हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना जाता है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए काम से सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि लोग सही मुहूर्त का इंतज़ार नहीं कर पाते या तुरंत कार्य करना आवश्यक हो जाता है। ऐसे समय में यह सवाल उठता है कि बिना मुहूर्त के क्या करें?
इसका उत्तर है अभिजीत मुहूर्त। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह काल अत्यंत शुभ माना जाता है और लगभग हर प्रकार के कार्य के लिए उपयुक्त होता है। अन्य मुहूर्त केवल विशेष अवसरों पर उपलब्ध होते हैं, लेकिन अभिजीत मुहूर्त हर दिन उपलब्ध रहता है। इस समय किए गए किसी भी कार्य में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
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अभिजीत मुहूर्त 2026 का महत्व
अनुभवी ज्योतिषी हमेशा सही मुहूर्त की अहमियत को समझते हैं। जब किसी विशेष कार्य का शुभ समय उपलब्ध न हो, तब वे अभिजीत मुहूर्त का सुझाव देते हैं। यह मुहूर्त प्रतिदिन दोपहर के आसपास आता है।
रात्रि में इसी प्रकार का एक शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त भी होता है। पुराणों और कथाओं में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी समय त्रिपुरासुर का वध किया था। भगवान विष्णु ने भी अपने सुदर्शन चक्र से अनेक दोष इसी मुहूर्त में समाप्त किए। भगवान श्रीराम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था। हालांकि, बुधवार को यह मुहूर्त आमतौर पर शुभ नहीं माना जाता और बुधवार को दक्षिण दिशा की यात्रा भी निषेध मानी जाती है।
आज की व्यस्त जीवनशैली में हर किसी को समय निकालना कठिन होता है, इसलिए अभिजीत मुहूर्त एक वरदान की तरह है, क्योंकि यह हर दिन मिलता है और सार्वभौमिक रूप से शुभ माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त 2026: अपने महत्वपूर्ण कार्यक्रम करें
| तिथि | अभिजीत नक्षत्र प्रारंभ समय | अभिजीत नक्षत्र समाप्ति समय |
|---|---|---|
| 19 जनवरी 2026, सोमवार | 05:30 सुबह | 01:34 दोपहर |
| 15 फ़रवरी 2026, रविवार | 01:29 दोपहर | 09:28 रात |
| 14–15 मार्च 2026, शनिवार–रविवार | 10:27 रात | 06:30 सुबह |
| 11 अप्रैल 2026, शनिवार | 07:12 सुबह | 03:21 दोपहर |
| 08 मई 2026, शुक्रवार | 02:44 दोपहर | 11:04 रात |
| 04–05 जून 2026, गुरुवार–शुक्रवार | 09:04 रात | 05:26 सुबह |
| 02 जुलाई 2026, गुरुवार | 02:50 सुबह | 11:11 सुबह |
| 29 जुलाई 2026, बुधवार | 09:05 सुबह | 05:20 शाम |
| 25–26 अगस्त 2026, मंगलवार–बुधवार | 04:18 शाम | 12:35 रात |
| 22 सितंबर 2026, मंगलवार | 12:33 रात | 08:50 सुबह |
| 19 अक्टूबर 2026, सोमवार | 08:59 सुबह | 05:20 शाम |
| 15–16 नवंबर 2026, रविवार–सोमवार | 04:44 शाम | 01:15 रात |
| 12–13 दिसंबर 2026, शनिवार–रविवार | 11:27 रात | 08:00 सुबह |
वैदिक ज्योतिष में अभिजीत मुहूर्त
वैदिक ज्योतिष में “मुहूर्त” को किसी भी कार्य की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण कारक माना गया है। दिन के शुभ समय को शुभ लग्न और अशुभ समय को अशुभ लग्न कहते हैं।
सभी मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व है। यह सूर्य की स्थिति के आधार पर निकाला जाता है और हर स्थान पर भिन्न हो सकता है। यह समय सूर्य के उदय और अस्त के आधार पर तय किया जाता है। अभिजीत का अर्थ ही है – विजय। यानी इस समय किए गए कार्य सफलता की ओर ले जाते हैं।
यह मुहूर्त शुक्ल पक्ष या अन्य योगों के साथ मिलने पर और भी शुभ हो जाता है। खास बात यह है कि यह तिथि, नक्षत्र, राशि या मास पर निर्भर नहीं करता, इसलिए यह हर किसी के लिए मान्य है। इसका समय लगभग 48 मिनट का होता है।
अभिजीत मुहूर्त की गणना कैसे करें?
- अगर सूर्योदय सुबह 6:00 बजे और सूर्यास्त शाम 6:00 बजे है, तो दिन की लंबाई 12 घंटे होगी।
- दिन को 12 भागों में बाँटने पर प्रत्येक भाग 1 घंटा होगा।
- इस तरह दोपहर 12:00 बजे का समय “सौर मध्याह्न” कहलाता है।
- इस मध्याह्न से 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद का समय अभिजीत मुहूर्त होता है।
- यानी, सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय विशेष इसलिए भी है क्योंकि यह सूर्य की 10वें भाव (कर्म भाव) में स्थिति को दर्शाता है। सूर्य शक्ति, अधिकार और उपलब्धि का प्रतीक है, इसलिए इस समय किए गए कार्य सफल माने जाते हैं।
निष्कर्ष
जो लोग पंचांग के गहरे नियम समझने में कठिनाई महसूस करते हैं, उनके लिए अभिजीत मुहूर्त एक सरल और भरोसेमंद विकल्प है। यदि आप 2026 में कोई विशेष आयोजन करने जा रहे हैं और आपके पास समय की कमी है, तो अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही, व्यक्तिगत और विशेष मार्गदर्शन के लिए अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श करना हमेशा लाभकारी होता है।
नीचे अन्य सभी मुहूर्तों के बारे में पढ़ें:-
- अन्नप्राशन मुहूर्त 2026
- गृह प्रवेश मुहूर्त 2026
- उपनयन संस्कार मुहूर्त 2026
- कर्णवेध मुहूर्त 2026
- विवाह मुहूर्त 2026
- मुंडन समारोह मुहूर्त 2026
- नामकरण मुहूर्त 2026
- नया व्यवसाय शुरू करने का मुहूर्त 2026
- संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026
- रिंग सेरेमनी का मुहूर्त 2026
- वाहन खरीदने का मुहूर्त 2026
- विद्यारंभ मुहूर्त 2026
FAQs
अभिजीत मुहूर्त 2026 का क्या महत्व है?
अभिजीत मुहूर्त 2026 को वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह समय लगभग हर प्रकार के कार्य के लिए उपयुक्त होता है और सफलता की संभावना को बढ़ाता है।
अभिजीत मुहूर्त की गणना कैसे की जाती है?
अभिजीत मुहूर्त सूर्य के उदय और अस्त के समय के आधार पर निकाला जाता है। यह समय लगभग 48 मिनट का होता है और स्थान के अनुसार भिन्न हो सकता है।
किसी विशेष कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त क्यों चुनें?
अभिजीत मुहूर्त को चुनने का कारण यह है कि यह हर दिन उपलब्ध रहता है और किसी भी कार्य में सफलता पाने की संभावना को बढ़ाता है।
क्या अभिजीत मुहूर्त हर दिन शुभ होता है?
अभिजीत मुहूर्त सामान्यतः हर दिन शुभ होता है, लेकिन बुधवार को इसे शुभ नहीं माना जाता।
2026 में अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कैसे करें?
2026 में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने के लिए अभिजीत मुहूर्त का उपयोग किया जा सकता है। यह समय प्रतिदिन दोपहर के आसपास आता है और इसे सभी के लिए शुभ माना जाता है।
