दीवाली मनाएं और जीवन में सुख, शांति व कामयाबी लाएं !

प्राचीनकाल से ही भारतीय संस्कृति में विभिन्न पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं। इन त्यौहारो में कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले पर्व दीपावली का अपना ही एक विशेष महत्व है। दीपावली से दो बातों का गहरा ताल्लुक है- एक तो राम का लंका विजय के बाद अयोध्या लौटना आैर दूसरा लक्ष्मी पूजन। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या वापस लौटे थे। उनके आने के उपलक्ष्य व खुशी में लाेगों ने घर-घर दीप जलाकर उनका स्वागत किया। तभी से ये महोत्सव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेशजी व माँ लक्ष्मी के पूजन का भी विशेष महत्व है। गणेशजी की पूजा से जहां बुद्घि के साथ ऋद्घि-सिद्घि की प्राप्ति हाेती है, वहीं लक्ष्मी पूजन से धन, वैभव, समृद्घि भी मिलती है। नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर में ये त्यौहार धूमधाम आैर समारोहपूर्वक मनाया जाता है। हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार माने जाने वाली दीपावली नए वर्ष की शुरूआत का सूचक है। इस अवसर पर लोग पूरी रात पटाखें जलाकर खुशियां मनाते हैं। दीपावली अपने अंदर प्रकाश का एेसा उजाला धारण कर आती है, जिसके प्रभाव से अनीति, अातंक आैर अत्याचार का अंत होता है एवं जीवन में मर्यादा, नीति एवं सत्य की प्रतिष्ठा होती है।

दीपावली से जुड़ी अन्य किंवदंतियां
* समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी कार्तिक मास की अमावस्या को अवतीर्ण हुर्इ थी।
* श्रीकृष्ण के अवतार में भगवान विष्णु ने इस दिन सोलह हजार स्त्रियों को नरकासुर की कैद से मुक्त कराया था।
* अन्य किंवदती महाभारत से जुड़ी है, जिसके अनुसार इसी दिन पांडव अपने बारह वर्ष के वनवास से लौटे थे।
* कहा जाता है कि इस दिन राजा विक्रमादित्य सिंहासनारूढ़ हुए थे इसीलिए इस दिन का एेतिहासिक महत्व भी है।

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क्या करेंः
* मां लक्ष्मी के अलावास भगवान श्रीगणेश, देवी सरस्वती आैर भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है। पूजा-आराधना करते समय उनसे स्वस्थ, समृद्घ आैर प्रसन्न जीवन का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की जाती है।
* इस दिन खासतौर से शुद्ध घी के मिट्टी के दीपक जलाए। इन दीपकों को घर के प्रवेशद्वार से लेकर चारों आेर जलाएं।
* आकर्षक डिजाइन आैर कलर की रंगोली बनाए। खासतौर से माँ लक्ष्मी को अपने घर पर आमंत्रित करने के लिए  उनके पैरों के निशान वाली रंगोली बनाना मंगलकारी कही जाती है।
* अपने सामर्थ्य के अनुसार विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए आैर इन्हें भगवान को भोग स्वरूप अर्पण करें। भगवान के ऊपर भेट स्वरूप चढ़ाए गए इन व्यंजनों के द्वारा परिवार के लोगों, मेहमानों आैर पड़ोसियाों का  सत्कार करें।
* अपनी बजट के अनुसार उपहार वितरित करें। इन उपहारों में मिठार्इयां,ड्रार्इ फ्रूटस,दीवाली के उपहार,चांदी के बर्तन और सजावटी आइटम्स को शामिल किया जा सकता है।

क्या ना करें:
* पटाखें छोड़ने के दौरान सावधान रहें,ताकि ना तो आपको और ना ही दूसरों को नुकसान पहुंचे। जितना संभव हो सके एेसे पटाखों से दूर रहें जो बहुत ज्यादा धुंआ या शोर करते हो।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
गणेशास्पीक्स डाॅटकाॅम टीम

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