2016'में अम्मा'अनेक राजकीय पहेलियों व गलत व्यूह रचना का शिकार हो सकती हैं! - GaneshaSpeaks
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2016 ‘में अम्मा’अनेक राजकीय पहेलियों व गलत व्यूह रचना का शिकार हो सकती हैं!

2016'में अम्मा'अनेक राजकीय पहेलियों व गलत व्यूह रचना का शिकार हो सकती हैं!

भारत में जब कभी भी राजनीति, शक्ति और महिला नेतृत्व की बात होती है तब जयललिता का नाम अादर से लिया जाता है। तमिलनाडु की ‘पुरातची तलाईवी ‘अर्थात क्रांतिकारी नेता जयललिता जयराम का राजकीय क्षेत्र में महत्पूर्ण योगदान है। पांच टर्म तक तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रही जयललिता अपनी पार्टी एआईएडीएमके में निस्संदेह लोकप्रिय हैं और अपार सफलता का अानंद ले रही हैं। राजनीति के अतिरिक्त सिने जगत में भी 140 से भी अधिक तमिल फिल्मों में अभिनय करके दुनिया को अपनी बहुमुखी प्रतिभा से अवगत कराया। खूब शक्तिशाली व प्रभावशाली होने पर भी तमिलनाडु की यह ‘मारग्रेट थैचर’ अत्यन्त सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करती हैं। क्या आगामी समय में ये अपने जीवन की कसौटियों को पार कर सकेंगी? चलिए जयललिता की जन्मकुंडली के अध्ययन से गणेशजी का मंतव्य जानते हैं…

जयललिता-तमिलनाडु की मुख्यमंत्री
जन्म तारीखः24 फ़रवरी 1948
जन्म समयःअज्ञात
जन्म स्थलः मैसूर, कर्नाटक, भारत

kundali

( जयललिता का जन्म समय उपलब्ध न होने की वजह से , इनके जन्म स्थल व जन्म तारीख के अाधार पर सूर्य कुंडली का विश्लेषण किया गया है।)

जयललिता की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और इनके प्रभाव पर एक नजरः-
जयललिता की कुंडली में राजनीति का कारक ग्रह सूर्य, वायु तत्व की राशि कुंभ में वक्री बुध के साथ है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बुध-अादित्य योग कहते है। सूर्य-बुध व मंगल-चंद्र की एक दूसरे पर दृष्टि होने के कारण इनकी कुंडली को बल प्राप्त हो रहा है। इनकी राजकीय सूझ-बूझ व निर्णय शक्ति उत्तम रहेगी।

इसके अलावा, चंद्र व मंगल की युति के कारण चंद्र-मंगल महालक्ष्मी योग का भी निर्माण हो रहा है।

जयललिता की कुंडली में गुरू स्वगृही तथा शुक्र उच्च का है। इस कारण तमिलनाडु का एक बड़ा वर्ग इनको बेहद पसंद करता है। जनता के बीच असामान्य रूप से लोकप्रिय होने के कारण ये पांच वर्ष तक राज्य की मुख्यंत्री पद पर अासीन रही है।

चलिए देखते हैं कि आगामी महीनों में ग्रह इनके जीवन में क्या असर डालेंगेः-

महत्वपूर्ण ज्योतिषीय फलकथनः
गुरू के प्रभाव के कारण वह जनता के बीच लोकप्रियता व राजकीय मोर्चे पर स्थिरता कायम रखने में सक्षम रहेंगी। परंतु राहु एवं केतु के क्रमशः सिंह राशि व कुंभ राशि में भ्रमण करने से इन्हें किसी भी विकट स्थिति का सामना करने के लिए कमर कसकर तैयार रहना होगा। विवादों, अप्रत्याशित समस्याओं, प्रशासनिक कार्य में अवरोधों तथा संचार-संपर्क में त्रुटियों के चलते स्थिति विकिट रूप धारण कर सकती है।

जन्म के मंगल व चंद्र पर शनि की दृष्टि के कारण ये पूरी तरह से संतुष्ट नहीं रहेंगी। कुछ मामलों में बेबाक प्रतिक्रियाएं दे सकती हैं। साथ-साथ इन्हें अपनी भावुकता और गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा।

गणेश जी के अनुसार आगामी समय में राजकीय मोर्चे पर अनपेक्षित परिवर्तनों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा। राहु एवं केतु के दुष्प्रभाव से जरा सा ढील देने पर स्थिति विकट रूप धारण कर सकती है। इन्हें युक्तपूर्वक परिस्थितियों पर तुरंत विजय प्राप्त करनी होगी नहीं तो आने वाले चुनाव में अच्छी खासी तकलीफ उठानी पड़ सकती है।

अगस्त २०१६ के पश्चात गुरू के राशि परिवर्तन से आप को अांशिक लाभ होगा।

संभावित संकटः
इन्हें सब के लिए सहयोग की भावना रखनी होगी। जहां तक हो सके विवादित वक्तव्यों से दूर रहना होगा। यदि ये बिना विचार किए बयानों पर अपना अंकुश नहीं रखेंगी तो चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ सकता है।

संभावित अवसरः
राजकीय व व्यक्तिगत संबंध अम्मा के जीवन में उपयोगी सिद्ध होंगे। 11 अगस्त, 2016 तक चुनाव अभियान में जयललिता को अपने मतदाताओं का भारी समर्थन प्राप्त होगा। इनकी स्थिति काफी मजबूत हो सकती है। इसके बाद जनवरी 2017तक विविध राजकीय मुद्दों का हल ढ़ूंढते समय थोडी़ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित
रंतीदेव ए उपाध्याय
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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