शुक्र करेंगे स्वराशि वृषभ में गोचर, जानें आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?


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शुक्र जिसे भोर का तारा भी कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को काल पुरूष के सौंदर्य का प्रतीक माना गया है। शुक्र एक छोटा ग्रह है, तथा सौर मंडल में सूर्य से बढ़ते क्रम में दूसरे नंबर का ग्रह है। पृथ्वी का पड़ोसी होने के कारण इसे सूर्य अस्त के बात गहरी रात से सूर्य उदय के पहले तक देखा जा सकता है। चंद्र कुंडली में शुक्र को वृषभ और तुला राशि का स्वामी माना गया है। इसी क्रम में शुक्र सातवें भाव का कारक होकर पुरूषों से संबंधित मामलों का कार्यवाहक होता है। सामान्य तौर पर शुक्र को एक राशि भ्रमण में लगभग 23 दिनों का समय लगता है, लेकिन यह समयावधि स्थिति के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है। फिलहाल शुक्र 28 मार्च से 1 अगस्त तक की लंबी अवधि वृषभ राशि में बिताने वाले हैं। इस बीच शुक्र 13 मई 2020 से 25 जून 2020 तक वक्री होकर वृषभ में रहेंगे। राशिचक्र भ्रमण के दौरान शुक्र लगभग 125 दिनों तक स्वराशि वृषभ में रहेंगे। जिसमें से लगभग 44 दिन वे वक्री रहेंगे। शुक्र का मेष से वृषभ में होने वाला यह राशि परिवर्तन संपूर्ण राशिचक्र को प्रभावित करने वाला है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 राशिचक्र की तमाम राशियों को प्रभावित करने वाला है। नीचे हम शुक्र के वृषभ गोचर 2020 के विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे।

मेष राशि

शुक्र का वृषभ गोचर 2020 चंद्र राशि मेष कुंडली के दूसरे भाव में हो रहा है। इस दौरान शुक्र कुंडली के दूसरे और सातवें भाव के स्वामी भी रहेंगे। मेष लग्न राशि के लिए शुक्र का गोचर 2020 कुंडली के दूसरे भाव में घटित हो रहा है। कुंडली का दूसरा भाव धन स्थान या कुटुंब स्थान के नाम से जाना जाता है। इसका संबंध धन, चल-अचल संपत्ति, कुटुंब, वाणी, वंश, धन संग्रह, रत्न, लाभ-हानि, महत्वाकांक्षा और विरासत संपत्ति जैसे क्षेत्रों से होता है। कुंडली के दूसरे भाव में शुक्र का गोचर शुक्र को इस भाव को प्रभावित करने की क्षमता प्रदान करता है। ग़ौरतलब है कि शुक्र स्वराशि होकर कुंडली के दूसरे भाव में बैठे हैं। शुक्र का स्वराशि होकर गोचर करना मेष जातकों के लिए कुछ सकारात्मक संकेत देते हैं। शुक्र के वृषभ में रहने के दौरान मेष राशि जातकों को विदेश, विदेशी भूमि या विदेशी संबंधों से लाभ मिलने की संभावना नजर आती है। ऐसे जातकों को विदेशी संबंध से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी इस दौरान नजर आती है। शुक्र के वृषभ गोचर का वैवाहिक जीवन पर प्रभाव सकारात्मक रहने वाला है। इस दौरान विवाहित दंपत्ति सुख और आनंद की अनुभूति करेंगे। मेष राशि जातकों के लिए शुक्र का वृषभ गोचर विदेश में शिक्षा प्राप्त करने की संभावनाओं को बल देने का कार्य करेगा। हालांकि इस दौरान मेष राशि जातकों को रिश्तों के प्रति अधिक सजग और सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

वृषभ राशि

शुक्र का वृषभ गोचर 2020 चंद्र राशि वृषभ कुंडली के पहले भाव में होने वाला है। इस दौरान शुक्र पहले और छठे भाव के स्वामी भी होंगे। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के प्रथम भाव को बेहद महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, और हम इसे लग्न भाव के नाम से जानते हैं। प्रथम भाव या लग्न स्थान का संबंध व्यक्ति के शरीर, बनावट, चरित्र, महत्वकांशा, संरचना, स्वप्रयत्न, स्वरूप, मनोवृत्ति, मस्तक, संतोष, बल, कीर्ति और मनोबल से होता है। शुक्र का गोचर वृषभ राशि में ही हो रहा है और शुक्र, वृषभ के स्वामी भी हैं। शुक्र का वृषभ गोचर वृषभ राशि जातकों के लिए लाभदायक और शुभकारक रहने की उम्मीद है। इस दौरान वृषभ जातकों की आर्थिक स्थिति अच्छी होने की संभावना है। हालांकि लग्न स्थान पर बैठे शुक्र जातक को मनोरंजन, फिल्मों, सुगंधित सामग्री, अच्छे कपड़े और विलासिता से संबंधित वस्तुओं पर खर्च करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 करियर के लिहाज से भी सकारात्मक परिणाम देने की क्षमता रखता है। इस दौरान नौकरी बदलने का विचार कर रहे जातकों को अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। प्रेम संबंधों के लिहाज से भी शुक्र का वृषभ गोचर 2020 वृषभ जातकों के जीवन में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाने की संभावना रखता है। इस दौरान साथी के साथ अच्छा समय बिताने की कोशिश करें। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 स्वास्थ्य के लिहाज से कुछ सावधानियां बरतने की सलाह भी देता है। इस दौरान स्वच्छता, खाने व सोने के समय का विशेष ध्यान रखें।

मिथुन राशि

शुक्र का कुंभ गोचर 2020 चंद्र राशि मिथुन कुंडली के बारहवें भाव में घटित होने वाला है। इस दौरान शुक्र मिथुन कुंडली के बारहवें और पांचवें भाव के स्वामी रहेंगे। कुंडली का बारहवां भाव व्यय स्थान कहलाता है, और इसका संबंध जीवन के खर्च, व्यय, भोगविलास, राज्य भय, जेल, विदेश यात्रा, शयन सुख और नुकसान-हानि जैसे क्षेत्रों से होता है। कुंडली के बारहवें भाव में शुक्र का वृषभ गोचर मिथुन राशि जातकों के लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आने वाला है। कुंडली के बारहवें भाव में शुक्र की मौजूदगी जातक को विदेशी स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना को दर्शाती है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 मिथुन जातकों के लिए विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के मार्ग प्रशस्त कर सकता है। वहीं विदेशी भूमि पर लाभ कमाने या विदेशी संबंधों से लाभ मिलने की संभावनाओं को भी शुक्र के वृषभ गोचर से बल मिलता है। शुक्र वैवाहिक जीवन के नैसर्गिक स्वामी हैं इसलिए इस दौरान वैवाहिक संबंधों में मधुरता और आनंद उल्लास बने रहने की उम्मीद है। हालांकि इस दौरान जीवन साथी के स्वास्थ्य के संबंध में सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है। अन्यथा जीवन साथी की स्वास्थ्य समस्या के चलते दुख दर्द के साथ आर्थिक नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं। शुक्र के वृषभ गोचर 2020 का प्रेम संबंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान रिश्तों में ग़लतफहमी बढ़ने की संभावना भी नजर आती है।


कर्क राशि

शुक्र का वृषभ गोचर 2020 कर्क कुंडली के ग्यारहवें भाव से गुजर रहा है, इस दौरान शुक्र कुंडली के ग्यारहवें और चौथे भाव के स्वामी होंगे। कुंडली का ग्यारहवां भाव लाभ स्थान होकर दिन प्रतिदिन के लाभ, इच्छाशक्ति, मांगलिक कार्य, यश, कीर्ति, सार्वजनिक जीवन, अधिक लाभ, महत्वाकांक्षा, और विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है। शुक्र के वृषभ गोचर 2020 कर्क राशि जातकों के लिए सकारात्मक और फलदायी रहने वाला है। शुक्र गोचर 2020 वित्तीय स्वतंत्रता के लिए किसी बुजुर्ग या अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेने की मांग करता है। इस दौरान कर्क राशि जातकों को अपने संबंधों या मित्रों के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी नजर आती है। शुक्र गोचर 2020 के दौरान आपके गुण उभरकर लोगों के सामने आएंगे जिनके माध्यम से आप शानदार लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे जातकों को अधिक लाभ होते दिखाई देता है, जो महिलाओं के हित के क्षेत्रों से संबंधित कार्य या पेशे से जुड़े हैं। दोस्तों और परिवार के साथ घूमने का आनंद ले सकते हैं। बड़े भाई-बहनों का अच्छा सहयोग मिलेगा और माता के माध्यम से लाभ प्राप्त होगा।

सिंह राशि

चंद्र राशि सिंह कुंडली के दसवें भाव में गोचर कर रहे शुक्र, कुंडली के दसवें और तीसरे भाव के स्वामी भी हैं। कुंडली का दसवां भाव कर्म स्थान होकर, कर्म, व्यापार, करियर, पद, वैभव, समृद्धि, सर्वोच्च सत्ता पद, सार्वजनिक जीवन और मान-सम्मान से संबंध रखता है। कुंडली के दसवें भाव में शुक्र का गोचर सिंह जातकों को जीवन के कुछ क्षेत्रों में लाभांवित करने की क्षमता रखता है। शुक्र का वृषभ गोचर सिंह जातकों को अधिकारी वर्ग या प्राधिकरण से संबंधित क्षेत्र से लाभ मिलने की संभावना को दर्शाता है। शुक्र का वृषभ गोचर आपको आर्थिक स्थिरता प्रदान करने की क्षमता भी रखता है। शुक्र के वृषभ गोचर के दौरान आपकी पत्नी नए वाहन या प्राॅपर्टी खरीदने में आपकी  मदद कर सकती है। इस दौरान आपके अच्छे संचार कौशल के कारण आप अपने पेशेवर जीवन से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अपने पिता के संबंधों या प्रभाव के कारण आपको आर्थिक लाभ मिलने की संभावना नजर आती है।

कन्या राशि

शुक्र का वृषभ गोचर 2020 चंद्र राशि कन्या कुंडली के नौवें भाव में हो रहा है, इस दौरान शुक्र दूसरे और नौवें भाव के स्वामी होंगे। कुंडली का नौवां भाव भाग्य स्थान होकर, धर्म, गुरू, आध्यात्मिक भाव, विदेश यात्रा, वैभव, सन्यास और दक्षिण भारत में इसे पिता के स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है, वहीं उत्तर भारत में पिता का स्थान दसवां माना जाता है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 के दौरान कन्या राशि जातकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान कन्या राशि जातकों की कुंडली में लंबी दूरी की यात्रा के योग दिखाई देते हैं। यात्रा के दौरान बड़े खर्च की भी संभावना है। हालांकि शुक्र के वृषभ गोचर के दौरान कन्या राशि जातकों की आर्थिक स्थिति बेहतर रहने वाली है। इस दौरान ऐसे जातकों को लाभ होने की संभावना भी है, जो लंबे समय से विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील हैं। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 कन्या राशि जातकों के लिए भाग्यशाली रहने वाला है। इस दौरान भाग्य का साथ आपको आर्थिक लाभ देने का भी कार्य करेगा। शुक्र का वृषभ गोचर कन्या राशि जातकों के संबंधों में मधुरता लाने का कार्य करेगा। इस दौरान अपने परिवार और प्रियजनों के साथ अपने संबंधों में खुशी और आनंद उल्लास बना रहेगा। इसी के साथ व्यवसाय और करियर में सफलता मिलने की भी संभावना है।


तुला राशि

शुक्र का वृषभ गोचर 2020 चंद्र राशि तुला कुंडली के आठवें भाव में हो रहा है। इस दौरान शुक्र कुंडली के आठवें और पहले भाव पर शासन करेंगे। कुंडली का आठवां भाव आयुष्य भाव के नाम से जाना जाता है, इसका संबंध जातक के मृत्यु, विरासत, दुर्घटना, भयंकर नुकसान, वैराग्य, आत्महत्या, अप्रत्याशित मौत, भूमि गत धन, अकास्किम धन लाभ, रहस्य विद्या, लंबी बीमारी और महिलाओं के लिए पति की उम्र से संबंध होता है। शुक्र का वृषभ गोचर तुला राशि जातकों के लिए किसी विशेष अनुकूल परिस्थिति का निर्माण करते नजर नहीं आता। इस दौरान आपको धन अर्जन के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, इसके बावजूद सफलता मिलने की संभावनाएं अधिक नहीं दिखाई देती। शुक्र के वृषभ गोचर के दौरान आपको अपने धन अर्जन के कौशल को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इस दौरान ससुराल पक्ष से किसी तरह का लाभ मिलने की संभावना नजर आती है। शुक्र का वृषभ गोचर तुला राशि जातकों को विलासिता की वस्तुओं पर खर्च करने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि इस दौरान उन्हें अपने खर्च पर नियंत्रण रखने की सलाह है। शुक्र के वृषभ गोचर के दौरान तुला जातकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहने की सलाह है। क्योंकि यह अवधि स्वास्थ्य के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करते दिखाई नहीं देती है। जीवनसाथी की सेहत का भी विशेष ध्यान रखें, अन्यथा अनावश्यक खर्च की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 प्रेम संबंधों के लिहाज से अधिक कारगर साबित नहीं होने वाला है। इस दौरान अपने साथी की बातों और विचारों का सम्मान करने की सलाह है।

वृश्चिक राशि

शुक्र का वृषभ गोचर चंद्र राशि वृश्चिक कुंडली के सातवें भाव में हो रहा है, इस दौरान शुक्र कुंडली के बारहवें और सातवें भाव के स्वामी होंगे। कुंडली का सातवां भाव बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी स्थान है, इसे कलत्र स्थान के नाम से भी जाना जाता है। सातवें भाव का संबंध पति, पत्नी, हिस्सेदार, साझेदार, दांपत्य सुख, सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन, प्रजनन अंग, तलाक और समुद्री सफर से होता है। शुक्र का वृषभ गोचर वृश्चिक राशि जातकों पर मिलेजुले प्रभाव डालने वाला है। इस दौरान पेशेवर या कार्य के सिलसिले में विदेश यात्रा के प्रबल योग दिखाई पड़ते हैं। व्यापार व्यवसाय के लिहाज से भी यह दौर अधिक अनुकूल नजर नहीं आता इस दौरान साझेदारी में ग़लतफहमी का शिकार हो सकते हैं। शुक्र का वृषभ गोचर वृश्चिक जातकों के वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव पड़ते दिखाई नहीं देते। इसके विपरीत जीवनसाथी से लाभ मिलने की संभावना नजर आती है। शुक्र के वृषभ गोचर का आपके प्रेम संबंध पर भी अनुकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। शुक्र का वृषभ गोचर वृश्चिक राशि जातकों के लिए नया रिश्ता शुरू करने के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण कर सकता है।

धनु राशि

शुक्र का वृषभ गोचर चंद्र राशि धनु कुंडली के छठे भाव में होने वाला है, इस दौरान शुक्र ग्यारहवें और छठे भाव के स्वामी भी होंगे। कुंडली का छठा भाव शत्रु स्थान होकर, जीवन की पीड़ा, रोग की अवधि, शत्रु, दैनिक कार्य, बीमारी, कर्ज, उधार लेन-देन और ऑपरेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से संबंध रखता है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 के दौरान धनु राशि जातकों के जीवन में मिले जुले प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। शुक्र का वृषभ गोचर छात्रों के लिए लाभदायक साबित होने की संभावना रखता है। इस दौरान प्रतिस्पर्धी परिक्षाओं की तैयारी में सफलता मिलने की अधिक संभावना नजर आती है। इस दौरान जीवनसाथी के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर अप्रत्याशित खर्च की संभावना दिखाई देती है। शुक्र का वृषभ गोचर करियर के लिहाज से अनुकूल प्रभाव डालने का कार्य कर सकता है। इस समयावधि में आपको आर्थिक स्थिरता मिलने की भी पूरी संभावना है। नौकरी से लाभ मिलने की संभावना है, यदि नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो इस दौरान अच्छे अवसर मिलने की संभावना है। परिवार और खासकर अपने बड़े भाई बहनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


मकर राशि

शुक्र का वृषभ गोचर चंद्र राशि मकर कुंडली के पांचवें भाव में होने वाला है, चूंकि शुक्र स्वराशि में गोचर कर रहे हैं इसलिए पांचवें के साथ वे दसवें स्थान के भी स्वामी होंगे। कुंडली का पांचवां भाव संतान व विद्या भाव के नाम से जाना जाता है, इसका संबंध संतान के व्यवहार, जन्म और सुख से होता है, साथ ही यह भाव मंत्र-तंत्र, ज्ञान, गूढ़ ज्ञान, उपासना, सट्टा, जुआ, लाॅटरी, आध्यात्मिक ज्ञान, गर्भावस्था, स्मरण शक्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है। मकर राशि जातकों के लिए कुंडली के पांचवें भाव में गोचर कर रहे शुक्र औसत परिणाम लेकर आने वाले हैं। वृषभ में शुक्र गोचर 2020 के दौरान मकर राशि जातक अपने प्रेम संबंधों को अधिक तवज्जों देगें और अपने साथी पर अधिक खर्च करने की इच्छा रखेंगे। शुक्र का वृषभ गोचर शिक्षा के लिहाज से भी अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करते दिखाई देता है। इस दौरान आर्थिक स्थिति अधिक बेहतर रहेगी और आप स्वयं को आर्थिक तौर पर अधिक स्वतंत्र महसूस करेंगे। यह समयावधि धन संचय और बचत के लिहाज से भी लाभदायक और महत्वपूर्ण रह सकती है। शुक्र के वृषभ गोचर 2020 मकर राशि जातकों को ज्ञान अर्जन विशेषकर रचनात्मक कौशल प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। हालांकि इस दौरान आप अपने शौक मौज पर अधिक खर्च कर सकते हैं, लेकिन इस दौरान आपकी वित्तीय स्थिति आपको ऐसा करने की अनुमति प्रदान करती है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 करियर के लिहाज से भी लाभ देने की क्षमता रखता है, इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या पेशेवर जीवन में अधिक सफलता मिलने की संभावना है।

कुंभ राशि

चंद्र राशि कुंभ कुंडली के नौवें और चौथे भाव के स्वामी शुक्र हैं, मार्च 2020 के अंत में होने वाला शुक्र का वृषभ गोचर कुंभ कुंडली के चौथे भाव में होने वाला है। कुंडली का चौथा भाव सुख स्थान होकर सुख, बुद्धिमत्ता, मकान, वाहन, ज़मीन, मिलकियत, तृष्णा, लालसा, महत्वाकांक्षा और अचल संपत्ति से संबंध रखता है। शुक्र का स्वराशि वृषभ में गोचर कुंभ राशि जातकों के जीवन में कुछ सकारात्मक परिवर्तनों की ओर इशारा करता है। शुक्र का वृषभ गोचर 2020 आर्थिक व वित्तीय दृष्टिकोण से कुंभ राशि जातकों को लाभांवित करते ही नजर आता है। शुक्र गोचर के दौरान कुंभ जातकों का धन घर या व्यावसायिक स्थल की देखरेख और सजावट पर खर्च हो सकता है। इस दौरान आपकी पत्नी आपकी संपत्ति खरीदने में आपकी मदद कर सकती है। शुक्र का स्वराशि होना कुंभ जातकों को विलासिता की वस्तुओं के प्रति आकर्षित करने का कार्य करेगी। इस दौरान आप कारों या किसी और विलासिता की वस्तु पर खर्च कर सकते हैं। शुक्र के कुंभ गोचर का यह दौर पारिवारिक ख़ुशियाँ बढ़ाने का कार्य करेगा। इस दौरान प्रियजन और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

मीन राशि

शुक्र का वृषभ गोचर चंद्र राशि मीन कुंडली के तीसरे भाव में होने वाला है, इस दौरान शुक्र कुंडली के आठवें और तीसरे भाव के स्वामी भी रहेंगे। कुंडली का तीसरा स्थान पराक्रम स्थान होकर, पराक्रम, साहस, दोस्त, लघु प्रवास, संगीत, महत्वपूर्ण फेरबदल, दलाली और शौर्य जैसे क्षेत्रों से संबंध रखता है। मीन कुंडली के तीसरे भाव में शुक्र वृषभ गोचर मीन जातकों के जीवन में औसत परिणाम देने का कार्य कर सकता है। शुक्र के वृषभ गोचर के दौरान, मीन राशि जातक संगीत, कला, नाटक जैसे रचनात्मक या कलात्मक क्षेत्रों में अधिक बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। इस दौरान अपने कौशल के बल पर उन्हें प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में अच्छा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। अपने नज़दीकी लोगों या पड़ोसियों के साथ मधुर संबंध बनाये रखने का प्रयास करें। अपने संवाद के दौरान सावधानी बरतें और दूसरों को दुख पहुंचे ऐसी बातों से परहेज करें। इस दौरान आप अपने कुछ प्रियजनों को महंगी वस्तुएँ उपहार में भी दे सकते हैं।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

17 Mar 2020


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