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मंगल का आपकी राशि पर पड़ेगा क्या प्रभाव, जानिए

Published on जनवरी 21, 2021

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मेष राशि में मंगल (mars)

मेष राशि के जातकों में मंगल (mars) बहुत सक्रिय होता है। वे क्रोध करने में आगे रहते हैं, लेकिन उनका गुस्सा जल्दी ठंडा भी हो जाता है। इन जातकों की अब तक की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि ये बीत चुके को बीत जाने देते हैं और कभी भी द्वेष नहीं रखते। वर्तमान में जीना है, ये कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल, पर मेष राशि के जातक इसे काफी आराम से करते हैं। ये जातक अपनी प्रवृत्ति को सुनते हैं और अपने दम पर सोचते हैं, त्वरित निर्णय लेने वाले बनते हैं, वे शायद ही कभी गलत होते हैं और इसका श्रेय उन्हें ही जाता है। जब कोई कार्य समाप्त हो जाता है, तो वे ब्रेक लेने के लिए नहीं बैठते, स्वचालित रूप से अगली पंक्ति में काम करते हैं। आपकी जन्म कुंडली में मंगल (mars) के अनुसार अकूत संपत्ति, सादगी, कार्य की शुद्धता और मौलिकता है। ये क्रोध को काबू में लाने में मदद करते हैं। जब जीवन में सब पूर्व निर्धारित होने लगता है, तो ऊब होने लगती है। ऐसे में वे उत्साह पैदा करने के लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं। जब रिश्तों की बात आती है, तो मेष राशि में मंगल वाले जातक थोड़े चंचल होते हैं और जल्द ही एक व्यक्ति के साथ रहने से ऊब जाते हैं, लेकिन जब वे सही व्यक्ति से टकराएंगे, तो अंत तक वफादार रहेंगे।

वृषभ राशि में मंगल (mars)

वृषभ राशि के जातकों में मंगल (mars) होने पर यूं तो वे शांत और स्थिर रहते हैं, लेकिन गलत तरीके से उन्हें छेड़ने पर वे वास्तव में भड़क सकते हैं। हालांकि वे कभी भी आसमां को सिर पर नहीं उठाएंगे, वे अपने क्रोध को बहुत चतुराई से, लेकिन मारक तरीके से व्यक्त करेंगे। वे सुरक्षा के लिए तरसते हैं और विभिन्न राशियों में मंगल के अनुसार अपनी संपत्ति जमा करने की प्रवृत्ति रखते हैं। वे कड़ी मेहनत करने वाले हैं और वे जो चाहते हैं, उसे हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे, भले ही इसे हासिल करने में लंबा समय लगे। वृष राशि में मंगल (mars) के साथ जन्म लेने वाले लोग बहुत कामुक होते हैं। उन्हें जगाना आसान नहीं होता, लेकिन जब वे उत्तेजित हो जाते हैं, तो उन्हें रोकना नामुमकिन होता है। जल्दी करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे आप केवल निराश ही होंगे। वे अपनी गति से काम करेंगे, लेकिन वे जो देंगे, वह गुणवत्तापूर्ण होगा।

मिथुन राशि में मंगल (mars)

मिथुन राशि में मंगल (mars) वाले जातकों को आगे बढऩे के लिए बस थोड़े से प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है, क्योंकि वे धीमी शुरुआत करने वाले होते हैं। इसके अलावा वे आसानी से ऊब भी जाते हैं। ऐसे में उन्हें लगातार प्रेरित रखने की जरूरत होती है। अजीब बात यह है कि जब उनके पास करने के लिए कुछ नहीं होता है, तो उनकी ऊर्जा समाप्त हो जाती है, और जब उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो वे ऊर्जा के अप्रत्याशित भंडार को समेटने में सक्षम होते हैं। ये लोग बहुत जल्दी से क्रोध नहीं करते हैं, लेकिन जब वे क्रोधित हो जाते हैं, तो वे इसे तीखे व्यंग्यात्मक तरीके से निकालना पसंद करते हैं, ये उनके आस-पास के लोगों को चुभ सकता है। क्रोधित न होने पर भी, मिथुन राशि में मंगल (mars) वाले जातक बेहद बातूनी होते हैं और वे तब तक ताने मारते रहते हैं, जब तक कि कोई उन्हें रुकने के लिए नहीं कहता।

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मंगल कर्क राशि में

कर्क राशि में मंगल (mars) के जातक सुरक्षा के लिहाज से बहुत कुछ रखते हैं और इस सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी चीज के लिए आक्रामक तरीके से प्रतिक्रिया करेंगे, हालांकि धैर्यवान तरीके से। वे सक्रिय रूप से परिवर्तन का विरोध करते हैं और बहुत दृढ़ होते हैं। हालांकि वे समझ में कम लग सकते हैं, लेकिन वे अपने संकल्प पर अधिकतम सीमा तक टिके रहते हैं। कर्क राशि के जातकों में मंगल (mars) उदास महसूस करा सकता है, जब लोग उनके प्रति उदासीनता से प्रतिक्रिया करते हैं, तब लोग उन्हें वह महत्व नहीं देते हैं, जिसके वे हकदार हैं। उनका गुस्सा निष्क्रिय होता है, और वे तब तक आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं करते हैं, जब तक कि उन्हें ये न लगे कि उन्हें जानबूझकर एक खराब स्थिति में धकेल दिया गया है। तब उनका भावनात्मक प्रकोप ज्वालामुखी बन सकता है। रिश्तों में वे बहुत वफादार और भरोसेमंद होते हैं और बहुत अच्छे दीर्घकालिक साझेदार बनाते हैं।

सिंह राशि में मंगल

सिंह राशि के जातकों में मंगल (mars) हमेशा सामान्य से ऊपर उठने का प्रयास करता है। वास्तव में वे बहुत महत्वाकांक्षी हो सकते हैं और पूरी दुनिया के लिए नहीं तो कम से कम उस समुदाय के लिए, जिसमें वे रहते हैं, एक बड़ा बदलाव करना चाहते हैं। समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिए बिना उन्हें लगता है कि उनका जीवन व्यर्थ हो गया है। इन लोगों की तीव्र इच्छाएं हो सकती हैं और वे उनके प्रति बहुत भावुक हो सकते हैं, और यह जुनून ही उन्हें महान सहनशक्ति देता है, जो उन्हें अपनी इच्छाओं को प्राप्त करने में मदद करता है। सिंह राशि के जातकों में ये मंगल (mars) उच्च दांव खेलना पसंद करते हैं, और बड़े जोखिम उठाते हैं, लेकिन साथ ही साथ बहुत जिम्मेदार लोग होते हैं, और ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे, जो उन्हें अपनी जिम्मेदारियों की पालना करने से रोके। रिश्तों में वफादारी और ईमानदारी अहम है।

कन्या राशि में मंगल

कन्या राशि के लोगों का मंगल (mars) वास्तव में आक्रामक नहीं होता है। हालांकि, वे कभी-कभी थोड़े आलोचनात्मक हो सकते हैं, वे कभी भी अपना भार किसी पर डालने के लिए सहारा नहीं ढूंढ़ेंगे। फिर भी कन्या राशि में मंगल होने से कुछ मुश्किल हो सकती है। हालांकि जब वे क्रोधित होते हैं, तो वे दबंग हो सकते हैं और अंतहीन रूप से तब तक सताते रहते हैं, जब तक कि उनका गुस्सा किसी प्रकार से शांत न हो जाए। वे कभी-कभी अति-भावनात्मक हो सकते हैं और त्वरित घबराहट के शिकार हो सकते हैं। नियमों को लेकर वे विनम्र हो सकते हैं और ‘टी’ के निर्देशों का पालन करेंगे, कभी-कभी उनकी चीजों को करने की अपनी धारणाएं होती हैं और वे इसे अपने तरीके से करने के लिए बहुत जिद्दी हो सकते हैं। वे ऊर्जावान होते हैं और उनमें बहुत सहनशक्ति होती है, जब कोई प्रोजेक्ट बहुत लंबा खिंचता है, तो उन्हें ऊब और बेचैनी हो सकती है।

तुला राशि में मंगल (mars)

तुला राशि में मंगल के जातक प्रतिक्रिया करने के बजाय चीजों का जवाब देते हैं, जो एक बहुत ही परिपक्व गुण है और स्थितियों को खराब होने से रोकता है। हालांकि, सोच-समझकर जवाब देने में स्थिति पर विचार करने में कुछ समय लगता है, वे कभी-कभी अनिर्णायक भी हो सकते हैं या निर्णय लेने में देरी कर सकते हैं, जो लंबे समय में उनके स्वयं के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। यह प्रवृत्ति उन्हें अनावश्यक रूप से क्रोधित होने से बचाती है, तुला राशि में मंगल वाले जातकों को विवेक से समझौता किए बिना बीच का रास्ता निकालना सीखना होगा। ये लोग स्वभाव से शांत होते हैं, लेकिन यही गुण उनके आसपास के कुछ लोगों को परेशान कर सकता है, और ऐसा नहीं है कि वे अंदर के गुस्से को महसूस नहीं करते हैं, बस इतना है कि वे इसे अच्छी तरह से नियंत्रित करते हैं। यह क्रोध तब अन्य नकारात्मक साधनों जैसे छल या छलपूर्ण चालों में दूसरों को नीचा दिखाने के लिए प्रसारित हो जाता है।

वृश्चिक राशि में मंगल (mars)

वृश्चिक राशि में मंगल के साथ जन्म लेने वाले लोग खुद के लिए असंभव रूप से महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करते हैं, और अपने सभी संसाधनों के साथ उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। उनके पास एकाग्रता और दृढ़ संकल्प की महान शक्तियां होती हैं, जो उन्हें जीवन में अपने उद्देश्य में अच्छी स्थिति में खड़ा करती हैं। वे मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं, भले ही उन्हें अन्य लोगों की भावनाओं का शोषण करना पड़े, वैसे उनके पास महान अंतर्दृष्टि है। वृश्चिक राशि के जातकों में मंगल, अपने मानकों को बहुत ऊंचा स्थापित करने के बाद, लगातार यह जांचने के लिए खुद को परखते रहते हैं कि क्या वे उन्हें हासिल कर पाएंगे! यह अपनी खुद की असुरक्षा को छिपाने के लिए कोई चाल नहीं है और यह उनके आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ करता है। कई बार उनके आस-पास के अन्य लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

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धनु राशि में मंगल (mars)

धनु राशि में मंगल के जातक अपने क्रोध पर ज्यादा काम करने की प्रवृत्ति रखते हैं। वे दूसरे देश जा सकते हैं या जिम में ट्रेडमिल को आजमा सकते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह उनके गुस्से को दूर करने का एक सकारात्मक तरीका है, लेकिन कभी-कभी उनके लिए यह पर्याप्त नहीं होता है, ऐसे में यह बहुत सारे नकारात्मक तरीकों से निकलता है, जिसका नुकसान उन्हें और उनके आसपास के लोगों, दोनों को हो सकता है। यह तथ्य कि उनके पास बहुत कम धैर्य है, ज्यादा मदद नहीं करता है। धनु राशि के जातकों में मंगल को भी अपनी साहसिक भावना में शामिल होने की आवश्यकता होती है, जो किस्मत से उनमें बहुत है। इसके लिए उन्हें यात्रा करनी होगी, जिससे न केवल उनकी बुद्धि का विस्तार होगा, बल्कि वे ऐसी चीजें सीखेंगे, जो उनके व्यवसाय में काम आ सकती हैं।

मंगल (mars) मकर राशि में

मकर राशि में मंगल के जातक चीजों पर पूर्ण नियंत्रण रखना पसंद करते हैं। अपने जीवन के लक्ष्यों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने वाले ये लोग मेहनत करने से पीछे नहीं हटते हैं। जिस तरह से वे आराम से और परिपक्व तरीके से क्रोध से निपटते हैं, उसमें आत्म-नियंत्रण की यह प्रचुरता भी स्पष्ट होती है। कई बार अपने गुस्से पर काबू पाने के लिए ये जातक अपने काम में और भी डूब जाते हैं। मकर राशि के जातकों का मंगल स्वभाव से भौतिकवादी होता है, लेकिन अपनी उपलब्धियों या संपत्ति को नहीं दिखाता है। उनकी शारीरिक इच्छाएं जरूर होती हैं, लेकिन वे उनमें अति नहीं करते हैं। ये लोग खुद के लिए और दूसरों के लिए कभी-कभी थोड़े कठोर हो सकते हैं। हालांकि, उनके पास जिम्मेदारी की एक मजबूत भावना है और इसलिए किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के मामले में उन पर भरोसा किया जा सकता है।

कुंभ राशि में मंगल (mars)

दूसरों के द्वारा इधर-उधर धकेला जाना एक ऐसी चीज है, जो वास्तव में कुंभ राशि में मंगल के जातकों को प्रभावित कर सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी स्वतंत्रता की भावना काफी मजबूत होती है और जब कोई उन्हें धक्का देने की कोशिश करता है, तो वे वास्तव में क्रोधित हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें घुटन महसूस होती है। कुंभ राशि में मंगल के इन जातकों को बहुत अधिक स्थान की आवश्यकता होती है और वास्तव में ये तब संवेदनशील हो सकते हैं, जब कोई उनकी भावनाओं के साथ खेलने की कोशिश करता है। रिश्तों में ये जातक आमतौर पर आसक्त होने की तुलना में अधिक अलग होते हैं, लेकिन ये मजेदार लोग होते हैं। वे दूसरों को हैरान करना और चौंका देना पसंद करते हैं, हमेशा हास्य की एक स्वस्थ परत के साथ, जो उन्हें मिलनसार व्यक्ति बनाता है। वे देना पसंद करते हैं, लेकिन शायद ही कभी बदले में कुछ पाने की उम्मीद करते हैं। ये लोग स्वयं स्वतंत्र होते हैं, साथ ही, दूसरों की स्वतंत्रता का भी बहुत सम्मान करते हैं, और शायद ही कभी दूसरों के निजी जीवन में दखल देते हुए पाए जाते हैं।

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मीन राशि में मंगल

मीन राशि में मंगल के जातक कुछ सज्जन व्यक्ति होते हैं। इस संयोजन में थोड़ा विरोधाभास है। मंगल मुखरता का ग्रह है, जबकि मीन राशि नहीं है और धारा के साथ तैरने में प्रसन्न होती है। हालांकि यह कभी-कभी एक समस्या पैदा कर सकता है, खासकर जब कोई उनके साथ अन्याय कर रहा हो और वे क्रोधित हो जाते हैं, ऐसे में वे ना तो अपना गुस्से व्यक्त कर पाते हैं और न ही अपना पैर पीछे खींच पाते हैं। यदि यह जाने देने की उनकी क्षमता के लिए नहीं था, तो वे अंत में खुद को ही दोष देने लगेंगे और फिर क्रोध खुद पर फिर से निर्देशित हो जाएगा। हालांकि उनका स्वभाव ऐसा है कि वे भूल जाते हैं और क्षमा कर देते हैं, और बात वहीं टिकी हुई है। जब काम की बात आती है, तो वे बहुत चंचल हो सकते हैं। एक दिन वे बहुत तेज गति से काम करते हुए पाए जाएंगे, जबकि दूसरी तरफ वे बस आराम करते हुए पाए जा सकते हैं।

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गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम