वृश्चिक नक्षत्र

वृश्चिक नक्षत्र

विशाखा :
इस नक्षत्र के देव इंद्र-अग्नि है और स्वामी गुरु है | इन जातकों में धार्मिकता बहुत पायी जाती है परन्तु साथ-साथ दंभी भी होते है | इनमे स्वार्थ परकता इतनी पायी जाती है कि ये दुसरों का बुरा कर के भी अपना स्वार्थ पूरा कर लेते हैं |
अनुराधा :
इस नक्षत्र के देव मित्र और स्वामी शनि है | सारे नक्षत्रों में सबसे बढ़िया नक्षत्र है | सफ़ल होने के बावजूद इनमे अभिमान नही होता है | सच्चे धार्मिक, तत्वज्ञानी, धैर्यवान और ठंडे दिमाग के होते हैं | योजना अनुसार काम करते हैं | ये सज्जन और सन्यासी प्रवृत्ति के होते हैं | सेक्स जीवन में सफ़ल होते हैं | जैसे के साथ तैसा व्यवहार करते है | ये जातक जिद्दि स्वभाव के होते हैं |
ज्येष्ठा:
इस नक्षत्र के देव इन्द्र और स्वामी बुध है | अव्यवस्थित चित्त होने के कारण उत्साही होने के बावजूद ये निराशावादी भी होते हैं | किसी भी तरीके से खुद का फ़ायदा हो यह सोचते हैं | बड़े-बड़े मामलों में फ़ंस जाते है अत: दुखी रहते हैं | शारीरिक और सामाजिक तकलीफ़ झेलते हैं |
 

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल – 15-09-2019 – 21-09-2019

वृश्चिक राशि के बारे में जानिए

संस्कृत नाम : वृश्चिक | नाम का अर्थ : वृश्चिक (बिच्छु) | प्रकार : जल स्थिर नकारात्मक | स्वामि ग्रह : प्लुटो | भग्यशाली रंग : सुर्ख, जंग, लाल | भाग्यशाली दिन : मंगलवार