कौन से दो ग्रहों ने करवाई कोच रवि शास्त्री की विदाई

ravi shastri

भारतीय क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीते 8 नवंबर को टीम इंडिया आइसीसी टी20 विश्व कप में अंतिम लीग मैच में खेलकर टूर्नामेंट से विदा हो गई। इस मैच के साथ ही भारतीय टी-20 टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की भी विदाई हो गई। अब राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम का नया कोच बनाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि कमेंटेटर से कोचिंग में आए रवि शास्त्री आगे क्या करेंगे। आइए जानते हैं उनकी सूर्य कुंडली क्या कहती है…

कुंडली में शनि-केतु रखते हैं रवि शास्त्री को विवादों में

27 मई 1962 को मुंबई में जन्में रवि शास्त्री की कुंडली में स्वग्रही मंगल है, जिसने उन्हें खेल में आगे किया है। कुंडली में स्वग्रही शनि भी है, जिसने उन्हें खेल में लंबी पारी खेलने में मदद की। हालांकि उनकी कुंडली में शनि का केतु के साथ होना, उनके खेल कॅरियर को विवादों की ओर धकेलता है। इसी कारण वह अक्सर विवादों में रहे हैं। उनके आने वाले समय की बात की जाए, तो वह आने वाले समय में खेल के अलविदा कह सकते हैं। हालांकि, निजी कोचिंग शुरू कर सकते हैं।

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रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम का प्रदर्शन बेहतरीन

रवि शास्त्री की कोचिंग में ICC टूर्नामेंट्स को छोड़ दें, तो भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन कमाल का रहा है। भारतीय टीम ने उनकी कोचिंग में देश से लेकर विदेशों तक अपनी सफलता का परचम लहराया है। घरेलू मैदान पर खेले 137 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 37 गंवाए हैं। तो वहीं भारत ने SENA (South Africa, England, New Zealand, and Australia) कंट्री में T20 सीरीज जीती। साथ ही ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में हराने वाली पहली एशियाई टीम भी बनी।

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