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राहु कन्या राशि में एवं केतु मीन राशि में…

राहु कन्या राशि में एवं केतु मीन राशि में…

12 जुलाई 2014 को 21:51:06 पर राहु कन्या में प्रवेश करेगा एवं केतु मीन राशि में प्रवेश करेगा। यह ग्रहीय स्थिति हर राशि को अलग अलग रूप में प्रभावित करेगी।

मेषः
मेष राशि के जातकों के लिए जन्म के चंद्र पर से राहु छठे स्थान में से परिभ्रमण करेगा, जो रोग, शत्रु और नौकरी का स्थान है। इस समय के दौरान शत्रु बढ़ेंगे लेकिन आप उन पर विजय प्राप्त कर पाएंगे। बिना वजह स्वास्थ्य बिगड़ेगा एवं रिपोर्ट भी नोर्मल आए, ऐसा भी हो सकता है। नौकरी के स्थान पर उच्च अधिकारी के साथ विचारों को लेकर मतभेद हो सकता है।

वृषभ:
वृषभ राशि के जातकों के लिए राहु पंचम स्थान में भ्रमण करेगा, यह विद्याभ्यास, संतान, शेयर बाज़ार का स्थान कहा जाता है, इस वजह से यह राशि के छात्र वर्ग को विद्याभ्यास में रुकावटें आएँगी और पढ़ाई में ध्यान नहीं लगेगा। इसलिए उन्हें विद्याभ्यास की ओर ध्यान देने की सलाह गणेशजी देते हैं। संतान की इच्छा रखने वाले जातकों को सावधान रहने की सलाह है। शिवजी की उपासना करें एवं चिकित्सकीय सहायता लेने से परिणाम अच्छा आएगा, ऐसा गणेशजी का कहना है। शेयर बज़ार सम्बंधित जातक फिज़ूल की स्क्रीप में निवेश करेंगे एवं इससे उनके पैसे गलत जगह फंस जाएं, ऐसा हो सकता है।इसलिए सावधान रहने की सलाह गणेशजी देना चाहते हैं।

मिथुन:
मिथुन राशि के जातकों के लिए राहु सुख स्थान में और केतु कर्म स्थान में भ्रमण करेगा। इस स्थिति को देखते हुए गणेशजी कहते हैं कि आप नकारात्मकता के साथ अपना पेशा भी बदल सकते हैं। जमीन- मकान या इस सैक्टर से सम्बंधित जातकों को सावधान रहने की सलाह गणेशजी देना चाहते हैं अन्यथा नुकसान हो सकता है।

कर्कः
राहु तीसरे स्थान में परिभ्रमण करेगा, जो कर्क राशि जातकों के लिए अशुभ नहीं है, क्यूंकि इस राशि के जातकों को गुरु का समर्थन अच्छी तरह प्राप्त हो रहा है, लेकिन यदि आप यात्रा- प्रवास या टुरिज्म से सम्बंधित कार्य कर रहे हैं तो आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस समय आपको ऐसा लगेगा कि भाग्य का साथ नहीं मिल रहा है।

सिंहः
सिंह राशि के जातकों के लिए राहु धन एवं कुटुंब स्थान में परिभ्रमण करेगा, जो लाभदायी नहीं होगा। बातचीत में असभ्यता की वजह से पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकता है। वित्तीय निवेश गलत साबित होगा, आय में कमी होगी, पैसे की लेन-देन में चढाव-उतार रहेगा एवं बुजुर्गों को आंखों की वजह से परेशानी हो सकती है। अचानक किसी प्रकार की दुर्घटना की वजह से आपको आश्चर्य होगा, इससे सम्बंधित उपाय करने की सलाह गणेशजी दे रहे हैं।

कन्याः
कन्या राशि के जातकों के लिए जन्म के चंद्र पर से राहु का परिभ्रमण थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्यूंकि राशि के अनुसार आपके प्रथम स्थान से राहु के गुजरने से आपका स्वास्थ्य और मन दोनों डिस्टर्ब रहेंगे। गणेशजी को लगता है कि आप में असंतुष्टि की भावना अधिक रहेगी। इस समय के दौरान आपको निर्धारित से अधिक प्रयत्न करने पड़ सकते हैं, अगर आप शिवजी की उपासना करेंगे तो अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

तुलाः
तुला राशि के जातकों के लिए राहु पिछले साल की तुलना में अच्छा हैI व्यय स्थान में राहु और नवम्बर के बाद शनि भी धन स्थान में परिभ्रमण करेगा जिससे खर्च अधिक होगा। गणशेजी फिज़ूल खर्च की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। आपको सरकारी या कानून सम्बंधित कार्यों से दूर रहने की सलाह है। धनहानि, नुकसान एवं बिना वजह चिंता से बचने के लिए गणेशजी आपको महामृत्युंजय यंत्र के साथ शिवजी की उपासना करने की सलाह देते हैं।

वृश्चिकः
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए राहु लाभ स्थान में परिभ्रमण करेगा जो हानि नहीं पहुंचाएगा। लेकिन आप को ऐसा लग सकता है कि कर्म के अनुसार लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है और कम मेहनत करके दूसरे अधिक लाभ ले रहे हैं, इस प्रकार की असंतुष्टि रह सकती है। छात्रवर्ग के लिए सावधान रहने की सलाह है क्यूंकि निर्धारित से कम अंक आएंगे। गर्भवती महिलाएं सावधान रहें, क्यूंकि गर्भपात होने की संभावना है।

धनुः
धनु राशि के जातकों के लिए राहु कर्म स्थान में और केतु सुख स्थान में परिभ्रमण करेगा, जिसके कारण आप स्वयं बलवान होंगे लेकिन आपका कर्म, व्यवसाय व प्रतिष्ठा आदि डिस्टर्ब होंगे, ऐसी संभावना गणेशजी राशि कुंडली को देखने के बाद व्यक्त कर रहे हैं। केतु आपके सुख स्थान में से भ्रमण करेगा, जिस वजह से आपको उद्वेग और एक अलग तरह के नकारात्मक विचार आ सकते हैं, इसलिए आपको केतु यंत्र की पूजा करने की सलाह है।

मकरः
मकर राशि के जातकों के लिए राहु भाग्य स्थान में और केतु पराक्रम स्थान में परिभ्रमण करेगा, जिससे आप को यात्रा के दौरान मुश्किलें आ सकती हैं। पिता के स्वास्थ्य की चिंता सताएगी। विदेश सम्बंधित कार्यों एवं इम्पोर्ट-एक्स्पोर्ट के व्यवसाय में मुश्किलें आ सकती है। राहु इस परिभ्रमण के दौरान भाग्य में रुकावटें ला सकता है, इसलिए आपको अपना भाग्य रत्न ज्योतिष की सलाह लेकर पहनना चाहिए।

कुंभः
कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु का परिभ्रमण ८ वें स्थान में होगा, केतु धन स्थान में भ्रमण करेगा। इस वजह से आपको वित्तीय मामले में आय – व्यय को बैलेंस करने में मुश्किलें आ सकती हैं। वंशानुगत संपत्ति प्राप्त करने में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है, ऐसा गणेशजी को लगता है। इसके अलावा गणेशजी आपको ऑपरेशन नहीं करवाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा आपकी बोली में कटुता की वजह से परिवार के सदस्यों के साथ विचारों में मतभेद आने की संभावना है। बुरे प्रभाव से बचने के लिए आपको शिव यंत्र की उपासना करने की सलाह है।

मीन:
मीन राशि के जातकों के लिए राहु सप्तम स्थान में से चलेगा, जिसके कारण आपको सतर्कता के साथ आगे बढ़ने की सलाह है। साझेदार के साथ विचारों का मतभेद रह सकते हैं एवं पत्नी के साथ भी टकराव की संभावना है। हो सके तो आप पत्नी के विचारों का समर्थन करते हुए आगे बढ़ें। कोर्ट-कचहरी से दूर रहें, इस समय के दौरान आपके विरोधी आप पर हावी हो जाएँगे, ऐसी संभावना है।

याद रहें कि ये सामान्य भविष्यवाणी है। असल में राहु-केतु के वास्तविक प्रभाव आपके जीवन पर भिन्न हो सकते हैं जो कि आपकी व्यक्तिगत कुंडली की वास्तविक ग्रह उपस्थिति के अनुसार होंगे। क्या आप जानते हैं कि राहु केतु आपकी कुंडली को किस तरह प्रभावित करते हैं या यह बड़ा पारगमन आपको किस तरह व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करेगा – अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए विस्तृत, व्यापाक एवं शत प्रतिशत व्यक्तिगत राहु केतु पारगमन रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करें। आपकी विलक्षण जन्म कुंडली के अध्ययन पर आधारित यह रिपोर्ट आपको आपके सवालों के जवाब एवं समस्याओं के समाधान उपलब्ध करवाएगी।

गणेशजी के आशीर्वाद के साथ,
श्री धर्मेश जोशी
गणेशास्पीक्स दल

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