वोडाफोन आइडिया मर्जरः जानें क्या कहते है सितारें


Share on :


वोडाफोन आैर आइडिया के मर्जर की संभावनाआें की खबरों के बीच जनता आैर निवेशकों में काफी जिज्ञासा देखी जा रही है। इस बीच एेसी भी जानकारी मिल रही है कि वोडाफोन अपने पूर्व भारत प्रमुख मार्टेन पीटर्स को पुनः भारत की कमान सौंपने वाला है। साथ ही, इसकी भी अत्यधिक संभावना है कि वे शीर्ष दूरसंचार कंपनियों के बीच मर्जर की प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे। इस बिजनेस सर्कल को लेकर कर्इ सारी अटकलेंबाजी आैर अनुमान लगाए जा रहे है। गणेशजी की मानें तो वोडाफोन इंडिया के लिए ये विलय फायदेमंद साबित होगा, हालांकि लाभ का एहसास होने में समय लगेगा। इसके अलावा, प्रबंधकीय स्तर पर कुछ समस्याएं हो सकती है। 

वोडाफोन 
स्थापना की तारीखः 8 मर्इ, 2007

स्थापना कुंडली 

हमारे विशेषज्ञों द्वारा हस्तलिखित अपनी जन्मपत्री पाएं 
वोडाफोन के मजबूत तथ्य को समझेंः 
गणेशजी के अनुसार वोडाफोन की सूर्य कुंडली में मेष प्रथम भाव है आैर उच्च का सूर्य बुध के साथ इसमें बैठा है। दूसरे आैर सातवें भाव का स्वामी शुक्र कम्यूनिकेशन के तीसरे भाव में विराजमान है आैर ये चंद्र पर परस्पर दृष्टि डाल रहा है। कम्यूनिकेशन आैर टेक्नोलाॅजी से संबंधित ग्रहों का मजबूत विन्यास वाेडाफोन को अपने व्यापार में उन्नति के आैर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ढंग से विकसित होने में मदद दे रहा है। 


वोडाफोन आइडिया मर्जर में सातवें भाव का रोलः 
कुंडली में सातवां भाव पार्टनरशिप, बिजनेस डील आैर मर्जर का प्रतिनिधित्व करता है। सातवां भाव आैर सातवें भाव के  स्वामी – शुक्र दोनों को सितंबर 2017 के बाद होने वाले गोचर के गुरू का अनुकूल पक्ष प्राप्त होगा। 

इस मर्जर के बाद हालात किस तरह प्रकट होंगे ?
गणेशजी के मुताबिक वोडाफोन की स्थापना कुंडली में गोचर का गुरू जन्म के मंगल के साथ ही दूसरे आैर दसवें भाव पर दृष्टि डाल रहा है। एेसे में इस मर्जर के कारण, दूरसंचार की दिग्गज कंपनियां अपने क्षेत्र में ताकत आैर स्थिरता प्राप्त करने में सक्षम होगी। नए प्रोजेक्ट भी कभी भी बहुत जल्दी लांच हो सकते है। 


शनि का धनु में गोचर विलंब का कारण होगा ?
जिस तरह शनि विभिन्न महत्वपूर्ण ग्रहों को प्रभावित करेगा, एेसे में त्वरित परिणाम की उम्मीद करना बुद्घिमानी नहीं होगी। ये जन्म के चंद्र के ऊपर पारगमन करेगा आैर ये जन्म के शुक्र के साथ-साथ ग्यारवें, तीसरे आैर छठें भाव पर दृष्टि डालेगा। ये पहलू महत्वपूर्ण निर्णयों में अत्यधिक विलंब का कारण होगा आैर ये आर्थिक प्रवाह की गति को धीमा कर सकता है। इस पहलू के कारण, जो फंड वोडाफोन इंडिया को दिया जाता है वो भी अागामी महीनों में कम हो सकता है। 

प्रबंधन में समस्याएं आैर शासन व्यवस्था में फेरबदलः 
गणेशजी कहते है कि अगस्त 2017 के बाद हालातों में कठोर मोड़ आ सकते है, जब गोचर के राहु-केतु , चौथे आैर दसवें भाव की धुरी पर पारगमन करेंगे। राहु जन्म के शनि के ऊपर पारगमन करेगा आैर इस कारण दसवें भाव के साथ ही दसवें  भाव का स्वामी अत्यधिक प्रतिकूल प्रभावों के अधीन होगा। ये कंपनी के लिए विभिन्न परेशानियां उत्पन्न करेगा आैर शासन व्यवस्था  में कुछ बदलाव हो सकते है। 

गणेशजी के आशीर्वाद सहित



20 Feb 2017


View All blogs

More Articles