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फ्लिपकार्ट के लिए आगे का रास्ता आसान या चुनौतीपूर्ण ? जानिए, गणेशजी की दृष्टि से

फ्लिपकार्ट के लिए आगे का रास्ता आसान या चुनौतीपूर्ण ? जानिए, गणेशजी की दृष्टि से

फ्लिपकार्ट भारत की एक ई-कॉमर्स कम्पनी है, जिसका मुख्यालय बंगलौर में है। इस की स्थापना वर्ष 2007 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के स्नातक सचिन बंसल और बिनी बंसल ने की। इस वेबसाइट की शुरूआत पुस्तकों की ऑनलाइन खरीददारी हेतु की गर्इ थी। लेकिन, वर्तमान समय में कंपनी अपने ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य वस्तुएं खरीदने का विकल्प भी देती है। कंपनी ने कुछ विदेशी मोबाइल कंपनियों के साथ मिल कर आॅनलाइन मंच पर एक्सक्लूसिव मोबाइल लाॅन्च किए, जिनकी बिक्री ने कंपनी को जबरदस्त लोकप्रियता दी। इस में कोर्इ दो राय नहीं कि फ्लिपकार्ट आॅनलाइन शाॅपिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों में विश्वसनीय नाम बन चुकी है।

फ्लिपकार्ट की स्थापना / आरंभ विवरण
5 सिंतबर 2007, बुधवार
07:00:00 सूर्य कुंडली
स्थान – बंगलौर सिटी

ज्योतिषीय विश्लेषण
ई-कॉमर्स की इस दिग्गज कंपनी के स्थापना विवरण के आधार पर निर्मित सूर्य कुंडली के अनुसार, गणेशजी बता रहे हैं कि फ्लिपकार्ट का लग्न सिंह है। हालांकि, शनि एवं केतु की युति लग्न भाव में बन रही है। कुंडली के दूसरे भाव, जो वित्त से संबंधित है, में बुध ग्रह स्वगृही है। जबकि कंपनी की कुंडली में घाटे को प्रदर्शित करने वाले स्थान में जन्म का शुक्र प्रतिगामी है।

ज्योतिषीय संकेत
फ्लिपकार्ट की सूर्य कुंडली में सूर्य लग्न स्थान में स्वगृही है, जैसे कि हम कंपनी के आरंभ विवरण आधारित सूर्य कुंडली में देख रहे हैं। सूर्य का स्वगृही होना, इस संगठन की सफलता का सबसे बड़ा कारक है क्योंकि इस ग्रहीय प्रभाव के कारण कंपनी के कर्मचारी पूरे निष्ठा भाव से कंपनी को आगे लेकर जाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हैं। इतना ही नहीं, इस प्रभाव के कारण कंपनी प्रबंधन एवं कर्मचारियों के बीच एक मजबूत रिश्ता भी जन्म लेता है। इस लिए देखा जाए तो कंपनी की समग्र प्रगति के लिए सूर्य का स्वगृही होना भी काफी महत्व रखता है।

हालांकि, फ्लिपकार्ट की कुंडली के लग्न भाव में शनि एवं केतु की युति एक नकारात्मक ग्रहीय स्थिति है, जो सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को थोड़ा सा कमजोर करती है। इस ग्रहीय स्थिति के कारण उत्पादन प्रणाली में अनियमितता, अनिरंतरता एवं कर्मचारियों के साथ मतभेद होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस ग्रहीय पारगमन के कारण कंपनी के अंदर विरोधियों का जन्म होने लगता है एवं कंपनी के विकास की संभावनाआें को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

जबकि बुध दूसरे गृह में स्वगृही है, जो वित्त से जुड़ा गृह है। बुध की उपस्थिति कंपनी की अच्छी वित्तीय स्थिति का संकेत देती है। कंपनी के लिए अनिवार्य संसाधनों को जुटाने के लिए बड़े स्तर पर पैसे का निवेश होने की संभावना रहती है। यह कंपनी को खड़ा करने के लिए वित्तीय संस्थानों के साथ गठजोड़ या करार करना भी हो सकता है।

कुल मिलाकर, देखा जाए तो फ्लिपकार्ट की पृष्ठभूमि काफी मजबूत है, लेकिन शनि एवं केतु की नकारात्मक उपस्थिति के कारण कंपनी को समय समय पर संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा हो सकता है।

अब आगे क्या ?
वर्तमान, गोचर का राहु दूसरे भाव (कन्या) के बीच से पारगमन कर रहा है। यह सकारात्मक संकेत नहीं है आैर कंपनी पहले ही इस ग्रहीय पारगमन का वित्तीय उथल-पुथल या चुनौतियों के रूप में नकारात्मक प्रभाव झेल चुकी है। इस पारगमन का अत्याधिक नकारात्मक प्रभाव सितंबर, अक्टूबर एवं नवंबर 2015 में देखने को मिलेगा। इसको देखते हुए गणेशजी कंपनी के उच्च अधिकारियों एवं प्रबंधन को उपरोक्त समय के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह देते हैं। इस समय कुछ गलत फैसले होने की संभावनाएं प्रबल हैं।

सूर्य, एक अन्य महत्वपूर्ण ग्रह, इस समय चौथे भाव के बीच से पारगमन कर रहा है एवं यह भाव लाभ तथा प्रसन्नता से जुड़ा हुआ है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह पारगमन कंपनी के लिए मुश्किलें एवं चुनौतियां पैदा कर सकता है। इस पारगमन के दौरान कंपनी प्रबंधन को कार्यालय के भीतर सकारात्मक माहौल बनाने के लिए अनिवार्य प्रयास करने की जरूरत रहेगी एवं उत्पादन क्षमता प्रभावित न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा। इस ग्रहीय प्रभाव के कारण रियल एस्टेट से जुड़ा हुआ कारोबार भी प्रभावित होगा, इसलिए फ्लिपकार्ट को रियल एस्टेट के साथ किसी भी तरह के कारोबारिक करार करने से पहले हर पहलू पर विचार करना चाहिए, विशेषकर वर्ष 2017 के प्रारंभ तक।

हालांकि, इस उथल पुथल के बीच गुरू का पारगमन फ्लिपकार्ट को सहयोग करेगा, विशेषकर 15 जुलार्इ 2015 के बाद, जब गुरू सिंह के बीच से अपना पारगमन शुरू करेगा, जो फ्लिपकार्ट की कुंडली का प्रथम गृह अर्थात लग्न भाव है। गुरू का यह पारगमन जनवरी 2016 तक जारी रहेगा। इस समय के दौरान कंपनी की योजनाएं बहुत सरल प्रयासों के साथ आगे बढ़ेंगी। इस समय दौरान कंपनी कुछ लाभ देने वाले करार कर सकती है। हालांकि, जनवरी 2016 के बाद सिंह राशि में गुरू के साथ राहु भी आ जाएगा, जिसके कारण गुरू का सकारात्मक प्रभाव पहले से कम हो जाएगा।

कुल मिलाकर, गणेशजी महसूस कर रहे हैं कि फ्लिपकार्ट के लिए मध्य जुलार्इ 2015 से लेकर प्रारंभ जनवरी 2016 तक का समय काफी अच्छा है। इस समय अवधि के दौरान कंपनी कुछ बड़े प्रोजेक्ट अपने हाथ में ले सकती है एवं कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है। हालांकि, प्रारंभ जनवरी 2016 के बाद कंपनी धीरे धीरे अपने विकास पथ से भटक सकती है एवं कंपनी को कुछ नकारात्मक परिस्थितियों से गुजरना पड़ सकता है।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
धर्मेश जोशी
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम

★ WRITTEN & ASTROLOGICALLY VERIFIED BY

Acharya Aditya

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