधि अपने प्रियजनों के साथ किसी छोटी मनोरंजक यात्रा पर जाने के लिए श्रेष्ठ है। इस दौरान आप अपने संवाद कौशल में सुधार होता देखेंगे और पाएंगे की आप बेहद ही आसानी से अपनी बात और अपना दृष्टिकोण लोगों के सामने रख पा रहे हैं। इस दौरान आप अपने जीवन में खास जगह रखने वाले किसी प्रियजन के लिए कुछ महंगा उपहार खरीदने वाले हैं, संभवतः यह उपकरण मोबाइल फोन या अन्य कोई संचार माध्यम हो सकता है। घरेलू मोर्चे पर आपको थोड़ा चौकस और सावधान रहने की जरूरत है, खासकर अपनी मां के स्वास्थ्य के संबंध में आपको अधिक सजग होने की जरूरत है। कुंडली में शुक्र की स्थिति से इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि इस दौरान आप अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त कर नए और बढ़े लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ेंगे।


चंद्र राशि मीन कुंडली के आठवें और तीसरे भाव के स्वामी शुक्र का कुंडली के दूसरे भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का दूसरा भाव धन अथवा कुटुंब स्थान के नाम से जाना जाता है, इसका संबंध धन, चल-अचल संपत्ति, कुटुंब, वाणी, वंश, धन संग्रह और विरासत संपत्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होता है।

मीन कुंडली के दूसरे भाव में शुक्र का गोचर इसे घरेलू सहित अन्य रिश्तों के लिहाज से जटिल बनाता है। कुंडली में शुक्र के प्रभाव से घरेलू मोर्चे पर आवेग में बोले गए शब्दों के कारण पारिवारिक रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो सकता है। शुक्र गोचर की अवधि में आपको अपने पड़ोसियों या अपने छोटे भाई बहनों पर खर्च करना पड़ सकता है। इस दौरान कुछ अप्रत्याशित ख़र्चों की संभावना को देखते हुए आपको अपने नियमित ख़र्चों में कुछ कटौती करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आपको अपने पारिवारिक रिश्तों को संजोकर रखने की कोशिश करनी चाहिए, सोच संभल कर अपने शब्दों का चयन करें और अपने स्वभाव में प्रेम और कोमलता लाने की कोशिश करें। इस दौरान आर्थिक स्थिति की बात करें तो आपको धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए, और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस अवधि में संयम और धैर्य आपको शुभ और लाभकारी परिणाम दे सकते हैं, तो जल्दबाजी और कोध्र, हानि और दुष्परिणाम देने की क्षमता भी रखते हैं।

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A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

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