क्या-क्या उपाय करें नरक चतुर्दशी के उपलक्ष्य में…

नरक चतुर्दशी
नरक चतुर्दशी को दिवाली के एक दिन पहले मनाया जाता है। देश भर में मनाए जाने वाले दीपोत्सव का दूसरा दिन 3 नवंबर को रूप चौदस, काली चौदस या नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन कुछ आसान उपाय जीवन को बेहद सफल बना सकते हैं। जानिए रूप चौदस पर सालभर आरोग्य और सौंदर्य के साथ सकारात्मक बने रहने के उपाय-

  • रूप चतुर्दशी के दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस दिन किसी भी कृष्ण मंदिर के दर्शन जरूर करें। साथ ही किसी कृष्ण मंत्र का 108 बार जाप जरूर करें।
  • सूर्योदय से पहले उठें और नहाने के पानी में आपामार्ग डालकर स्नान करें। यदि यह नहीं है, तो आप हल्दी का उबटन तैयार करके भी स्नान कर सकते हैं।
  • कई जगहों पर रूप चतुर्दशी को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन कम से कम 5, 11 या 21 बार हनुमान चालीसा का पाठ करके अपने लिए सफलता की प्रार्थना करें।
  • घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए आप नमक के पानी का पौछा जरूर लगाएं।
  • काली चौदस पर माता काली के दर्शन करके नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की प्रार्थना करें। इससे जीवन में पॉजिटिविटी बढ़ती है।

दीपोत्सव के दौरान इन आसान उपायों से आप दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं। इसके अलावा यदि आप किसी विशेष परेशानी से गुजर रहे हों, तो नरक चतुर्दशी पर ऊपर बताए गए उपाय अवश्य करें।

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