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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (international-yoga-day-21-june) । राशियों के अनुसार योगासन एवं नियम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (international-yoga-day-21-june) । राशियों के अनुसार योगासन एवं नियम

ज्योतिष में जैसे हर राशि के लिए शुभ दिन, शुभ रंग, शुभ तिथि और शुभ अंक आदि को निर्धारित किया गया है, उसी तरह राशि के मुताबिक कई अन्य बातों का भी निर्धारण किया जा सकता है। आपकी राशि में आपके व्यक्तित्व व्यक्तित्व के साथ ही शारीरिक बनावट और खामियों का भी पता चल सकता है। इसी आधार पर योगासनों का भी निर्धारण किया जा सकता है। कौन सा योग आपकी शारीरिक प्रकृति के लिए फायदेमंद और कौन सा नुकसानदेह है, इसे जाने बिना योग करने से नुकसान भी हो सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 (international-yoga-day-21-june) पर आपको आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ आसन, जो आपको राशि के अनुसार करना चाहिए।

मेष राशि

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 (international-yoga-day-21-june) पर मेष राशि का तत्व अग्नि और स्वामी मंगल होता है। इनमें ऊर्जा और उत्साह काफी मात्रा में होता है। इनके लिए उत्तानासन, जानुशीर्षासन और शवासन योग एक बेहतर विकल्प होता है। इसके अलावा वीरभद्रासन योग भी करना चाहिए। इससे शरीर में स्थिरता और संतुलन में बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा उत्तानासन रीढ़ की हड्डी, गर्दन और पीठ के लिए फायदेमंद होने के साथ ही मष्तिष्क को भी शांत करता है। इसी तरह जानुशीर्षासन से पाचन शक्ति और रक्तसंचार बढ़ता है। शवासन से घुटने और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है तो अधोमुख श्वानासन से रक्तसंचार सुचारु होने के साथ ही मष्तिष्क सक्रिय होता है।

वृष राशि

वृष राशि का तत्व पृथ्वी और स्वामी शुक्र होता है। इस राशि वाले पुरुषों के लिए भार उठाना और औरतों के लिए जिम जाना फायदेमंद होता है। गोमुखासन से इन्हें तनाव से मुक्ति मिलती है और स्वभाव में नरमी आती है। इसके अलावा इन्हें वृक्षासन भी करना चाहिए। इससे जांघें, कंधे, पिंडली और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है, साथ ही तंत्रिका तंत्र के विकार दूर होते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि का तत्व वायु और स्वामी बुध होता है। इनमें ज्यादा काम करने की प्रवृत्ति होती है, जिससे ये जल्दी थक जाते हैं। इनके लिए भुजंगासन सही होता है। इससे कंधे और पीठ के नीचले हिस्से की परेशानियां दूर होती है। इन्हें नसों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। इनके लिए अपने श्वसन तंत्र का ध्यान रखना जरुरी होती है। इसमें हलासन कारगर साबित होता है।

कर्क राशि

कर्क राशि का तत्व जल और स्वामी चंद्रमा होता है। ये कल्पनाशील और भावुक होते हैं। इन्हें पेट संबंधी समस्याएं जैसे गैस और अपच के साथ ही पानी से जुड़ी बीमारियां और पैरों में दर्द की समस्या भी होती है। इन्हें नटराज आसन और अर्द्ध चंद्रासन करना चाहिए। इससे शारीरिक संतुलन बेहतर होता है। इनके लिए ध्यान, योग, अनुलोम-विलोम और प्राणायाम करना भी फायदेमंद होता है।

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सिंह राशि

सिंह राशि का तत्व अग्नि और स्वामी सूर्य होता है। अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 (international-yoga-day-21-june) पर इनके लिए विशेष योग हैं। इन्हें दिमागी परिश्रम के कारण इन्हें सिरदर्द और आंखों की समस्या के साथ ही पीठ दर्द की समस्या होती है। इनके लिए बिल्ली के पोज वाला मर्जरी आसन करना चाहिए। इसके अलावा सूर्य नमस्कार, मत्सयासन भी लाभदायक होता है। इससे श्वसन प्रणाली बेहतर होती है और मांसपेशियों का विकास होता है। खास तौर पर इन्हें दिल से संबंधित व्यायाम और योग करना चाहिए।

कन्या राशि

कन्या राशि का तत्व पृथ्वी और स्वामी बुध होता है। इन्हें पेट और पाचनतंत्र से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना रहती है। इसके लिए इन्हें मयूरासन करना चाहिए। इसके अलावा विपरीत करणी आसन भी फायदेमंद होता है। इस आसन में दोनों पैर दीवार के सहारे ऊपर रखा जाता है। इससे तनाव और बेचैनी दूर होती है। इसके साथ ही शीर्षासन भी करना सही होता है। खास तौर पर इनके लिए हल्के और आरामदायक व्यायाम फायदेमंद होते हैं।

तुला राशि

तुला राशि का तत्व वायु और स्वामी शुक्र होता है। वे अपनी उम्र से कम, आकर्षक और खूबसूरत दिखना चाहते हैं। इन्हें अक्सर कमर दर्द, गुर्दा / किडनी और सिरदर्द की समस्या रहती है। वृक्षासन से मानसिक संतुलन की प्राप्ति होती है। इनके लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास भी महत्वपूर्ण होता है। इससे श्वसन तंत्र बेहतर होता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। इनके लिए जिम, तौराकी और ध्यान भी महत्वपूर्ण होता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि का तत्व जल और स्वामी मंगल और केतु हैं। वे जुनूनी और कामुक स्वभाव के होते हैं और दिखावे के लिए ही सही, लेकिन जिम जाना पसंद करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 (international-yoga-day-21-june) पर आपको वृश्चिक राशि के लिए आसान आसन बता रहे हैं। पद्मासन बेहतर होता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है। इसके अलावा उष्ट्रासन और बद्ध कोणासन भी महत्वपूर्ण होता है। उष्ट्रासन से पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं तो बद्ध कोणासन से रक्त संचार ठीक होता है और हृदय स्वस्थ रहता है साथ ही प्राइवेट पार्ट्स की समस्याओं में भी लाभ होता है।

धनु राशि

धनु राशि का तत्व अग्नि और स्वामी गुरु होता है। इन्हें सायटिका, जोड़ों और कुल्हों के दर्द की भी शिकायत रहती है। योग दिवस से धनु राशि के लोग कपोतासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन शुरू कर सकते हैं। इससे कूल्हों के जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द और तनाव से राहत मिलती है। इसके अलावा सुप्त पादांगुष्ठासन भी लाभकारी होती है। इससे पीठ दर्द, कमर दर्द, जांघ की नसों में खिंचाव आदि से भी राहत मिलती है। इन्हें स्पोर्ट्स पर भी ध्यान देना चाहिए।

मकर राशि

मकर राशि का तत्व पृथ्वी और स्वामी शनि हैं। चूंकि ये मेहनती होते हैं। योग दिवस से यदि आप योग शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए ताड़ासन बेहतर होता है। इससे पैरों में मजबूती आती है। इन्हें अपच, गठिया, पैरों में दर्द और मिर्गी आदि की शिकायत रहती है। ऐसे में इनके लिए उत्कटासन भी फायदेमंद होता है। इससे शरीर में मजबूती और उर्जा का एहसास होता है।

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कुंभ राशि

कुंभ राशि का तत्व वायु और स्वामी शनि और राहु हैं। इस राशि के लोगों को रक्तचाप, पेट और नसों की समस्या और एनीमिया भी हो सकती हैं। इनके लिए अधोमुख श्वान आसन बेहतर होता है। इससे पैर, बाजू और कंधे मजबूत होते हैं। इसके अलावा अर्ध मत्स्येन्द्रासन आसन और भुजंगासन करना चाहिए। इससे पांचन तंत्र और रक्त संचार बेहतर होता है। दौड़ना भी इनके लिए फायदेमंद होता है।

मीन राशि

मीन राशि का तत्व जल और स्वामी गुरु और नेप्च्यून हैं। योग दिवस से मीन राशि वालों को बालासन करना चाहिए ताकि इनकी सकारात्मकता बनी रहें। इन्हें नसों से संबंधित समस्याओं के अलावा अनिद्रा, एनीमिया और पेट या पानी से संबंधित बीमारियां होती हैं। इन्हें हलासन, प्राणायाम और सर्वांगासन से भी लाभ होता है। इससे कमर दर्द, अनिद्रा और एनीमिया आदि से राहत मिलती है। इनके लिए तैराकी के साथ ही सुबह और शाम टहलना भी फायदेमंद होता है।

इस योग दिवस पर जानिए योगासन करने के नियम

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। योग दिवस आते ही योग करने के लिए मन में तरंगे उठने लगती है। अचानक युवा भी जिम छोड़कर योगाभ्यास की ओर आने लगते हैं। आम लोगों में भी योग के प्रति जबरदस्त आकर्षण देखा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योगाभ्यास करने से पहले बहुत चीजों का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही योगाभ्यास करने के दौरान भी बहुत से नियमों का ध्यान रखना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ नियम-

– अचानक से योगाभ्यास शुरू ना कर दें। योग शुरू करने से पहले दो-तीन दिन तक एक निश्चित समय के लिए मॉर्निंग वॉक करके शरीर को अभ्यास में लाएं।

– योगाभ्यास की शुरुआत में कभी भी कठिन आसन नहीं लगाएं। शुरुआत हमेशा सरल और साधारण योगासन से करनी चाहिए। प्राणायाम और ध्यान भी इसी नियम के तहत करें।

– बंद कमरे की जगह खुले आकाशी के नीचे योगाभ्यास करने के फायदे ज्यादा होते हैं, लेकिन कभी भी खाली जमीन पर योग करने की जगह चटाई या योग मैट बिछाकर योगाभ्यास करें।

– ऐसा जरूरी नहीं कि योगाभ्यास सुबह ही किया जाता है। हालांकि सूर्योदय के समय योग करना अच्छा रहता है, लेकिन शाम को भी योग किया जा सकता है।

– योग करने के एक घंटे बाद तक कोई भारी आहार या खाना ना खाएं। वहीं खाना-खाने के तीन घंटे बाद तक कोई योगासन ना करें।

– योगासन को कभी भी एक सप्ताह या दो सप्ताह करके नहीं छोड़ देना चाहिए। यदि किसी दिन समय की दिक्कत हो, तो उस दिन योगासन की जगह एक निश्चित समय पैदल चलकर शरीर को वॉर्मअप किया जा सकता है।

– टीवी देखकर या वीडियो देखकर योगासन करने से नुकसान हो सकता है। हमेशा किसी विशेषज्ञ के साथ एक या दो महीने तक योग की प्रैक्टिस करें। इसके बाद आप अकेले योगासन कर सकते हैं।

– योगासन करने के बाद बॉडी को रिलेक्स करने के लिए कुछ समय ध्यान यानी कि मेडिटेशन जरूरी है। ऐसा करके आप कुछ देर में थकान से मुक्ति पा लेंगे।

– कई लोग योगासन को किसी धर्म से जोड़कर देखते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। योगासान शरीर को ऊर्जावान रखने का जरियाभर है।

– योग को दौरान तंग कपड़े पहनने से बचना चाहिए।

– सूर्य नमस्कार सबसे सरल और आसान योग है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका पूरा चक्र कर लेने के पश्चात किसी और आसन की कभी जरूरत नहीं होती। सूर्य नमस्कार के अंतर्गत आने वाले 12 आसनों के चक्र को पूरा करें। सूर्य नमस्कार बीच में ना छोड़ें।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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Acharya Aditya

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