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Rahu and Ketu: रहस्यमय राहु और केतु के गोचर प्रभाव

Rahu and Ketu: रहस्यमय राहु और केतु के गोचर प्रभाव

अध्यात्मिक स्तर पर राहु और केतु (Rahu and Ketu) दोनों एक ही शरीर के दो भाग हैं। वैदिक शास्त्रों के अनुसार केतु स्वरभानु राक्षस का धड है वहीं सिर के हिस्से को राहू कहते हैं। यह स्थिति तब बनी थी, जब देवता और राक्षस अमृत के लिए आपस में झगड रहे थे। इस दौरान भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत का पान कर रहे थे। तभी एक असुर देवता का रूप धारण कर देवताओं की कतार में लगकर अमृत पान कर लेता है। यह देख भगवान विष्णु अपने सुदर्शन चक्र से उस असुर का सिर काट देते हैं। तब से यह दोनों भाग आकाश में दो ग्रहों के रुप से स्थापित हैं। वहीं ज्योतिष के अनुसार राहु और केतु दोनों ही छाया ग्रह है। लेकिन इनका प्रभाव काफी व्यापक है। वर्ष 2021 राहु और केतु का किसी भी राशि में गोचर नहीं हो रहा है। आइये दोनों ही ग्रहों के ज्योतिषीय महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव से बचने का सबसे कारगार उपाय है, राहु और केतु दोष की शांति पूजा… पूजा कराने के लिए यहां क्लिए करें…

राहु ग्रह शांति पूजा

केतु ग्रह शांति पूजा


राहु और केतु (Rahu and Ketu) सूर्य एवं चंद्रमा के परिक्रमा पथों के आपस में काटने के दो बिन्दुओं के द्योतक हैं। जो पृथ्वी के सापेक्ष एक दूसरे के उल्टी दिशा में 180 डिग्री पर स्थित रहते हैं। ये ग्रह कोई खगोलीय पिंड नहीं बल्कि छाया ग्रह है। यदि कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत होती है तब व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान के साथ अप्रत्याशित सफलताएं मिलती है। इसके विपरीत यदि कुंडली में राहु की स्थिति प्रतिकूल है तो यह अनेक प्रकार की शारीरिक परेशानियों को जन्म दे सकता है। 2019 से 2020 में 7 मार्च 2019 को रात्रि 02:48 बजे राहु का मिथुन राशि में गोचर हुआ था। वहीं 23 सितंबर 2020 को सुबह 05:28 बजे उसका वृषभ राशि में गोचर हुआ। वहीं केतु धनु से वृश्चिक राशि में चला गया। ये दोनों ही ग्रह किसी एक राशि में 18 महीने तक रहते हैं। वर्ष 2021 में राहु-केतु का गोचर किसी भी राशि में नहीं हो रहा है, लेकिन वह नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। अन्य ग्रहों के विपरीत, राहु और केतु अंतरिक्ष में सिर्फ बिंदु नोड्स हैं। इनका कोई द्रव्यमान नहीं है। लेकिन उन्हें अधिकांश अन्य ग्रहीय पिंडों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना जाता है। वे हमेशा विपरीत दिशा में परागमन करते हैं। दोनो प्रतिगामी है। यहां हम व्यक्तिगत राशियों के संबंध में राहु गोचर की जांच करेंगे। राहु और केतु का महत्व केवल गुरु और शनि के बाद आता है। वे अदृश्य व रहस्यमय बिंदु हैं। जो अंतरिक्ष में ग्रहण का कारण बनते हैं। तकनीकी रूप से कहें तो ये ग्रह नहीं हैं। लेकिन इनका प्रभाव इतना महत्वपूर्ण है कि इन्हें ग्रहों का दर्जा दिया गया है। राहु, केतु, गुरु और शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। इस प्रकार किसी भी राशि के माध्यम से पारगमन में होने पर अधिकतम ध्यान देने की आवश्यकता होती है।किसी भी ग्रह के गोचर के प्रभाव को पूर्ण रूप से अशुभ या पूर्ण रूप से शुभ नहीं कहा जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। राहु का एक सकारात्मक पक्ष यह है जो संचार, नए आविष्कार, प्रौद्योगिकी आदि में सफलता दिलाता है। राहु बहिर्मुखी, पुष्टि करने वाला और महत्वाकांक्षी है, जबकि केतु अध्यात्मिकता और मोक्ष की ओर ले जाता है। साथ ही अंतर्मुखी और नकारात्मकता की ओर मोड़ता है।क्या आपके जीवन में लगातार परेशानियां आ रही है, और आप उनसे छुटकारा पाने चाहते हैं, तो अभी हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों को कॉल करें…


केतु के पारगमन आमतौर पर बहुत अधिक कठिन होता है। केतु आपके कर्म से संबंधित है। गोचर के दौरान राहु आपको बहुत कुछ देगा। यहां तक कि आपको आगे भी बढ़ाएगा। ज्योतिष शास्त्र में गहरी रुचि रखने वाले राशि चक्र के माध्यम से राहु और केतु की गति ध्यान से देखते है। भौतिकवाद का ग्रह राहु विशेष क्षेत्रों में भौतिक लाभ देता है। यह ‘केंद्र’ और ‘त्रिकोण’ में बहुत अच्छे परिणाम देता है। राहु का उपयुक्त स्थान सुख लाता है। यदि शुभ दृष्टि से देखा जाए तो यह सुख के साथ-साथ धन प्राप्ति और एक शक्तिशाली सामाजिक स्थिति का भी प्रतीक है। लेकिन एक अनुचित प्लेसमेंट चिंता और ऐसी स्थिति ला सकता है जिसमें आप वास्तव में भौतिक लाभ का आनंद नहीं ले पाएंगे। प्रतिकूल प्रभावों में पद की हानि, कानूनी परेशानी और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। केतु व्यक्ति को उस भावन के लाभों से वंचित करेगा जिसमें वह गोचर कर रहा है। साथ ही यह जातक को उच्च स्तर पर सोचने के लिए प्रेरित करता है। विशिष्ट परिणाम आपके जन्म कुंडली की मूल शक्ति तथा किसी व्यक्ति की चल रही ‘महादशा’ पर भी निर्भर करता है।

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गणेशजी के आशीर्वाद सहित,

आर शकुंतला

सेलेब्रिटी एस्ट्रोलोजर

गणेशास्पीक्स टीम


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A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

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