गणेशजी से जानें, क्या ट्रंप पूरा कर पाएंगे अपना कार्यकाल ?

 

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यूएस के 45वें राष्ट्रपति, डोनाल्ड ट्रंप का राजनीति से कोर्इ नाता नहीं था, वे अक्सर विवादों की वजह से सुर्खियों में रहे। राजनीति में आने से पहले वे ट्रंप आॅर्गनाॅइजेशन संभालते थे, ये संस्थान कर्इ गगनचुंबी इमारतों, आॅफिस, होटल, कैसीनो आैर गोल्फ कोर्सेज का निर्माण, नवीनीकरण आैर उनके प्रबंधन का काम करती है। ट्रंप ने 1996 to 2015 तक मिस यूएस आैर मिस यूनिवर्स काॅम्पीटिशन भी आयोजित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने रोमांचक मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को शिकस्त देकर राष्ट्रपति चुनाव जीता। वे सबसे अधिक उम्रदराज आैर अमीर व्यक्ति है जिन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला है। तो आइए जानते है कि राजनीति में उनकी ये पहली पारी सफल साबित हो पाएगी या नहीं, क्या वे अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे आैर क्या वे विश्व की राजनीति को पुनः परिभाषित करने में सक्षम होंगे। आइए जानते है इस लेख में।
डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह 
स्थानः वाॅशिंगटन डी सी, यूएस
दिनांकः 20जनवरी, 2017
शपथ ग्रहण कुंडली 
                                                                                             
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विरोध के बावजूद, ट्रम्प का रूतबा रहेगा बरकरार 
यद्यपि राष्ट्रपति ट्रम्प विवादास्पद टिप्पणियों आैर समाज के विभिन्न हल्कों से विरोध की तंग रस्सी पर चलकर व्हाइट हाउस में प्रवेश कर चुके है, उनकी शपथ ग्रहण कुंडली संकेत देती है कि वे अपने एजेंडा को मजबूती से आैर दृढ़तापूर्वक  अमल में लाएंगे।
उनकी आक्रामक नीतियां वर्तमान स्थिति को बिगाड़ेगी 
शपथ ग्रहण कुंडली में मेष लग्न आ रहा है आैर सातवें भाव में स्वाति नक्षत्र में है जिसका कारक राहु है। एेसे में ट्रंप अपने खुद के सिद्घांतों का पालन करने के लिए आक्रामक आैर दृढ़ संकल्पी रहेंगे। उनका चाल-चलन अपरंपरागत समझा जा सकता है आैर साथ ही स्थापना को बाधित कर सकता है। उनकी ऊर्जा आैर कार्रवार्इ यूएस को नर्इ दिशा की आेर ले जाएगी।
पार्टी के भीतर आैर बाहर संघर्ष की संभावना 
दसवें भाव में मजबूत सूर्य ये संकेत देता है कि उनका शासन प्रबंध पर पूरा नियंत्रण होगा आैर वर्तमान प्रशासनिक कार्यों में वे कुछ प्रभावी परिवर्तन करेंगे। हालांकि शनि सूर्य पर दृष्टि डाल रहा है, जो ये इंगित करता है कि ट्रंप कांग्रेस आैर अपनी खुद की पार्टी से बड़ी टकराव का सामना करेंगे।
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यूएस को दीर्घामी लाभ के लिए अल्पकालिक दर्द से गुजरना होगा 
बुध आैर गुरू प्रतियुति कर रहे है। एेसे में ट्रंप का फोकस यूएस की अर्थव्यवस्था पर रहेगा। उनके द्वारा किए जाने वाले प्रयास अच्छे परिणाम लाएंगे आैर यूएस की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे, इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुधरेगा। हालांकि, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टस पर अत्यधिक खर्च करने या पैसों का आवंटन करने पर उन्हें प्रतिरोध आैर मतभेद का सामना करना होगा। दूसरे भाव का स्वामी शुक्र केतु के साथ ग्यारवें भाव में है। एेसे में ट्रंप पारंपरिक रिपब्लिकन प्रतिबद्घता को तोड़ेंगे आैर उनके द्वारा नए ब्लाॅक, यूनियन या संधि की जगह पुरानी शैली अपनाने की संभावना है। हालांकि उनके कार्य आैर नीतियां अमेरिका के हित में होगी, लेकिन वे कुछ समय के लिए तकलीफदायी होगी आैर कुछ अनिश्चितता आैर भ्रम की स्थिति खड़ी कर सकती है।
ट्रंप प्रमुख विदेशी नीति में परिवर्तन करेंगे
मंगल 12वें भाव में है आैर वो चंद्र पर दृष्टि ड़ाल रहा है जो ये संकेत देता है कि वे विदेश नीति को पुनः परिभाषित करेंगे। वे अमेरिकन के हित को प्रमुखता देंगे आैर उसके अनुसार नीतियां सूत्रबद्घ करेंगे। उनकी सबसे बड़ी चुनौती पुराने गठबंधन बरकरार रखने की होगी, जब वे किसी नर्इ संधि में शामिल हो रहे होंगे। वर्तमान गठबंधन के बीच तनाव का पहला संकेत अगस्त 2017 के बाद दिखार्इ देगा। इस समय पड़ोसी देशों के साथ तनाव बढ़ेगा। उनकी नीतियां मार्च 2019 से फरवरी 2020 तक प्रभावित होगी आैर जो पूरी दुनिया को हिलाकर रख देगी। उन्हें अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल दुनिया की राजनीति को पुनः परिभाषित करेगा।
सभी संकेतों से, ट्रंप अपना कार्यकाल पूरा करेंगे 
हालांकि, ट्रंप को अपने अनुयायियों से मजबूत सहयोग मिलेगा, लेकिन यूएस में विभिन्न सामाजिक वर्ग उससे नाखुश रह सकते है। यूएस में सामाजिक अशांति रहेगी। मार्च 2018 से शुरू होने वाला समय बड़े बदलाव ला सकता है आैर खासकर जनवरी 2020 के बाद जन भावना ट्रंप के पक्ष में नहीं होगी। हालांकि, जिस तरह से उनके राष्ट्रपति पद पर बने रहने की संभावना मजबूत है, एेसे में वो अपना कार्यकाल पूरा करने में सक्षम होंगे।
गणेशजी के आशीर्वाद सहित,

04 Feb 2017

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