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मंगल वक्री 2020(Mangal Vakri) तारीख और मंगल के वक्री होने का राशियों पर प्रभाव

मंगल वक्री 2020(Mangal Vakri) तारीख और मंगल के वक्री होने का राशियों पर प्रभाव

साहस, शौर्य और पराक्रम के स्वामी मंगल जातक को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। आगामी 10 सितंबर 2020 को मंगल वक्री होने वाले है। वक्री रहने के दौरान मंगल मेष और मीन राशि में भ्रमण करेंगे। इस दौरान मंगल 10 सितंबर 2020 से 4 अक्टूबर 2020 तक मेष राशि में और 4 अक्टूबर 2020 से 14 नवंबर 2020 तक मीन राशि में व्रकी रहेंगे। मंगल वक्री होना सभी राशियों को प्रभावित करने वाला है। चुंकि मंगल मेष राशि के स्वामी है और वे अपनी ही राशि से व्रकी गति से गुजरेंगे इसलिए मंगल का यह वक्री गोचर अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावी रहने वाला है। आइए जानते हैं मंगल के वक्री होने का राशिचक्र की विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है-

मेष राशि पर प्रभाव

मेष जातकों के लिए मंगल लग्न भाव या पहले घर से गुजरने वाला है।
– इस दौरान मेष जातकों का आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रभावित होगी।
– इस दौरान आपके काम के घंटे बढ़ जाएंगे, जो आपको थका भी सकते हैं।
– इस दौरान कई बार आपको अपने साथी की वांछित प्रतिक्रिया इंतजार करना पड़ सकता है।

4 अक्टूबर से मीन में मंगल वक्री- मेष पर प्रभाव

– इस दौरान आपको कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
– स्वास्थ्य के कारण आपकी दैनिक दिनचर्या में कई परेशानियां पैदा हो सकती है।
– इस दौरान आपको घर या जमीन खरीदने के लिए आसानी से लोन मिलने की भी संभावना है।
– यदि आप शादी के लिए एक साथी की तलाश कर रहे हैं तो आपको कुछ समय और इंतजार करने की आवश्यकता होगी।

वृषभ राशि पर प्रभाव

वृषभ जातकों के लिए मंगल कुंडली के 12 वें भाव में गोचर करेगा। कुंडली का 12वें भाव व्यय स्थान के नाम से जाना जाता है।
– इस दौरान आपको किसी भी तरह से नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए अथवा साझेदारी के कार्यों से परहेज करना चाहिए। यदि कुछ बेहद ही जरूरी हो तो पूरी तरह सोच विचार करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।
– इस दौरान स्वास्थ्य से संबंधित किसी बड़ी समस्या की संभावना कम ही नजर आती है, लेकिन फिर भी आपको सावधान रहने की जरूरत है।
– मंगल का मेष में वक्री होना वृषभ जातकों के अनावश्यक खर्च में बढ़ोतरी कर सकता है। इससे आपकी वित्तीय योजना प्रभावित होने की संभावना है।

4 अक्टूबर मीन में वक्री मंगल- वृषभ राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपके सहयोगी और साथी आपकी प्रगति में आपकी सहायता करेंगे।
– इस दौरान आप विलासिता की चीजों पर खर्च करने की संभावना रखते हैं।
– मंगल के 11वें भाव में वक्री रहते आपको दैनिक व्यायाम, योग साधना की शुरुआत करनी चाहिए। इससे आपको स्वास्थ्य लाभ मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि पर प्रभाव

मिथुन जातकों के लिए मंगल का मेष गोचर कुडली के 11 वें भाव में हो रहा है। इस दौरान मिथुन राशि के जातकों को कई फायदे होंगे।
– कार्यस्थल पर सफलता पाने की दिशा में आपके ईमानदार प्रयासों की सराहना की जाएगी।
– आप अपने परिवेश में स्वस्थ वातावरण का अनुभव करेंगे।
– अपने प्रिय के साथ रोमांटिक डेस्टिनेशन की यात्रा की आपकी योजना आपकी बॉन्डिंग को और मजबूत करेगी।

4 अक्टूबर मीन में वक्री मंगल- मिथुन राशि पर प्रभाव

– इस दौरान नौकरी के मोर्चे पर आपके प्रदर्शन में सुधार होगा।
– आप कार्यस्थल पर दूसरों के साथ सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाए रखेंगे।
– अपने प्रिय के सामने अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करने का यह अच्छा समय है।

कर्क राशि पर प्रभाव

10 सितंबर से 04 अक्टूबर 2020 तक मंगल मेष राशि में व्रकी रहेंगे इस दौरान वे कर्क कुंडली के 10 वें भाव से गुजरेंगे। कुुंडली का दसवां भाव कर्म स्थान या पितृ भाव के नाम से जाना जाता है।
– आप कुछ बेहतर पेशेवर सौदों को पूरा करने में सक्षम होंगे।
– आपके पिछले निवेश आपके लिए शुभ और फलदायी रहने वाले हैं।
– आपका स्वास्थ्य आपको अपनी सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

4 अक्टूबर मीन में वक्री मंगल- कर्क राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपको कुछ बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। आप आंतरिक परिवर्तन या स्थान परिवर्तन का सामना करना पड़ सकता है।
– इस दौरान आपको अपने संवाद कौशल को अधिक मधुर बनाने का प्रयास करना चाहिए। अन्यथा आप अपने किसी प्रिय को चोट पहुंचा सकते हैं।
– स्वास्थ्य के संबंध में भी आपको अधिक सतर्क और सावधान रहने का प्रयास करना चाहिए।

सिंह राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपकी पेशेवर प्रगति धीमी लेकिन स्थिर रहेगी।
– यदि आप विदेश में अवसर की तलाश कर रहे हैं, तो आपको अपने प्रयासों को बढ़ाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कॅरियर से जुड़े कुछ कारणों से स्थानांतरण की संभावना दिखाई देती है।
– छात्रों को अपनी मध्य परीक्षा में वांछित सफलता प्राप्त करने के लिए अधिक ध्यान लगाने की आवश्यकता होगी।

4 अक्टूबर मीन में वक्री मंगल- सिंह राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपको वित्त के मोर्चे पर असाधारण प्रवृत्तियों को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी।
– जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में भावनात्मक या शारीरिक दूरी आने की संभावना है।
– मौसमी परिवर्तन आपकी प्रगति और वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।

कन्या राशि पर प्रभाव

– इस दौरान व्यापार विस्तार से जुड़े प्रमुख वित्तीय फैसलों से बचना चाहिए।
– विरासत संबंधी मामलों में गर्म बहस की संभावना है।
– मामूली चोट, कट या दुर्घटना की अधिक संभावना है।

4 अक्टूबर से मीन में वक्री मंगल- कन्या राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आप अपने साथी से वांछित प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
– आपको अपने रिश्ते को शादी के माध्यम से अगले स्तर तक ले जाने के लिए ईमानदार प्रयासों की आवश्यकता होगी।
– अपेक्षित वित्तीय पुरस्कार आसानी से प्राप्त नहीं हो सकते हैं।

तुला राशि पर प्रभाव

– आपको कार्यस्थल पर अपने आसपास के लोगों के साथ बहस से बचना चाहिए।
– इस दौरान धीमी प्रगति आपको चिंतित कर सकती है।
– विवाहित जोड़ों को शांत और रचनाशील बने रहने की आवश्यकता है।

4 अक्टूबर से मीन में वक्री मंगल- तुला राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपको अपने व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ईमानदार प्रयासों की आवश्यकता होगी।
– इस दौरान आप आपने प्रिय लोगों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स गिफ्ट कर सकते हैं।
– इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। हालांकि समय बीतने के साथ स्वास्थ्य में सुधार होगा।

वृश्चिक राशि पर प्रभाव

– आपके सहयोगी और साथी आपकी प्रगति में आपकी सहायता करेंगे
– विलासी चीजों पर खर्च करने की संभावना है।
– दैनिक व्यायाम अथवा योग शुरू करने के लिए अच्छा समय है। ऐसा करना आपको फिट और स्वस्थ रहने में मदद करेगा।

4 अक्टूबर से मीन में वक्री मंगल- वृश्चिक राशि पर प्रभाव

04 अक्टूबर से 14 नवंबर 2020 तक मंगल मीन राशि में वक्री रहने वाले है। इस दौरान वे वृश्चिक कुंडली के पांचवें भाव में गोचर करेंगे।
– आपको अपने व्यापारिक भागीदारों, विक्रेताओं, कस्टमर्स के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए ईमानदार प्रयासों की आवश्यकता होगी।
– इस दौरान कुछ गलतफहमी आपके और आपके जीवन साथी के बीच दरार पैदा कर सकती है।
– जो लोग विदेश में अध्ययन करने का प्रयास कर रहे हैं उन्हें वांछित सफलता प्राप्त नहीं होगी।

धनु राशि पर प्रभाव

– नौकरी के मोर्चे पर कड़ी मेहनत करने के बावजूद आपके एचओडी या सीनियर की अनदेखी का सामना करना पड़ सकता है।
– इस दौरान नए बिजनेस या स्टार्ट अप का विस्तार करने से बचना चाहिए।
– विवादित पारिवारिक मामलों में शांतिपूर्ण संचार की आवश्यकता होगी।

4 अक्टूबर से मीन राशि में वक्री मंगल- धनु राशि पर प्रभाव

– इस दौरान पदोन्नति और वेतन वृद्धि में देरी होगी। आप मान्यता अथवा प्रशंसा की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
– इस दौरान आपके संबंध अपने व्यावसायिक भागीदारों के साथ तनावपूर्ण रहेंगे।
– विवाहितों को लंबी चर्चा और बहस से बचना चाहिए, क्योंकि यह आपको तनाव ग्रस्त बना सकता है।

मकर राशि पर प्रभाव

– नई पेशेवर जिम्मेदारियां आपको अपनी नौकरी के मोर्चे पर व्यस्त रखेंगी।
– जो लोग निवेश की तलाश कर रहे हैं वे अचल संपत्ति, कृषि या घरेलू परियोजनाओं का विकल्प चुन सकते हैं।
– इस दौरान आपको अपनी माता के स्वास्थ्य के प्रति कुछ चिंताएं रह सकती है।

4 अक्टूबर से मीन राशि में वक्री मंगल- मकर राशि पर प्रभाव

– 04 अक्टूबर के बाद आप कार्यस्थल पर ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा महसूस करेंगे।
– इस दौरान विकास और प्रगति की उम्मीद की जा सकती है।
– छोटी दूरी की यात्रा आपके और आपके प्रिय के बीच भावनात्मक संबंध को बढ़ावा देगी।

कुंभ राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपके प्रमुख पेशेवर सौदे लाभदायक रहेंगे।
– पहले के निवेश इस अवधि के दौरान फलदायी प्रतिफल देंगे।
– आप कुछ सकारात्मकता की उम्मीद करेंगे और आपके नियमित कार्यों में आपके आत्मविश्वास का स्तर उच्च बना रहेगा।

4 अक्टूबर से मीन राशि में वक्री मंगल- कुंभ राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपको अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की आवश्यकता है और अपने प्रियजनों और के साथ संवाद करते समय आवश्यक देखभाल करने की जरूरत होगी।
– आपके रिश्ते से रोमांस और अंतरंगता गायब हो सकती है।
– कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के फिर से उभरने की संभावना है।

मीन राशि पर प्रभाव

– कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी के साथ किसी तरह की बहस होने की संभावना है।
– इस दौरान आप आर्थिक रूप से किसी तरह का गलत निवेश कर सकते हैं। इसलिए निवेश करते समय सावधानी बरतें।
– आपको अपने प्रिय के साथ संवाद करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

4 अक्टूबर से मीन राशि में वक्री मंगल- मीन राशि पर प्रभाव

– इस दौरान आपके और आपके साथी के बीच संघर्ष संभावना है जो आपकी साझेदारी में बाधा डाल सकती है।
– आप कार्यस्थल पर अपने सहकर्मियों से वांछित समर्थन की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
– विवाहित जोड़ों को अपनी भावनाओं और क्रोध पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। इस दौरान धैर्य धारण करें और खुद को शांत रखने का प्रयास करें।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

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