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चार महीने उल्टी दिशा में गोचर करेंगे शनि देव, जानिए अपनी राशि पर पड़ने वाले प्रभाव

चार महीने उल्टी दिशा में गोचर करेंगे शनि देव, जानिए अपनी राशि पर पड़ने वाले प्रभाव

फिलहाल अपनी स्वराशि मकर में गोचर कर रहे न्याय के देवता शनि 11 मई को व्रकी हो चुके है। अर्थात अब शनि महाराज वक्र गति, अर्थात उल्टी दिशा में गोचर करेंगे। शनि आगामी 29 सितंबर तक वक्रगति से ही भ्रमण करने वाले है। शनि का वक्र गति से चलना उन लोगों के लिए अधिक मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है, जिन पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है। शनि का वक्री होना राशिचक्र की तमाम राशियों के जीवन में किसी न किसी प्रकार के अनुकूल या प्रतिकूल परिवर्तन लेकर आने वाला है। शनि के वक्री होने पर जातक को कई तरह के कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके अपने पिता या बाॅस से संबंध खराब हो सकते है या आपको किसी अन्य परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार और नौकरी में परेशानियां आ सकती है। इतना ही नहीं वक्र गति से गोचर कर रहे शनि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा कर सकते है। हालांकि सूर्य पूत्र शनि देव के प्रकोप को कुछ ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मेष राशि

मेष राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के दसवें भाव में वक्री हो रहे है, और कुंडली का दसवां भाव नौकरी व व्यवसाय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है। इस दौरान मेष जाताकों को शनि के प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान व्यवसाय में मंदी का सामना करना पड़ सकता है, वहीं नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अच्छी जाॅब मिलने में कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी अकास्मिक समस्या से निकलने के लिए ऋण लेना पड़ सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि जताकों की कुंडली में शनि नौवें स्थान पर वक्री होने वाले है, कुंडली का नौवां भाव भाग्य स्थान के नाम से जाना जाता है। इस स्थान पर शनि के व्रकी होने से आपके विचारों में बदलाव आने की संभावना है। कुंडली के नौवे भाव के कारक सूर्य और गुरू है इसलिए इस दौरान आपका मन ज्ञान अर्जन पर केंद्रित हो सकता है। आप दर्शन या आध्यात्मिक ज्ञान की ओर आकर्षित हो सकते है। हालांकि इस दौरान आपको यात्रा करने से बचना चाहिए, और अधिक से अधिक समय घर पर बिताने का प्रयास करना चाहिए। इसके अतिरिक्ति आपके लिए समय औसत रहने वाला है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के आठवें भाव में वक्री हो रहे है, कुंडली का आठवां भाव आयुष्य या मृत्यु स्थान के नाम से पहचाना जाता है। शनि का कुंडली के आठवें में भाव व्रकी होना स्वास्थ्य के लिए थोड़ा कष्टकारी हो सकता है। हालांकि इस दौरान आपके सारे कार्य बिना किसी रूकावट के सफलता पूर्वक संपन्न हो सकते है। इस दौरान आपको वह वांछित सफलता भी मिल सकती है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। हालांकि इस दौरान आपको अपनी कमियों को पहचानकर खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना चाहिए।

कर्क राशि

कर्क राशि धारकों के लिए शनि कुंडली के सातवें भाव में वक्री हो रहे है, इस दौरान आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस समय शत्रु पक्ष आप पर हावी हो सकता है। आप लोगों को पहचानने में गलती कर सकते है जिसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने गुस्से पर काबू रखने की सलाह है अन्यथा रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए शनि कुंडली के छठे भाव में वक्री हो रहे है। शनि का छठवें भाव में वक्री होना आपके लिए कुछ मुश्किलें पैदा कर सकता है। इस दौरान आपको कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मन में किसी बात को लेकर भय बना रह सकता है, विरोधी आपको परेशान कर सकते है। किसी अकास्मिक घटना के कारण पैसे उधार लेने पड सकते है। व्यापार और पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। पारिवारिक मोर्चे पर चल रही किसी भी तरह की खींचतान के खत्म होने की पूरी संभावना है।

कन्या राशि

कन्या राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के पांचवें भाव में वक्री हो रहे है। कुंडली के पांचवें भाव का संबंध संतान और शिक्षा से होता है। इस दौरान शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। आपके जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान होगा। आपके जरूरी काम पूरे होगे, मन में शांति रहेगी। धन लाभ और आर्थिक समृद्धि मिलेगी जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की गंभीर समस्या के आसार दिखाई नहीं देते।

तुला राशि

तुला राशि के लिए शनि कुंडली के चैथे भाव में वक्री होने वाला है। कुंडली का चैथा भाव मातृस्थान या सुख स्थान के नाम से जाना जाता है। तुला राशि जातकों के लिए शनि का यह वक्री दौर लाभकारी रहने वाला है। इस दौरान आपके घर परिवार में सुख शांति बनी रहेगी, आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, और पुराने कर्जों से मुक्ति मिलने की संभावना है। किसी विशेष मनोकामना के पूरा होने की संभावना है। स्वास्थ्य के लिहाज से आपके लिए यह दौर बेहतर रहने वाला है, लेकिन परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के तीसरे भाव में वक्री होने वाला है, कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम स्थान के नाम से जाना जाता है। इस स्थान पर शनि के वक्री होने के कारण वृश्चिक राशि जातकों के लिए यह दौर औसत रहने वाला है। इस दौरान आपको जीवन में बेहतर स्थिति प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करना पडेगा। परिवार और निजी जीवन में बेहतर रिश्ते बनाये रखने के लिए गंभीर प्रयास करने पड़ेंगे। मेहनत के बल पर आपको व्यापार और पेशेवर जीवन में सफलता मिलने की संभावना है। इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर कोई विशेष खतरा नहीं फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

धनु राशि

धनु राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के दूसरे भाव में वक्री हो रहे हैै, कुंडली का दूसरा भाव धन या कुटुंब स्थान के नाम से जाना जाता है। धनु राशि के लिए शनि का यह गोचर बेहद लाभकारी रहने वाला है। इस दौरान आपको कई आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इसी के साथ आपके जीवन में स्थितियां बेहतर होने लगेगी, पिछले समय में चली आ रही कुछ समस्याओं से मुक्ति मिलने की संभावना है। इस दौरान आपके संवाद कौशल में बेहतरीन परिवर्तन देखने को मिलेंगे और आप लोगों को अपने वाक चातुर्य से प्रभावित कर पायेंगे। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी समय आपके लिए अनुकूल रहने वाला है।

मकर राशि

मकर शनि की स्वराशि है और शनि अपनी ही राशि में 142 दिन से अधिक समय तक वक्री रहने वाले है। इसलिए मकर राशि जातकों के लिए यह दौर औसत रहने की उम्मीद है। इस दौरान निजी जीवन में आपके रिश्ते बेहतर बने रहेंगे और परिवार से भी आपको पूरा समर्थन मिलेगा। वैवाहिक जीवन और दांपत्य सुख के लिए यह दौर बेहतर रहने वाला है। इस दौरान संतान की ओर से सुखद खबर मिलने की संभावना है। हालांकि आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए पेट और फेफडों से संबंधित रोगों से सावधान रहने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त संक्रमण वाले रोगों से भी सावधान रहने की जरूरत है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के बारहवें भाव में वक्री होने वाले है, इस दौरान कुंभ जातकों को शनि के मिलेजुले प्रभावों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना नजर आती है, इस दौरन आपको एक से अधिक साधनों से लाभ मिलने की संभावना है। इस दौरान आपके सामाजिक दायरे में बढ़ोत्तरी होगी, कुछ नये लोग आपके जीवन में शामिल हो सकते है। परिवार और निजी जीवन में स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी और आप अपने से छोटी उम्र से सदस्यों के साथ अधिक बेहतर महसूस करेंगे।

मीन राशि

मीन राशि जातकों के लिए शनि कुंडली के ग्यारहवें भाव में वक्री हो रहे है, कुंडली का बारहवा भाव लाभ स्थान के नाम से जाना जाता है। इस समयावधि के दौरान आपको मन वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। व्यापार और पेशेवर जीवन में मन चाहे परिणाम प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। धन सम्पत्ति और भौतिक सुखों के लिए भी कड़े प्रयास करने पड़ेंगे।
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गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
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A Chemist and Jyotish Parasharam from London, he is a global grandmaster. Author of 19 stock market books, with a massive legacy of analyzing 275,000+ horoscopes and 2,500+ media shows, he is the ultimate, most trusted solver for Vastu, Tarot, Numerology, Pranic Healing, Tantra-Mantra, and Yantra-Gem-Rudraksha therapies.

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