धनु नक्षत्र

धनु नक्षत्र

मूल नक्षत्र :
इस नक्षत्र के देव निरृती (राक्षसों की माता ) और स्वामी केतु है | जीवन के प्रथम ८ वर्ष स्वंय के लिए अथवा करीबी सबंधियों के लिये घातक होते है | धनु राशि मे पाये जाने वाले सारे गुण इनमे मुख्य रूप से पाए जाते है |
पूर्वाषाढा नक्षत्र :
इस नक्षत्र के देव वारि और स्वामी शुक्र है | इस नक्षत्र में जन्मे जातकों में कामवृत्ति विशेष प्रमाण में पाया जाता है | ये आलसी और गैरजिम्मेदार होते है | असफ़ल होने और हताश होने का इऩ्हें हमेशा भय रहता है | जब तक इन्हें कार्य का महत्व न समझाया जाये, ये कार्य नही करते हैं |
उत्तराषाढा :
इस नक्षत्र के देव विश्व नाम के १३ देव और स्वामी सूर्य है | ये उत्साही और उमंगसे भरपूर होते हैं | ये सृजनात्मक प्रवृत्ति के होते हैं | अवसर की प्रतिक्षा किये बिना ये अपनी योजना के अनुसार काम करते रहते हैं | ये दुर्गुणों से दूर रहते हैं और सद्गुणों का विकास करते हैं |
 

धनु साप्ताहिक राशिफल – 15-09-2019 – 21-09-2019

सुसंगतता

अग्नि तत्व की राशियाँ
भूमि तत्व की राशियाँ
वायु तत्व की राशियाँ

धनु राशि के बारे में जानिए

संस्कृत नाम : धनु | नाम का अर्थ : धनुर्धर | प्रकार : अग्नि परिवर्तनशील सकारात्मक | स्वामि ग्रह : बृहस्पति | भग्यशाली रंग : जामुनी, बैंगनी, लाल, गुलाबी | भाग्यशाली दिन : बृहस्पतवार