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शनि का वृश्चिक राशि में आगे बढ़ना, प्राप्त सीखों को अमल में लाने का समय

शनि का वृश्चिक राशि में आगे बढ़ना, प्राप्त सीखों को अमल में लाने का समय

अगस्त 2016 का माह घटना प्रधान होने के साथ-साथ कई प्रमुख ग्रहों के पारगमन भी साक्षी रहा है। लेकिन, एक प्रमुख घटना घटित होने का समय आने को है। ग्रह की गति के इस परिवर्तन के फलस्वरूप कई परिवर्तन दृष्टिगोचर हो सकते है। आप इस ग्रहीय गतिविधि को जानकर हैरत में पड़ जाएंगे। 13 अगस्त, 2016 के दिन, 15:37 बजे शनि मार्गी होने जा रहा है। ग्रह की दिशा में हुआ यह परिवर्तन आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। शनि एक असाधारण शिक्षक माना जाता है। आमतौर पर वह पारगमन के समय, हमें जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सबक सिखाता है। अपनी प्रतिगामी अवस्था में यह विभिन्न स्थितियों से सामना करा सकता है, जिससे हमें जिंदगी के अहम सबक प्राप्त होते हैं। लेकिन अब इसके मार्गी होने से यह सुनिश्चित करेगा कि हम जीवन में प्राप्त सीखों को वाकई में अमल में ला रहे हैं या नहीं। इसी के अनुसार शनि हमें अच्छे या बुरे फल प्रदान करेगा। इस विशेष लेख में गणेशजी हमें भविष्यवाणियां करते हुए बताते हैं कि चंद्र राशि के अनुसार प्रत्येक जातक के जीवन में क्या-क्या घटनाएं घटित हो सकती हैं। आगे पढ़िए…

मेष
मेष राशि के मूल जातकों के लिए, शनि दसवें व ग्यारहवें भाव का स्वामी होता है। शनि के मार्गी होने से आप अपने कैरियर में काफी राहत का अनुभव करेंगे। कुछ सकारात्मक प्रगति होने की संभावना है। दैनिक जीवन के कामकाज आसानी से पूर्ण होंगे। इसके अलावा, अतीत में किए गए प्रयासों का पुरस्कार प्राप्त होगा। इससे आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, आपका स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा, लेकिन आपको अपना ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। अचानक लाभ होने की संभावना है।

वृषभ
वृषभ राशि के मूल जातकों के लिए शनि नौवें व दसवें भाव का स्वामी होता है। शनि के आगे बढ़ने से, पति-पत्नी के संबंधों में सुधार होगा। महत्वपूर्ण मामलों में भाग्य का समर्थन प्राप्त होगा। काम या व्यापार के मोर्चे पर आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। आप बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम रहेंगे। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बाधाओं के रहने पर भी आप उनको ठीक ढंग से संभालने में सक्षम रहेंगे।

मिथुन
मिथुन राशि के मूल जातकों के लिए शनि आठवें व नौवें भाव का स्वामी होता है। 13 अगस्त, 2016 के दिन शनि की गति में परिवर्तन के बाद आप पहले से अधिक आत्मविश्वास में रहेंगे और कई चुनौतियां हाथ में लेंगे। यदि आप स्वास्थ्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है तो अब हालात पहले से बेहतर नजर आ सकते हैं। आप विजयी योद्धा की तरह सामने आएंगे और अपने विरोधियों का मुंह बंद कर देंगे। प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त होगी। अगर लंबे समय से कुछ अदालती मामले चल रहे हैं तो उनमें सफलता प्राप्त हो सकती है और परिणाम आपके पक्ष में जा सकता है।

कर्क
कर्क राशि के मूल जातकों के लिए शनि सातवें और आठवें भाव का स्वामी होता है। शनि का आगे बढ़ना प्रेमी जीवन व विवाहित जीवन के जटिल मसलों को हल करने में मदद करेगा। जीवनसाथी के साथ बहुत बढ़िया तालमेल रहेगा। आपको अपने साथी की ओर से पूरा सहयोग प्राप्त होगा। कार्यस्थल पर आपके प्रदर्शन में सुधार होगा और आपको लाभ प्राप्त हो सकती है। अपने मित्रों का अच्छी तरह से सहयोग मिलेगा और महत्वपूर्ण मामलों में वे आपके मददगार साबित होंगे। अब आप अपने आपको अच्छी तरह से व्यक्त कर सकते हैं।

सिंह
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि छठवें और सप्तम भाव पर अपना आधिपत्य रखता है। शनि के मार्गी होने से आपको कम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों को ओर से कम प्रतिरोध रहेगा। यदि आप गंभीर स्वास्थ्य के मुद्दों का सामना कर रहे हैं तो उसमें सुधार होना शुरू हो जाएगा। कार्यस्थल का वातावरण पहले से अधिक सकारात्मक प्रतीत होगा और चीजें आपके हक में रहेगी। नौकरी की तलाश में लगे लोगों को सफलता हाथ लग सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। यदि आपको शादीशुदा जिंदगी में पेचीदा मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है तो आप उनको प्रभावी ढंग से संभाल सकेंगे।

कन्या
कन्या राशि में पैदा हुए जातकों के लिए शनि पांचवें व छठें घर का स्वामी होता है। शनि का तीसरे भाव में मार्गी होना आपके भीतर साहस को बढ़ाएगा। मुश्किलों से लड़ने की क्षमता देगा। धैर्यवान होने के कारण आप कठिन परिस्थितियों व चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे। आपकी कार्यकुशलता व प्रदर्शन में वृद्धि होने की संभावना है। वरिष्ठ नागरिकों व सहयोगियों की ओर से प्रशंसा प्राप्त होगी। लोगों के समक्ष अपने विचारों को व्यक्त करने में अधिक आसानी महसूस करेंगे। क्या आप विस्तार से जानना चाहते हैं कि शनि का प्रभाव आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को किस तरह से प्रभावित कर सकता है? क्या आपको अपनी नौकरी या व्यवसाय में देरी का सामना करना पड़ रहा है? क्या विवाहित जीवन अशांति की दौर से गुजर रहा है? तो शनि पारगमन रिपोर्ट द्वारा अपने प्रश्नों का उत्तर प्राप्त करें!

तुला
तुला राशि के मूल जातकों के लिए शनि चौथे व पांचवें भाव का स्वामी माना जाता है। शनि का आपकी राशि से द्वितीय भाव में मार्गी होना वित्त व संपत्ति के मामलों में बहुत राहुत पहुंचाएगा। अतीत में किए गए निवेशों का अच्छा रिटर्न प्राप्त होगा। इसके अलावा, यदि आपका निवेश कहीं अटक गया है तो उसके संबंध में सकारात्मक खबरें प्राप्त हो सकती है। परिवार के साथ संबंध सुधरेंगे। माँ के स्वास्थ्य में सुधार होगा और माता के रिश्तेदारों की ओर से और अधिक समर्थन प्राप्त होगा।

वृश्चिक
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि तीसरे व चौथे भाव का स्वामी होता है। शनि का पहले भाव में से होकर गुजरना आपमें धैर्य व दृढ़ता का सिंचन करेगा। यदि आपको किसी कारण से देरी व बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है तो इसमें आपको राहत मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में सुधार होगा। कार्यस्थल पर लोगों के साथ कुछ पेचीदा मसलें सुलझने के आसार हैं।

धनु
धऩु राशि के जातकों के लिए शनि दूसरे व तीसरे भाव का स्वामी होता है जो बारहवें स्थान में आगे बढ़ेंगा। वित्तीय स्थिति अच्छी होगी और आप बद्धिमत्तापूर्वक निर्णय लेने में सक्षम रहेंगे। यदि परिवार में कहीं कोई विवाद चल रहा है तो आगामी महीनों में आप दृढ़ता से हल करने में सक्षम रहेंगे।

मकर
मकर राशि के जातकों में शनि पहले व दूसरे भाव पर अपना नियंत्रण रखता है। आपकी राशि से ग्यारहवें स्थान में से शनि का मार्गी होना, आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएाग। आपको वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे, जिससे आपकी स्थिति सुधरेगी। आप चीजों को पहले से अधिक स्पष्टता से देखने में कामयाब रहेंगे और आपका प्रदर्शन निखरेगा। पारस्परिक मुद्दों का समाधान मिलने की आशा रहेगी।

कुंभ
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि पहले व बारहवें भाव का स्वामी होता है। शनि आपके दसवें भाव में मार्गी होगा। इससे कार्यस्थल पर आपको सकारात्मक परिवर्तन प्राप्त होंगे। खोयी हुई प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त हो सकता है या इसमें वृद्धि संभव है। यदि आप संपत्ति से संबंधित समस्याओं या विवादों में फंसे हैं तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। जीवन साथी की ओर से मदद मिल सकती है।

मीन
मीन राशि के जातकों के लिए शनि ग्यारहवें व बारहवें भाव का स्वामी होता है। नौवें भाव में शनि का मार्गी होना सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। किस्मत पहले से अधिक आपका साथ देगी। अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो आपको अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। पिता के साथ संबंधों में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन आपको अपनी सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। अचानक लाभ होने से वित्तीय पूंजी में इजाफा होने की संभावना है।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
आदित्य साई
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Dharmadhikari

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A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

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