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क्या होती है नवग्रह लक्ष्मी, कैसे करें इन्हें प्रसन्न

नवग्रह लक्ष्मी साधना

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिन और रात को 12 राशियों में बांटा गया है और प्रत्येक प्राणी का जन्म इन्हीं में से एक राशि के तहत होता है। प्रत्येक राशि का अपना विशिष्ट प्रभाव होता है। इन 12 ग्रहों में से नौ ग्रह देवी लक्ष्मी से जुड़े हुए हैं। या यूँ कहें कि देवी लक्ष्मी के नौ अवतार से प्रत्येक ग्रह जुड़ा हुआ है। इसलिए पृथ्वी पर लक्ष्मी के सभी नौ अवतारों की नवग्रह लक्ष्मी के रूप में पूजा की जाती है।

हम यहाँ पर विभिन्न ग्रहों से जुड़े लक्ष्मी के नौ अवतारों का विवरण प्रस्तुत कर रहे है। साथ ही हम इन ग्रहों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में भी जानकारी प्रदान कर रहे है।

सूर्य लक्ष्मी : इसका सकारात्मक प्रभाव आपको वास्तविक साधनों और धन से भरपूर करता है, जबकि नकारात्मक प्रभाव से बेईमानी का धन प्राप्त होता है।
चंद्रमा लक्ष्मी : इसका सकारात्मक प्रभाव आपको अच्छा स्वास्थ्य देता है, जबकि नकारात्मक प्रभाव से अस्वस्थता आती है।
मंगल लक्ष्मी : यदि यह ग्रह आपका साथ देता है, तो आपको सफलता आसानी से मिल जाएगी, और यदि इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं, तो आप पतन की और अग्रसर हो सकते ।
बुध लक्ष्मी : बुध की सहायता से आप स्कूल और कॉलेज में स्वर्ण पदक प्राप्त कर सकते हैं; अन्यथा, आपको केवल एक सांत्वना परिणाम से संतुष्ट होना होगा।
गुरु (बृहस्पति) लक्ष्मी :

बृहस्पति के आशीर्वाद से आपको अच्छे संस्कार वाला बालक /बालिका मिलेंगे। यदि बृहस्पति आप पर क्रोधित है, तो आपको बिना गुण वाले च्चे प्राप्त हो सकते हैं।

शुक्र लक्ष्मी : यदि आप एक व्यावहारिक और गुणी पत्नी चाहते हैं, तो शुक्र की पूजा करें; यदि शुक्र की आप पर बुरी नजर है तो इसके दुष्प्रभाव के कारण आपको सके ठीक विपरीत दुष्ट पत्नी मिल सकती है।
शनि लक्ष्मी : शनि का सकारात्मक प्रभाव वास्तविक साधनों से अर्जित धन में प्रचुरता लाता है, जबकि नकारात्मक प्रभाव में बेईमान तरीके से प्राप्त धन शामिल होता है।

राहु लक्ष्मी : यदि राहु आप पर मेहरबान है, तो आपके दोस्त बहुत अच्छे होंगे; लेकिन राहु की एक भी बुरी नज़र आपका जीवन खराब कर सकती है। इसके दुष्प्रभाव के कारण आप झूठे और धोखेबाजों से घिरे रहेंगे।

केतु लक्ष्मी : एक विनम्र केतु आपको प्रसिद्धि दे सकता है, जबकि क्रूर केतु आपके व्यक्तित्व में निन्दा ला सकता है।

देवी लक्ष्मी के इन नौ अवतारों ‘नवग्रह लक्ष्मी’ की पूजा करके हम इनकी कृपा से अपना जीवन परिपूर्ण कर सकते है। साथ ही निम्नलिखित परम मंत्र का पाठ करने पर व्यक्ति मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

‘ॐ ह्रीं अष्टलक्ष्मी दरिद्रय विनाशिनी सर्वसुख स्मृति”
देहि देही ह्रीं ओम नमः !!

प्रत्येक राशि से जुड़े नवग्रह लक्ष्मी मंत्र इस प्रकार हैं :

मेष : ॐ ओम क्लीं सौं
वृष : ॐ ऐं क्लीं श्री
मिथुन : ॐ क्लीं ऐम सौं
कर्क : ॐ ऐम क्लीं श्री
सिंह : ॐ ह्रीं श्रीं सौं
कन्या : ॐ श्री आम ॐ
तुला : ॐ ह्रीं क्लीं श्री
वृश्चिक : ॐ ओम क्लीं सौं
धनु : ॐ ह्रीं क्लीं सौं
मकर : ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्री सौं
कुंभ : ॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्री
मीन : ॐ ह्रीं क्लीं सौं

With Ganesha’s Grace,
Dharmeshh Joshi,
www.GaneshaSpeaks.com

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