जानिए शनि की साढ़े साती से जुड़े दिलचस्प पहलू !


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क्या आप “शनि की साढ़े साती” यानीकि शनि के सात साल और छः महीने तक चलने वाला भ्रमण से भयभीत हैं? तो हमारे इस लेख द्वारा इस रहस्यमयी खगोलीय घटना को आसानी से समझ सकेंगे। 

शनि- एक सख्त बॉस
हाँ, यह सच है कि शनि एक बड़ा सख्त बॉस है। यह इंसान की गलती, अनुशासनहीनता और लापरवाहियों को जरा-भी बर्दाश्त नहीं करता। लेकिन ये तो रहा केवल एक पहलू। इसके दूसरे भी पहलू हैं। शनि न्याय और समानता इन दोनों गुणों के लिए जाना जाता है। जिस तरह से यह देवताओं, राक्षसों और मानव मात्र से व्यवहार करता है उसी से यह बात स्पष्ट हो जाती है। आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि यहां तक कि भगवान विष्णु, भगवान शिव जैसे दिव्य प्राणी भी इनके इस साढ़े साती के प्रचंड प्रभाव से नहीं बच पाएं, तो फिर इंसान की बात ही क्या? 

शनि से बड़ा दोस्त और अच्छा शिक्षक कोई और नहीं होता। 

शनि के द्वारा सम्राट विक्रमादित्य की परीक्षा लेना
अगर हम मानव इतिहास में शनि के द्वारा पड़े सबसे क्रूर प्रभाव के बारे में बात करें तो पुराणों के अनुसार परम पराक्रमी चक्रवती सम्राट विक्रमादित्य इसकी सबसे कठिन परीक्षा से होकर गुजरे। इनके द्वारा बिताया गयी साढ़े सात साल की अवधि ज्योतिष ग्रंथों में सबसे दुखदायी व पीड़ादायी बतायी गयी है। इस महान सम्राट को शनि के इस परीक्षा काल में एक श्मशान वाहक के कार्यवाहक के रूप में भी दिन काटने पड़े। कैसी भाग्य की विडंबना है ! 

शनि की साढ़े साती कैसे आती है? 
आप यह सोच रहे होंगे कि साढ़े साती क्या होती है और हम पर कैसे आती है? तो वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यदि शनि ग्रह जातक की कुंडली के बारहवें, पहले, दूसरे और जन्म के चंद्र के ऊपर से गुजरे तो शनि की साढ़े साती कही जाएगी। शनि के इस भ्रमण को तीन चरणों में बांटा गया है जिसे क्रमशः 1, 2 और 3 चरण के रूप में जाना जाता है। इन तीनों अवधि में से दूसरा चरण जातक के लिए सबसे कष्टदायी समझा जाता है। 

शनि हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
शनि की साढ़े साती उन ग्रहों के गोचर में से एक मानी जाती है जिसका हमारे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी तो इसका प्रभाव जीवन के सभी मोर्चों पर एक साथ पड़ता महसूस होता है। शनि ग्रह एक बहुत ही धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। इसके हमारे मन के कारक चंद्र पर प्रभाव डालने से हमारे सोचने-समझने की शक्ति कुंद हो जाती है। परिणामस्वरूप, हमारी विचार-प्रक्रिया और निर्णय लेने की शक्ति भी क्षीण रहती है। 

शनि की साढ़े साती किसी कारावास या कठोर दण्ड की अवधि नहीं है, जैसा कि लोग मानते हैं। बल्कि, यह तो की गई गलतियों का प्रायश्चित करने की अवधि है। इस समय के दौरान इंसान का असली व्यक्तित्व निखरता है और उसमें अधिक कर्तव्यनिष्ठा की भावना आती है। 

एक उदाहरण से इस घटना को और अच्छी तरह से समझते हैंः
कल्पना कीजिए कि आप किसी कार में यात्रा कर रहे हैं। लेकिन, एकाएक किसी कारण से कार का चालक तेजी से एक ब्रेक लगाता है। अब सबसे पहले तो आप इसे लेकर हैरान हो जाते हैं, उलझन में रहते हैं ! रहते हैं ना ? और जब आप मेंटली शॉक की स्थिति से नार्मल होते हुए चीजों को गहराई से समझने का प्रयास करते हैं तो आपको पता चलता है कि गाड़ी का ब्रेक अभी भी लगा हुआ है और आप मुश्किल से ही हिल पा रहे हैं। 

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ऊपर दिए गए उदाहरण की व्याख्याः
यह भी तो संभव है कि शायद आपके निर्धारित सीमा से अधिक तेजी से गाड़ी चलाने के कारण किसी बाहरी ब्रेक लगने से यह घटना घटी हो। आपको इस दौरान अपनी गतिविधियों में सुधार लाने के लिए किसी सिग्नल द्वारा कोर्स-करेक्शन का संकेत भी दिया गया हो। हमारे मानसिक पटल पर साढ़े साती का प्रभाव ठीक इसी तरह से पड़ता है। इसे हम पूरी तरह से कोई बुरा दौर या सजा भी नहीं कह सकते। शनि केवल हमारे कर्म के अनुसार परिणाम देता है। यह समय-समय पर हमें अनुशासित करता रहता है। यह हमें इस बात की बारंबार याद दिलाता है कि जैसी करनी वैसी भरनी। अगर आपके ऊपर भी इस समय साढ़े साती की दशा चल रही हो तो इसे पार करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप इस समयावधि को विनम्रता और समझदारीपूर्वक से बिताएं। 

इस अवधि का सामना कैसा किया जाए?
क्या सब कुछ इतना आसान है? हम सभी जानते हैं कि कर्मों को अच्छी तरह से करते हुए व्यावहारिक ढंग से जीवन जीना ही जीने का आदर्श तरीका है। पर शनि के इस पारगमन के दौरान अपने आचरण को कैसे ठीक रखें? प्रीमियम हैण्ड-रिटेन साढ़े साती रिपोर्ट आपके प्रश्नों का सही उत्तर दे सकती है। हमारी इस रिपोर्ट में आपको इस बात का विस्तार से मार्गदर्शन प्राप्त होगा कि जीवन के किन-किन क्षेत्रों में शनि की यह साढ़े साती अपना प्रभाव डालेगी। हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी आपको इस संदर्भ में आपकी कुंडली के अनुसार प्रभावी समाधान भी सुझाएंगे। हमारे द्वारा आपको बताई गई जानकारियों से आप वीरतापूर्वक इस बुरे समय को हंसते-हंसते पार कर जाएंगे। आपके द्वारा अमल में लाए गए हमारे ज्योतिषीय उपायों से आपके द्वारा गलत निर्णय लेने का खतरा स्वतः टल जाएगा। शनि का भ्रमण धनु राशि में होना यानीकि साढ़े साती का वृश्चिक, धनु और मकर इन तीनों चंद्र राशि के जातकों पर आना। इस प्रकार यह रिपोर्ट इन तीन राशि के जातकों पर ही लागू होती है। हमारे बाकी राशि के जातक चैन की सांस ले सकते हैं। 

हमें आशा नहीं विश्वास है कि हमारे द्वारा आपके लिए लिखी एक्सक्लूसिव हैण्ड-रिटेन रिपोर्ट आपके जीवन की कठिन परीक्षाओं में आपको समय-समय पर शक्ति और मार्गदर्शन प्रदान करती रहेगी। 

गणेशजी के आशीर्वाद सहित,
आदित्य साई
गणेशास्पीक्स डाॅटकाॅम टीम 


09 Dec 2016


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