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जन्मपत्रिका – जन्मकुंडली, जन्म राशि, जन्मपत्रिका ज्योतिषशास्त्र

जन्मपत्रिका – जन्मकुंडली, जन्म राशि, जन्मपत्रिका ज्योतिषशास्त्र

जन्म कुंडली- अपने और अपने जीवन के बारे में पता करने का सबसे अच्छा तरीका है। किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली जन्म के समय ‘आकाश के नक्शे’ की तरह है। इसलिए जन्म के समय राशि चक्र में ग्रहों की स्थिति का व्यक्ति के जीवन पर प्रबल प्रभाव पड़ेगा। इसे ज्यादातर जन्मकुंडली के नाम से जाना जाता है। दूसरे नाम मूलांक और जन्मकाल भी हैं। जन्मकुंडली में सबसे पहले व्यक्ति के जन्म के समय का आर.ए.एम.सी. (Right Ascension of Meridian Cusp) की गणना की जाती है। इसके बाद स्थानीय समय पर आधारित जन्मकाल का लग्न तय किया जाता है। इन सबके बाद दिए हुए घर प्रणाली के आधार पर घरों की गणना की जाती है।

एक बार जब जन्म कुंडली तैयार हो जाए तो जन्म के समय ग्रहों की स्थिति की गणना करके उसे जन्मकुंडली में डाल दिया जाता है।वैदिक ज्योतिष में सारणी, अन्य प्रभागीय चार्ट और दशा भुक्ति की भी गणना की जाती थी जिसे व्यापक रूप से ग्रहों की अवधि के रूप में जाना जाता है। कुंडली तैयार है और अब भविष्य के बारे में बताया जा सकता है।

यहां आपको आश्चर्य हो सकता है कि जन्मकुंडली का लाभ क्या है? खैर, यह आपका सिर से पांव तक वर्णन करता है।ग्रहों की कोडित भाषा आप के भीतर और बाहर क्या है इसके बारे में संकेत देता है। यह व्यक्ति से संबंधित कुछ भी नापने का पैमाना है। संक्षेप में जन्मकुंडली व्यक्ति को भीतर बाहर जानने का एक शक्तिशाली उपकरण है। यदि आप उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानते हैं तो आपको यह पता होगा कि उसके साथ आपको कैसा व्यवहार करना है और आप उस व्यक्ति को कैसे संभाल सकते है। कभी कभी, हम एक व्यक्ति से उसकी क्षमता से परे की उम्मीद कर लेते हैं। इससे दोनों को वैमनस्य और निराशा हो सकती है। लेकिन हम जन्मकुंडली से उस व्यक्ति का उज्ज्वल और कमजोर पक्ष जान सकते हैं और फिर उसके अनुसार बर्ताव कर सकते हैं। एक बेहतर और स्वस्थ समाज का विचार है, जो तभी संभव हो सकता है जब हमें व्यक्ति के सामर्थ्य का पता हो।

जन्मकुंडली जीवन की संभावित घटनाओं पर आधारित है। कुंडली इस बात की भविष्यवाणी करती है कि आपके भाग्य में क्या है और क्या नहीं है।जैसे कि, अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह की मास्टर डिग्री प्राप्त नहीं कर रहा है (जन्म कुंडली में उच्च शिक्षा 9वें घर में आता है), यहां तक कि ग्रहों की सर्वोत्तम गति या दशा भुक्ति कोई सहायता नहीं कर सकता। यदि ग्रहों की गति को जन्म के समय ग्रहों की अनुपस्थिति में देखा जाता है तो भविष्यवाणी गलत हो जाएगी। कुछ लोग जो लग्न की स्थिति पर विचार कर भविष्यवाणी शुरू कर देते हैं वे पूरी तरह से गलत हो सकते हैं। ग्रहों की स्थिति के साथ जन्म कुंडली को आपके लिए संभावित चीजों और परिस्थितियों के बुनियादी कारकों की आवश्यकता होती है।

जन्मकुंडली एक शक्तिशाली उपकरण है जिसपर यदि आप विश्वास करते हैं तो यह जीवन में सही दिशा चुनने में आपकी मदद कर सकती है। और यदि आप पहले से ही सही रास्ते पर हैं, तो जन्मकुंडली का पालन करके आसानी और ख़ुशी से लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। जन्मकुंडली को जानना खुद को बहुत अच्छी तरह से जानने के बराबर है।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम