में मंगल वक्री 2018 – जानें मंगल उच्च राशि में पहुंचकर आपको कैसे रिजल्ट देगा !

मकर राशि में मंगल वक्री 2018

में मंगल ग्रह के वक्री होने की तिथि:

शुरूआत: 27 जून 2018

समाप्ति : 28 अगस्त2018

वक्री गतिके बारे में

साहस और आत्मविश्वास का ग्रह मंगल 26 जून से वक्री होने जा रहा है। में इस वक्री स्थिति में 27 अगस्त 2018 तक रहेगा। वक्री या रेट्रोग्रेड गति एक प्रकार की सापेक्ष गति है। कल्पना करें कि पृथ्वी और मंगल दो दोस्त एक साथ जा रहे हैं। धरती मंगल की तुलना में तेजी से चल रही है। इसलिए, जब पृथ्वी मंगल ग्रह से होकर गुजरती है और मंगल पीछे की तरफ बढ़ता प्रतीत होता है तो यह एक सापेक्ष गति होती है। सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने के लिए मंगल ग्रह को 2 साल लगते हैं। यह 58 से 81 दिनों के लिए वक्री ( retrograde) रहता है। इस समय यह पृथ्वी के बहुत करीब है और सूर्य से बहुत दूर।

मंगल ग्रह का महत्व

मंगल एक्शन का नाम है। यह हमारा निर्णय है, यह हमारी प्रेरणा है। मंगल ग्रह सैन्य सैनिकों, योद्धाओं, अचल संपत्ति डीलरों को बनाता है। बिल्डर्स, व्यापारियों, प्रसिद्ध सर्जन और खिलाड़ियों की कुंडली में अच्छा मंगल होता है। हमारे जीवन में मंगल ग्रह संबंधों के मामले में छोटे भाई-बहन और सभी तरह के ब्लड रिलेशन का प्रतिनिधित्व करता है। यह जुनून है, एक व्यक्ति के भीतर की कामेच्छा है। यह एक लड़की की कुंडली में एक प्रेमी है। मंगल एस्ट्रोलॉजी में सौर मंडल का रक्षा मंत्री माना जाता है। मंगल grah विस्फोट और अत्यधिक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। यह दुर्घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार होता है। पृथ्वी पर यह दुर्घटनाओं और युद्धों के लिए ज़िम्मेदार है। सभी हथियार, फटाके, विस्फोटक मंगल ग्रह के अधीन आते हैं।

मंगल ग्रह की विशेषताएं

मंगल ग्रह को बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा का साथ पसंद है। लेकिन, इसे शनि, राहु और केतु के साथ रहना नापसंद है। तो क्या होता है जब यह मंगल ग्रह वक्री हो जाता है? एेसी कंडीशन में मंगल बाहरी दुनिया की अपेक्षा आंतरिक दुनिया के निर्णय अधिक लेने लगता है। यह समय शरीर की इंजीनियरिंग के साथ ही आत्मा की इंजीनियरिंग का भी होता है। यही वह समय है जहां अतीत के अनुभव आपको कुछ समय बैठकर सोचने-समझने के लिए विवश करते हैं। आप अपने कर्मों, बिजनेस और रिलेशनशिप की एनालिसिस करते हैं। यदि आप एक नए रिश्ते से शुरू करने के लिए तैयार हैं तो आप इस अवधि के दौरान नई प्रेरणा और अभिनव विचारों से युक्त नये प्रोफेशन, बिजनेस और कार्मिक पैटर्न से रूबरू होंगे।

वक्री मंगल का प्रभाव कैसे काम करता है: एक अवलोकन

12 मई से 26 जून (प्री-रेट्रोग्रेड चरण) के दौरान, आपने चीजों का विश्लेषण करना और समझना शुरू कर दिया था, उसे अब इसे रोकना होगा। मंगल ग्रह ज्योतिष के मुताबिक आपको बदलने, विश्लेषण करने के लिए एक आह्वान देगा। आखिरकार, आप 26 जून से 27 अगस्त तक अपने शरीर, दिमाक और आत्म के पुनरुद्धार के लिए कदम उठा सकते हैं। आपकी आंतरिक इंजीनियरिंग शुरू हो जाएगी और वास्तविक मरम्मत मंगल ग्रह के प्रभाव में होगी। यह आत्मनिरीक्षण और परिवर्तन का समय है। दिनांक 27 अगस्त से 8 अक्टूबर तक की अवधि कार्रवाई और उपलब्धियों की कहलाएगी।

मकर में मंगल राशि परिवर्तन 2018 होने के दौरान इसके वक्री रहते निम्नलिखित क्षेत्रों में सतर्क रहें

मंगल उच्च राशि मकर में है। इसका यहां होना आपको अधिक केंद्रित, जिम्मेदार और सफल, कुशल रूढ़िवादी, आदरणीय, प्रतिबद्ध और परपसफुल बनाता है। तो जब मंगल ग्रह मकर राशि में हो तो दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों से अवगत रहें, सजग रहें। वाहन, घर और संपत्ति में निवेश करने से बचें। आप अपना मन को पक्का कर सकते हैं, स्थान को ढूंढ सकते हैं, अपने लिए उपयुक्त जगह को ढूंढने का होमवर्क कर सकते हैं। उचित वाहन को तय कर सकते हैं। लेकिन इन तिथियों पर किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करें। घर के गैजेट को मरम्मत की आवश्यकता होगी। शरीर की आरोग्यता पर ध्यान दें। अपनी बॉड़ी को हष्ट-पुष्ट रखने के लिए किसी आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक उपचार के लिए जाएं।

सैनिक मंगल अब हुअा वक्री:शरीर, मन और आत्मा की मरम्मत का समय

बॉडी के किसी भी प्रकार के डैमेज करने हेतु उसकी रिकवरी या अपने अंदर पूरी तरह से बदलाव लाने के लिए इस समय का उपयोग करें। मंगल यात्रा परिवर्तन के समय को दर्शाती है। तो अपने शरीर, दिमाग और आत्मा के रिपेयर पर ध्यान दें। आइए उच्च के मंगल को समझें। साथ ही जानते हैं कि मकर राशि में मंगल वक्री 2018 राशि चक्र की सभी 12 राशियों पर कैसे प्रभाव डालने वाला है।

मकर राशि में मंगल वक्री 2018 – 12 चंद्र राशियों के लिए भविष्यवाणी

मेष राशि

मेष राशि में मंगल ग्रह 1 और 8 वें घर का स्वामी है। यह 10 वें घर में उच्च और वक्री स्थिति में है। यह चौथे, 5 वें और पहले घर पर दृष्टि डालेगा। बॉडी के सेहतमंद रहने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। अपनी बीमारियों को ठीक करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक उपचार लें। प्रौद्योगिकी से संबंधित गैजेट इलेक्ट्रिक गैजेट को समय-समय पर मरम्मत की आवश्यकता होगी। आप यह देखो कि अपने बॉडी का समय- समय पर चेक और इलाज करवाते रहें। इस समय, बच्चों को आपके अधिक ध्यान देने आवश्यकता होगी। आप अपने खानपान की आदतों, मेडिकल चेक अप, आहार और व्यायाम पर काम करने की जरूरत है। आपका प्रोफेशन एक ब्यूटीफुल टर्न लेगा। आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आप अपने करीबी लोगों व जिगरी यारों से अपनी वर्क लाइफ और प्रोफेशन से कनेक्टेड न्यू एंगल्स के बारे में डिसकस करेंगे। आप अपने काम में इलेक्ट्रिक या तकनीकी गैजेट का उपयोग करने की शुरुआत कर सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि में मंगल 7 वें और 12 वें घर का स्वामी है। यहां मंगल नवम भाव में से गोचर करता है। यहां से इसकी दृष्टि 3, 4 और 12 वें घर पर पड़ती है। आप कुछ ध्यान योग कर सकते हैं, अपने कर्म से अवगत रहें। प्रॉपर रूप से ध्यान और पूजा करें। नेगेटिव थिंकिंग से बचने के लिए आपको मेडिटेशन व पूजा करना बहुत जरूरी है। शॉर्ट ट्रेवल डिसटेंस पॉसिबल है। मेड-सर्वेंट इश्यूज लगे रहेंगे। हाउस गैजेट्स के रिपेयर की आवश्यकता होगी। घर पर नुकसान संभव है। व्यवसाय में भी नुकसान संभव है। लेकिन हम आपकी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में हेल्प कर सकते हैं। आप अपने डाउट्स को दूर करके आगे बढ़ सकते हैं। अपने भ्रम-कनफ्यूजन को मिटाएं, एक क्वेश्चन पूछें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए मंगल 6 वें और 11 वें घर का स्वामी है। मंगल अष्टम भाव में से गोचर करेगा। अब यह उच्च का होकर वक्री पोजीशन में है। यह दूसरे, तीसरे और 11 वें घर को देखेगा। तो आपको अपने बॉडी की केयर करने की आवश्यकता रहेगी। आप लोगों के लिए काम कर सकते हैं। मुकदमा लड़ने के बाद पैतृक संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं। भाई के साथ तर्क-वितर्क हो सकते हैं। दोस्तों और भाई बहनों से वित्तीय लाभ मिलने की संभावना है।

कर्क राशि

कर्क राशि में मंगल 5 वें और 10 वें घर का स्वामी है। इस कुंडली में मंगल सातवें घर में से इस समय गोचर कर रहा है। इसकी 10 वें घर, पहले घर और दूसरे घर पर इसकी निगाह पड़ती है। मंगल विवाहित जीवन और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करेगा। फैमिली मैंबर्स के साथ व्यर्थ का झगड़ा हो सकता है। सीनीयर्स के साथ बहस के बाद प्रमोशन होने के संकेत हैं। शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन करें। बीमारियों के इलाज में धैर्य से काम लें। जीवन साथी से लाभ मिलने की आशा करें। संतान रत्न से धन्य हो सकते हैं। शादी करने की अधिक संभावना है। लेकिन अगर आपको जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो हम आपकी मदद कर सकते हैं। आप की समस्याएं समाधान की तरफ पहुंच सकती हैं। हमारे ज्योतिषों से बस अपना प्रश्न पूछें।

सिंह राशि

सिंह राशि की कुंडली में मंगल चौथे और9वें घर का स्वामी कहलाता है। सिंह राशि वालों के मंगल योगकारक ग्रह बनता है। यहां पर मंगल छठे भाव से गुजर रहा है। मंगल 9 वें , 12 वें और 1 घर को देख रहा है। लंबी दूरी की यात्रा का संकेत मिलता है। माता-पिता के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दें आपको चिंतित कर सकते हैं। जॉब में बदलाव या नया कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करने का योग है। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव रहेगा। पूजा, ध्यान, यज्ञादि करें। मंगल ग्रह mantra का जप करें। ये सारी बातें आपको बढ़ने और जीवन में विकास करने में मदद करेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि में सेनापति मंगल तीसरे और 8 वें घर का स्वामी है। यहां मंगल 5 वें घर में आया हुआ कहा जाएगा। मंगल यहां खड़े होकर यह 8 वें, 11 वें और 12 वें घर की ओर देख रहा है। आपको दोस्तों और भाई-बहनों से लाभ मिलेगा। माता-पिता की संपत्ति से लाभ मिलने की उम्मीद करें। परिवर्तन की संभावनाएं हैं। आप तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान कर सकते हैं। विदेश की सैर के योग बनते हैं। बेटे के जन्म से जुड़े संकेत मिल सकते हैं। गणेश जी भाई-बहनों से आपको लाभ मिलते देखते हैं। समाज सेवा के लिए काम करेंगे। क्या आपको जीवन में समस्याएं आ रही हैं? तो, पंडित जी से इन परेशानियों का निराकरण जानें। 3
प्रश्न पूछें

तुला राशि

तुला राशि में आकर मंगल 7 वें और दूसरे घर का स्वामी हो जाता है। यहां मंगल चौथे घर से होकर निकल रहा है। यह 7 वें घर, 10 वें और 11 वें घर को देखता है। आपको शादी के लिए एक योग्य साथी मिल सकता है। आप अपनी नौकरी बदल सकते हैं। प्रॉपर्टी से किराया मिलने पर आय का नया जरिया खुलेगा। पति/पत्नी की ओर से धन लाभ के मौके आएंगे। घर की मरम्मत या घर पर कुछ काम करने को रहेंगे।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि में मंगल ग्रह कुंडली के लग्न और 6 वें घर का स्वामी है। मंगल तीसरे घर में से निकलते हुए मंगल 6 वें, 9 वें और 10 वें घर को देखेगा। किसी तरह की लघु यात्रा या बहन के घर जाने का योग बनेगा। स्वास्थ्य के मसले हो सकते हैं। किसी भी तरह की खेल गतिविधि के दौरान सावधान रहें। मांसपेशियों को चोट पहुंस सकती हैं। आध्यात्मिक झुकाव परिवर्तन में मददगार रहेगा। खानपान की आदतों और आहार की देखभाल की जरूरत है। रचनात्मक प्रतिभा को निखारने पर काम करें। कुछ सुंदर लेख लिखें जिससे आपका नाम, प्रसिद्धि और सम्मान बढ़ें। यदि आप अपनी सफलता रेश्यो को हाई करना चाहते हैं, तो एक प्रश्न पूछें।

धनु राशि

मंगल धनु राशि में 5 वें और 12 वें घर का स्वामी है। धनु में मंगल दूसरे घर से गमन कर रहा है। यह 5 वें, 8 वें और 9वें घर पर दृष्टिपात करेगा। घर, परिवार और बच्चों पर ध्यान देने के दिन होंगे। चिल्ड्रन्स की रूटीन बड़ी दौड़भाग वाली रहेगी। इसके अमंगल सूचक होने की वजह से न जाने कहां से स्वास्थ्य समस्याएं अचानक पॉप-अप हो सकती हैं। स्वास्थ्य की रिकवरी धीमी रहेगी। शरीर में रक्त के थक्के बनने की समस्या हो सकती है। महिला जातिका के ननद, भाभी, पतहू आदि के घर जाना भाग्य में लिखा होने की संभावना है।

मकर राशि

मकर राशि में मंगल चौथे और 11वें घर का स्वामी है। यहां तो यह लग्न में ही अर्थात प्रथम घर में ही होगा। यह चौथे, 7 वें और 8 वें घर को देखेगा। तो माता-पिता, पैतृक संपत्ति, व्यवसाय या वर्क-फ्रॉम-होम के जरिये लाभ के अधिकारी बन सकते हैं। संपत्ति की खरीद और व्यापारिक भागीदारों से आय प्राप्ति के इशारे मिल रहे हैं। बिजनेस ट्रैवल संभव है। शादी करने के लायक कोई सुंदर लड़की आपको पसंद आ सकती है। अपने क्रोध को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी। बोलने से पहले बार-बार सोचें। जीवन में शिखर की चोटी पर पहुंचने के लिए माहिर एस्ट्रोलॉजर्स की गोल्डन गाइडेंस हासिल करें, एक प्रश्न पूछें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि में मंगल तीसरे और 10 वें घर का स्वामी है। कुंभ की कुंडली में मंगल 12 वें भाव से भ्रमण करता है। यहां से मंगल तीसरे, 6 वें और 7 वें घर की ओर देखेगा। वैदिक ज्योतिष में बताए गए निर्देशों के मुताबिक यह समय ध्यान, आध्यात्मिक गतिविधियों, पूजा और प्रार्थनाओं जैसे पवित्र कामों के लिए एक आदर्श लम्हा है। जातक बहन के घर जाएगा। काम के लिए लघु यात्रा होगी। पुस्तक लिखने का समय है। संचार में वृद्धि होगी। साथी धन कमाना शुरु कर सकता है। हेल्थ अच्छी रखने के लिए आदर्श आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। चिकित्सा जांच की जरूरत है। क्रोध का आना आपके संबंधों को खराब कर सकता है।

मीन राशि

मीन राशि में मंगल ग्रह दूसरे और 9वें घर का स्वामी है। मीन की कुंडली में मंगल एकादश भाव से गोचर करेगा। मंगल 11 भाव में बैठकर दूसरे, 5 वें और 6 वें घर को यहां से देखता है। अपने भोजन, दैनिक दिनचर्या, आहार और व्यायाम का ख्याल रखें। परिवार के सदस्यों के साथ विवाद की नौबत आ सकती है। बीमारी बढ़ते हुए सर्जरी के कगार तक पहुंचा सकती है। माता-पिता और बच्चों से लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक कार्यों में भाग लेना आपके हित में रहेगा। आपको एक नया घर मिल सकता है, अपनी खोज जारी रखें। वक्री मंगल के वापस मार्गी स्थिति प्राप्त करने के बाद ही नया घर खरीदना आपके लिए सही रहेगा। आप में से जो अपनी जॉब को चेंज करना चाहते हैं उनके लिए यह आइडियल टाइम है। वक्री मंगल की कालावधि में जरूर से यज्ञ और हवन करें। एेसी धार्मिक क्रियाएं आपके जीवन में सकारात्मकता में वृद्धि करेंगी और फलस्वरूप, अच्छे परिणाम देंगी।

आर्टिकल सहयोग,

सोनिया नायर

गणेशास्पीक्स डाॅट काॅमटीम

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05 Jul 2018

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