नीतीश कुमार चुनौतियों से लड़ते हुए अपना प्रभुत्व बनाए रखेंगे - गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम - GaneshaSpeaks
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नीतीश कुमार चुनौतियों से लड़ते हुए अपना प्रभुत्व बनाए रखेंगे – गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

नीतीश कुमार

बिहार में विधान सभा के चुनाव चल रहे हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एवं जनता दल यू आमने सामने हैं। इस बीच सभी की नजर नीतीश कुमार पर टिकी हुर्इ है, जिनको कभी प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा माना जा रहा था। इन चुनावों में जेडीयू का पूरा भार नीतीश कुमार पर है, इसलिए नीतीश कुमार के भाग्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ चुकी हैं। कर्इ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जानने के लिए गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम के ज्योतिषविदों ने उनकी कुंडली का अध्ययन करते हुए पाया है कि उनको कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।


01, मार्च 1951
जन्म स्थान – 13:20
जन्म स्थल – भक्तियरपुर

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ज्योतिषीय विश्लेषण
नीतीश कुमार का जन्म मिथुन लग्न में हुआ है। लग्न का स्वामी बुध नीतीश कुमार की कुंडली में कर्म के स्थान अर्थात नौवें स्थान में उपस्थित है।
ग्रहीय विशेषता
नीतीश कुमार की कुंडली में नौवें स्थान में बुध की उपस्थिति तार्किक और विश्लेषणात्मक कौशल प्रदान करती है। इस बात में संदेह नहीं होना चाहिए कि नीतीश कुमार तथ्यों को जुटाकर एक अच्छे विचार को जन्म दे सकते हैं। बुध कृपा श्री कुमार को काफी बुद्धिमान बनाती है। इसके कारण नीतीश कुमार हर चुनौती का सामना डटकर करते हैं एवं यह तथ्य उनको रोचक बनाता है।

यदि नकारात्मक पक्ष की बात करें तो श्री कुमार अपनी एनर्जी के बिखराव को रोकने में असमर्थ रहते हैं। नीतीश कुमार सनकी एवं ढुलमुल रवैये वाले हो सकते हैं अर्थात एक तरफ उनको कुछ पाने का पागलपन होगा तो दूसरी तरफ उसी चीज को लेकर उसी समय उदासीनता भी होगी। दरअसल, उनका यह रवैया उनके दृष्टिकोण एवं पहचान को उलझा देता है।

राज योग
नौवें घर के स्वामी शनि एवं चौथे घर के स्वामी बुध के ग्रहीय पारस्परिक परिवर्तन के साथ नीतीश कुमार की जन्म कुंडली काफी मजबूत है। यह ग्रहीय स्थिति उनकी कुंडली में राजयोग का निर्माण करती है। रोज योग श्री कुमार को अच्छी शिक्षा, सफलता, प्रसिद्धि, अधिकार और शासन के लिए उच्च पद या स्थिति प्रदान करता है।

शनि का अशुभ प्रभाव
नीतीश कुमार की कुंडली में शनि राजनीतिक मजबूती एवं शक्ति का प्रतीक है, जो जन्म से प्रतिगामी है। इसलिए श्री कुमार उम्र के कर्इ पड़ाव करने के बाद चरम सीमा पर पहुंचे। इस ग्रहीय प्रभाव के कारण श्री कुमार को बहुत बार बैक फुट पर जाना पड़ा है।

उच्च का शुक्र श्री कुमार की कुंडली के दसवें स्थान में स्थित है। यह सकारात्मक तथ्य श्री कुमार को एक अच्छा नेता बनाता है। इस ग्रह दशा के प्रभाव में श्री कुमार दो कदम आगे की सोचने में समक्ष होते हैं। इसके अलावा दसवें घर का स्वमी गुरू भाग्य से जुड़े नौवें स्थान में स्थित है, जो कुमार को एक अच्छा प्रबंधक एवं प्रभावशाली नेता बनाता है।
दूसरी तरफ, शुक्र मंगल से प्रभावित है, इसलिए जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्री कुमार को उपलब्ध संसाधनों का दोहन करने में मुश्किल परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कभी कभी इसके कारण श्री कुमार अपनी नीतियों में परिवर्तन करने से भी इंकार कर देते हैं, जो एक जिद्दीपन को दर्शाता है।

नकारात्मक राजयोग ?
श्री कुमार की कुंडली में दसवें घर के स्वामी गुरू के साथ राहु युति बनाते हुए एक अन्य राजयोग बना रहा है। राहु का प्रभाव अधिक रहने के कारण यह राजयोग नकारात्मक संकेत दे रहा है। गुरू एवं राहु की युति के कारण नीतीश कुमार की लोकप्रियता में अचानक गिरावट आने की संभावना है एवं अन्य झटके लगने की संभावना है।

नीतीश कुमार की कुंडली के छठे स्थान में चंद्रमा नीच का है। इसके प्रभाव में नीतीश कुमार विवादास्पद और बहुत जिद्दी हो सकते हैं। इसके अलावा गोचर का शनि जन्म के दुर्बल चंद्रमा से गुजर रहा है। इसके कारण कुछ कार्रवार्इयां एवं नीतियां उलटी पड़ सकती हैं। इस समय लिए गए निर्णय घातक साबित हो सकते हैं। इस समय नीतीश कुमार राहु एवं गुरू की दशा के प्रभाव में हैं। राहु भी गुरूचंडाल योग में है, जो नीतीश कुमार को अभद्र या कठोर व्यवहार के लिए उकसायेगा, जो उनके सहयोगियों एवं वोटरों को प्रभावित करेगा। हालांकि, गोचर का गुरू उनके जन्म के गुरू एवं सूर्य दोनों पर दृष्टि डाल रहा है। इसके कारण नीतीश कुमार कठिनाइयों से जूझते हुए बिहार में एक मजबूत एवं सशक्त नेता बनकर उभरेंगे।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित
Tanmay K Thakar
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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