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अभय – प्रीति के करियर को उड़ान दे सकता है विवाह !

अभिनेता अभय दिओल एवं पूर्व मिस ग्रेट ब्रिटेन प्रीति देसाई बीते चार साल से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं एवं इसको लेकर उनको किसी भी प्रकार की हिचकचाहट भी नहीं है। अभय दिओल सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि विवाह एक सांस्कृतिक परंपरा है, यह प्राकृतिक नहीं। वो विवाह करेंगे या नहीं, अभी कुछ भी निश्चित नहीं है। अभय दिओल, उस परिवार के सदस्य हैं, जो सिने जगत में लम्बे समय से स्थापित है। जी हां, अभय दिओल अभिनेता धर्मेंद्र का भतीजे हैं एवं सन्नी दिओल, बॉबी दिओल, ईशा दिओल के चचेरे भाई। अभय दिओल की फिल्मों ने सिनेमा हाल की खिड़की पर भले ही अधिक कमाई न की हो, लेकिन फिल्म समीक्षक अभय दिओल के अभिनय से प्रभावित हैं। अभय दिओल ने अपने अब तक के फिल्मी करियर में ‘एक चालीस की लास्ट लोकल’, ‘मनोरमा सिक्स फीट अंडर’, ‘लक्की ओए लक्की’, ‘देव डी’, ‘जिन्दगी न मिलेगी दुबारा’, ‘संघाई’, ‘रांझणा’, ‘चक्रव्यूह’ जैसी अच्छी फिल्में दी हैं एवं अभिनय की एक अलग छाप छोड़ी है।

प्रीति देसाई मिस ग्रेट ब्रिटेन का खिताब जीतने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बनीं एवं एक चर्चित चेहरे के रूप में स्थापित हुई। प्रीति ने शोर इन द सिटी से हिन्दी फिल्म जगत में कदम रखा। जहां एक तरफ प्रीति ने टाइम्स आफ इंडिया की ५० सर्वाधिक वांछनीय महिलाओं की सूची में जगह बनाई। वहीं, दूसरी तरफ पीपल मैग्जीन की २०११ में प्रकाशित ५० सर्वाधिक सुंदर शख्सियतों की श्रेणी में स्थान पाया। इस वर्ष २०१४ ‘वन बाय टू’ में अभय एवं प्रीति एक साथ अभिनय करते नजर आए, लेकिन फिल्म ने सिनेमा खिड़की पर कुछ खास असर नहीं छोड़ा।

क्या अभय एवं प्रीति का ‘लिव इन रिलेशनशिप’ विवाह में बदलेगा – यदि दोनों विवाह बंधन में बंधते हैं तो उनके रिश्ते का भविष्य क्या होगा – इन सवालों के जवाब जानने के लिए गणेशजी ने वैदिक ज्योतिष की मदद से दोनों की कुंडली का मिलान किया।


गणेशजी के अनुसार अभय की कुंडली में सूर्य मीन राशि में है जबकि प्रीति की कुंडली में सूर्य कन्या राशि में है। इस तरह अगर शुक्र की बात करें तो अभय की कुंडली में शुक्र कुंभ राशि में है जबकि प्रीति की कुंडली में शुक्र सिंह राशि में है। यहां विपरीत आकर्षण सिद्धांत सकारात्मक रूप से काम कर रहा है।

अगर राहु केतु की स्थिति की बात की जाए तो प्रीति की कुंडली में यह दोनों क्रमशः मेष तथा तुला में हैं, जबकि अभय की कुंडली में इनकी उपस्थिति क्रमशः तुला व मेष में है। यह तथ्य संकेत देता है कि दोनों के बीच संबंध भाग्य वश है। हालांकि, इस संबंध का मतभेद रहित होना बहुत कठिन है।

राहु केतु की उपस्थिति मेष एवं तुला की धुरी आम तौर पर संकेत देती है कि इस परिस्थिति में जन्में व्यक्ति को अपनी पहचान खोजने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इस तरह के जातक दूसरों से ज्ञान प्राप्ति करते हैं, जो इनके उत्साह में वृद्घि करता है। दूसरी तरफ इनको वैवाहिक जीवन में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है क्योंकि मेष एवं तुला की धुरी क्रमशः स्वयं व सहकारिता को प्रकट करती है। इसके कारण दोनों को अपने संबंध बचाए रखने के लिए बहुत अधिक समर्पण भाव रखना होगा अन्यथा दोनों की सार्वजनिक छवि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।


गणेशजी महसूस करते हैं कि इस रिश्ते में परस्पर आकर्षण महानतम स्तर पर है, जो किसी भी रिश्ते के लिए बहुत अहम होता है। फिर भी इस रिश्ते को आदर्श स्तर पर लेकर जाने के लिए बहुत सावधानीपूर्वक कदम उठाने होंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो रिश्ते के प्रति समर्पण भाव की जरूरत रहेगी।


ग्रहीय स्थिति संकेत देती है कि यदि दोनों गृहस्थ जीवन में प्रवेश करते हैं तो उनके ग्रह करियर दृष्टि से बहुत एक दूसरे के पूरक हैं। करियर के क्षेत्र में उनको प्रगति मिलेगी। हालांकि गणेशजी एक अन्य व महत्वपूर्ण बात कहते हैं कि दोनों को करियर व गृहस्थ जीवन में स्पष्ट रेखाएं खींचनी होंगी अन्यथा जीवन साथी करियर प्रतिद्वंद्वी बन सकते हैं, जिससे गृहस्थ जीवन तथा करियर दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

क्या आप अपनी समस्या अपने खास लोगों के साथ बांटने से हिचकचाते हैं? अगर हां तो, अपनी कुण्डली के विश्वसनीय ज्योतिषीय विश्लेषण व उस मामले, जिससे आप परेशान हैं के संदर्भ में निष्पक्ष सलाह लेने के लिए ज्योतिषी से बात करें। इतना नहीं, आपकी निजता शत प्रतिशत गोपनीय रखी जाएगी।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
भावेश एन पट्टनी
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम