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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 – वसुंधरा राजे कुंडली विश्लेषण


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वसुंधरा राजे-  अशुभ ग्रह दशा कर सकती है बड़ा परिवर्तन !




राजे को मिलेगी सत्ता या……………………..
राजस्थान की राजनीति में वसंधुरा राजे एक जाना पहचाना नाम हैं। वसुंधरा राजे ने तीन दशकों से लगातार चुनाव जीतकर जो राजनीतिक पकड़ बनाई थीं, लगता है वह अब ढीली होती जा रही है।  इस बार भी झालावाड़ से ही वे मैदान में है। 7 दिसंबर को मतदान है। 11 दिसंबर को मतगणना होगी। इस आर्टिकल में कुंडली के ज्योतिषीय विवेचन के आधार पर पता लगाते हैं कि क्या वसुंधरा राजे इस बार फिर से राजस्थान में सत्ता की कमान संभालेंगी या फिर बाजी कोई और मार ले जाएगा। चलिए पढ़ते हैं वसुंधरा राजे की विस्तृत कुंडली। 

वसुंधरा राजे
जन्म तिथि: 8 मार्च1953
जन्म समय: 4.45 बजे (अपुष्ट)
जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

वसुंधरा राजे की सूर्य कुंडली




ज्योतिषीय गणनाएं

प्राप्त बर्थ डिटेल्स के अनुसार राजस्थान में भाजपा सरकार की मुखिया वसुंधरा राजे की सूर्य कुंडली कर्क राशि की बनती है। शनि चौथे भाव, शुक्र व गुरु बृहस्पति 10वें भाव, सूर्य 8वें भाव, मंगल व बुध 9वें भाव, चंद्र 5वें भाव और राहु-केतु पहले और 7वें भाव में उपस्थित हैं। 
अब इन ग्रहीय स्थितियों को थोड़ी गहराई से देखते हैं, जिससे आपको पूरे फलादेश को समझने में और भी आसानी होगी।  

1. वर्तमान में राहु-बृहस्पति-केतु महादाशा दशा के प्रभाव में हैं। बृहस्पति 9वें घर (भाग्य का घर) का स्वामी है और 10 वें घर में है। 
2. राहु शनि की राशि में है। शनि 4 वें घर में वक्री है और 10 वें घर की ओर देख रहा है। 
3. ये वर्तमान में साढ़े साती के अंतिम चरण के प्रभाव में हैं।
4. गोचर का बृहस्पति लग्न के स्वामी चंद्र के ऊपर से होकर गुजर रहा है। 
5. गोचर का राहु लग्न से होकर भ्रमण कर रहा है।

बृहस्पति का पारगमन 2018-2019

बृहस्पति आगामी चुनावों में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए मजबूत स्थिति में है। धौलपुर की पूर्व महारानी वसुंधरा राजे चुनाव जीतने के सभी प्रयास करेंगी। राजस्थान में विपक्षी दलों के लिए राजे अपनी जगह इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगी। श्रीमती राजे अपने मतदाताओं को लुभाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। इन्हें अपने प्रयासों में कुछ हद तक सफलता भी मिलेगी।

अशुभ ग्रह दशा प्रभावी

लेकिन, चल रही राहु महादाशा और गोचर के शनि का भ्रमण का इनकी जीत की संभावनाओं को कमजोर कर सकता है। आगामी चुनाव वसुंधरा राजे के लिए बहुत कठिन होगा। इस वजह से पार्टी के भीतर भी एक जबरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। इससे इनकी लोकप्रियता में भी कमी आएगी। इस अशुभ ग्रह दशा की वजह से विरोधी लहरें राजे को सत्ता से उखाड़ फेंक सकती है।

 

वसुंधरा के लिए संघर्षों से युक्त अवधि

आगामी अवधि वसुंधरा राजे के लिए संघर्ष और निराशाओं की तरफ इशारा कर रही है। राजे के लिए अपने मतदाता आधार को बरकरार रखना इतना आसान नहीं होगा। 11 नवंबर 2018 से शुरू होने वाली अवधि वसुंधरा राजे के लिए बेहतर दिखती है। लेकिन मतदान दिवस के साथ-साथ रिजल्ट की तारीख पर ग्रहों का विन्यास इनके लिए इतनी उत्साहवर्धक नहीं है। 

2019 में वसुंधरा राजे का चुनावी भविष्य

 
आने वाले चुनावों में वसुंधरा राजे का प्रदर्शन औसत रहने की भविष्यवाणी है। राज्य में सत्ता बनाए रखने का रास्ता कांटों से भरा रहेगा। ज्योतिष गणित से सारी चीजों पर गौर करते हुए तो आखिरकार यही कहेंगे कि वसुंधरा राजे के लिए दोबारा राजस्थान की मुख्यमंत्री बनना अत्यंत दुष्कर होने जा रहा है। 
(हमारे पास उपलब्ध डेटा के अनुसार यह महज ज्योतिषीय गणना है।)


गणेशजी की कृपा से,
आचार्य भारद्वाज

27 Nov 2018


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