ज्योतिषीय विश्लेषण: यस बैंक पर चल रही शनि की साढ़े साती! क्या इसे ले डूबेगी?


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किसी समय भारत के सबसे तेजी से बढ़ने वाले बैंकों में से एक है यस बैंक। कुछ समय बाद, आज यही यस बैंक भारत के सबसे तेजी से गिरने वाले बैंकों की सूची में आ खड़ा हुआ है। वैसे जो इसके पीछे कई कारण हैं। लेकिन सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है, इसके संस्थापकों में से एक अशोक कपूर के स्वर्ग-वास के बाद दूसरे संस्थापक राणा कपूर द्वारा बैंकों पर कब्ज़ा कर लेना। जिसके बाद अशोक कपूर की पत्नी, राणा कपूर को मुंबई कोर्ट ले गयी। जहाँ फैसला राणा कपूर के पक्ष में आया। लेकिन उसके बाद से यस बैंक का कारोबार राणा कपूर के पक्ष में नहीं रहा। यस बैंक के नीचे गिरने का दूसरा सबसे बड़ा कारण दिखाई देता है एनपीए! एनपीए यानि नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स अर्थात गैर निष्पादित परिसंपत्तियाँ! बैंक का एनपीए इतना बढ़ चुका है, कि अब वह और लोन नहीं दे सकता। बल्की अब तो हालात तो ऐसे हो गए हैं, कि बैंक दूसरों को क़र्ज़ देने के बजाय ख़ुद क़र्ज़ लेने की गुहार लगा रहा है। लेकिन बैंक को कोई क़र्ज़ देनदार नहीं मिल रहा है।

इन्हीं सब हालातों के चलते वर्तमान में बैंक की हालत बहुत गंभीर बनी हुई है। जिस यस बैंक के शेयर कभी 400 रुपये से भी ऊपर ट्रेड हुआ करते थे। आज वे 35 रुपये से भी नीचे ट्रेड हो रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस सारे घटना क्रम के पीछे ग्रहों का खेल है। इसलिए गणेशास्पीक्स के अनुभवी ज्योतिषीय विशेषज्ञों ने यस बैंक की सूर्य कुंडली का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश की है, कि आखिर ग्रहों की ऐसी कौन सी चाल थी, जिसके जिसके यस बैंक को आज इस कठिन समय का सामना करना पड़ रहा। अन्यथा किसी समय 80000 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था वाला बैंक आज मात्र 8000 करोड़ रुपये में सिमट कर नहीं रह जाता। तो आइये जानते हैं, यस बैंक का ज्योतिषीय विश्लेषण!

यस बैंक की कुंडली

समय: अज्ञात
दिनांक: 21 जनवरी 2004
स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत


नोट: यस बैंक के सटीक स्थापना समय की अनुपलब्धता के कारण ज्योतिषीय विश्लेषण के लिए सूर्य कुंडली का उपयोग किया गया है।

क्या यस बैंक सच में डूब जायगा?

ग्रहों की स्थिति के प्रभाव के कारण यस बैंक संस्था को अपना कारोबार चला पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यद्यपि आशा की एक किरण दिखाई देती है, कि आने वाले भविष्य में बैंक स्वयं को जीवित रख पायेगा, यह डूबेगा तो नहीं। लेकिन इन सभी संकटों से उबरने में बैंक को ढाई से तीन साल की समयावधि तो लग ही जाएगी। बैंक अपने आप को बचाने के भरपूर प्रयास कर रहा है, और ऐसा लगता भी है, कि यस बैंक को एक ऐसा अवसर मिल ही जायेगा, जिससे ये इस संकट की घड़ी में भी खड़ा रहेगा।

लेकिन यस बैंक के लिए ये कठिन समय कब तक?

यस बैंक की सूर्य कुंडली का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है, कि वर्तमान में बैंक शनि गोचर के अशुभ प्रभाव का सामना कर रहा है। यस बैंक पर शनि की साढ़े साती चल रही है। इसीलिए यस बैंक को इतनी कठिनाइयों और संकटों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण बैंक कारोबार और प्रसिद्धि दोनों में संघर्ष कर रहा है। लेकिन मार्च 2023 के बाद यस बैंक इस स्थिति से राहत पा सकता है। लेकिन तब तक तो इसे कुछ और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में ग्रहों की चाल यस बैंक को कैसे प्रभावित कर रही है?

वर्तमान में, शनि, सूर्य कुंडली में लग्न भाव के ऊपर से गुजर रहा है। यह जन्म के सूर्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, इसलिए यस बैंक को सरकारी प्राधिकरणों की ओर कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा यह बैंकिंग क्षेत्र में बदले गए नियमों और विनियमों से भी प्रभावित हो सकता है। बृहस्पति, सूर्य कुंडली में बारहवें भाव से गोचर कर रहा है, यह भाव हानि का कारक भी होता है, जो यस बैंक के लिए प्रतिकूल है। इसलिए मौजूदा अवधि में वित्तीय नुकसान का अवसर हो सकता है। जिससे बैंक पर वित्तीय दबाव और संकट बढ़ जायेंगे। यदि आप भी अपनी आर्थिक और वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो जानिए उपाय हमारे ज्योतिषी विशेषज्ञों से।


तो क्या यस बैंक निवेशकों का पूरा पैसा डूब जायेगा?

प्रतिकूल ग्रह पारगमन क्रम के कारण, यस बैंक के शेयरों की कीमतें धीमे-धीमे गिर रही हैं। यह निश्चित रूप से निवेशकों को प्रभावित करेगा। जिससे निवेशकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। कुछ निवेशकों के पैसे डूब भी सकते हैं। लेकिन शेयर बाजार में शेयरों को अच्छी तरह और चतुराई के साथ प्रबंधित कर निवेशक घाटा खाने से बच सकते हैं। यदि आप भी चाहते हैं शेयर बाज़ार से लाभ कामना, तो जानिए हमारे अनुभवी ज्योतिषियों से शेअर बाज़ार भविष्यवाणी!


फिर क्या यस बैंक धन जुटाने में सफल हो पाएगा?

वर्तमान में तो यस बैंक धन जुटाने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहा है। बैंक के उच्च अधिकारियों द्वारा कई तरह के सहयोगों की मांग भी की जा रही है। साथ ही बैंक अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से कुछ मदद की मांग कर रहा है। लेकिन, जैसा की ग्रहों की स्थिति यस बैंक के लिए अनुकूल नहीं है, इसलिए कठिन प्रयासों के बाद भी बैंक वांछित पूँजी नहीं जुटा पायेगा। इस मामले में बैंक को निराशा ही देखने को मिल सकती है।

तसल्ली की बात

लेकिन यह प्रकृति का नियम है, कि समय सबके लिए हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी यस बैंक ने बहुत अच्छे दिन भी देखे थे। जब वो अपने कारोबार की सबसे श्रेष्ठ स्थिति में था। आज बैंक का बुरा समय चल रहा है। लेकिन ये वक्त भी गुजर जायेगा! बाकी रह जायेगा तो सिर्फ यस बैंक का नाम। यदि बैंक ने अच्छा कारोबार किया तो यह एक बार फिर खड़ा हो पायेगा, और यदि पहले की भांति इसने गड़बड़ घोटाला किया तो फिर बैंक की हालत बद से बदतर भी हो सकती है।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

19 Feb 2020


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