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मंगल गोचर 2017: मंगल मिथुन में, जानिए देश, दुनिया और निजी जीवन में क्या होगा असर

मंगल गोचर 2017

मंगल स्वभाव से क्रूर है। इसकी आँखें लाल है। यह चंचल मन और उदार दिल का है। इसका शरीर व कमर पतला होता है। शरीर के अंगों में यह अस्थि मज्जा पर अपना आधिपत्य रखता है। इसका निवास स्थान अग्नि है। यह दिन पर अपना नियंत्रण रखता है। स्वाद की बात करें तो यह कड़ुवे रस वाला होता है और दक्षिण दिशा में दिग्बली कहलाता है। मंगल ग्रह सूर्य, चंद्र और गुरू का मित्र है वहीं बुध से इसकी शत्रुता है। शुक्र व शनि के साथ यह तटस्थता का भाव रखता है।

सेनापति मंगल 27 मई, 2017 के दिन मिथुन राशि में से भ्रमण करेगा। मंगल के मिथुन राशि से भ्रमण से देश और दुनिया पर इसका शुभाशुभ असर देखने को मिलेगा। अपने इस आर्टिकल में हम आपको विविध राशियों के जातकों पर मंगल के पड़ने वाले असर से जुड़ी जानकारियों से आपको अवगत कराएंगे। मंगल वृषभ राशि में से तीसरे और शत्रु राशि मिथुन में आएगा। मंगल का मिथुन राशि में भ्रमण 11 जुलाई 2017 तक चलेगा। अगर तामसी प्रकृति का यह ग्रह आपकी कुंडली में बलवान बन रहा हो तो आपको शुभ फल दिलाएगा। मंगल प्रधान जातक मजबूत मनोबल और अद्भुत नेतृत्व शक्ति रखता है। यह आत्मविश्वास और पराक्रम से भरपूर होता है। यदि जातक की कुंडली में मंगल शक्तिशाली हो तो जातक अनुशासन प्रिय, जल्द ही विश्वास करने वाला और दूसरों को दिशा-निर्देश देने में समर्थ होता है। मंगल प्रधान व्यक्ति शूरवीर होता है। मंगल के भ्रमण से अच्छे-बुरे दोनों ही फल प्राप्त होते हैं। देखा जाए तो मंगल का प्रभाव देश व दुनियां दोनों पर व्यापक रूप से देखने को मिलता है।

मंगल के संभावित असर पर एक नजर…!

देश-दुनिया:

भारत की बात करें तो वृषभ लग्न की कुंडली में दूसरे स्थान पर स्थित मंगल के ऊपर से मंगल का गोचर होगा जो विविध प्रकार के परिवर्तन लेकर हाजिर होगा। भारत की कुंडली के वाणी स्थान पर मंगल है जिसे धन स्थान भी कहा जाता है। मंगल के मिथुन राशि पर से गोचर से राजकीय नेताओं की वाणी आक्रामक होने के आसार रहेंगे। वे अपनी जबान पर लगाम नहीं रख पाएंगे। आर्थिक दृष्टि से भी काफी परिवर्तन होंगे और सरकार इससे निपटने के लिए नर्इ आर्थिक नीतियां बना सकती हैं। टैक्स से संबंधित कायदा-कानून में भी परिवर्तन के आसार रहेंगे। मंगल के भ्रमण से शिक्षण क्षेत्र पर किसी प्रकार के निर्णय लिए जाने के संकेत हैं। मंगल का मंगल के ऊपर से भ्रमण और मंगल की आठवें स्थान पर दृष्टि से सरकार जटिल निर्णय ले सकती है। इसकी वजह से सरहद पर भी युद्ध जैसे हालात यदि पैदा हो जाए तो कोई नर्इ बात नहीं। सरहद पर अशांति फैलने के कारण उस पर काबू रखने के लिए सैन्य ताकत का प्रयोग करने की नौबत आ सकती है।

इसके अलावा, पानी की कमी, आग लगने, किसी बड़ी दुर्घटना के घटने, या राजनीति में किसी बड़े नेता की मृत्यु का समाचार मिल सकता है। सॉफ्टवेयर, टेलीकॉम, कंम्प्यूटर से जुड़े मामलों में भी किसी प्रकार का बदलाव या रिसर्च की पॉलिसीज के अमलीकरण की संभावना है।

विश्व पर मंगल के भ्रमण के असर के विषय में बात करें तो कई नेतागण अपनी वाणी पर संयम नहीं रख पाएंगे। कर्कश वाणी व उग्रता के चलते युद्ध जैसी स्थितियां जन्म ले सकती है। कुछ देशों के दुस्साहस की वजह से तीसरे युद्ध की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। महासत्ता किसी भी प्रकार के फैसले ले सकती है। मध्यपूर्व और खाड़ी के देशों में युद्ध छिड़ जाने जैसे हालात बन सकते हैं।

चलो अब हम मंगल के मिथुन राशि में भ्रमण से हर एक राशि के जातकों पर होने वाले शुभाशुभ असरों के बारे में विस्तार से जानते हैं:-

(कृपया ध्यान देंः ये भविष्यवाणियां चंद्र राशि को ध्यान में रखकर की गई हैं। लेकिन, इसका कुछ प्रभाव लग्न राशि वालों पर भी लागू होंगे। अगर आप अपने लग्न के बारे में जानना चाहते है तो यहां क्लिक करे)

मंगल के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

-मंगल तीसरे भाव में

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का भ्रमण शुभ व फलदायी रहेगा। जातक बहादुराना काम या किसी भी नए साहस को करने के लिए तत्पर रहेगा। पराक्रम भाव के कारक मंगल का मेष राशि से तीसरे स्थान से भ्रमण करने से जातक व्यक्तिगत मामलों में हिम्मत दिखाई देगा। भाई-बहनों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण होगा। किसी नए प्रोजेक्ट या नयी नौकरी के अवसर मिलेंगे। नए बिजनेस की शुरूआत करेंगे। इस समय छोटी-मोटी दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए वाहन संभालकर चलाएं। आर्थिक मामलों में किसी व्यर्थ के जोखिम से बचते हुए उसके विषय में सजगता बरतनी जरूरी रहेगी। अपने से छोटे भाई-बहन के पीछे खर्च होने की आशंका रहेगी। अपने कैरियर की संभावनाआें को जानने के लिए हमारी कैरियर संभावना रिपोर्ट का लाभ उठाए आैर अपने भविष्य को जानें।

मंगल के गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

– मंगल दूसरे भाव में

मंगल के मिथुन राशि में भ्रमण से वृषभ राशि के जातकों पर इसका विपरीत असर देखने को मिलेगा। इस समय आर्थिक मोर्चों पर बेकार के खर्चे हो सकते हैं। इसलिए, आर्थिक मामलों में योजनापूर्वक आगे बढ़ने की सलाह है। इनकम के नए स्रोत मिलेंगे या आपकी आमदनी में इजाफा होगा। पर सामने खर्चे भी उतने ही रहेंगे। अनपेक्षित या आकस्मिक खर्चे रहेंगे। जातकों को अपने माता-पिता और वरिष्ठ लोगों का ध्यान रखना होगा। उनकी तबीयत के विषय में सावधानी रखें। सोच-समझकर बनार्इ गई योजनाएं फलीभूत होंगी। वाणी पर संयम रखें अन्यथा आपकी किसी बात दूसरे को अनजाने में ठेस पहुंचा सकती है। ग्रह गोचर के दरमियान स्थायी संपत्ति के पीछे खर्च होने की संभावना से नकारा नहीं जा सकता है। वसीयत की संपत्ति के प्राप्त होने के योग हैं। परिवार में किसी सदस्य की तबीयत खराब होने की आशंका को देखते हुए आपको इस ओर चौकन्ने रहना चाहिए। समृद्घि एक प्रश्न पूछें रिपोर्ट से अपने वित्त से जुड़े मसलों के बारे में जानें।

मंगल के गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

– मंगल पहले भाव में

मिथुन राशि के जातकों को इस भ्रमण से अच्छा फायदा होगा। जोश व गुस्सा बढ़ेगा। आप नए विचारों को अमल में लाने का साहस रखेंगे। व्यवसायिक दृष्टि से भी नये कार्यों करने के लिए प्रेरित रहेंगे। ब्लड प्रेशर के रोगियों के बीपी में उतार-चढ़ाव आने की आशंका को देखते हुए उन्हें ध्यान रखना होगा। यश-कीर्ति मिलने के योग हैं। मिथुन राशि के जातक अपनी मेहनत से वांछित कार्यों को पूरा कर सकेंगे। किसी मामूली बीमारी की चपेट में आने के अंदेश को देखते हुए अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक गंभीर होने की गणेशजी की सलाह है। गणेशजी इस अवधि में जातक को रोमांचक अनुभव प्राप्त होने की सूचना देते हैं। क्या आप जानना चाहते है कि वर्ष 2017 में आपका बिजनेस किस मुकाम पर पहुंचेगा, तो खरीदें 2017 बिजनेस रिपोर्ट आैर जानें सितारे क्या कहते है ?

मंगल के गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

– मंगल बारहवें भाव में

कर्क राशि के जातकों को इस भ्रमण के दौरान विशेष रूप से सावधानी रखनी होगी। आपकी राशि से बारहवें भाव में मंगल का भ्रमण आपको किसी खतरनाक स्थिति की ओर ले जा सकता है। बड़े खर्चे होने के आसार रहेंगे। वित्तीय योजनाओं में मतिभ्रम की स्थिति रहेगी। हॉस्पिटल से जुड़े व्यय रहेंगे। घर में आयोजित किसी प्रसंग के चलते जातक का ज्यादा धन लग जाने की संभावना रहेगी। कोर्ट-कचहरी के मामले भी सुर्खियों में आ सकते हैं। किसी भी खर्च के लिए कानूनी रास्ता अपनाना पड़ सकता है। विदेशगमन के भी योग हैं। कारोबारी वजहों से किसी मुसाफिरी या प्रवास के आयोजन के संकेत मिलते हैं। अगर इस अवधि में आप विदेश में लंबी अवधि तक रहने के लिए आवदेन करेंगे तो उसमें सफलता हाथ लगने की भविष्यवाणी गणेशजी करते हैं। गूढ़ विद्या और आध्यात्मिक विद्याओं में विशेष रूप से रूचि बढ़ेगी। धंधे में नुकसान की आशंका को देखते हुए विवेकपूर्वक फैसले लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह है। क्या आप जानना चाहते है कि आपकी निजी जिंदगी में चीजें किस तरह आकार लेगी ? तो इस बारे में जानने के लिए खरीदें 2017 निजी जिंदगी आैर रिश्ते रिपोर्ट।

मंगल के गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

– मंगल ग्यारवें भाव में

सिंह राशि के जातकों के लिए मिथुन राशि में मंगल का भ्रमण लाभदायी साबित होगा। इस गोचर के दौरान आपको आर्थिक रूप से लाभ होगा। कारोबारी लोगों को धंधे में भी लाभ होने की संभावना रहेगी। उनके अटके कार्य बिना विघ्न के पूरे होंगे। मित्रों के साथ संबंधों में घनिष्टता बढ़ेंगी। नए दोस्त बनेंगे। मित्रों द्वारा लाभान्वित होंगे। घर में मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होगा। घर के बड़े भाई-बहन से जुड़े किसी शुभ प्रसंग के योग बनेंगे। इच्छाशक्ति दृढ़ बनेगी और मान-सम्मान भी बढ़ेगा। दीर्घ अवधि की योजनाएं लाभ देंगी या उसमें लगाया पैसा दोगुना होकर मिलेगा। पब्लिक लाइफ में खुशियां व्याप्त रहेंगी। इस अवधि के दौरान कोर्ट-कचहरी के मसलों का सुखद समाधान आने की गुंजाइश गणेशजी देख रहे हैं। क्या आप निवेश को लेकर असमंजस में है ? तो खरीदें निवेश सलाह रिपोर्ट आैर उपयुक्त मार्गदर्शन पाए।

मंगल के गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

– मंगल दशम भाव में

कन्या राशि के जातकों के लिए यह परिक्रमण काफी अहम स्थान रखेंगा। मिथुन राशि के दसवें स्थान से भ्रमण के दौरान कन्या राशि के जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में कोई विजय मिल सकती है। कामकाज में बदलाव के योग रहेंगे। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसायिक विस्तार के दिन रहेंगे। नौकरी कर रहे लोगों को कोई नया बेहतरीन अवसर मिलेगा। राजकीय संबंधों का विस्तार होगा जिससे आपको अपने प्रोफेशनल क्षेत्र जैसे कि बिजनेस में भी इसका लाभ मिलेगा। पिता की सेहत का ध्यान रखें। नए-नए लोगों से मिलना-जुलना आपके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होने की संभावना है। कुल मिलाकर कहें तो यह समय आपके लिए फलदायी साबित होने के आसार हैं। जाॅब या बिजनेस ? क्या दोनों में से किसी एक का चयन करने में परेशानी हो रही है। तो इस मसलें का समाधान पाए जाॅब या बिजनेस रिपोर्ट से।

मंगल के गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

-मंगल नवम भाव में

मंगल का मिथुन राशि में भ्रमण तुला राशि के जातकों के लिए नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में से होगा। इस समय लंबी यात्रा के योग बनेंगे। धन स्थान के मालिक मंगल का भाग्य स्थान में से गुजरना आर्थिक या रूपये-पैसों में आपको भाग्यशाली बनाएगा। भाग्यबल पर आर्थिक लाभ की संभावना बलवती होगी। आध्यात्मिक कार्यों में भाग लेते हुए धन खर्च होगा। पिता की तबीयत नरम-गरम हो सकती है, इसलिए उनकी तबीयत का ख्याल रखें। भाग्य के आपके साथ होने से धंधे में नफा हासिल करने में कामयाबी मिल सकती है। कोई नया साहस करने की इच्छा जागृत होगी या कोई नया मौका हाथ लगेगा। विदेशगमन से भी लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे। परिजनों के साथ किसी लंबी यात्रा पर जाने का प्रबल योग बनने की संभावना गणेशजी देख रहे हैं। क्या वर्ष 2017 में आपकी वित्तीय स्थिति सुधरेगी ? इस सवाल का जवाब पाने के लिए खरीदें 2017 वित्त रिपोर्ट।

मंगल के गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

– मंगल आठवें भाव में

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का भ्रमण प्रतिकूलताओं से भरा हो सकता है। इस राशि के आठवें स्थान से मंगल का भ्रमण आपके जीवन में आकस्मिक रूप से मृत्यु तुल्य परिस्थितियों का निर्माण करने की क्षमता रखता है। अतः किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति को टालने के लिए वाहन चलाने में सावधानी इत्यादि रखना हितकारी रहेगा। इस पारगमन के दौरान आकस्मिक धन लाभ या घाटा भी ग्रहों के कुयोग से हो सकता है। इस समय में कोर्ट से संबंधित चल रहे मामलों का निपटारा हो एेसा संभव नहीं लगता। पाप ग्रह मंगल का आठवें स्थान में भ्रमण जातक के लिए अशुभ रहने की वजह से काफी सावधानी से आगे बढ़िए। आपके जीवन की विस्तृत भविष्यवाणी रिपोर्ट से जानें आपके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुआें के बारे में।

मंगल के गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

– मंगल सातवें भाव में

धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का मिथुन राशि में भ्रमण काफी महत्वपूर्ण है। मंगल का सातवें स्थान से गतिमान होना जातकों को पार्टनरशिप के मामलों में सावधान रहने का सिग्नल देता है। व्यापारियों का अपने भागीदारों के साथ किसी तरह का विवाद होने की आशंका है। इसलिए, व्यापारिक सफलता के लिए भागीदारों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का यत्न करें, नहीं तो संबंध टूटने के कगार तक पहुंच सकते हैं। दांपत्य जीवन में संवेदनशीलता बहुत बढ़ जाने से इस ओर तकेदारी रखनी आवश्यक रहेगी। जीवनसाथी की तबीयत ढीली हो सकती है। साथी के साथ होने वाली बातचीत बढ़ते-बढ़ते तीखी बहस का रूप ले सकती है। नाराजगी की वजह से थोड़े समय के लिए बोलचाल भी बंद हो जाने की आशंका रहेगी। बुरी ग्रह स्थिति कोर्ट-कचहरी के भी चक्कर कटवा सकती है। सार्वजनिक जीवन में किसी प्रकार की अड़चनों या तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। शत्रु आपको हानि पहुंचाने की तलाश में लगे हो सकते हैं। शादीशुदा जीवन में कलह व क्लेश की स्थिति पैदा मत होने दीजिए। अगर आप को जीवन के किसी भी क्षेत्र में किसी तरह की परेशानी है तो कोर्इ भी प्रश्न पूछें रिपोर्ट का लाभ उठाए आैर सही मार्गदर्शन पाए।

मंगल के गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

– मंगल छठें भाव में

मकर राशि से छठें स्थान में मंगल का गोचर जातक की तबीयत को खराब कर सकता है। जातकों को आरोग्य की शिकायतें यदाकदा रहेंगी। कोई पुरानी बीमारी फिर से उभरते हुए आपकी पीड़ा बढ़ा सकती है। दुश्मन आपको नुकसान पहुंचाने की भरसक चेष्टा कर सकते हैं अलर्ट रहें। इस समय मामा या ननिहाल पक्ष के किसी व्यक्ति के रोग ग्रस्त या उनके देहावसान का अशुभ समाचार मिलने की आशंका रहेगी। ग्रहीय हलचलें अॉपरेशन की परिस्थिति पैदा कर सकती हैं। नौकरी कर रहे लोगों को ऊपरीवर्गों द्वारा उत्पीड़ित किया जा सकता है। ग्रह गोचर के दरिमयान छोटे-मोटे कर्ज की चपेट में आ जाने के अंदेशे को देखते हुए समझ-बूझकर फाइनेंस मैनेज करें। गणेशजी का कहना है कि पक्की आर्थिक योजना बनाने से आपके अार्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी। वर्ष 2017 में अपने कैरियर की संभावनाआें के बारे में जानें, खरीदें हमारी कैरियर संभावना रिपोर्ट।

मंगल के गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव

– मंगल पांचवें भाव में

इस राशि की कुंडली में मंगल का पांचवें भाव से भ्रमण करना आपकी संतान के लिए थोड़ा चिंताजनक कहा जा सकता है। विद्यार्थियों में याददाश्त और समझ शक्ति की कमी रहने से उन्हें पढ़ाई में सफलता हेतु एकाग्रतापूर्वक मेहनत करने की जरूरत होगी। ग्रहों की असंगति आपकी संतान की तबीयत खराब कर सकती है, इसलिए अपनी संतान की हेल्थ से वाकिफ रहिए। लव रिलेशन्स में प्रेमी-प्रेमिका के बीच परस्पर मतभेद रहेगा। आपके कड़वे बोल या व्यवहार के चलते साथी के दिल को ठेस पहुंच सकती है। मधुर संबध बनाए रखने के लिए वाणी व व्यवहार में विनम्रता व मर्यादा बनाए रखें। प्रेम प्रस्ताव रखने जा रहे युवक-युवतियों को 11 जुलाई 2017 तक इंतजार करना होगा, अन्यथा उसका नकारात्मक जवाब मिलने से आपको निराशा हो सकती है। तंत्र-मंत्र में विशेष रूचि पैदा होने के आसार हैं। शेयर बाजार में निवेश करने जा रहे लोगों के अशुभ योग रहने के खतरे को देखते हुए इस समय इनवेस्टमेंट से दूरी बनाए रखने में ही भलाई है। जातकों में कम समय में ढेर सारा पैसा की लालसा को देखते हुए उनको इस समय अपने विवेक से काम लेना चाहिए, नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्या आप अपनी जिंदगी के विभिन्न मसलों को लेकर परेशान है ? तो कोर्इ भी प्रश्न पूछें रिपोर्ट से सही मार्गदर्शन पाए।

मंगल के गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

– मंगल चौथे भाव में

मिथुन राशि में मंगल का भ्रमण मीन राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण होने की संभावना है। जातकों के प्रॉपर्टी से संबंधित मामलों में यह गोचर बड़ा मायने रखता है। माल-मिल्कियत से जुड़े कार्य आगे बढ़ेंगे अथवा उसके संदर्भ में कोई ठोस निर्णय ले पाएंगे। नयी संपत्ति को खरीदने या बेचने के लिए शुभ योग है। लेकिन, मंगल के पाप ग्रह की श्रेणी में आने से आपको किसी भी सौदे में लापरवाही से बचने के लिए सावधानीपूर्वक फैसले लेने चाहिए। नए वाहन की खरीद का योग है। मंगल की अशुभ स्थिति में होने पर यह जातक की माता के स्वास्थ्य को खराब कर सकता है। सुख स्थान से प्रसार होता मंगल कभी-कभी व्यक्ति के सामने मतिभ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। इस चरण के दरमियान जातकों को अपने घर-परिवार से दूर जाने अथवा किसी नए शहर में स्थानांतरण की नौबत आ सकती है। इस नाजुक अवधि में मीन राशि वाले व्यक्तियों को हर एक कार्य संभालकर करना बहुत जरूरी रहेगा। आपकी निजी जिंदगी में हालात क्या रूप लेंगे, इस बारे में जानें निजी जीवन-एक प्रश्न पूछें विस्तृत सलाह रिपोर्ट से।

गणेशजी के आशीर्वाद से,
कश्यप रावल
गणेशास्पीक्स डाॅटकाॅम टीम

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