वर्ष 2015 में मानसून कैसे रहेगा ? जानिए! गणेशजी की दृष्टि से - GaneshaSpeaks
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वर्ष 2015 में मानसून कैसे रहेगा ? जानिए! गणेशजी की दृष्टि से

वर्ष 2015 में मानसून कैसे रहेगा ? जानिए! गणेशजी की दृष्टि से

आम तौर पर, ज्योतिषी सूर्य के आद्रा नक्षत्र के बीच पारगमन को केंद्र में रखते हुए ही मानसून तथा बारिश के बारे में भविष्यवाणी करते हैं। किंतु, इस समय, गणेशजी देख रहे हैं कि आद्रा प्रवेश कुंडली भारतीय मानसून के संदर्भ में स्पष्ट एवं ठोस संकेत नहीं दे रही है। इसलिए, हम भारत में मानसून 2015 की स्थिति को समझने के लिए वैकल्पिक ज्योतिषीय विधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

निष्कर्ष और भविष्यवाणियां
सर्वप्रथम एवं अति महत्वपूर्ण – गणेशजी मर्इ महीने के अंत में वातावरण में असामान्य एवं अप्रत्याशित मामूली बदलाव की संभावना देखते हैं। यह बदलाव कुछ सामान्य से अलग हो सकता है, किंतु मानसून तथा मौसम के पैटर्न को तय करेगा।

दूसरे शब्दों में कहें तो गणेशजी कह रहे हैं कि मर्इ महीने के अंत तक यदि वातावरण तथा प्रकृति सामान्य स्थिति में रहते हैं, तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि भारत में इस वर्ष मानसून सामान्य रहेगा। यदि मौसम में असामान्य परिस्थितियां देखने को मिलती हैं तो असामान्य मानसून पैटर्न से इंकार नहीं किया जा सकता।

भारतीय मौसम के संदर्भ में जून का महीना काफी मुश्किल भरा रहने वाला है। गणेशजी देख रहे हैं कि भारत के कुछ स्थानों पर समय से पहले मानसून दस्तक दे सकता है। दक्षिण भारत के साथ साथ भारत के अन्य हिस्सों में भी मानसून की हलचल देखने को मिलेगी क्योंकि उस समय गुरू एवं शनि अजीब परिस्थितियों में पारगमन करेंगे। सूर्य एवं मंगल की युति बहुत तेज गर्मी तथा उच्च स्तरीय नमी का संकेत दे रही है।

इसके अलावा, जून एवं जुलार्इ 2015 के दौरान तेज हवाआें एवं आंधियों में हलके से सुधार की उम्मीद कर सकते हैं।

गणेशजी एक अन्य ग्रहीय समीकरण देख रहे हैं कि अशुभ ग्रह राहु एवं केतु क्रमशः भूमि एवं जल तत्व की राशि के बीच से भ्रमण कर रहे हैं। आने वाले कुछ महीनों में दोनों ग्रह सूर्य एवं मंगल की केंद्रीय दृष्टि प्रभाव अधीन होंगे, जो कि बहुत अशुभ संकेत है। इस ग्रहीय गतिविधि के के कारण मध्य जून से लेकर मध्य जुलार्इ तक वातावरण में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

इसके अलावा ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्राकृतिक अशुभ ग्रह शनि आने वाले समय में अनुराधा नक्षत्र के बीच से गुजरेगा, जो जलतत्व राशि वृश्चिक में असंतुलन का कारण बनेगा। इस परिदृश्य में हम कह सकते हैं कि भारत के कुछ भागों में न मानसून होगा एवं न बारिश होगी।

कुल मिलाकर, गणेशजी ग्रहीय स्थितियां देखने के बाद कहते हैं कि वर्ष 2015 में मानसून सामान्य रहेगा, हालांकि, भारत के अलग अलग हिस्सों में बारिश का स्तर कम ज्यादा रह सकता है। दूसरे शब्दों में कहें तो भारत के कुछ हिस्सों में बाढ़ सी स्थिति बन सकती है एवं कुछ हिस्सों में बारिश बहुत कम स्तर की होगी।

गणेशजी के आर्शीवाद सहित,
मालव भट्ट
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम टीम

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