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मंगल का धनु गोचर कुछ राशियों के लिए होगा मंगल वहीं कुछ के लिए रहेगा अमंगल, जाने अपनी राशि का हाल

मंगल का धनु गोचर कुछ राशियों के लिए होगा मंगल वहीं कुछ के लिए रहेगा अमंगल, जाने अपनी राशि का हाल

भूमि नंदन, भौम, लोहितांग, अंगारक और क्षितिज जैसे नामों से पहचाने जाने वाले मंगल को वैदिक ज्योतिष में काल पुरूष के पराक्रम का प्रतीक माना गया है। मंगल वैदिक ज्योतिष में उल्लेखित प्रभावी और बलवान ग्रहों में से एक है, और अन्य ग्रहों की अपेक्षा अपने स्थान से कुंडली के अन्य स्थानों को प्रभावित करने की क्षमता रखते है। गुरू, शनि और मंगल को ज्योतिष में विशेष दृष्टि प्राप्त है, मंगल अपने स्थान से चौथे, सातवें और आठवें भाव पर दृष्टि डालते है। कुंडली में मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है और कुंडली के तीसरे व चौथे स्थान के पूर्ण और छठे स्थान के मिश्रित कारक है। शौर्य, पराक्रम, युद्ध, शत्रु, विरोध, क्रोध, उदारता, युवावस्था, के कारक भी मंगल ही हैं, यदि किसी की जन्म कुंडली में मंगल बलवान है, तो वह जातक को अनुशासन प्रिय, न्याय पसंद, सरल बुद्धि, दूसरों पर जल्दी विश्वास करने वाला, दूसरों को दिशा निर्देश देने वाला एवं उनका पालन करवाने वाला, स्पष्टवादी और मेहनतकश होता है। जन्म कुंडली में मंगल बलवान होने पर व्यक्ति दृढ़ संकल्पवान एवं महत्वाकांक्षा पूर्ण करने के लिए अदम्य इच्छाशक्ति रखता है। वहीं मंगल के अशुभ प्रभाव में जातक में उग्र, आक्रामक, युद्ध प्रिय, उन्मत्तता, अविचारि, नशाखोर, शक्ति का अनौतिक उपयोग करने वाले होते है।

वर्तमान समय में मंगल अपनी स्वराशि वृश्चिक में भ्रमण पूर्ण कर 8 फरवरी 2020 को धनु राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल का धनु गोचर 2020 आगामी 21 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान मंगल अपनी स्थिति के अनुसार राशिचक्र की तमाम राशियों को प्रभावित करने वाले है। मंगल का राशि परिवर्तन कर, अग्नि तत्व की राशि धनु में गोचर होना राशिचक्र को अधिक प्रभावित करने के संकेत देता है। मंगल खुद भी अग्नि तत्व का ग्रह है, और अग्नि तत्व की राशि में ही मंगल का गोचर इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।

मंगल के धनु गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

चंद्र राशि मेष कुंडली में मंगल का गोचर अग्नि तत्व राशि धनु में हो रहा है। मंगल का यह गोचर कुंडली के नौवें भाव में घटित हो रहा है। इसी के साथ मंगल कुंडली के लग्नेश होने के साथ ही आठवें भाव के भी स्वामी है। कुंडली का नौवां भाव भाग्य स्थान होकर, धर्म, गुरू, आध्यात्मिक भाव, विदेश यात्रा, वैभव, सन्यास और दक्षिण भारत में इसे पिता के स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है, वहीं उत्तर भारत में पिता का स्थान दसवां माना जाता है।

मंगल के राशि परिवर्तन के साथ ही मेष राशि जातकों को जीवन के कई क्षेत्रों में बेहद सकारात्मक वहीं कुछ में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। मंगल के प्रभाव में नौकरी पेशा लोगों को कुछ लाभ मिलता दिखाई दे रहा है, इस दौरान कड़ी मेहनत का उचित प्रतिफल मिलता दिखाई देता है। वहीं व्यापार-व्यवसाय के लिहाज से मंगल का धनु गोचर उतना अनुकूल नहीं दिखाई देता। इस दौरान अधिक मेहनत के दम पर ही व्यापार में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस दौरान आपको अपने कौशल और क्षमताओं के आधार पर व्यापार को आगे बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। इस दौरान आपको अपने व्यापार से जुड़े किसी भी तरह के फैसले सावधानी और धैर्यता के साथ लेने चाहिए। इस दौरान आर्थिक स्थिति के बेहतर रहने की उम्मीद है, लेकिन आपके लगातार बढ़ते खर्च आपको मुश्किल में डालने का काम कर सकते है। प्रेम और वैवाहिक संबंधों में धैर्य और सावधानी बरतने की सलाह है। वहीं स्वास्थ्य के मुद्दे पर आपको लाभ मिलता दिखाई दे रहा है, हालांकि यहां भी आपको खुद से कुछ सावधानियां बरतते हुए इस गोचर से मिलने वाले लाभ को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।

मंगल के धनु गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल का अग्नि तत्व की राशि धनु में गोचर होने से चंद्र राशि वृषभ कुंडली जातकों के जीवन के लगभग सभी पहलुओं पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिलेंगे। मंगल का धनु गोचर कुंडली के आठवें भाव में हो रहा है, इस दौरान मंगल सप्तमेश होने के साथ ही बारहवें भाव के भी स्वामी है। कुंडली का आठवां भाव आयुष्य या मृत्यु भाव होकर विनाश, मृत्यु, आयु, विरासत, दुर्घटना, भयंकर नुकसान, वैराग्य, अप्रत्याशित मौत, रहस्य विद्या और लंबी बीमारी जैसे पहलुओं से संबंध रखता है।

वृषभ कुंडली में मंगल गोचर की स्थिति और उनके प्रभावों के आधार पर कहा जा सकता है कि यह दौर वृषभ जातकों के लिए उतना अनुकूल नहीं जितना की इसके होने की अपेक्षा आप कर रहे थे। इस दौरान वृषभ जाताकों को अपने करियर और व्यापार-व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में कुछ मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इन परिस्थितियों में यदि आप धैर्य और बुद्धिमत्ता के बल पर लोगों से संबंध बरकरार रखने में कामयाब होते है, तो यह आपके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं होगा। इस दौरान किसी भी तरह के बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है, मंगल गोचर की अवधि फ़ैसलों के हिसाब से भी प्रतिकूल प्रभाव ही डालते दिखाई देते हैं। हालांकि मंगल के शुरूआती प्रभावों के बाद इन परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा।

मंगल के धनु गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

चंद्र राशि मिथुन कुंडली के सातवें भाव से गोचर हो रहे मंगल कुंडली के छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी भी हैं। कुंडली का सातवां भाव जातक के वैवाहिक जीवन से गहरा संबंध रखता है। इस भाव का संबंध पति, पत्नी, दांपत्य सुख, सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन, प्रजनन अंग, तलाक, ग्राहक, जनता और दुश्मन जैसे पहलुओं से होता है।

मंगल के धनु गोचर के साथ ही मिथुन कुंडली जातकों को अपने करियर में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देंगे। इस दौरान खुद को प्रेरित रखते हुए, अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने से आप खुद को उसके अधिक नज़दीक पाएंगे। इस दौरान मंगल की कृपा से व्यापार पर भी आपकी पकड़ मजबूत रहने वाली है। आपको पता है, व्यापार के किस हिस्से से कम आमद हो रही है और उसे कैसे पटरी पर लाना है। हालांकि इस दौरान आप अपने निजी और पेशेवर जीवन में आवश्यक संतुलन स्थापित नहीं कर पाएंगे, और अपने रिश्ते को ऊर्जावान बनाएं रखने के उपाय सोंचेंगे। मंगल का धनु गोचर आपको रिश्तों व पेशेवर जीवन के बीच संतुलन स्थापित नहीं करने देगा। हालांकि स्वास्थ्य पर मंगल गोचर के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।

मंगल के धनु गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

चंद्र राशि कर्क कुंडली के छठे भाव में मंगल का धुन गोचर होने वाला है। इस भाव का संबंध शत्रु, पीड़ा, भय, रोग की अवधि, बीमारी, कर्ज, ऑपरेशन और नौकरी में परेशानी से होता है। कर्क कुंडली में मंगल दसवें और पांचवें भाव के स्वामी भी है, और अपनी विशेष दृष्टि से अपने स्थान से चौथे, सातवें और आठवें भाव पर दृष्टि डाल रहे है।

मंगल के धनु गोचर के दौरान आप अपने करियर और व्यापार-व्यवसाय में मंगल के शुभ और लाभकारी प्रभाव प्राप्त करने वाले है। मंगल की यह समयाविध आपको अपने करियर के निर्धारित लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने का मौका देने वाली है। व्यापार-व्यवसाय में भी मुश्किल परिस्थितियों से आसानी से निपट पाएंगे और अपने व्यापार-व्यवसाय को सफलता पूर्वक आगे बढ़ा पाएंगे। इस दौरान आर्थिक तौर पर भी आप अधिक मजबूत और संतुलित महसूस करने वाले है। हांलाकि इस दौरान आपको अपने निजी जीवन पर ध्यान देते हुए अपनी भावनात्मक स्थिति को मजबूत बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि अत्यधिक भावुक होने के कारण आपके रिश्तों में चिंताएं पैदा हो सकती है। हालांकि जीवन के अन्य क्षेत्रों में मिल रहे सकारात्मक परिणाम आपको प्रेरणा देने का काम करेंगे।

मंगल के धनु गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

मेष व वृश्चिक के स्वामी मंगल अपनी स्वराशि वृश्चिक से राशि परिवर्तन कर धनु में गोचर कर रहे है। मंगल का यह गोचर चंद्र राशि सिंह कुंडली के पांचवें भाव में होने वाला है, इस दौरान मंगल कुंडली के चौथे और दसवें भाव के भी स्वामी है। कुंडली का पांचवां भाव संतान या विद्या भाव के नाम से जाता है। इसका संबंध विद्या, गूढ़ विद्या, उपासना, संतान का व्यवहार, संतान का जन्म, संतान सुख, मंत्र-तंत्र, सट्टा, लाॅटरी, जुआ, साहस और कौशल से होता है।

सिंह कुंडली में मंगल की स्थिति के अनुसार मंगल के धनु गोचर के दौरान, आप अपने करियर में मीटिंग, प्रेजेंटेशन और आइडिया एक्सचेंजिंग सेशन जैसी सकारात्मक चीजों के संपर्क में आ सकते है। इस दौरान आप अपने काम से सबसे ज्यादा संतुष्ट नजर आएंगे। इस दौरान सिंह राशि जातकों को व्यापार-व्यवसाय में भी सकारात्मक आर्थिक लाभ मिलते दिखाई देते है। इस अवधि में आपकी संगठात्मक और समय-प्रबंधन कौशल की क्षमता आपके व्यापार वृद्धि में बेहद खास भूमिका निभाने वाली है। आर्थिक स्थिति बेहतर रहने वाली है, और मौजूदा समय में भविष्य के लिए निवेश से लाभ मिलने वाला है। हालांकि इस अवधि में आपको अपने रिश्तों को लेकर आने वाली किसी भी चुनौती के प्रति सचेत और सावधान रहना चाहिए, क्योंकि परिवर्तन आवश्यक है और आपको जरूरत के अनुसार खुद में और परिस्थितियों में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।

मंगल के धनु गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

मंगल का धनु गोचर चंद्र राशि कन्या कुंडली के चौथे भाव में होने वाला है। इस दौरान मंगल कुंडली के तीसरे और आठवें भाव के स्वामी भी है। कुंडली का चौथा भाव सुख स्थान होकर सौहार्द, बुद्धिमत्ता, सुख, वृद्धि, माता, मकान, ज़मीन, तृष्णा, लालसा, महत्वकांशा, घनिष्ठ प्रेम, घनिष्ठ मित्र और अचल संपत्ति से संबंध रखता है।

मंगल का धनु गोचर करियर के क्षेत्र में नई उम्मीद और उमंग भरने वाला है, यह दौर आपके करियर की वृद्धि के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दौरान आपको व्यापार-व्यवसाय में अपनी मेहनत के दम पर नई योजनाओं और नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की संभावना नजर आती है। इस दौरान आपको अनुशासन और नज़ाकत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आप अपने निजी रिश्तों में कुछ मुश्किलों का सामना करने वाले है, हालांकि मंगल का धनु गोचर आपको अपने रिश्ते के उन नाज़ुक पहलुओं को परखने और पहचाने के लिए भी प्रेरित करेगा जो आपके रिश्ते का कमजोर हिस्सा है। रिश्ते के उन नाज़ुक पहलुओं को जानने के बाद आप उनके लिए उचित समाधान सुझाने और उन पर विचार करने का काम भी करने वाले है। इस दौरान आपका स्वास्थ्य आपका पूरा साथ देने वाला है।

मंगल के धनु गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

मंगल का धनु गोचर चंद्र राशि तुला के तीसरे भाव में होने जा रहा है, इस दौरान मंगल कुंडली के सप्तमेश होने के साथ ही दूसरे भाव के भी स्वामी है। कुंडली का तीसरा स्थान पराक्रम भाव से जाना जाता है, और वीर्य, धैर्य, दोस्त, पराक्रम, लेखन कार्य और लघु प्रवास से संबंध रखता है। मंगल का तुला कुंडली के तीसरे भाव में गोचर बेहद खास है, क्योंकि मंगल तीसरे भाव के कारक भी है।

मंगल का धनु गोचर तुला राशि जातकों पर मिले-जुले प्रभाव डालने वाला है, मंगल गोचर के दौरान आपको करियर से जुड़े मुद्दों के प्रति सकारात्मक रहते हुए अच्छे प्रतिफल की उम्मीद करनी चाहिए। इस दौरान आपको अपने व्यवहार से करियर में उन्नति मिलने की संभावना है। व्यापार-व्यवसाय के हिसाब से यह अवधि कुछ मुश्किलें पैदा करने का काम कर सकती है, इस दौरान आपको अपने व्यापार और ग्राहकों के साथ संतुलन बिठाने की जरूरत है। इस दौरान आपको अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं को ढ़ूंढ़कर उन्हे खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। इससे आपको व्यापार से अपेक्षित लाभ मिलने की संभावना है। मंगल गोचर की अवधि में आपको आर्थिक स्थिरता के विषय में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि इस दौरान प्रेम और वैवाहिक संबंधों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान आप अपने पेशेवर और निजी जीवन में संतुलन नहीं बना पाएंगे। इस दौरान आपको नौकरी, व्यापार-व्यवसाय और निजी रिश्तों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। इस दौरान निजी और पेशेवर जीवन में धैर्य और बुद्धिमत्ता आपका सबसे अधिक साथ देने वाले है।

मंगल के धनु गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल का अग्नि तत्व की राशि धनु में गोचर होने से चंद्र राशि वृश्चिक कुंडली जातकों के जीवन के लगभग सभी पहलुओं पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान मंगल का गोचर वृश्चिक कुंडली के दूसरे भाव में होने वाला है और मंगल कुंडली के लग्नेश होने के साथ ही छठे भाव के स्वामी भी है। कुंडली का दूसरा भाव धन या कुंटुंब स्थान के नाम से भी जाना जाता है।

मंगल का धनु गोचर, वृश्चिक राशि से ही होने वाला है। इस दौरान वृश्चिक राशि जातकों के जीवन में करियर को लेकर कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे। इस दौरान आपके अपने उच्च अधिकारियों से संबंध बेहतर होंगे, आधिकारिक मीटिंग में आपके सुझावों पर विचार किया जाएगा और उन्हे सराहा जाएगा। व्यापार-व्यवसाय से जुड़े वृश्चिक जातक को अपने-अपने क्षेत्र में अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल करेंगे। मंगल गोचर की यह अवधि आपको आर्थिक तौर पर भी लाभ देने वाली है, इस दौरान आपको व्यापार-व्यवसाय के लिए फंड जुटाने में सफलता मिलेगी। रिश्तों की बात करें तो आप इस दौरान बेहद सामाजिक होंगे। इस दौरान आपको कार्यस्थल पर या निजी जीवन में अकेलेपन का अहसास होगा। इस दौरान आपको अपने परिवार के साथ कहीं घूमने जाने की योजना बननी चाहिए, इससे आपकी आपसी समझ बढ़ने के साथ ही रिश्तों में प्रेम व स्नेह बढ़ेगा।

मंगल के धनु गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

मंगल का धुन गोचर चंद्र राशि धनु कुंडली के पहले भाव में होने वाला है, इस दौरान मंगल कुंडली के पांचवें और बारहवें भाव के भी स्वामी है। धनु राशि में गोचर हो रहे मंगल लग्नेश है और लग्न कुंडली की आत्मा है, इसका संबंध जातक के शरीर, आकार, रंग, संरचना, स्वरूप, स्वप्रयत्न, इच्छा, मनोबल, मनोवृत्ति और चरित्र से होता है।

मंगल के धनु गोचर के दौरान धनु राशि जातकों को करियर से जुड़ी कुछ समस्याएं अपने सहकर्मियों की सहायता से सुलझाने में मदद मिलने वाली है। इस दौरान आपको अपने करियर में वृद्धि व उन्नति देखने को मिलेगी। इसी के साथ इस दौरान व्यापार में आपके द्वारा उठाए गए कुछ खास कदम व्यापार वृद्धि की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इस दौरान आपके व्यापार में सकारात्मक वृद्धि की शुरूआत होने वाली है। इस दौरान यदि आप व्यापार या अन्य किसी संबंध में फंड जुटाने की कोशिश कर रहे है तो आपको इसमें सफलता मिलेगी। निजी जीवन की बात करें तो इस दौरान आपका झुकाव अपने परिवार और उससे जुड़े कार्यक्रमों की ओर रहने वाला है। हालांकि इस अवधि में किसी के अनुचित व्यवहार के कारण आपका मूड खराब रहने वाला है। लेकिन इस दौरान आपके लिए स्वयं के विचारों को क्रम में रखना और रिश्तों से आप क्या चाहते है, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होने वाला है।

मंगल के धनु गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

मंगल का धनु गोचर चंद्र राशि मकर के बारहवें भाव में गोचर करने वाला है, इस दौरान मंगल मकर कुंडली के चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी भी है। कुंडली का बारहवां भाव व्यय या मोक्ष स्थान के नाम से जाना जाता है, साथ ही इसका संबंध जीवन के खर्च, व्यय, भोगविलास, राज्य भय, जेल, त्रास, चिंता, गुप्त प्रेम, रहस्यमय कार्यों, विदेश यात्रा, धन हानि और नुकसान जैसे क्षेत्रों से होता है।

मंगल के धनु गोचर के दौरान मकर राशि जातकों को कुछ प्रत्यक्ष प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेंगे। मंगल के यह प्रतिकूल प्रभाव करियर और व्यापार व्यवसाय में देखने को मिलेंगे। इस दौरान आपको लंबी दूरी की यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है। करियर और व्यापार के दृष्टिकोण से भी समय अनुकूल नहीं दिखाई देता, वहीं आर्थिक स्थिति की बात करें तो इस दौरान आप वित्तीय कुप्रबंधन के कारण आर्थिक तौर पर परेशानियों का सामना करने वाले है। इस दौरान स्वास्थ्य से संबंधित पहलुओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर छोटी-छोटी मगर कारगर चीजों में निवेश करने से आपको लाभ मिलने की संभावना है।
मंगल के धनु गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल का अग्नि तत्व की राशि धनु में गोचर होने से चंद्र राशि कुंभ कुंडली जातकों के जीवन के लगभग सभी पहलुओं पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष प्रभाव डालने वाला है। इस दौरान मंगल का गोचर कुंभ कुंडली के ग्यारहवें भाव में होने वाला है, और मंगल कुंडली के तीसरे और दसवें भाव के स्वामी भी है। कुंडली का ग्यारहवां भाव लाभ स्थान होकर, दिन प्रतिदिन के लाभ से संबंध रखता है, वहीं तीसरे और दसवें भाव का संबंध पराक्रम और कर्म से होता है।

मंगल का धनु गोचर कुंभ राशि जातकों को करियर से जुड़े क्षेत्रों में नई और उन्नत युक्तियों की सहायता से अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करेगा। इस दौरान आपके सुझावों को गंभीरता से लिया जायेगा। व्यापार-व्यवसाय के हिसाब से मंगल का धनु गोचर आपको व्यापार में नई व्यापारिक नीतियों पर काम करने के लिए प्रेरित करेगा और जिससे आपके व्यापार में धीरे-धीरे मगर निरंतर वृद्धि की संभावना दिखाई देती है। आर्थिक स्थिति पर इस गोचर के सकारात्मक और फालकारी प्रभाव देखने को मिलेंगे, इस गोचर के दौरान और लंबे समय तक आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर और संतुलित बनी रहेगी। निजी जीवन की बात करें तो यह दौर सामाजिक दायरे को बढ़ाने के लिए बेहद लाभकारी होने वाला है, इस दौरान आप सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले है। इस दौरान आपको सार्थक बातचीत और सहयोगी व्यवहार करना चाहिए, साथ ही अन्य लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। इससे आपको अपने सामाजिक दायरे को बड़ा करने में सहायता मिलेगी।

मंगल के धनु गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

मंगल का धनु गोचर चंद्र राशि कुंडली के दसवें भाव में होने वाला है, इस दौरान मंगल नौवें और दूसरे भाव के भी स्वामी है। कुंडली का दसवां भाव कर्म स्थान होकर आपके करियर, व्यापार-व्यवसाय और अजीवीका के साधनों से संबंध रखता है। वहीं कुंडली का दूसरा भाव धन या कुंटुंब स्थान और नौवां भाग्य स्थान होकर आपके भाग्य और धर्म से संबंध रखता है।

मंगल का धनु गोचर मीन राशि जातकों को जीवन के कई क्षेत्रों में सकारात्मक और लाभकारी परिणाम देने वाला है। इस दौरान करियर के क्षेत्र में अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए आपके पास पर्याप्त उर्जा और उत्साह रहने वाला है। व्यापार-व्यवसाय के संबंध में भी आप बेहतर नीतियों के साथ अच्छे परिणाम प्राप्त करने वाले है। इस दौरान आपके विरोधी आपकी छवि को खराब करने की कोशिश करेंगे, लेकिन उन्हें इसमें सफलता प्राप्त नहीं होगी। यह समयावधि आर्थिक तौर पर आपको अधिक स्थिर करने का काम करेगी, इस दौरान निवेश के लिए भी अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण होते नजर आता है। निजी और वैवाहिक जीवन में भी मंगल गोचर के सकारात्मक प्रभाव ही देखने को मिलेंगे, इस दौरान आपके परिवार और खास रिश्तों में गर्मजोशी बढ़ने वाली है। इस बात का ध्यान रखें कि रिश्तों में अधिक कसावट उनका दम घोटने का काम कर सकती है, इसलिए कम से कम प्रतिरोध रिश्तों या व्यक्तियों से निपटने में मददगार साबित होगा। मंगल के धनु गोचर के दौरान आपका स्वास्थ्य स्थिर रहने वाला है, कोशिश करें और मंगल के प्रभावों को अपने प्रयासों से अधिक लाभकारी और फलदायी बनाने की दिशा में काम करें।

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गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
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