शनि जयंती 2026
शनि जयंती शक्तिशाली ग्रह देव भगवान शनि के सम्मान में मनाई जाती है। यह दिन भगवान शनि का जन्मदिन माना जाता है। शनि जयंती हर साल वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाई जाती है। इस दिन भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा, व्रत और दान किया जाता है।
महिलाएं इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखती हैं।
शनि जयंती 2026, शनिवार, 16 मई 2026
भगवान शनि से जुड़ी मुख्य जानकारी
- शासक देव – भगवान ब्रह्मा
- रंग – काला
- स्वाद – कसैला
- शरीर के अंग – मांसपेशियां
- अंक – 8
- धातु – लोहा, सीसा और टिन
शनि ग्रह को सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। ज्योतिष में इसका विशेष महत्व है।
शनि ग्रह का महत्व (सरल शब्दों में)
अक्सर लोग शनि को नकारात्मक ग्रह मानते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है।
भगवान शनि न्यायप्रिय और अनुशासन सिखाने वाले ग्रह हैं। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि परिश्रम, धैर्य और अनुशासन से ही सफलता देते हैं।
- अच्छे कर्म → शुभ फल
- गलत कर्म → संघर्ष और सीख
शनि जीवन में गुरु और न्यायाधीश की भूमिका निभाते हैं।
कुंडली में शनि की स्थिति
शुभ माने जाने वाले भाव:
- द्वितीय (2), तृतीय (3), सप्तम (7), दशम (10), एकादश (11)
अशुभ माने जाने वाले भाव:
- चतुर्थ (4), पंचम (5), अष्टम (8)
यदि शनि कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो जीवन में बाधाएं, तनाव और देरी आ सकती है।
शनि के अन्य नाम
मंद, यम, छायासुत, कृशांग, कपिलाक्ष, नील, सौरि
शनि साढ़ेसाती और ढैय्या
हर व्यक्ति के जीवन में:
- साढ़ेसाती
- ढैय्या (छोटी पनौती)
आती है।
इस दौरान संघर्ष हो सकता है, लेकिन मजबूत शनि वाले लोगों को इसी समय बड़ी सफलता भी मिलती है।
शनि जयंती 2026 तिथि और समय
- शनि जयंती – शनिवार, 16 मई 2026
- अमावस्या तिथि प्रारंभ – 16 मई 2026, सुबह 05:15 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त – 17 मई 2026, रात 01:35 बजे
शनि से जुड़ी मान्यताएं
- शनि सूर्य देव और छाया के पुत्र हैं
- यमराज शनि के छोटे भाई हैं
- किसी भी बड़े कार्य में शनि की अनुमति आवश्यक मानी जाती है
- मजबूत शनि वाले व्यक्ति संत, योगी और महान पुरुष बनते हैं
शनि ग्रह के प्रभाव
शनि जीवन के इन क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं:
- कर्म और न्याय
- आयु और मृत्यु
- धन, संपत्ति और करियर
- रोग, संघर्ष और धैर्य
- सेवा, त्याग और आध्यात्मिकता
शुभ स्थिति में शनि धन, पद, प्रतिष्ठा और स्थिर सफलता देते हैं।
शनि को प्रसन्न करने के उपाय (सरल)
- काले तिल और गुड़ का दान करें
- “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 11 माला जाप करें
- शनि स्तोत्र का पाठ करें
- काली वस्तुएं, लोहे की चीजें, कंबल, तेल दान करें
- दक्षिणमुखी हनुमान जी की पूजा करें
- शनि यंत्र की स्थापना करें
निष्कर्ष
शनि डराने वाले नहीं, बल्कि कर्मों का सही फल देने वाले ग्रह हैं।
शनि जयंती पर श्रद्धा से पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और स्थायी सफलता मिलती है।
गणेश की कृपा से,
GaneshaSpeaks टीम
