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यूपी चुनाव है ‘बेटी’ प्रियंका, बच्चों का खेल नहीं, जरा ध्यान से!

Published on अक्टूबर 28, 2021

यूपी चुनाव है ‘बेटी’ प्रियंका, बच्चों का खेल नहीं, जरा ध्यान से!

यूपी चुनाव है 'बेटी' प्रियंका, बच्चों का खेल नहीं, जरा ध्यान से!

इलेक्शन कैंपेन में प्रियंका के ऊपर बहुत अधिक निर्भरता कांग्रेस के लिए एक बड़ी भूल साबित हो सकती है।
कांग्रेस के सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में प्रियंका गांधी ने अक्सर स्टार प्रचारक के तौर पर भूमिका निभाई है। जहां कांग्रेस के कई समर्थक उनके अंदर प्रियदर्शनी इंदिरा की छवि देख रहे हैं, वहीं पार्टी के कुछ वफादारों को लगता है कि वे अपने भाई व पार्टी के मौजूदा वाईस प्रेजिडेंट राहुल गांधी की तुलना में अधिक सक्षम व कुशल हैं। अपने काम करने के विलक्षण ढंग और राजीव गांधी की बेटी होने का सौभाग्य पाने से पिछले कुछ वर्षों में ये पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने में कामयाब रही हैं। इनको लेकर कई विवाद भी रहे हैं, लेकिन ये निडरता व सियासी सूझबूझ से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। आगामी उत्तरप्रदेश चुनाव में कांग्रेस पार्टी के द्वारा इनको ‘ट्रम्प कार्ड’ के रूप में उतारा जाएगा। पार्टी के लोगों को इन्हें लेकर काफी जोश व आशाएं हैं। लेकिन क्या प्रियंका उनकी उम्मीदों पर खरी उतर पाएंगी? इस लेख में इनकी कुंडली के नौ ग्रहों की स्थिति की समीक्षा करते हुए पता लगाते हैं कि गणेशजी का इस विषय में क्या विचार है।

प्रियंका वाड्रा
12 जनवरी 1972: जन्म तिथि
जन्म समय: 17:05 (अपुष्ट)
जन्म स्थान: दिल्ली

प्रियंका वा़ड्रा की जन्मकुंडली

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प्रियंका के ग्रहों का क्या कहना है?

जन्मपत्रिका को देखते हुए बुनियादी बातें:
प्रियंका गांधी का जन्म इनकी कुंडली के अनुसार मिथुन लग्न राशि में हुआ है। दसवें भाव के स्वामी गुरु की कुंडली को देखते हुए सातवें स्थान में स्थिति है और लग्नाधिपति बुध के साथ यह युति करता है। चूंकि गुरू अपनी स्वराशि में बैठा है और केंद्र स्थान में भी है इस कारण से ज्योतिष के एक अत्यंत ही चर्चित पंचमहापुरूष राजयोगों में से एक हंस योग का निर्माण हो रहा है। ग्रहों की इस विशिष्ट उपस्थिति के योग से प्रियंका स्पान्टैनीअस यानीकि एक स्वतंत्र स्वभाव की महिला हैं। डायनामिक व्यक्तित्व की स्वामिनी होने के कारण ये एक्सीलेंट डिसीजन्स लेने में भी सक्षम हैं।

सूर्यदेव का स्ट्रांग सपोर्ट इनके साथ
पॉलिटिक्स का निरूपण करने वाला तेजस्वी ग्रह सूर्य इनकी पत्रिका में आत्मकारक है। इसके सातवें भाव में होने से वहां स्थित गुरू और बुध को और अधिक पावर मिल रही है। तो इस तरह से यदि हम इन सभी कारकों को मिला दें तो हमें एक बहुत ही ब्राइट पिक्चर देखने को मिलती है जो आगे चलकर इनके द्वारा लाइफ में एक बड़ी ऊंचाइयों को छूने के सामर्थ्य को दर्शा रही हैं। जनता से जुड़े भाव यानी सातवें भाव के अत्यंत ही शक्तिशाली स्थिति में होने से ये मतदाताओं के ऊपर अपना प्रभाव मजबूती से छोड़ने के काबिल हैं।

अत्यधिक भाग्यशाली प्रियंका:
वैभव का कारक शुक्र जो कि पांचवे भाव का अधिपति है नौवें स्थान में बैठा है और नौवें भाव व कुंभ राशि का स्वामी इसे देख रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति भाग्य का जबरदस्त समर्थन मिलने को बताती है जो निर्णायक स्थितियों में इनकी मदद करेगा। किसी भी जातक की कुंडली में शुक्र की अच्छी परिस्थिति उसे करिश्माई व्यक्तित्व प्रदान करती है जो दूसरों को अपने विचारों को मनवाने की शक्ति रखती है।

वर्तमान परिस्थितियां और इनके ग्रह नक्षत्र
इस समय प्रियंका शुक्र की महादशा और शनि की अंतर्दशा से होकर गुजर रही हैं। यह अनुकूल दशा क्रम उत्तर प्रदेश के चुनावी जंग के मैदान में मतदाताओं की मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ने में मदद करेगा। सितारे संकेत कर रहे हैं कि यूपी चुनाव 2017 के अभियान में सीधे या परोक्ष रूप से प्रियंका की एक प्रमुख भूमिका होने जा रही है।

कांग्रेस का ट्रंप कार्ड:
इनकी आम जनता के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने की क्षमता यूपी असेंबली इलेक्शन में कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के साथ गंठबंधन में अतिशय मदद करेगी। सातवें भाव की इतनी सबल स्थिति इन्हें एक महत्वपूर्ण पोजीशन हासिल कराते हुए पार्टी को एक बेहतर लाभ प्राप्त कराने में मदद करेगी।

चिंताजनक पहलू:
मित्रों, यहां ये बात विचारणीय है कि प्रियंका गांधी के ऊपर इस समय शनि की साढ़े साती की दशा चल रही है। गोचर का शनि उत्तर प्रदेश के चुनाव के दौरान इनके जन्म के सूर्य को प्रभावित कर सकता है। इसके कुप्रभाव के चलते इनको अपने प्लान्स व पॉलिसीस को इम्पलिमेंट करने समय बाधाओं से सामना करना पड़ सकता है। नतीजतन, इनके द्वारा लगाए गये प्रयास या एफ्फोर्ट्स इनकी उम्मीद व एक्सपेकटेशन्स के मुताबिक खरे नहीं उतर पाएंगे। अनएक्सपेक्टेड प्रोब्लेम्स या मुसीबतें इनको आगे बढ़ते समय इनकी राह में कांटे बिछा सकती हैं।

कुंडली के इन सभी पहलुओं पर गौर करने पर गणेशजी को लगता है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस में प्रियंकी की मौजूदगी अवश्य ही होने जा रहे चुनावों में सीट जीतने की संभावनाओं को बढ़ाएगी। लेकिन गणेशजी की प्रियंका के लिए सलाह है कि यह यूपी चुनाव है बेटी प्रियंका, बच्चों का खेल नहीं, इसलिए जरा ध्यान से आगे बढ़ें।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
तन्मय के ठाकर
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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