https://www.ganeshaspeaks.com/hindi/

क्या विराट कोहली कभी सचिन तेंदुलकर बन पाएंगे! जानिए क्या कहता है ज्योतिष?

क्या विराट कोहली कभी सचिन तेंदुलकर बन पाएंगे! जानिए क्या कहता है ज्योतिष?

दाएँ हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज विराट कोहली के करियर का पहला छक्का लगा साल 2008 में। उन्होंने भारत को कुआलालंपुर में अंडर -19 विश्व कप में जीत दिलाई थी। बाद में 2009 में, ऑस्ट्रेलिया में, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दम पर सारे कंगारू गेंदबाज़ों को परेशान कर के रख दिया और मैदान पर अपनी विराटता साबित की। फिर बारी आती है, क्रिकेट विश्व कप 2011 की, भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल मुकाबला चल रहा था। जब भारतीय टीम अपने सलामी बल्लेबाज़ों के आउट हो जाने के बाद अपने ही घर में विश्व कप जीतने के लिए संघर्ष कर रही थी। तब मैदान पर आये विराट कोहली ने टीम को दबाव से निकालते हुए 83 रन बनाए।

उनके 83 रन पर आउट होने से पहले उन्होंने अपना काम बखूबी कर दिया था और रही-सही कसर धोनी ने पूरी कर दी। कहा जाता है उस दिन क्रिकेट की दो महान हस्तियों का आगमन और प्रस्थान हो रहा था। एक तरफ थे भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर सचिन तेंदुलकर, जो अपना आख़िरी वर्ल्ड कप खेल रहे थे। तो दूसरी ओर एक नौजवान लड़का था विराट कोहली। उस वक़्त किसे पता था की आने वाले सालों में ये लड़का भारतीय क्रिकेट के लिए सचिन तेंदुलकर का वारिस होगा।

इंडिया ने वर्ल्ड कप जीत लिया था। लेकिन भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम दौर अभी बाकी था। साल 2011 में ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी। वहां की तेज उछाल वाले मैदानों पर विराट कोहली को काफी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे उन्होंने अपने आपको उसके अनुसार ढाल लिया और तीसरे टेस्ट मैच में ही विराट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 75 रन की पारी खेल डाली। भारत-ऑस्ट्रेलिया की यह सीरीज़ उनकी क्षमता और कौशल को चुनौतियों के अनुकूल स्थापित करने के लिए मददगार साबित हुई। इसके बाद विराट कोहली ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। यही वो समय था जब विराट कोहली साल 2010, 2011 और 2012 में एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने।

विराट को 2012 में ‘आईसीसी वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ का खिताब भी मिला। विराट अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए भी जाने जाते हैं, क्योंकि उनके अंदर हमेशा रनों की एक भूख सी दिखाई देती है। भारतीय टीम एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी। एडीलेड में, एमएस धोनी को अपनी चोट के कारण मैदान से बाहर बैठना पड़ा और कोहली को पहली बार अस्थायी रूप से कप्तान बनाया गया था। बाद में, उन्हें स्थाई रूप से भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम का कप्तान बना दिया गया।

साल था 2016, जब उन्होंने आईपीएल के इतिहास में किसी सीजन में पहली बार 973 रन बनाकर सभी को चौंका दिया था वो उस समय का रिकॉर्ड था। अपनी पीढ़ी के सबसे मजबूत वन डे बल्लेबाज के रूप में सफल रहे और अब भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे विराट कोहली ने अपने आप को एक विश्व स्तरीय बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। उनके खेलने की शैली और बनाये गए रिकार्ड्स को देखते हुए लोग उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से करते हैं। क्या वे सचिन के उन तमाम रिकार्ड्स को तोड़ पाएंगे ये तो समय ही बताएगा। लेकिन ज्योतिष के दृष्टिकोण के क्या विराट की कुंडली में ऐसे योग हैं, जो उन्हें सचिन से आगे निकलने में मदद करेंगे। आइये जानते हैं।

विराट कोहली की जन्म कुंडली
जन्म तिथि: 5 नवंबर 1988
जन्म समय: 10:28 पूर्वाह्न (अपुष्ट)
जन्म स्थान: दिल्ली, भारत

kundali

विराट कोहली की जन्म कुंडली

विराट का जन्म धनु लग्न और चंद्र राशि कन्या में हुआ है। वर्तमान में, विराट की कुंडली में राहु की महादशा चल रही और बुध की अंतर्दशा भी चल रही है, जो सितंबर 2020 रहेगी। राहु तीसरे भाव में स्थित हैं जो साहस के लिए उत्तरदायी माना जाता है, और कैरियर के लिए उत्तरदायी 10 वें भाव के स्वामी बुध, ग्यारहवें भाव में बैठे हैं। खेलों के प्रतीक मंगल भी अपनी मित्र राशि के साथ चौथे भाव में स्थित हैं। साथ ही, शुक्र और बुध ने भी अपनी राशियों का आपस में आदान-प्रदान किया हुआ है। इन तमाम ग्रह विशेष के संयोजनों और उपस्थिति के कारण ही विराट को अपार सफलता मिल पायी है, जो उन्होंने अभी तक हासिल की है।

तो क्या विराट, सचिन के सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे?

विराट कोहली बहुत मेहतनी तो हैं ही, साथ ही वह खेल के दौरान अधिकांश विपरीत परिस्थितियों में अपने गुस्से पर काबू रख पाने में सक्षम होते हैं। फिर भले ही फील्डिंग के दौरान वे कितना ही अग्रेशन दिखाते हों। जिससे उन्हें अपनी उम्मीदों पर खरा उतरने में सफलता मिलती है। विराट की कुंडली में स्थित ग्रहों के योग ने उन्हें यह असाधारण क्षमता दी है, और वह हमेशा अपनी अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं। इसलिए क्रिकेट के दूसरे दिग्गज खिलाड़ी भी उनकी प्रशंसा करते हैं। उनकी प्रतिभा और खेल को देखते हुए ही उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है। हमें अक्सर सुर्खियों और ख़बरों में एक लाइन ज़रूर सुनाई और दिखाई देती है और वह है “सचिन बनाम विराट।”

क्रिकेट इतिहास में सचिन तेंदुलकर द्वारा बनाये गए आंकड़ों को देखने के बाद जब विराट कोहली के रिकार्ड्स को देखा जाता है, तो ऐसा लगता है, जैसे विराट ही एक मात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो सचिन के रिकार्ड्स के सबसे करीब हैं। यदि विराट का खेल प्रदर्शन और स्वास्थ्य ठीक वैसा ही रहता है, जैसा अब तक रहा है, तो जानकारों का मानना कि एक दिन विराट सचिन के रिकार्ड्स की न केवल बराबरी करेंगे बल्कि उन्हें तोड़ भी सकते हैं। क्योंकि जिन सचिन तेंदुलकर को अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में अपने 10000 रन पूरे करने के लिए 259 पारियाँ खेलनी पड़ी थी। उनके मुकाबले में विराट कोहली ने यह कारनामा मात्र 205 पारियों में ही कर दिखाया। इसके अलावा विराट कोहली द्वारा एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में लगाए गए शतकों की संख्या, सचिन के आंकड़ों के काफी नज़दीक हैं। इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए कह सकते हैं कि विराट की कुंडली में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी तोड़ने की क्षमता है। क्या आपकी कुंडली में भी हैं ऐसे ग्रह योग जो आपको जीवन में सफलता की नयी ऊँचाइयों तक ले जा सकें। जानने के लिए प्राप्त करें अपनी प्रीमियम जन्म कुंडली।

अपनी विस्तारित प्रीमियम जन्म कुंडली प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें अभी!
विराट कोहली की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर कहा जा सकता है, कि आने वाले समय में विराट कोहली अपने आप को आधुनिक क्रिकेट की विरासत के रूप में पहचाने जाने के लिए स्थापित कर पाएंगे। वे भारतीय क्रिकेट टीम और अपने साथी खिलाड़ियों को उनके लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भी प्रेरित करते रहेंगे। वे टीम इंडिया के लिए लम्बे समय तक खेलते रहेंगे, और सफलता के नए आयाम स्थापित करने के साथ साथ क्रिकेट के खेल को उच्च स्तर तक ले जा पाएंगे।

लेकिन विराट के इस सफर में कहीं फ़िटनेस तो रोड़ा नहीं बन जाएगी?

वर्तमान में गोचर शनि, खेल गतिविधियों के लिए उत्तरदायी जन्म में मंगल और स्वास्थ्य के लिए ज़िम्मेदार सूर्य पर दृष्टि गड़ाये हुए हैं। शनि, मंगल और सूर्य की इस स्थिति और योग के कारण उन्हें चोट लगने की संभावनाएं हो सकती हैं। इसलिए विराट को खेलते समय और खेल का अभ्यास करते समय विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। चूँकि क्रिकेट बहुत ही लंबा और थका देने वाला खेल है, इसलिए उनकी फिटनेस को लेकर कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए गणेशजी उनको अपने स्वास्थ्य की उचित देखभाल करने की सलाह देते हैं। साथ में हम भी यही कामना करते हैं कि वे ऐसे ही खेलते रहें, लेकिन स्वस्थ अवश्य रहें. शायद कुछ एक्स्ट्रा हाइड्रोजन वाला महंगा विदेशी पानी पीकर। बाकी विराट कोहली ऐसे चमकते रहें, इसके लिए भगवान गणेश उन्हें पूरी सफलता के साथ आशीर्वाद दें।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

Follow Us