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भारत के लिए वर्ष २०१३ कैसा रहेगा ?

kundali

स्वतंत्र भारत की कुंडली
१५-०८-१९४७, रात ००ः०० घंटेवर्ष की शरुआत से 31 मई 2013 तक बृहस्पति भारत की कुंडली के लग्न स्थान से संयोजन करेगा। इस कारण भारत का विकास धीरे – धीरे बढ़ेगा। बृहस्पति का संयोजन सातवें स्थान को भी प्रभावित करेगा, इस कारण शत्रु देशों के साथ भारत के संबंध सुधार जारी रहेगा।

1 जून 2013 से साल के अंत तक बृहस्पति कुंडली के दूसरे स्थान से संयोजन करेगा जहां मंगल बैठा है। इस स्थिति के कारण आरबीआई भारतीय अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। अन्य मुद्राओं की तुलना में भारतीय मुद्रा का दर बहुत अस्थिर रहेगा। यह भारत में एफडीआई को प्रभावित करेगा। सरकार राष्ट्रीय बचत योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कदम उठाएगी।

राहु और केतु भारत की कुंडली के छठे स्थान से गुजरेंगे और इस कारण महामारी फैलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट आएगी। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद बढ़ेगा लेकिन भारत सरकार उन्हें रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी। 2013 के उत्तरार्ध में राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी।

भारत की कुंडली के 12 स्थान से केतु का संयोजन यह संकेत करता है कि देश अनिवासी भारतियों के निवेश से वंचित होगा। राष्ट्रीय वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

2013 के उत्तरार्ध में मनोरंजन उद्योग को बाहरी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ेगा। इस कारण से कई कम बजट की अच्छी फिल्में प्रदर्शित हो सकती है।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम