जन्म से ही अभिनय का हूनर रखने वाले वरूण धवन को सफलता हेतु मेहनत करनी होगी - GaneshaSpeaks
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जन्म से ही अभिनय का हूनर रखने वाले वरूण धवन को सफलता हेतु मेहनत करनी होगी

जन्म से ही अभिनय का हूनर रखने वाले वरूण धवन को सफलता हेतु मेहनत करनी होगी

” हमारा इनकम हाई हो या ना हो…. आउटकम तो हमारा भी वर्ल्ड क्लास है। ‘ हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया ‘ में एक्टर वरूण धवन का यह डायलॉग तो आपको याद ही होगा। इस डायलॉग को सच्चे अर्थों में सार्थक करने वाले वरून धवन को अभिनय और फिल्म निर्देशन की कला विरासत से ही प्राप्त है। वजह यह है कि इनके पिता और कोई नहीं दिग्गज फिल्म निर्माता डेविड धवन है जिन्होंने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं।

वरूण धवनः बचपन आैर फिल्म डेब्यू
बचपन से ही मैनेजमेंट का अद्भुत कौशल रखने वाले वरूण ने बड़े होने पर ब्रिटेन के नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट से पढ़ाई की। मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए साल 2010 में ‘ ‘ माइ नेम इज़ ख़ान ‘ ‘ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसके बाद इन्होंने साल 2012 में अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत रोमांटिक फिल्म ‘ स्टूडेंट ऑफ द ईयर ‘ से की जो शीघ्र ही सूपर हिट फिल्म साबित हुई। इन्हें इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए लॉयन्स गोल्ड अवार्ड और फिल्मफेयर में ‘ बेस्ट मेल डेब्यु ‘ के लिए भी नामांकित किया गया।

वरूण ने ‘ हम्‍पटी शर्मा की दुल्‍हनिया ‘, ‘ बदलापुर ‘, ‘ एबीसीडी-2 ‘, ‘ दिलवाले ‘, ‘ ढिशूम ‘, और ‘ बद्रीनाथ की दुल्हनिया ‘ इत्यादि फिल्मों में ड्राॅमेटिक, रोमेंटिक, नेगेटिव और एक्शन हीरो जैसी विविध भूमिकाओं में आकर दर्शकों को अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। दिनांक24 अप्रैल को यानी वरूण धवन के जन्मदिन के अवसर पर गणेशजी उनको शुभकामनाएं देते हुए उनके आगामी समय को लेकर भविष्यवाणी करते हैंः

वरूण धवनः सितारे क्या भविष्यवाणी करते है ?

वरूण धवन की कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण
जन्म तारीखः 24 अप्रेल 1987
जन्म-समयः उपलब्ध नहीं
जन्म स्थलः मुंबई, भारत
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वरूण की सूर्य कुंडली में ग्रहों की स्थिति
वरूण के जन्म समय में मेष लग्न उदित होता है। इनकी कुंडली के दूसरे स्थान में मंगल, कुंभ राशि व लाभ स्थान में चंद्र, छठे स्थाने में केतु, अष्टम स्थान में शनि और बारहवें स्थान यानी व्यय स्थान में शुक्र, राहु, बुध और गुरू की युति होती है। व्यय स्थान में गुरू स्वगृही होकर विद्यमान है और शुक्र अपनी स्थिति उच्च की बनाए हुए है। कुंडली के पंचम स्थान यानि कि विद्यास्थान का मालिक सूर्य लग्न स्थान में उच्च का होकर विराजमान है। गुरू के मीन राशि में स्वग्रही होने से उच्च शिक्षा जैसे विषयों में रूचि होनी स्वाभाविक है। इसलिए, इन्होंने यूके की यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अलावा, कुंडली में शुक्र उच्च का है और शनि व शुक्र के बीच में नवपंचम योग बनने से वे अलग-अलग प्रकार की भूमिका में अभिनय करते हुए अपने कला कौशल को चरित्रार्थ करते हैं। क्या आप भी अपने भविष्य को जानने के लिए उत्सुक है ? तो खरीदें 2017 विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट आैर इसका जवाब पाए।

गोचर के ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव
गोचर का केतु वरूण के जन्मकालीन चंद्र पर से कुंभ राशि में से और राहु सिंह राशि में से होकर गुजरता है। जन्म के सूर्य के ऊपर से गोचर का सूर्य भ्रमण करता है। वहीं, जन्म के मंगल पर से गोचर के मंगल का भ्रमण होता है। गोचर का बुध जन्म के चंद्र से तीसरे स्थान में से गतिमान हो रहा है। जन्म के चंद्र से आठवें स्थान में गोचर का गुरू और दूसरे स्थान में से शुक्र का गमन होता है। गोचर का शुक्र जन्म के बुध, सूर्य, राहु और शुक्र पर से होकर निकलता है। और तो और गोचर का शनि जन्म के चंद्र से दसवें स्थान से होकर निकल रहा है। देखा जाए तो वर्तमान में वरूण धवन के ऊपर शनि की महादशा चलती है। क्या आप जानना चाहते है कि सितारे आपके कैरियर की संभावनाआें को कैसे प्रभावित करेंगे ? तो खरीदें 2017 कैरियर रिपोर्ट।

गुरू दिलाएगा कैरियर में सफलता
ग्रहों की स्थिति के विश्लेषण के आधार पर गणेशजी सूचित करते हैं कि दिनांक10-7-2019 तक का समय करियर के मोर्चे पर इनको सफल रखेगा। इसके बाद तारीख 10-7-2019से 20-1-2022 तक का समय इनके लिए मध्यम रहने की संभावना है। हालांकि, 11-10-2018से 23-4-2019 तक वृश्चिक राशि का गुरू इनके लिए फलदायी हो सकता है। दिनाकं 23-4-2019से 22-4-2023 तक धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि में गोचर के गुरू का प्रभाव इनकी प्रगति की संभावना को पेश करेगा।

बुध-शुक्र की दशा लाएगी कैरियर में सकारात्मक परिवर्तन
दिनांक 20-1-2022से 18-6-2024 तक इनकी बुध की महादशा में बुध की अंतर्दशा चलने वाली है जो इनके लिए संघर्षपूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद 18-6-2024से 15-6-2025 तक बुध की महादशा में केतु की अंतर्दशा चलना इनके लिए मध्यम रूप से फलदायी समय रहेगी। दिनांक15-4-2028 से बुध की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चलना वरूण के करियर में सकारात्मक परिवर्तन लेकर जो इनकी सफलता का नया अध्याय शुरू करेगी।

निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो वरूण धवन के लिए वर्तमान समय अच्छा होने से उनका इसका अधिक से अधिक फायदा उठा लेना चाहिए। भविष्य में भी इनको अपना स्टारडम बनाए रखने और सफलता हासिल करने के लिए अधिक परिश्रम की तैयारी रखनी होगी।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
प्रकाश पंड्या
गणेशास्पीक्स टीम

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