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क्या चेतेश्वर पुजारा क्रिकेट में अपनी चमक बरक़रार रख पाएंगे? कुंडली से जानें !

क्या चेतेश्वर पुजारा क्रिकेट में अपनी चमक बरक़रार रख पाएंगे? कुंडली से जानें !

तीन लगातार टेस्ट शतक, जिसमें दो तो श्रीलंका में चल रही क्रिकेट टेस्ट श्रृंखला में लगाए गए शतक भी शामिल है, के कीर्तिमान ने सौराष्ट्र के क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा को फिर से लाइम लाइट में ला दिया है। उनके बल्लेबाजी के प्रदर्शन में निरंतर रही स्थिरता, विशिष्ट तकनीक और एक भारी रन स्कोर के रिकॉर्ड को देखते हुए क्रिकेट पंडितों ने उन्हें राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की श्रेणी में रखते हुए नंबर तीन के पोजीशन पर लाकर खड़ा कर दिया है। साल 1988 में राजकोट में जन्मे, पुजारा एक मजबूत दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। साल 2005 से इन्होंने शानदार ढंग से क्रिकेट जगत में डेब्यू किया। पुजारा ने साल 2010 में टेस्ट की शुरुआत की। तभी से चेतेश्वर पुजारा का प्रदर्शन निरंतर अच्छा रहा है। इनकी मिलने वाली सफलताएं न केवल इनकी रुतबे को बढ़ाएंगी बल्कि इससे इनकी कमाई पर भी अच्छा खासा फर्क पड़ेगा। क्या आप भविष्य में अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं? अपने भविष्य का हाल जानने के लिए हमारी 2017 वित्त रिपोर्ट खरीदें।

भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने नवंबर 2012 की अवधि में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला दोहरा शतक बनाकर एक शानदार पारी खेली। साथ ही मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक और डबल सेंचुरी भी लगायी। इन दोनों ही मैचों में इन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को विजय दिलाते हुए मैन अॉफ द मैच का खिताब हासिल किया। पुजारा की कुंडली के विश्लेषण के बाद गणेशजी इनके जीवन की आगामी घटनाओं के बारे में आगे के लेख में कई सारी संभावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। चलिए देखें-

चेतेश्वर पुजारा
जन्म तिथि: 25 जनवरी 1988
जन्म समय: ज्ञात नहीं
जन्म स्थान: राजकोट, गुजरात, भारत

चेतेश्वर पुजारा की सूर्य कुंडली

kundali

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ज्योतिषीय विश्लेषण:

सितंबर-2017 के बाद ग्रहों के बल से पुजारा शक्ति संपन्न

गुरु गोचर सितंबर 2017 के बाद भारतीय मिडल ऑर्डर बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा की गतिविधियों और प्रदर्शनों के दौरान उनके भीतर एक अद्भुत ऊर्जा भरेगा। यह उन्हें आगे बढ़ने में प्रेरणादायी रहेगा। इस वक्त चेतेश्वर पुजारा अपनी क्षमताओं के प्रति अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे। इनके कौशल की बदौलत टीम इंडिया को अपने आगे के मैच जीतने में भी सहूलियत होगी। सौराष्ट्र की यह रन मशीन अपनी ठोस बल्लेबाजी की धमक, उत्कृष्ट फुटवर्क और अनुपम एकाग्रता की शक्तियों से दुश्मन टीम को हतोत्साहित करते हुए भारतीय टीम को मजबूत स्थिति मे पहुंचा सकती है। जब भारतीय क्रिकेट टीम कोई मैच जीतती है, तो इससे देश को अधिक राजस्व और व्यवसाय भी प्राप्त होता है। लेकिन, क्या आपका व्यवसाय बढ़ेगा? नि:शुल्क 2017 बिजनेस रिपोर्ट प्राप्त करें और अपने भविष्य को जानें।

चेतेश्वर पुजारा की आईसीसी रैंकिंग में सुधार संभव

नतीजतन, चेतेश्वर पुजारा की रैंकिंग में भी सुधार होगा। इनके द्वारा किए गए केंद्रित प्रयास, समर्पण और उत्साह इनकी सफलता के निर्धारक तत्व कहे जाएंगे। रास्ते में बाधाओं या कठिनाइयों के बावजूद ये अपने लक्ष्य प्राप्ति की तरफ दृढ़ प्रतिज्ञ रहेंगे। इस समयावधि में चेतेश्वर पुजारा को जो भी मौके मिलेंगे उनके द्वारा इनको अवश्य ही फायदा पहुंचेगा।

मार्च 2018 के बाद इनके द्वारा दिये गए योगदान और इनकी क्षमताओं के बीच असंगतता दिखाई देगी

हालांकि, जनवरी 2018 के मध्य से धनु राशि में गोचर का शनि इनके काम में मुश्किलें पैदा करेगा। खासकर मार्च 2018 के बाद, चेतेश्वर पुजारा के प्रदर्शन में तालमेल की कमी परिलक्षित होगी। इनकी उम्मीद व क्षमता के मुकाबले शायद ये हो सकता है कि इनका वैसा प्रदर्शन नहीं रहे जैसा कि होना चाहिए।

अप्रैल 2018 के बाद से स्वास्थ्य समस्याएं पुजारा के विकास में रोड़े डालेंगी

यदि चेतेश्वर पुजारा स्थिति की गंभीरता को समझने और चुनौतियों को समझने में विफल रहते हैं, तो अप्रैल 2018 से लेकर सितंबर 2018 के बीच की अवधि इनके करियर में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इनके ऊपर अपना सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की जिम्मेदारी रहेगी। इस अवधि में कुछ अप्रत्याशित समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ग्रहों की प्रतिकूलता इनके हेल्थ को खराब कर सकती है। इस प्रकार से अप्रत्याशित समस्याएं इनके प्रोफेशनल डेवलअपमेंट्स के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। इस प्रकार से यह कहा जा सकता है कि शनि का गोचर चेतेश्वर पुजारा के कौशल, स्वभाव और फिटनेस का संपूर्ण रुप से परीक्षण करते हुए उनके हूनर को परखेगा, जांचेगा।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
तन्मय के ठाकर
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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