गणेश जी के किस स्वरूप की पूजा आपको करनी चाहिए?

गणेश जी के किस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए (which ganesha should you worship)?

भगवान शिव और पार्वती के पुत्र, रिद्धि (संपदा) और सिद्धि (ख्याति) के देव गणेश बुद्धि और प्रसन्नता के दाता भी हैं। पूरे भारतवर्ष में मनाया जाने वाला यह गणेश चतुर्थी का त्योहार अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के उत्सव की शुरुआत ब्रिटिश काल में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा की गई थी, ताकि पूरे भारतवर्ष को सार्वजनिक रूप से एकता और अखंडता के सूत्र में बांधा जा सके। ऐसे में आपको यह जानकारी होना आवश्यक हैं कि आपको गणेश जी के किस स्वरूप की पूजा (which should you worship) करनी चाहिए।

गणेश देव की महिमा

एक करोड़ सूर्य की भव्यता और तेज से सुशोभित भगवान गणेश को किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले विघ्नहर्ता (बाधाओं को दूर करने वाले) के रूप में पूजा जाता है।  गज (हाथी) का सिर होने की वजह से ही उन्हें गजानन (हाथी के सिर वाला) कहा जाता है। लम्बोदरा नाम इसलिए पड़ा है, क्योंकि उनका पेट(उदर) बहुत विशाल हैं। त्रिशूल, अंकुश, कमल और मोदक (लड्डू) इन चारों वस्तुओं से सुशोभित है भगवान गणेश के चारों हाथ।

गणेश चतुर्थी उत्सव (ganesha worship) के समय समारोह

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है, इसी दिन भगवान गणेश का जन्मदिन है। तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात में भी इस उत्सव का बहुत महत्व है। दस दिन तक पूजा अर्चना की जाती है भगवान गणेश की इस महीने में। भगवान गणेश की सुंदर-सुंदर प्रतिमाओं को सजा कर घर- घर में स्थापित किया जाता है, साथ ही शहरों और कस्बों में कई तरह के समारोह का आयोजन किया जाता है ।

राशि के अनुसार कैसे मनाएं गणेश उत्सव (which ganesha should you worship)

गणेश का मानना है कि अलग-अलग राशि के जातकों को अलग-अलग रूप में भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। तो आगे बढ़ो और अपनी राशि के अनुरूप ही अपने देव गणेश को चुनें।

अगर आप विधिवत रूप से भगवान गणेश की पूजा करवाकर उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें…

गणेश का राशि स्वरूप

मेष-       वक्रतुंड

वृषभ-     एकदंत

मिथुन-   कृष्णपिंगाक्ष

कर्क-      गजवक्त्र

सिंह–      लम्बोदर

कन्या-    विकट

तुला-     विघ्नराजेंद्र

वृश्चिक-   धूम्रवर्ण

धनु-       भाल चंद्र

मकर-    विनायक

कुंभ-     गणपति

मीन-     गजानन

राशि के अनुरूप अपने देव गणेश की पूजा अर्चना करें और जीवन में सकारात्मकता प्राप्त करें। आपको गणेश चतुर्थी महोत्सव 2021की शुभकामनाएं।

गणेश की कृपा से

धर्मेश जोशी और शंकरभाई एस पटेल

गणेशास्पीक्स.कॉम टीम

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