होम » भविष्यवाणियों » ज्योतिष » गणेश चतुर्थी 2017: बेजान दारूवाला द्वारा अभिमंत्रित गणेशजी की प्रतिमा की खूबियां जानें

गणेश चतुर्थी 2017: बेजान दारूवाला द्वारा अभिमंत्रित गणेशजी की प्रतिमा की खूबियां जानें

गणेश चतुर्थी 2017: बेजान दारूवाला द्वारा अभिमंत्रित गणेशजी की प्रतिमा की खूबियां जानें

श्री बेजान दारूवाला द्वारा अभिमंत्रित “गणेशजी की प्रतिमा”

बहुप्रतीक्षित गणेश चतुर्थी के त्यौहार को कुछ दिन शेष है। इस भव्य उत्साह को पूरे भारत वर्ष में अत्यंत उत्साह व धूमधाम के साथ मनाया जाता है। अपने जीवन में खुशी व समृद्धि को अामंत्रित करने के लिए आपके क्या प्लान हैं। ठीक से पता नहीं? तो चिंता किस बात की! GaneshaSpeaks.com हमारे समक्ष लेकर आया है श्री बेजान दारूवाला द्वारा सिद्ध गणेशजी की प्रतिमा। आप व आपके परिवार के चौतरफा विकास के लिए एक सशक्त उपाय! हमारे इस लेख में इस अद्भुत वस्तु के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

भगवान गणेश – महानता और ज्ञान के अवतार
भगवान गणेश अतुलनीय देवाधिदेव-महादेव शिवजी और कृपालु व शक्तिशाली मां- देवी पार्वती के बेटे हैं। किसी भी प्रकार के नवीन कार्यों के पहले श्रीगणेशजी की पूजा होती है। इनका आशीर्वाद वांछित परिणाम और सफलता के लिए आवश्यक होता है। हाथी की सूड़ वाला इनका सिर मानव को बुद्धि, ज्ञान और विवेक प्रदान करता है। इनके खुश रहने से हमें सफलता और समृद्धि आशीर्वाद के रूप में प्राप्त होती है। इनकी कृपा के बिना उन्नति का पथ निष्कंटक नहीं होता। इस तरह से देखा जाए तो भगवान गणेशजी का आशीर्वाद हमारे दैनिक जीवन के लिए अपरिहार्य है।

गणेशजी की इस मूर्ति में क्या खास है?
परम पूजनीय श्री बेजन दारूवालाजी की गणेशजी में भक्ति से सभी अच्छी तरह से वाकिफ हैं। ज्योतिष के जादूगर-श्री दारूवाला अपनी ज्योतिषीय प्रतिभा और भविष्यवेत्ता की इस जन्मजात प्रवृत्ति के लिए मंगलमूर्ति और वक्रतुंड भगवान गणेशजी का वरदान मानते हैं। वर्ष 2017 का गणेशमहोत्सव शीघ्र ही आने को है। इस पावन अवसर पर GaneshaSpeaks.com ने आप सभी के जीवन में और भी आनंद व उल्लास भरने के लिए एक नायाब तरीका ढूढ़ निकाला है। तो, बेजानजी के शुभ हाथों से अभिमंत्रित किए हुए गणेशजी की मूर्ति से अच्छा और क्या हो सकता है

इसलिए, पूजनीय ब्राह्मणों और श्री बेजान दारूवालाकी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोंच्चारण, प्रार्थना और पूजा के पश्चात ही हम आपके समक्ष इस प्रतिभा को विधिवत पूजन के पश्चात प्रस्तुत कर रहे हैं।

गणेशजी की मूर्ति का विवरण

गणेशजी की मूर्ति का विवरणः
सामग्री: उच्च गुणवत्ता वालाी धातु- पीतल।
ऊंचाई = 9.5 c.m, लंबाई = 7.3 c.m, चौड़ाई = 5.5 c.m, वजन = लगभग। 800 g.m

इस मूर्ति की नियमित रूप से पूजा करने से आपको कैसे लाभ प्राप्त होगा?
गणेशजी पूजा करने पर आप पर गणेशजी की कृपा सदा बनी रहती है। हालांकि, पवित्र व प्रामाणिक ग्रंथो में उल्लखित गणेशजी की विधिवत स्थापना होने से आपको ज्यादा बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। हमारे द्वारा आपको भेजी गई भगवान गणेशजी की मूर्ति इस संपूर्ण पूजा विधि के बाद ही आपको सौंपी जाती है जिससे आपको अधिकाधिक लाभ होता है। इसके अलावा, गणेशजी की यह मूर्ति उच्च गुणवत्ता वाली पीतल धातु से बनी होती है। इस प्रतिमा को बिना कोई क्षति पहुंचाए आप पूजा स्थल के अतिरिक्त ड्राइंग रूम, कार्यालय क्षेत्र या किसी अन्य जगह भी स्थापित कर सकते हैं। पूजा के प्रसाद के रूप में आप इस मूर्ति को जो भी चीजें जैसे जल, सिंदूर, पुष्प इत्यादि चढ़ाते हैं उससे इस धातु पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।

गणेश चतुर्थी पर गणेशजी की उपासना का महात्म
रविवार को सूर्य और चंद्रमा की सोमवार को पूजा की जाती है। इसी तरह, हर एक भगवान और देवी की पूजा के लिए एक विशेष दिन व तिथि का अपन ही महत्व होता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेशजी का जन्म शुक्लपक्ष की तिथि व भदरवा माह में हुआ था। इसलिए, गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर श्रीगणेशजी की पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

तो, आज ही अपने घर में श्री गणेश भगवान की प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति को लाकर अपने जीवन में खुशी

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Dharmadhikari

Acharya Dharmadhikari

Ganesha Verified Ganesha Verified
Vedic Astrologer & Vastu Consultant
rating

4.9 rating

years

35 Years

consultations

52k+ consultations

A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

  • Vedic Astrology
  • Vastu Shastra
  • Tarot Reading
  • Numerology
More About Acharya Dharmadhikari Talk to