The legend Bruce Lee: किन ग्रहों ने दिलाई इतनी प्रतिष्ठा

The legend Bruce Lee: किन ग्रहों ने दिलाई इतनी प्रतिष्ठा

दुनिया के कुंग-फू किंग ब्रूस ली लंबे समय से इतिहास का एक अध्याय बने हुए हैं। दुनिया आज भी इस महान कराटे कलाकार को श्रद्धा और प्यार से याद करती है। अपने छोटे से जीवन के दौरान, पंच-हैप्पी चैंपियन ने इस हद तक शौहरत और नाम कमाया कि हॉलीवुड में भी उन्हें अच्छा मौका और पैसा मिला। अगर वे लंबे समय तक जीवित रहते, तो निश्चित रूप से दुनिया के सबसे अधिक भुगतान पाने वाले अभिनेता बन जाते। लेकिन दुर्भाग्य से कम उम्र में ही उनकी मौत रहस्यमयी तरीके से हो गई। गणेश उनका जन्मदिन (27 नवंबर, 1940) उनके जीवन के ज्योतिषीय विश्लेषण के साथ मनाते हैं।

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सूर्य राशि अहंकार का प्रतिनिधित्व करती है। फ्रायडियन शब्दावली में इसे चेतन मन कहा जाता था। उनके पास वृश्चिक लग्न है और सूर्य पहले भाव में है। वक्री शनि और वक्री बृहस्पति भरणी नक्षत्र में हैं। राहु ग्यारहवें भाव में विराजमान है। बारहवें भाव में शुक्र, मंगल, चंद्र और बुध युति में हैं। महान मार्शल आर्टिस्ट ब्रूस ली का जन्म राहु-बुध-चंद्रमा की महादशा काल के प्रभाव में हुआ था। चीनी राशि चक्र के अनुसार भी जिस दिन ली का जन्म हुआ था, उस दिन ड्रैगन स्वामी था।

सन ट्राइन प्लूटो ने दृढ़ इच्छाशक्ति और ध्यान केंद्रित करने की उत्कृष्ट क्षमता प्रदान की। ली शनि-शुक्र-बुध महादशा काल के प्रभाव में थे। बृहस्पति दूसरे भाव से धनु राशि में गोचर कर रहा था, छठे और दसवें भाव पर दृष्टि होने के कारण उन्हें अपने काम और रूप-रंग के लिए जबरदस्त शोहरत मिली।

सूर्य से युक्त लग्न (सबसे मजबूत सहयोगी दृष्टि जिसका अर्थ है ‘अहंकार’ और कुंडली का क्षितिज) इसका प्रतीक है कि लोगों के साथ संबंध घनिष्ठ है। अत: परस्पर सहयोग देखने को मिलता है। सूर्य की प्लूटो के साथ युति ने भी उनकी इच्छा और तीव्रता की मूल अभिव्यक्ति में योगदान दिया। इन लोगों को अपने भगवान के साथ-साथ खुद पर भी जबरदस्त भरोसा होता है।

अगला भाग ब्रूस ली के अवचेतन व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है। यह चंद्रमा की स्थिति से निर्धारित होता है। चंद्रमा तुला राशि में स्वाति में स्थित है, जहां वक्री शनि और वक्री बृहस्पति भरणी में स्थित हैं। गणेशा को यह लगता है कि 180 डिग्री दृष्टि उनके लिए बहुत फलदायी लगता है। क्राउन चक्र पर चंद्रमा और शनि दोनों का शासन है। ली में किसी भी वस्तु पर एकाग्र होने की अद्भुत क्षमता थी।

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ब्रूस ली (The legend Bruce Lee) के अवचेतन के गोचर

चांद युति- बुध

चांद युति- मंगल

चांद विपरीत- बृहस्पति

चांद विपरीत- शनि

  • चंद्र की बुध से युति (सबसे शक्तिशाली सहयोगी दृष्टि, भावनाओं को जोडऩे और संवाद करने की क्षमता, क्योंकि ये ग्रह एक दूसरे से 0 डिग्री पर हैं)
  • चंद्रमा की मंगल से युति (भावनाओं और दावे की आवश्यकता को जोडऩा, जबकि यह सबसे मजबूत सहयोगी युति है, इसके कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं)
  • चंद्रमा के विपरीत बृहस्पति (सबसे मजबूत तनावपूर्ण दृष्टि जब चंद्रमा और बृहस्पति एक दूसरे से 180 डिग्री होते हैं। अवचेतन को बुद्धि से अलग करता है)
  • चंद्रमा के विपरीत शनि (अवचेतन और मन के सीमित दृष्टि के बीच बड़ा तनाव। जब चंद्रमा और शनि 180 डिग्री पर होते हैं)

12 वें भाव में शुक्र के तुला राशि में होने से रूमानी और भावुक रिश्तों को बहुत जोश और बल होता है। एक नियम के रूप में, जातक की आकर्षण शक्ति महान है, हालांकि इसका उनका दिमाग भी  चढ़ सकता है! वे आमतौर पर अपने करीबी दोस्तों और प्रेमियों को भारी मात्रा में ऊर्जा और ध्यान देते हैं।

स्वाति में बुध, चंद्रमा और शुक्र की युति ने उन्हें एक अच्छा लेखक और दार्शनिक बनाया है। ली भारतीय वैदिक दर्शन से प्रभावित थे। ली ने हमेशा प्रत्येक जानवर के साथ-साथ पक्षी से भी लड़ने का कौशल सीखने की कोशिश की थी।

उनकी सभी रचनाओं में हम शनि-बृहस्पति की युति का परिणाम देख सकते हैं। आध्यात्मिक झुकाव वक्री शनि और वक्री बृहस्पति के कारण था। विकास के ग्रह और सीमा के ग्रह के बीच सबसे मजबूत सहयोग।

अंत में, ब्रूस ली का जीवन सितारों में लिखा गया था। प्रारंभिक जीवन में उनकी वित्तीय समस्याओं और कठिनाइयों की वजह शनि रहा। उनकी आक्रामक ऊर्जा, जिसे उन्होंने मार्शल आर्ट में शामिल किया था, उनकी कुंडली के मंगल में अत्यधिक केंद्रित होने का परिणाम थी। और उनकी शास्त्रीय समझ के पीछे वृश्चिक।

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ब्रूस ली (The legend Bruce Lee) का दर्शन

“निराकार बनो… निराकार, पानी की तरह। अगर आप एक कप में पानी डालते हैं, तो यह प्याला बन जाता है। आप एक बोतल में पानी डालते हैं, यह बोतल बन जाता है। आप इसे एक चायदानी में डाल देते हैं, यह चायदानी बन जाता है। पानी में प्रवाह हो सकता है, और यह तबाही भी ला सकता है। पानी की तरह बनो, मेरे दोस्त…

“जितना अधिक शांत मन है, उतनी ही अधिक ऊर्जा मन में प्रवाहित हो सकती है। संक्षेप में, सादगी ब्रूस ली का दूसरा नाम है। कुंग-फू के महान किंग ब्रूस ली की उपस्थिति के बिना दुनिया एक महान शून्य महसूस करती है।

भगवान गणेश उनकी आत्मा को शांति दें!

गणेश की कृपा

मालव भट्ट

गणेशास्पीक्स टीम

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